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अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम *अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम* चैनपुर : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर रामभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा में आस्था, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। लगभग 85 गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।दिन की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दुर्गा मंदिर से शुरू होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई। डीजे और ताशे की धुन पर रामभक्त पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए।शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने हैरतअंगेज अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के कौशल ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनकी सभी ने सराहना की।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। थाना परिसर के पास थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों और भक्तों को काफी राहत मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। समाज को एकजुट और संगठित रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता है।मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज इतना भव्य रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान तैनात थे।

2 hrs ago
user_चैनपुर अपडेट
चैनपुर अपडेट
Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
2 hrs ago

अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम *अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम* चैनपुर : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर रामभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा में आस्था, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। लगभग 85 गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।दिन की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना

के साथ हुई, जहाँ सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दुर्गा मंदिर से शुरू होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई। डीजे और ताशे की धुन पर रामभक्त पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए।शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने हैरतअंगेज अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के कौशल ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं

द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनकी सभी ने सराहना की।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। थाना परिसर के पास थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों और भक्तों को काफी राहत मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। समाज को एकजुट और संगठित रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता है।मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने

कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज इतना भव्य रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान तैनात थे।

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  • उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चैती छठ, डुमरी में गूंजा आस्था और भक्ति का स्वर लोक आस्था का पावन पर्व चैती छठ चार दिनों तक चले विधि-विधान और कठिन व्रत के बाद बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया। जानकारी देते हुए बुधवार की सुबह लगभग दस बजे बताया गया कि डुमरी के बासा नदी घाट पर व्रतियों ने भगवान सूर्य की आराधना कर अपने व्रत का विधिवत समापन किया। छठ महापर्व के चौथे दिन तड़के सुबह से ही व्रती घाटों पर जुटने लगे। व्रतियों ने नदी के जल में खड़े होकर उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की उन्नति तथा निरोग जीवन की कामना की। इस दौरान घाटों पर छठ गीत, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। चैती छठ, कार्तिक महीने में मनाए जाने वाले छठ पर्व की तरह ही महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह चैत्र मास में मनाया जाता है। इसे विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति और परिवार के सुख-शांति के लिए किया जाता है। इस व्रत में शुद्धता और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है, जहां व्रती चार दिनों तक निर्जला उपवास रखकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करते हैं। इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है, इसके बाद ‘खरना’ के दिन व्रती प्रसाद ग्रहण कर निर्जला व्रत शुरू करते हैं। तीसरे दिन डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। छठ पूजा में भगवान सूर्य के साथ उनकी शक्तियों उषा (प्रातःकालीन पहली किरण) और प्रत्यूषा (सायंकालीन अंतिम किरण) की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन के स्रोत हैं, इसलिए उनकी उपासना से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। चैती छठ महापर्व प्रकृति के प्रति श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। नदी, तालाब और जल स्रोतों के किनारे स्वच्छता के साथ पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है। चार दिनों तक चले इस कठिन और पवित्र व्रत के समापन पर व्रतियों ने छठी मैया से अगले वर्ष पुनः इस पर्व को मनाने की कामना की। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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    उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चैती छठ, डुमरी में गूंजा आस्था और भक्ति का स्वर 
लोक आस्था का पावन पर्व चैती छठ चार दिनों तक चले विधि-विधान और कठिन व्रत के बाद बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया। जानकारी देते हुए बुधवार की सुबह लगभग दस बजे बताया गया कि डुमरी के बासा नदी घाट पर व्रतियों ने भगवान सूर्य की आराधना कर अपने व्रत का विधिवत समापन किया।
छठ महापर्व के चौथे दिन तड़के सुबह से ही व्रती घाटों पर जुटने लगे। व्रतियों ने नदी के जल में खड़े होकर उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की उन्नति तथा निरोग जीवन की कामना की। इस दौरान घाटों पर छठ गीत, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
चैती छठ, कार्तिक महीने में मनाए जाने वाले छठ पर्व की तरह ही महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह चैत्र मास में मनाया जाता है। इसे विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति और परिवार के सुख-शांति के लिए किया जाता है। इस व्रत में शुद्धता और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है, जहां व्रती चार दिनों तक निर्जला उपवास रखकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करते हैं।
इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है, इसके बाद ‘खरना’ के दिन व्रती प्रसाद ग्रहण कर निर्जला व्रत शुरू करते हैं। तीसरे दिन डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है।
छठ पूजा में भगवान सूर्य के साथ उनकी शक्तियों उषा (प्रातःकालीन पहली किरण) और प्रत्यूषा (सायंकालीन अंतिम किरण) की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन के स्रोत हैं, इसलिए उनकी उपासना से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
चैती छठ महापर्व प्रकृति के प्रति श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। नदी, तालाब और जल स्रोतों के किनारे स्वच्छता के साथ पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है।
चार दिनों तक चले इस कठिन और पवित्र व्रत के समापन पर व्रतियों ने छठी मैया से अगले वर्ष पुनः इस पर्व को मनाने की कामना की। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    8 min ago
  • चैनपुर – रामनवमी के पावन अवसर पर पहले मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। रामनवमी पूजा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में भव्य मंगलवारी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70 गांवों से हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल हुए। “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय बन गया।
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    चैनपुर – रामनवमी के पावन अवसर पर पहले मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। रामनवमी पूजा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में भव्य मंगलवारी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70 गांवों से हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल हुए। “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय बन गया।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    11 hrs ago
  • चैनपुर:– रामनवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह से भक्ति और शौर्य के रंग में रंगा नजर आया। रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में करीब 105 गांवों से सैकड़ों रामभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में गूंजते जय श्री राम के गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप ने वातावरण को पूरी तरह से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के साथ हुआ। दूर-दराज से पहुंचे राम भक्तों के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद एक विशाल सामूहिक भोज (भंडारे) का आयोजन हुआ जहां सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और समरसता का अद्भुत संदेश दे रहा था। नगर भ्रमण और अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन सामूहिक भोज के पश्चात चैनपुर दुर्गा मंडप से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा मेन रोड, पीपल चौक, थाना रोड, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, सोहन चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों ने अपने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतबों और युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। सड़क के दोनों ओर इन वीरों का करतब देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद सभी अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों का जोरदार प्रदर्शन किया। करतबों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 9 अखाड़ों को पुरस्कार स्वरूप ड्रम भेंट किया गया, जबकि अन्य सभी प्रतिभागी अखाड़ों के बीच पारंपरिक तलवार का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि व जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अपने जोशीले संबोधन में सभी अखाड़े के लोगों और राम भक्तों की जमकर हौसला अफजाई की। उन्होंने युवाओं के जोश उनके अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेरी लकड़ा,संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम एवं थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर रामनवमी पूजा समिति के संरक्षक यमुना प्रसाद केसरी, रघुनंदन प्रसाद एवं त्रिभुवन प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह, संदीप कुमार और मनोज साहू सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस भव्य शोभायात्रा ने चैनपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
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    चैनपुर:– रामनवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह से भक्ति और शौर्य के रंग में रंगा नजर आया। रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में करीब 105 गांवों से सैकड़ों रामभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में गूंजते जय श्री राम के गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप ने वातावरण को पूरी तरह से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के साथ हुआ। दूर-दराज से पहुंचे राम भक्तों के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद एक विशाल सामूहिक भोज (भंडारे) का आयोजन हुआ जहां सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और समरसता का अद्भुत संदेश दे रहा था। नगर भ्रमण और अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन
सामूहिक भोज के पश्चात चैनपुर दुर्गा मंडप से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा मेन रोड, पीपल चौक, थाना रोड, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, सोहन चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों ने अपने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतबों और युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। सड़क के दोनों ओर इन वीरों का करतब देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद सभी अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों का जोरदार प्रदर्शन किया। करतबों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 9 अखाड़ों को पुरस्कार स्वरूप ड्रम भेंट किया गया, जबकि अन्य सभी प्रतिभागी अखाड़ों के बीच पारंपरिक तलवार का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि व जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अपने जोशीले संबोधन में सभी अखाड़े के लोगों और राम भक्तों की जमकर हौसला अफजाई की। उन्होंने युवाओं के जोश उनके अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेरी लकड़ा,संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम एवं थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर रामनवमी पूजा समिति के संरक्षक यमुना प्रसाद केसरी, रघुनंदन प्रसाद एवं त्रिभुवन प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह, संदीप कुमार और मनोज साहू सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस भव्य शोभायात्रा ने चैनपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
