जलडेगा में चैती छठ, मुंशी तालाब में उगते सूर्य को अर्घ्य जलडेगा:-चैती छठ पूजा प्रखंड मुख्यालय में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। चार दिवसीय इस पावन पर्व के अंतिम दिन अहले सुबह व्रतियों ने मुंशी तालाब में उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूजा का समापन किया।सुबह होते ही मुंशी तालाब परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ उमड़ने लगी । व्रती वेशभूषा में जल में खड़े होकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना में लीन नजर आए। छठ गीतों और जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। पूरे विधि-विधान के साथ अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरोगी जीवन की कामना की।इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने भी अपनी पत्नी के साथ मुंशी तालाब पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।
जलडेगा में चैती छठ, मुंशी तालाब में उगते सूर्य को अर्घ्य जलडेगा:-चैती छठ पूजा प्रखंड मुख्यालय में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। चार दिवसीय इस पावन पर्व के अंतिम दिन अहले सुबह व्रतियों ने मुंशी तालाब में उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूजा का समापन किया।सुबह होते ही मुंशी तालाब परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ उमड़ने लगी । व्रती वेशभूषा में जल में खड़े होकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना में लीन नजर आए। छठ गीतों और जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। पूरे विधि-विधान के साथ अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरोगी जीवन की कामना की।इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने भी अपनी पत्नी के साथ मुंशी तालाब पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।
- गुमला की पांच बेटियों ने समाज में प्रचलित परंपरा को तोड़कर एक नई मिसाल कायम की है। आमतौर पर अंतिम संस्कार की रस्मों को पुरुषों का अधिकार माना जाता है, लेकिन कौशल्या देवी की बेटियों ने यह साबित किया कि संस्कार निभाने के लिए जेंडर नहीं, बल्कि मजबूत इरादों और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। 76 वर्षीय कौशल्या देवी का निधन 23 मार्च को हुआ। उनके कोई पुत्र नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी पांचों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर समाज के प्रतिष्ठित पदों तक पहुँचाया। मां के निधन के बाद बेटियों ने तय किया कि वे स्वयं अंतिम संस्कार करेंगी. इसके बाद बड़ी बेटी नीलिमा नीलिमा ओहदार, विद्या ओहदार, ज्योति ओहदार, अर्चना ओहदार और कल्पना ओहदार ने मां के शव को कंधा दिया। वहीं बड़ी बेटी नीलिमा ओहदार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।1
- बसिया (गुमला): शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और पाठकों को पुस्तकों से जोड़ने के उद्देश्य से बसिया के कोनबीर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुस्तकालय परिसर में एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुमंडल प्रशासन, बसिया और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। *सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन* मेले का मुख्य आकर्षण सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले की जीवनी पर आधारित नाटक रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उनके संघर्ष और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को जीवंत कर दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। कार्यक्रम में एसडीओ जयवंती देवगम, जिप सदस्य बसंती डूंगडूंग, एलआरडीसी शेखर कुमार ,बीडीओ सुप्रिया भगत सीओ नरेश कुमार मुंडा, कामडारा सीओ सुप्रिया एक्का, ब्रदर सुशील समेत अनेक गण्यमान्य व्यक्ति ओर छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। *छात्र-छात्राओं में दिखा उत्साह* इस मेले में प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बच्चों ने न केवल विभिन्न स्टालों पर सजी पुस्तकों का अवलोकन किया, बल्कि ज्ञान-विज्ञान और साहित्य से जुड़ी जानकारियों में भी रुचि दिखाई। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।2
- *अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम* चैनपुर : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर रामभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा में आस्था, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। लगभग 85 गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।दिन की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दुर्गा मंदिर से शुरू होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई। डीजे और ताशे की धुन पर रामभक्त पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए।शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने हैरतअंगेज अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के कौशल ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनकी सभी ने सराहना की।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। थाना परिसर के पास थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों और भक्तों को काफी राहत मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। समाज को एकजुट और संगठित रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता है।मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज इतना भव्य रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान तैनात थे।4
- चैनपुर – रामनवमी के पावन अवसर पर पहले मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। रामनवमी पूजा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में भव्य मंगलवारी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70 गांवों से हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल हुए। “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय बन गया।1
