मध्य प्रदेश के रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासत गरमा गई है। नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए 13 पार्षद एकजुट होकर सामने आए हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अध्यक्ष के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव और साजिश संबंधी सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्षदों का कहना है कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी दबाव में नहीं, बल्कि जनता के हित में लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के अधिकांश वार्ड विकास कार्यों से वंचित रहे हैं, जबकि केवल एक वार्ड में काम कराया गया। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विधायक या संगठन के दबाव में नहीं, बल्कि अपने विवेक से अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपनाई गई है और इस फैसले को राजनीतिक रंग देना तथ्यों से परे है।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासत गरमा गई है। नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए 13 पार्षद एकजुट होकर सामने आए हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अध्यक्ष के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव और साजिश संबंधी सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्षदों का कहना है कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी दबाव में नहीं, बल्कि जनता के हित में लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के अधिकांश वार्ड विकास कार्यों से वंचित रहे हैं, जबकि केवल एक वार्ड में काम कराया गया। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विधायक या संगठन के दबाव में नहीं, बल्कि अपने विवेक से अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपनाई गई है और इस फैसले को राजनीतिक रंग देना तथ्यों से परे है।
- गुढ़ के तमरा हल्का पटवारी रवि नारायण वर्मा का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद से क्षेत्र के किसान लगातार उनकी काली करतूतों की पोल खोल रहे हैं। इसी कड़ी में पटवारी की प्रताड़ना से तंग आकर एक महिला किसान ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई। पटवारी रवि नारायण वर्मा की कार्यशैली से साफ अंदेशा लगाया जा सकता है कि उनके लिए पैसों के आगे किसी भी किसान के जीवन का कोई महत्व नहीं है। इस मामले में जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये से परेशान होकर उमेश त्रिपाठी पिडिहा ने मोर्चा खोल दिया है। वे मंगलवार से तमरा में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।1
- सतना जिले के बिरसिंहपुर में करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद नजर आई कचरा उठाने वाली गाड़ी कुछ ही समय बाद फिर से गायब हो गई है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है और लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। जब कोटा, जैतवारा और सिमरिया जैसे आसपास के कस्बों में यह सुविधा नियमित रूप से मिल रही है, तो आखिर बिरसिंहपुर की जनता को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। मोहल्लों में कचरा गाड़ी आना बंद होने से लोग परेशान हैं और अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा रहे हैं। जनता इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है और वीडियो शेयर कर रही है ताकि यह समस्या जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँच सके और इलाके में सफाई व्यवस्था फिर से बहाल हो सके।1
- रीवा जिले के गूढ़ क्षेत्र में पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अविश्वास प्रस्ताव के इस पूरे घटनाक्रम पर पार्षदों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- सतना जिले के बेला में NEET और CBSE परीक्षा परिणामों में हुई व्यापक अनियमितताओं तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शनिवार, 25 जुलाई 2026 को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर कैंडल लाइट मार्च निकाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर ब्लॉक अध्यक्ष शिवशंकर गौटिया के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जेपी मोड़ स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जेपी मोड़ से गोविंदगढ़ मोड़ तक हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर मार्च निकाला। इस दौरान "छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद" और "शिक्षा में भ्रष्टाचार बंद करो" जैसे नारों के साथ सरकार को घेरा गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि NEET में पेपर लीक और CBSE नतीजों में गड़बड़ी की वजह से देश के लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। न्याय मांग रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करके लोकतंत्र की हत्या की गई है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस विरोध मार्च में शिवशंकर गौटिया के साथ डॉ. राजेश पांडे, बसंत मिश्रा, ओमकार प्यासी, युवा अध्यक्ष संदीप सिंह, जय प्रकाश, शोभनाथ सिंह, बाबूलाल गुप्ता साकेत, अरविंद साकेत, कमलाकांत मिश्रा, सोहनलाल कोल, मंगलेश्वर पटेल, दिनेश कोल सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत मांगें नहीं मानीं तो पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।4
- मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों से जब्त किए गए 130 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सरेराह रोड रोलर चलवाकर उन्हें नष्ट कर दिया। इस दौरान चेकिंग और चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिमा शर्मा और निरीक्षक अखिलेश कुशवाहा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता और विशेषकर नवयुवकों को 'से नो टू ड्रग्स' और 'नो नॉइज़ पॉल्यूशन' का कड़ा संदेश देना है। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट और अन्य वाहनों से निकलने वाले तेज तथा पटाखों जैसे शोर से बुजुर्गों, बच्चों व आम लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है, जिससे दिल की बीमारी, अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा और कान से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। रीवा पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और वाहनों में अवैध साइलेंसर का उपयोग न करने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर आगे भी इसी प्रकार की सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासत गरमा गई है। नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए 13 पार्षद एकजुट होकर सामने आए हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अध्यक्ष के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव और साजिश संबंधी सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्षदों का कहना है कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी दबाव में नहीं, बल्कि जनता के हित में लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के अधिकांश वार्ड विकास कार्यों से वंचित रहे हैं, जबकि केवल एक वार्ड में काम कराया गया। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विधायक या संगठन के दबाव में नहीं, बल्कि अपने विवेक से अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपनाई गई है और इस फैसले को राजनीतिक रंग देना तथ्यों से परे है।1
- रीवा के हुजूर स्थित पीटीएस चौराहे पर हल्की-हल्की बारिश में ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे आम जनता का वहां से निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम रीवा के अध्यक्ष का घर इसी क्षेत्र में होने के बावजूद जलभराव की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क पर पानी भरने के साथ-साथ चौराहे पर यातायात संचालन की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऑटो चालकों ने इस चौराहे को ही अपना ऑटो स्टैंड बना रखा है। प्रशासन की इस घोर उदासीनता के चलते पीटीएस चौराहे पर किसी भी दिन कोई अप्रिय घटना घटने की पूरी आशंका बनी हुई है।2