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नीरज डांगी ने राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, उनका चुनाव लगभग निर्विरोध होना तय माना जा रहा है।
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नीरज डांगी ने राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, उनका चुनाव लगभग निर्विरोध होना तय माना जा रहा है।
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- एक नागरिक ने जयपुर में जैन अस्पताल के पास एक खाली पड़ी जगह की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ काफी स्थान अनुपयोगी पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि यह जगह वर्तमान में बेकार पड़ी है, जबकि इसका सदुपयोग करके लोगों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जा सकती हैं। प्रिंस नामक व्यक्ति ने, जिन्होंने खुद को एक 'टैलेंटेड लड़का' और 'लोगों का रक्षक' बताया, अधिकारियों से इस खाली जगह पर जल्द से जल्द काम शुरू करवाने की अपील की है। उनकी मुख्य प्रार्थना यह है कि यदि इस स्थान का तीव्र गति से विकास किया जाता है, तो इससे स्थानीय जनता को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। प्रिंस ने लोगों के प्रति अपने प्रेम और उनकी सुरक्षा की इच्छा व्यक्त करते हुए, अधिकारियों से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि इस अनुपयोगी जगह का इस्तेमाल जन सुविधा के लिए किया जा सके।1
- नीरज डांगी ने राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, उनका चुनाव लगभग निर्विरोध होना तय माना जा रहा है।1
- राजधानी जयपुर के सोडाला थाना क्षेत्र स्थित जमुना डेयरी इलाके में एक महिला के साथ लूट की वारदात हुई है, जब वह मंदिर से अपने घर लौट रही थी। इस घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी अनिकेत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिकेत मूल रूप से मध्यप्रदेश का निवासी है और वह जयपुर के सुशीलपुरा स्थित गंगा विहार क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। आरोप है कि उसने मंदिर से घर लौट रही महिला को निशाना बनाकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी अनिकेत को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका पहले किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में कोई हाथ रहा है या नहीं। इस घटना के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।1
- राजस्थान के जयपुर में ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी और एक वाहन चालक के बीच हुई बहस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने काफी चर्चा बटोरी है। इस वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "जब भी आप इधर से आओगे, आपका चालान काटूंगा चाहे गलती हो या नहीं हो।" इस बयान के बाद वाहन चालकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और कई लोग पुलिस के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। यदि वीडियो की सत्यता और कथित बयान सही पाए जाते हैं, तो यह मामला निष्पक्ष कार्रवाई और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।1
- राजधानी जयपुर में सोमवार देर रात पत्रिका चौराहे के पास एक तेज रफ्तार थार की टक्कर से 25 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय राकेश की मौत हो गई। राकेश हाल ही में अपने परिवार के साथ जयपुर आया था और फूड डिलीवरी का काम करके जीवनयापन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल थार में चार युवक सवार थे, जिनमें से एक एमबीबीएस छात्र बताया जा रहा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि राकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि थार का सिर्फ अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल के पास अस्पताल होने के बावजूद घायल राकेश को वहां नहीं ले जाया गया। वहीं, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि वाहन में शराब की बोतलें और केन मौजूद थीं, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर थार को जब्त कर लिया है और वाहन में सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस हादसे ने राजधानी में ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं का कारण कोई विशेष वाहन नहीं, बल्कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग है, जिसके लिए सख्त कार्रवाई और जागरूकता दोनों की आवश्यकता है। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर सड़कों पर रफ्तार का यह आतंक कब थमेगा और आम लोगों की जान की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।1
- मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से अनायास मिलने पहुँचे बालक दिलखुश विश्नोई ने अपने कॉन्फिडेंस और जज़्बे से सबका मन मोह लिया। बालक जिस आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री जी के पास जाने लगा, उसे देखकर सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुराने लगे और उन्होंने दिलखुश को नहीं रोका। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उसे मंच पर आने दिया, टॉफी दिलवाई और कुछ लिखकर भी दिया। इस दौरान मंच पर मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर खुशी के भाव साफ देखे जा सकते थे। जाते समय भी बालक दिलखुश का आत्मविश्वास ऐसा था, मानो उसने कोई बड़ी जंग जीत ली हो। इस मुलाकात के बाद दिलखुश की मां ने उसे गले लगा लिया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में व्यापक पौधारोपण अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया पर हरियाली बढ़ाने वाले संदेशों की धूम रही। हालांकि, इस उत्साह के बीच पर्यावरण संरक्षण की वास्तविक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गमलों में पौधे लगाने और तस्वीरें-वीडियो साझा करने से कहीं आगे बढ़कर पर्यावरण बचाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। लोगों का आरोप है कि एक तरफ जहाँ जंगलों में आग लगने की घटनाएँ सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक प्रदूषण और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआँ लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है। इस संदर्भ में, पर्यावरण विशेषज्ञों का मत है कि पौधारोपण बेशक महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही जंगलों की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति निरंतर जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण संकल्प है।1