  • आज कल के#सी💔💔💔💔
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    आज कल के#सी💔💔💔💔
    user_Anil kherwar
    Anil kherwar
    Farmer बिशुनपुर, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • हमारे यहां हर तरह के टैटू बने एवं मिटाए जाते हैं एवं फेस के दाग धब्बे उच्च तकनीक लेजर मशीन द्वारा हटाए जाते हैं
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    हमारे यहां हर तरह के टैटू बने एवं मिटाए जाते हैं एवं फेस के दाग धब्बे उच्च तकनीक लेजर मशीन द्वारा हटाए जाते हैं
    user_Pawan arya
    Pawan arya
    Art Therapist गुमला, गुमला, झारखंड•
    20 min ago
  • रामप्रवेश गुप्ता लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। *​छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब* ​इस पावन अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया। *​भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण* ​चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से छटा देखते ही बन रही थी। *​प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी* ​छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। ​
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    रामप्रवेश गुप्ता 
लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला।
*​छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब*
​इस पावन अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया।
*​भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण*
​चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से छटा देखते ही बन रही थी।
*​प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी*
​छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    1 hr ago
  • गुमला की पांच बेटियों ने समाज में प्रचलित परंपरा को तोड़कर एक नई मिसाल कायम की है। आमतौर पर अंतिम संस्कार की रस्मों को पुरुषों का अधिकार माना जाता है, लेकिन कौशल्या देवी की बेटियों ने यह साबित किया कि संस्कार निभाने के लिए जेंडर नहीं, बल्कि मजबूत इरादों और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। 76 वर्षीय कौशल्या देवी का निधन 23 मार्च को हुआ। उनके कोई पुत्र नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी पांचों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर समाज के प्रतिष्ठित पदों तक पहुँचाया। मां के निधन के बाद बेटियों ने तय किया कि वे स्वयं अंतिम संस्कार करेंगी. इसके बाद बड़ी बेटी नीलिमा नीलिमा ओहदार, विद्या ओहदार, ज्योति ओहदार, अर्चना ओहदार और कल्पना ओहदार ने मां के शव को कंधा दिया। वहीं बड़ी बेटी नीलिमा ओहदार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।
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    गुमला की पांच बेटियों ने समाज में प्रचलित परंपरा को तोड़कर एक नई मिसाल कायम की है। आमतौर पर अंतिम संस्कार की रस्मों को पुरुषों का अधिकार माना जाता है, लेकिन कौशल्या देवी की बेटियों ने यह साबित किया कि संस्कार निभाने के लिए जेंडर नहीं, बल्कि मजबूत इरादों और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। 76 वर्षीय कौशल्या देवी का निधन 23 मार्च को हुआ। उनके कोई पुत्र नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी पांचों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर समाज के प्रतिष्ठित पदों तक पहुँचाया। मां के निधन के बाद बेटियों ने तय किया कि वे स्वयं अंतिम संस्कार करेंगी. इसके बाद बड़ी बेटी नीलिमा नीलिमा ओहदार, विद्या ओहदार, ज्योति ओहदार, अर्चना ओहदार और कल्पना ओहदार ने मां के शव को कंधा दिया। वहीं बड़ी बेटी नीलिमा ओहदार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • *अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम* चैनपुर : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर रामभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा में आस्था, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। लगभग 85 गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।दिन की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दुर्गा मंदिर से शुरू होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई। डीजे और ताशे की धुन पर रामभक्त पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए।शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने हैरतअंगेज अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के कौशल ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनकी सभी ने सराहना की।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। थाना परिसर के पास थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों और भक्तों को काफी राहत मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। समाज को एकजुट और संगठित रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता है।मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज इतना भव्य रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान तैनात थे।
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    *अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम* 
चैनपुर : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर रामभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा में आस्था, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। लगभग 85 गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।दिन की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दुर्गा मंदिर से शुरू होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई। डीजे और ताशे की धुन पर रामभक्त पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए।शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने हैरतअंगेज अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के कौशल ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनकी सभी ने सराहना की।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। थाना परिसर के पास थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों और भक्तों को काफी राहत मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। समाज को एकजुट और संगठित रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता है।मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज इतना भव्य रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान तैनात थे।
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    चैनपुर अपडेट
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