Shuru
Apke Nagar Ki App…
मलारना चौड़ स्थित तेजाजी स्थान पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
UMA SHANKAR TIWARI
मलारना चौड़ स्थित तेजाजी स्थान पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- ग्राम पंचायत सारसोप के समुद्रपुरा गांव में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त और पीले रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि हैंडपंप का यह पानी न केवल पीले रंग का है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी खराब पानी का इस्तेमाल पीने और अपने घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, समुद्रपुरा के ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है। फ्लोराइड युक्त पीले पानी की समस्या से ग्रामीण गहरे चिंतित हैं।1
- राजस्थान के लालसोट में पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, पेपर लीक मामलों, पेयजल संकट, बिजली कटौती, खराब सफाई व्यवस्था और भू-माफियाओं के खिलाफ था, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन को प्रभावित किया है। विरोध प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन जनसमस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।2
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने अपने सफल 6 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश के लाखों रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ विक्रेताओं के संघर्ष, सम्मान और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक यात्रा के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं। इस योजना के माध्यम से इन विक्रेताओं के जीवन में नए अवसर, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण का संचार हुआ है। 'गुजारे से आत्मनिर्भरता' तक का यह सफर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और गरीब कल्याण के प्रति उनके अटूट संकल्प का एक सशक्त उदाहरण है। इस योजना ने बिना गारंटी ऋण, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तीकरण के जरिए छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की है, साथ ही उन्हें आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने की नई शक्ति भी दी है। अब तक 75 लाख से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर चुकी यह योजना लाखों मेहनतकशों के सपनों को संबल प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बना रही है। योजना की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए, इसे मार्च 2030 तक विस्तारित करने का केंद्र सरकार का निर्णय गरीब, वंचित और श्रमजीवी वर्ग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त किया गया है।1
- यह माँग उठाई गई है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राजस्थान अब निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य में पारदर्शी व्यवस्था, निवेशक-हितैषी प्रक्रियाएं और प्रभावी प्रोत्साहन नीतियां विकसित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से उद्योगों और निवेश के लिए एक विश्वासपूर्ण एवं अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।1
- गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।1
- गंगापुर शहर में भारी अतिक्रमण की स्थिति देखने को मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर में बहुत अधिक अतिक्रमण होगा।1