पेयजल संकट और खराब रास्ते से जूझ रहे ग्रामीण, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बना चुनौती अनूपपुर - एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अनूपपुर जिले के आदिवासी अंचल पुष्पराजगढ़ के कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत नगुला के वार्ड क्रमांक 12 राखीताल का सामने आया है। यहां ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में ग्रामीण नदी के पानी पर निर्भर हैं। वहीं गांव तक पहुंचने वाले रास्ते की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पेयजल और सड़क की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से बनी हुई है। ग्रामीण लंबे समय से इन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। गांव की स्थिति ऐसी है कि सामान्य दिनों में आवागमन मुश्किल होता है, जबकि किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। पीने के लिए नदी का पानी बना सहारा राखीताल गांव में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें नदी के पानी का उपयोग करना पड़ता है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाना ग्रामीण परिवारों की मजबूरी बन गई है। नदी के पानी पर निर्भरता ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय है। बिना शुद्धिकरण के नदी का पानी पीने से जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहती है। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें नदी के पानी पर निर्भर न रहना पड़े। सड़क की बदहाली से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें पेयजल संकट के साथ गांव में आवागमन की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव तक पहुंचने वाला रास्ता खराब होने के कारण वाहनों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ता है, जिन्हें किसी आवश्यक कार्य या उपचार के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गांव के लोगों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने गांव तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है। एंबुलेंस नहीं पहुंचने से मरीजों की बढ़ती परेशानी राखीताल में खराब रास्ते का सबसे चिंताजनक पहलू स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में आने वाली बाधा है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने पर एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने की स्थिति में परिजनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे समय में सुरक्षित और समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है, लेकिन खराब रास्ते के कारण ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानियां उठानी पड़ती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक बेहतर सड़क उपलब्ध हो जाए तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में काफी सुविधा होगी। वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण ग्राम पंचायत नगुला के अंतर्गत आने वाले राखीताल के ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत समस्याएं कई वर्षों से बनी हुई हैं। गांव के लोगों को आज भी उन सुविधाओं की आवश्यकता है, जो सामान्य जीवनयापन के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल की समुचित व्यवस्था और बेहतर सड़क मिलने से गांव के लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में भी राहत मिल सकेगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार राखीताल के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ और संबंधित विभागों से गांव की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए और आवागमन के लिए सड़क की स्थिति सुधारी जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी गांव का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सवालों के घेरे में ग्रामीण विकास की जमीनी स्थिति राखीताल गांव की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े करती है। जब ग्रामीणों को पीने के लिए नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़े और खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस तक गांव न पहुंच सके, तो विकास योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा आवश्यक हो जाती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग राखीताल के ग्रामीणों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं और उन्हें सुरक्षित पेयजल तथा सुगम आवागमन की सुविधा कब तक उपलब्ध हो पाती है।
पेयजल संकट और खराब रास्ते से जूझ रहे ग्रामीण, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बना चुनौती अनूपपुर - एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अनूपपुर जिले के आदिवासी अंचल पुष्पराजगढ़ के कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत नगुला के वार्ड क्रमांक 12 राखीताल का सामने आया है। यहां ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में ग्रामीण नदी के पानी पर निर्भर हैं। वहीं गांव तक पहुंचने वाले रास्ते की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पेयजल और सड़क की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से बनी हुई है। ग्रामीण लंबे समय से इन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। गांव की स्थिति ऐसी है कि सामान्य दिनों में आवागमन मुश्किल होता है, जबकि किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। पीने के लिए नदी का पानी बना सहारा राखीताल गांव में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें नदी के पानी का उपयोग करना पड़ता है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाना ग्रामीण परिवारों की मजबूरी बन गई है। नदी के पानी पर निर्भरता ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय है। बिना शुद्धिकरण के नदी का पानी पीने से जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहती है। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें नदी के पानी पर निर्भर न रहना पड़े। सड़क की बदहाली से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें पेयजल संकट के साथ गांव में आवागमन की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव तक पहुंचने वाला रास्ता खराब होने के कारण वाहनों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ता है, जिन्हें किसी आवश्यक कार्य या उपचार के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गांव के लोगों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने गांव तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है। एंबुलेंस नहीं पहुंचने से मरीजों की बढ़ती परेशानी राखीताल में खराब रास्ते का सबसे चिंताजनक पहलू स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में आने वाली बाधा है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने पर एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने की स्थिति में परिजनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे समय में सुरक्षित और समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है, लेकिन खराब रास्ते के कारण ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानियां उठानी पड़ती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक बेहतर सड़क उपलब्ध हो जाए तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में काफी सुविधा होगी। वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण ग्राम पंचायत नगुला के अंतर्गत आने वाले राखीताल के ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत समस्याएं कई वर्षों से बनी हुई हैं। गांव के लोगों को आज भी उन सुविधाओं की आवश्यकता है, जो सामान्य जीवनयापन के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल की समुचित व्यवस्था और बेहतर सड़क मिलने से गांव के लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में भी राहत मिल सकेगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार राखीताल के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ और संबंधित विभागों से गांव की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए और आवागमन के लिए सड़क की स्थिति सुधारी जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी गांव का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सवालों के घेरे में ग्रामीण विकास की जमीनी स्थिति राखीताल गांव की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े करती है। जब ग्रामीणों को पीने के लिए नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़े और खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस तक गांव न पहुंच सके, तो विकास योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा आवश्यक हो जाती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग राखीताल के ग्रामीणों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं और उन्हें सुरक्षित पेयजल तथा सुगम आवागमन की सुविधा कब तक उपलब्ध हो पाती है।
- चलती बस में बीएससी नर्सिंग के छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप जैतहरी थाना में भट्ट बस के मालिक संजय भट्ट पर मामला दर्ज अनूपपूर/वेंकटनगर - पीड़िता के आवेदन के अनुसार पिछले कुछ महीनों से छेड़छाड़ करता था संजय भट्ट कल फिर अश्लील हरकत की अनूपपुर से वेंकटनगर जाते समय अरोप है कि बस में कंडक्टर जो बस का मालिक भी है जो युवती के साथ अश्लील हरकत की और विरोध करने पर हाथ पकड़कर खींचा। पीड़िता ने अपनी मां को फोन पर घटना की जानकारी दी, फिर पिता के साथ आज जैतहरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं इस घटना के बाद अनूपपुर में महिला सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा जो गया है हालांकि पुलिस जांच के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- भालूमाडा से प्यारी गाँव जाने वाली रोड है और छत्तीसगढ़ भी भालूमाडा से प्यारी गाँव और छत्तीसगढ़ भी जाति है ये रोड साथियो इस लिए ये रोड को बनना बहुत जरूरी है आप सब लोग हमारा साथ दो1
- कोटाडोल में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस की पदयात्रा, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन कोटाडोल में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस की पदयात्रा, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गूंजे नारे, पूर्व विधायक गुलाब कमरो सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता हुए शामिल विक्रम साहू जिला एमसीबी मनेन्द्रगढ़ /कोटाडोल ///// छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कोटाडोल के तत्वावधान में मंगलवार को ‘वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान’ के तहत पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव और मताधिकार की सुरक्षा का संदेश दिया। पदयात्रा के पश्चात कांग्रेसजनों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। नारों के बीच कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा जनता के मताधिकार को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक गुलाब कमरो शामिल हुए। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, जिला महामंत्री एवं कोटाडोल प्रभारी अवधेश सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामू सिंह, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष अमोल सिंह सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में शरण सिंह, रामप्रकाश मानिकपुरी, आनंद राय, कमल चौधरी, आशु, हंसलाल, राजेश बैगा, राजकरण यादव, परमेश, उमेश, वंश बहादुर, शिव प्रसाद, श्रम सिंह और कंश लाल सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे। पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती, निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कांग्रेसजनों ने एकजुट होकर इन मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।2
- *डिंडौरी में ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन में राजा हीराखान सिंह छत्री के शौर्य की गाथा नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत * *गोंड सभ्यता के महानायकों के जीवन, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर किया जा रहा जीवंत* *डिंडौरी 27 अक्टूबर 2026* मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा गोंड सभ्यता के महानायकों के शौर्य, पराक्रम, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला ‘जननायक’ का आयोजन 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक डिंडौरी में किया जा रहा है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास और महानायकों के जीवन प्रसंगों को नृत्य-नाट्य के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के तीसरे और अंतिम दिवस दिन 27 अक्टूबर 2026 को राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन, शौर्य और संघर्ष पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। नृत्य-नाट्य का निर्देशन एवं पुनर्संयोजन श्री सतीश व्याम द्वारा किया गया, जबकि संगीत निर्देशन श्री कुलदीप सार्वा ने किया। कलाकारों ने अपने अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से गोंड समाज के इतिहास, वीरता, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों, उनके संघर्ष, साहस और समाज के प्रति योगदान को मंच पर सजीव रूप में दर्शाया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया और कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना की। तीन दिवसीय ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से गोंड समाज की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक कलाओं, लोकगाथाओं और ऐतिहासिक महानायकों की वीरगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, इतिहास और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना तथा लुप्त होती लोककलाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश श्री डी. एस. मण्डलोई, जिला न्यायाधीश श्री शिवकुमार कौशल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री पवन पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री गिरिजेश सनोडिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आर. पी. सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अतुल हरदहा, शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, नगर परिषद् अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रुद्रेश परस्ते सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।4
