प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने अपने सफल 6 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश के लाखों रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ विक्रेताओं के संघर्ष, सम्मान और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक यात्रा के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं। इस योजना के माध्यम से इन विक्रेताओं के जीवन में नए अवसर, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण का संचार हुआ है। 'गुजारे से आत्मनिर्भरता' तक का यह सफर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और गरीब कल्याण के प्रति उनके अटूट संकल्प का एक सशक्त उदाहरण है। इस योजना ने बिना गारंटी ऋण, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तीकरण के जरिए छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की है, साथ ही उन्हें आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने की नई शक्ति भी दी है। अब तक 75 लाख से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर चुकी यह योजना लाखों मेहनतकशों के सपनों को संबल प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बना रही है। योजना की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए, इसे मार्च 2030 तक विस्तारित करने का केंद्र सरकार का निर्णय गरीब, वंचित और श्रमजीवी वर्ग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त किया गया है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने अपने सफल 6 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश के लाखों रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ विक्रेताओं के संघर्ष, सम्मान और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक यात्रा के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं। इस योजना के माध्यम से इन विक्रेताओं के जीवन में नए अवसर, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण का संचार हुआ है। 'गुजारे से आत्मनिर्भरता' तक का यह सफर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और गरीब कल्याण के प्रति उनके अटूट संकल्प का एक सशक्त उदाहरण है। इस योजना ने बिना गारंटी ऋण, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तीकरण के जरिए छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की है, साथ ही उन्हें आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने की नई शक्ति भी दी है। अब तक 75 लाख से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर चुकी यह योजना लाखों मेहनतकशों के सपनों को संबल प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बना रही है। योजना की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए, इसे मार्च 2030 तक विस्तारित करने का केंद्र सरकार का निर्णय गरीब, वंचित और श्रमजीवी वर्ग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त किया गया है।
- ग्राम पंचायत सारसोप के समुद्रपुरा गांव में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त और पीले रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि हैंडपंप का यह पानी न केवल पीले रंग का है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी खराब पानी का इस्तेमाल पीने और अपने घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, समुद्रपुरा के ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है। फ्लोराइड युक्त पीले पानी की समस्या से ग्रामीण गहरे चिंतित हैं।1
- सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- टोंक जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बनेठा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी के सुपरविजन में पुलिस टीम ने बनेठा क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से शराब की ब्रांचेस संचालित कर रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी ने बताया कि बीते कल क्षेत्र में गश्त के दौरान बनेठा इलाके में चार अलग-अलग जगहों पर अवैध शराब की ब्रांचेस चल रही पाई गईं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस ने इन ठिकानों से कुल 498 पव्वे (देशी व अंग्रेजी शराब) और 189 बीयर की बोतलें जब्त की हैं। साथ ही, अवैध शराब की बिक्री से कमाए गए ₹17,900 की नकद राशि भी बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत 4 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सीओ आकांक्षा चौधरी ने सोप और नगर जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अवैध शराब की ब्रांचेस चलने के सवाल पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन ऐसी गतिविधियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में जहां कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधियां मिलेंगी, पुलिस वहां निश्चित तौर पर कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करेगी। बनेठा पुलिस की इस तेज कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है, और मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।1
- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के तहत उनियारा के गलवा-ईसरदा क्षेत्र में नहर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, लेकिन खुदाई के दौरान सामने आ रही तकनीकी चुनौतियों ने इसकी गति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर मात्र 10 से 15 फीट की गहराई पर ही भूजल निकलने लगा है, जिससे निर्माण एजेंसी को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। परियोजना के अंतर्गत जेसीबी और पोकलेन जैसी आधुनिक मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई हो रही है। खुदाई आगे बढ़ने के साथ ही कई हिस्सों में अचानक पानी का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे गड्ढों में पानी भर जाता है और मिट्टी का कटाव होने लगता है। इससे मशीनों का संचालन भी बाधित होता है और कई बार काम रोककर पानी निकालने की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिससे कार्य की गति धीमी पड़ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए निर्माण एजेंसी लगातार पंप सेट लगाकर पानी की निकासी कर रही है, साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर निगरानी कर रही है ताकि वैकल्पिक उपाय किए जा सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपेक्षा से कम गहराई पर भूजल मिलने के बावजूद, कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह ईआरसीपी परियोजना क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद सिंचाई के साधनों का व्यापक विस्तार होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है, और क्षेत्र में जल संकट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।4
- राजस्थान में मौसम के ताजा अपडेट के अनुसार, राज्य पर पश्चिमी विक्षोभ का असर देखा जा रहा है। इस प्रभाव के चलते, प्रदेश के पारे में गिरावट दर्ज की गई है।1
- गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के ग्राम पांडोला में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक शानदार ढंग से आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर एक भव्य कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने बताया कि इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को और भी भव्य, यादगार और सफल बनाया। उनकी मौजूदगी ने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और समाज तक आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश पहुँचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और ओमप्रकाश टैगोर जी एवं बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद दी गई।4
- सवाई माधोपुर के लक्ष्मी विहार कॉलोनी खेरदा में एक विवाहिता नेहा उर्फ बीरा नायक की संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पीहर पक्ष ने महिला थाने में ससुराल पक्ष के पाँच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है, जिसमें पति समेत अन्य परिजन नामजद हैं। मृतका की बुआ के बेटे ने बताया कि नेहा, जो खंडेवत जिला टोंक की निवासी थी, की शादी लक्ष्मी विहार कॉलोनी खेरदा निवासी संजय नायक पुत्र ओम नायक से 22 अप्रैल 2023 को हुई थी। शादी में पीहर पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार सभी आवश्यक सामान दहेज में दिया था। परिजनों के अनुसार, शादी के लगभग एक साल बाद एक बेटी के जन्म के उपरांत पति ने फोन पर दहेज में स्पलेंडर बाइक और स्विफ्ट कार की मांग शुरू कर दी और नेहा पर इसे लाने का दबाव बनाने लगा। बताया गया कि विवाहिता के पिता का देहांत 2005 में ही हो चुका है और उसकी माँ, छोटा भाई और तीन बहनें ननिहाल में रहकर जीवन यापन कर रही हैं। दहेज न मिलने पर पति ने तलाक की मांग की, जिस पर पीहर पक्ष तैयार भी हो गया, लेकिन पति ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। पीहर पक्ष के लोगों ने बताया कि 30 मई 2026 की रात को नेहा ने अपने भाई को फोन कर उसे अपने साथ ले जाने के लिए कहा था, जिस पर भाई ने अगले दिन सुबह आने का भरोसा दिया। इसके बाद 31 मई 2026 की सुबह नेहा के ससुर ने उसके ताऊ को फोन कर नेहा की तबीयत खराब होने की सूचना दी और उन्हें जिला अस्पताल आने के लिए कहा। जब पीहर पक्ष के लोग जिला अस्पताल पहुँचे, तो उन्हें नेहा का शव वहाँ मिला। इस घटना के बाद पीहर पक्ष ने महिला थाने में मृतका के पति, ससुर, सास, ननद और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया है। महिला थानाधिकारी भोजाराम ने बताया कि खैरदा में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है और मृतका के भाई संजय की रिपोर्ट पर ससुराल पक्ष के पाँच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे पीहर पक्ष को सौंप दिया है और मामले की जाँच में जुटी है। थानाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।1