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चोरों का कहर देखा गया है, जहाँ एक घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर लिया है। इस घटना से क्षेत्र में चोरों के आतंक का माहौल फिर देखने को मिला है।
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चोरों का कहर देखा गया है, जहाँ एक घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर लिया है। इस घटना से क्षेत्र में चोरों के आतंक का माहौल फिर देखने को मिला है।
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- बेतिया के अंचल कार्यालय में आरटीपीएस (RTPS) काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राज कुमार मिश्रा को निगरानी विभाग की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। राज कुमार मिश्रा चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव के निवासी हैं और उन पर जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, राज कुमार मिश्रा पिछले पांच वर्षों से इसी स्थान पर कार्यरत थे। आरोप है कि वह पिछले छह महीनों से जमाबंदी अनलॉक करने के लिए शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने इससे परेशान होकर निगरानी विभाग से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर एक जाल बिछाकर कार्रवाई की। इसी दौरान राज कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई है, और मामले में अग्रेतर कार्रवाई जारी है।1
- बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में, पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया अंचल कार्यालय में मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, निगरानी विभाग की टीम ने RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राजकुमार मिश्रा पिछले पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे। उन पर जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करने का आरोप था। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग को शिकायत दी थी कि वह पिछले छह महीनों से अपनी जमाबंदी अनलॉक कराने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन क्लर्क लगातार काम के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। लगातार दबाव और मांग से परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद, निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, मंगलवार को जैसे ही पीड़ित बालेश्वर कुमार ने बेतिया अंचल कार्यालय में क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और इसे आम लोगों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम कुमार प्रसाद ने इस बात की पुष्टि की है कि बेतिया अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को जमाबंदी अनलॉक करने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने भी बताया कि छह महीने से काम न होने और क्लर्क की लगातार पैसों की मांग से मजबूर होकर उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया था। यह कार्रवाई एक बार फिर स्पष्ट करती है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग का अभियान लगातार जारी है और घूसखोरी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।1
- गोपालगंज के बिशंभरपुर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात शॉर्ट सर्किट से एक किराना दुकान में भीषण आग लगने से दुकानदार की दर्दनाक मौत हो गई। जमुनिया मोड़ के पास हुई इस घटना में विनोद मटिहनिया गांव निवासी 54 वर्षीय परमानंद शर्मा जिंदा जल गए, क्योंकि दुकान का शटर अंदर से बंद होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल सका। इस हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं मृतक के परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, परमानंद शर्मा रोजाना की तरह रात का खाना खाकर अपनी दुकान में ही सोने चले गए थे। देर रात अचानक दुकान में लगे बिजली मीटर से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में रखा किराना सामान और अन्य सामग्री तेजी से धू-धू कर जलने लगीं। बताया जाता है कि हादसे के वक्त परमानंद शर्मा गहरी नींद में थे और सुरक्षा के लिए दुकान का शटर अंदर से बंद था। जब आग की गर्मी और धुएं से उनकी नींद खुली, तब तक आग पूरी दुकान में फैल चुकी थी और चारों ओर लपटें थीं, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। अंदर से शटर बंद होने के कारण उन्हें बचने का कोई रास्ता नहीं मिला, जिससे दम घुटने और बुरी तरह झुलसने से उनकी मौत हो गई। दुकान से आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बिजली विभाग को जानकारी देकर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब दुकान का शटर खोला गया, तो अंदर का भयावह नजारा देखकर लोग सहम गए और परमानंद शर्मा को मृत पाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जिनका शव देखकर रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने बताया कि परमानंद शर्मा शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, अब उनकी मौत से परिवार के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। बिशंभरपुर थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया है, हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह पता चलेगी।1
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र में दहेज की अतिरिक्त मांग के कारण एक शादी टूट गई। मच्छरगांवा बाजार गांव की शबनम की शादी रुदलपुर गांव निवासी अरमान के साथ 15 जून को तय थी, जिसके लिए लड़की पक्ष ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं और दुल्हन भी सज-धज कर तैयार थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी वाले दिन शाम में दूल्हे के पिता गुलाब अंसारी ने अचानक ₹50 हजार अतिरिक्त दहेज, 200 बारातियों के स्वागत और बकरे के मीट की व्यवस्था की मांग कर दी। उन्होंने रात 9 बजे तक बारात पहुंचने की बात कही थी, लेकिन यह रकम नहीं मिलने पर बारात नहीं आई। दुल्हन के पिता शाहिद अंसारी ने बताया कि तिलक समारोह में पहले ही डेढ़ लाख रुपए नकद, फर्नीचर और बाइक दी जा चुकी थी, और अतिरिक्त ₹50 हजार तत्काल जुटाना उनके लिए संभव नहीं था। परिवार रात 1 बजे तक बारात का इंतजार करता रहा। इस मामले में लड़की पक्ष ने दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ योगापट्टी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।1
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मनोज कुमार यादव से एक आईएएस अधिकारी के चार्टर्ड प्लेन के इस्तेमाल और हरे गमछे से जुड़े सवालों पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र में वार्ड संख्या 1 से 7 तक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन वार्ड संख्या 7 स्थित मिशन मिडिल स्कूल परिसर में महापौर गरिमा देवी सिकारिया, नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित और अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने 'सहयोग शिविर' में दर्ज शिकायतों और सुझावों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा को एक अत्यंत स्वागत योग्य पहल बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्तर पर नियमित निगरानी से जन शिकायतों का त्वरित निपटान होगा और सरकारी व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत होगा। महापौर ने इस योजना को आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रभावी पहल करार दिया। उन्होंने बताया कि वर्षों से समस्याओं से जूझ रहे कई नागरिक जानकारी के अभाव में अपनी शिकायतें उचित मंच तक नहीं पहुंचा पाते थे, ऐसे लोगों के लिए ये शिविर राहत का माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए 'सहयोग पोर्टल' की भी सराहना करते हुए कहा कि अब नागरिक घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, और पोर्टल पर भी 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित होने से लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव शिविर में दर्ज कराएं ताकि समयबद्ध समाधान हो सके। नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार, अब प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को वार्डवार 'सहयोग शिविर' का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इन शिविरों में कर संग्रह, राजस्व संबंधी कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें और अन्य जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की इस पहल को आम नागरिकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था जनसुनवाई प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।1
- शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड में ग्रामीणों का गुस्सा भ्रष्टाचार के खिलाफ फूट पड़ा है।1
- जयपुर में सीजेपी के संस्थापक को थप्पड़ मारा गया है। इस मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।1