- वनमंडल जिला डिंडोरी में कटायी कार्य जारी करंजिया बजाग में डिंडोरी विदोहन कार्य प्रगति पर3
- मंडलेश्वर राजस्व विभाग के अंतर्गत ग्राम बखलाय में सीमांकन विवाद को लेकर पटवारी राजा कुमार और आर आई अभिषेक जमरा पर 30 से 40 ग्रामीणों ने किया जानलेवा हमला जिसमे पटवारी के सिर हाथ पैर आई है चोट और आर.आई का हाथ पैर पर चोट के साथ हाथ एवं पैर फैक्चर हुए है । महेश्वर Sdm पूर्वा मंडलोई ने बताया की घटना दोपहर 2 बजे से 2.30 बजे के लगभग की है पटवारी और आर आई पर ग्रामीणों ने हमला किया है मौके पर पहुंचकर घायल पटवारी और आर आई को शासकीय अस्पताल मंडलेश्वर ने भर्ती कर प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रैफर किया रोज की तरह आज भी सीमांकन के लिए निकले थे पटवारी और आर आई पर ग्राम बखालय में सीमांकन तो नही किया बिना सीमांकन के वापस लौटते समय नाराज निजी भूमि ग्रामीणों ने लकड़ी डंडा और हथियार से पटवारी और आर आई पर जानलेवा हमला कर दिया हमलावर की पहचान कर ली गई है अभी एफआईआर नही हुई है वही पटवारियों द्वारा आरोप लगाया गया की पूर्व में भी इसी गांव में हमला हुआ था तो पुलिस का व्रज वाहन और पुलिस पहले भाग खड़ी हुई पटवारियों राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन दोनो से नाराज है । पटवारियों का कहना की जब तक 40 ग्रामीणों ने जो जानलेवा हमला किया है उनकी सबसे पहले गिरफ्तारी हो अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो काम नही करेंगे । एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने बताया की पुलिस ने पूरा मामला संज्ञान में ले लिया है हमलावर की पहचान भी कर ली गई जल्द उन लोगो पर सख्त विधिवत कानूनी कार्यवाही की जा रही है।4
- पेयजल संकट और खराब रास्ते से जूझ रहे ग्रामीण, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बना चुनौती अनूपपुर - एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अनूपपुर जिले के आदिवासी अंचल पुष्पराजगढ़ के कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत नगुला के वार्ड क्रमांक 12 राखीताल का सामने आया है। यहां ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में ग्रामीण नदी के पानी पर निर्भर हैं। वहीं गांव तक पहुंचने वाले रास्ते की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पेयजल और सड़क की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से बनी हुई है। ग्रामीण लंबे समय से इन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। गांव की स्थिति ऐसी है कि सामान्य दिनों में आवागमन मुश्किल होता है, जबकि किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। पीने के लिए नदी का पानी बना सहारा राखीताल गांव में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें नदी के पानी का उपयोग करना पड़ता है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाना ग्रामीण परिवारों की मजबूरी बन गई है। नदी के पानी पर निर्भरता ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय है। बिना शुद्धिकरण के नदी का पानी पीने से जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहती है। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें नदी के पानी पर निर्भर न रहना पड़े। सड़क की बदहाली से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें पेयजल संकट के साथ गांव में आवागमन की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव तक पहुंचने वाला रास्ता खराब होने के कारण वाहनों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ता है, जिन्हें किसी आवश्यक कार्य या उपचार के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गांव के लोगों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने गांव तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है। एंबुलेंस नहीं पहुंचने से मरीजों की बढ़ती परेशानी राखीताल में खराब रास्ते का सबसे चिंताजनक पहलू स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में आने वाली बाधा है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने पर एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने की स्थिति में परिजनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे समय में सुरक्षित और समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है, लेकिन खराब रास्ते के कारण ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानियां उठानी पड़ती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक बेहतर सड़क उपलब्ध हो जाए तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में काफी सुविधा होगी। वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण ग्राम पंचायत नगुला के अंतर्गत आने वाले राखीताल के ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत समस्याएं कई वर्षों से बनी हुई हैं। गांव के लोगों को आज भी उन सुविधाओं की आवश्यकता है, जो सामान्य जीवनयापन के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल की समुचित व्यवस्था और बेहतर सड़क मिलने से गांव के लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में भी राहत मिल सकेगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार राखीताल के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ और संबंधित विभागों से गांव की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए और आवागमन के लिए सड़क की स्थिति सुधारी जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी गांव का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सवालों के घेरे में ग्रामीण विकास की जमीनी स्थिति राखीताल गांव की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े करती है। जब ग्रामीणों को पीने के लिए नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़े और खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस तक गांव न पहुंच सके, तो विकास योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा आवश्यक हो जाती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग राखीताल के ग्रामीणों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं और उन्हें सुरक्षित पेयजल तथा सुगम आवागमन की सुविधा कब तक उपलब्ध हो पाती है।1