- चैनपुर:– रामनवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह से भक्ति और शौर्य के रंग में रंगा नजर आया। रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में करीब 105 गांवों से सैकड़ों रामभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में गूंजते जय श्री राम के गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप ने वातावरण को पूरी तरह से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के साथ हुआ। दूर-दराज से पहुंचे राम भक्तों के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद एक विशाल सामूहिक भोज (भंडारे) का आयोजन हुआ जहां सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और समरसता का अद्भुत संदेश दे रहा था। नगर भ्रमण और अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन सामूहिक भोज के पश्चात चैनपुर दुर्गा मंडप से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा मेन रोड, पीपल चौक, थाना रोड, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, सोहन चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों ने अपने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतबों और युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। सड़क के दोनों ओर इन वीरों का करतब देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद सभी अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों का जोरदार प्रदर्शन किया। करतबों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 9 अखाड़ों को पुरस्कार स्वरूप ड्रम भेंट किया गया, जबकि अन्य सभी प्रतिभागी अखाड़ों के बीच पारंपरिक तलवार का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि व जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अपने जोशीले संबोधन में सभी अखाड़े के लोगों और राम भक्तों की जमकर हौसला अफजाई की। उन्होंने युवाओं के जोश उनके अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेरी लकड़ा,संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम एवं थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर रामनवमी पूजा समिति के संरक्षक यमुना प्रसाद केसरी, रघुनंदन प्रसाद एवं त्रिभुवन प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह, संदीप कुमार और मनोज साहू सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस भव्य शोभायात्रा ने चैनपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।9
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के सकरौली गांव में श्री संकट मोचन हनुमान मंंदिर का विधिवत् प्राण प्रतिष्ठा किया गया। इस उपलक्ष्य में 851 कलश के साथ भव्य रूप से कलश यात्रा निकाला गया। जिसमें हिन्दू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, दामोदर सिंह, तेजमोहन साहु, मुकेश ताम्रकर,आशीष यादव, आनंद साहु सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वहीं जिला परिषद सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, उर्वशी देवी सहित हज़ारों की संख्या में श्रधालु महिला पुरुष व बच्चों ने इस कलश यात्रा में भाग लिया। सभी भक्तगण जय श्री राम, जय जय श्री राम, जय हनुमान के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे पुरा क्षेत्र जय श्री राम के जयघोष से गुंजायमान रहा। सकरौली परास नदी के तट पर पुरोहित द्वारा विधिवत् मंत्रोचारण के साथ जलभरनी का रस्म पुरा किया गया। तत्पश्चात् मंंदिर आकर जल से भरे कलश को पांच परिक्रमा कर स्थापित किया गया। एवं विधिवत् पूजा अर्चना कर श्री संकट मोचन हनुमान जी का प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराया गया। एवं सभी भक्तों के बीच गुड़ चना, शरबत तथा महाप्रसाद का वितरण किया गया। कीर्तन मंडली द्वारा संध्या 5 बजे से 12 घंटे का अखंड हरि कीर्तन प्रारंभ किया जा चुका है। कलश यात्रा को सफल बनाने में श्री संकट मोचन हनुमान मंंदिर समिति के अध्यक्ष जगरनाथ साहु, उपाध्यक्ष अमर साहु, संदीप साहु, विकास साहु, सचिव बजरंग साहु, सह सचिव कलिंद्र साहु, कोषाध्यक्ष कृष्णा कुमार साहु, संरक्षक प्रयाग साहु , महिपाल साहु, सहित सभी कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा।4
- सिमडेगा:पुलिस अधीक्षक, सिमडेगा द्वारा केरसई थाना का संपूर्ण निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना के सभी अभिलेखों एवं दस्तावेजों की गहन जांच की गई। साथ ही लंबित कांडों, वारंट एवं कुर्की मामलों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। इस दौरान एसपी ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गश्ती व्यवस्था को और तेज एवं प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया, ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। एसपी ने क्षेत्र में चल रहे प्रमुख निर्माण कार्यों पर नजर रखने, वारंटियों एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके अलावा प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने आसूचना संकलन को मजबूत करने, अवैध तस्करी, जुआ एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित एवं प्रभावी वाहन चेकिंग अभियान चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई करने को भी कहा गया। इसके साथ ही पुलिस पदाधिकारियों को बीट एवं क्षेत्र भ्रमण कर आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया।1
- चैती छठ पूजा 2026 में 22 मार्च से 25 मार्च तक मनाया जा रहा है, जो चैत्र मास में सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित एक पवित्र चार दिवसीय महापर्व है। यह कठिन तप, स्वच्छता और नियम (नहाय-खाय, खरना, संध्या और उषा अर्घ्य) के साथ सुख, आरोग्य और परिवार की खुशहाली के लिए मनाया जाता है। 22 मार्च को शाम का अर्ध अर्पित किया गया और आज 25 मार्च को सुबह के अर्ध के साथ इस पर्व की समाप्ति होगी1
- मझगांव/कुमारडुंगी: हाथियों के हमले से लगातार हो रही जान-माल की क्षति और पीड़ित परिवारों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। यह धरना झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। धरना कार्यक्रम में मझगांव प्रखंड और कुमारडुंगी प्रखंड के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार हाथियों का आतंक बना हुआ है, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक पीड़ितों को उचित मुआवजा नहीं मिला है। धरना को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि 1 जनवरी 2026 से लेकर अब तक हाथियों के हमले में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घरों को हाथियों ने तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके बावजूद सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया जाना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से राहत देने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। माधव चंद्र कुंकल ने झारखंड सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश राज्य में हाथी के हमले से मौत होने पर मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है, उसी तर्ज पर झारखंड में भी मुआवजा राशि की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा जिन परिवारों के घर हाथियों ने तोड़ दिए हैं, उन्हें अबुवा आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी घटना के बाद दो सप्ताह के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। धरना के दौरान ग्रामीणों की मांगों को लेकर एक आवेदन पत्र भी तैयार किया गया, जिसे पत्राचार के माध्यम से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड सरकार को भेजा गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस धरना-प्रदर्शन में विजय हेंब्रम, राहुल बिरुवा, रोहित पान, संजू दोराईबुरु, रमेश बेहरा, मधुसूदन कुम्हार, तुरी सिंह कुटिया, कृष्णा हेस्सा, जगदीश बिरुवा, लाल सिंह आलडा, मनीष तिरिया, अनीता पिंगुवा, दोनों पान, आसमान कुंकल, लक्ष्मी बानरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।1