Shuru
Apke Nagar Ki App…
देश में नई शिक्षा की कमान अब प्रह्लाद जोशी संभालने जा रहे हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था की इस नई जिम्मेदारी को आगे बढ़ाएंगे।
प्रीति पंड्या
देश में नई शिक्षा की कमान अब प्रह्लाद जोशी संभालने जा रहे हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था की इस नई जिम्मेदारी को आगे बढ़ाएंगे।
More news from राजस्थान and nearby areas
- सीमलवाड़ा के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के पाडली गुजरेश्वर मंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत महूडी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधानसभा प्रत्याशी कारीलालजी ननेमा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनदयालजी चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रवीण रोत एडवोकेट, मंडल महामंत्री देवी सिंह चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष भंवरलालजी, वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिजी, मंडल उपाध्यक्ष रमेशजी कटारा, बूथ अध्यक्ष जीतमलजी, नारायणजी सहित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और उन्हें विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो पाती हैं। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।4
- डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उपखंड के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, धर्मपत्नी पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित करते हुए धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उप-जिले के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार की धर्मपत्नी, के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 जिला कलक्टर देशलदान की अध्यक्षता एवं जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार की उपस्थिति में जिला परिषद के ईडीपी सभागार में वी.सी के माध्यम आयोजित हो रही बैठक । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 जिला कलक्टर देशलदान की अध्यक्षता एवं जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार की उपस्थिति में जिला परिषद के ईडीपी सभागार में वी.सी के माध्यम आयोजित हो रही बैठक । जिला परिषद के ईडीपी सभागार में वीसी के माध्यम से आयोजित बैठक में सडक सुरक्षा, एन. एच. अतिक्रमण, अवैध खनन, एनकोर्ड समिति (NCORD) समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रेगर , अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक खीव सिंह, नगरपरिषद आयुक्त ललित सिंह, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी जिला परिषद के ईडीपी सभागार में एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद।2
- डूंगरपुर में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थानीय प्रशासन की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मुख्यमंत्री जन आवास रोड पर बारिश के कारण मुख्य सड़कों और रास्तों पर जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे आम जनता और राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कों पर नालियों की उचित सफाई और जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी घंटों सड़कों पर ही जमा रहता है। देखते ही देखते सड़कें लबालब भर जाती हैं और पोखरे जैसी नज़र आने लगती हैं। स्कूली बच्चे और दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। खतरे में दुपहिया वाहन चालक: पानी से भरे गड्ढों का सही अंदाज़ा न मिलने के कारण आए दिन बाइक व स्कूटी फिसलने और बंद होने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा प्रभावित: सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को पानी के बीच से होकर गुज़रना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और जूते खराब हो रहे हैं। कई बार जलभराव के कारण बच्चे हादसों का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं। क्षेत्र के लोगों ने नगर निकाय और संबंधित प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली बारिश में लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।3
- 40 घंटे बाद तैरता नजर आया नदी में डूबे युवक का शव, सोम नदी में भैंसे निकालने के दौरान डुबा था युवक आसपुर थाना क्षेत्र का मामला 40 घंटे बाद तैरता नजर आया नदी में डूबे युवक का शव, सोम नदी में भैंसे निकालने के दौरान डुबा था युवक आसपुर थाना क्षेत्र का मामला आसपुर थाना क्षेत्र के सडा गांव में एक युवक अपनी भैंसों को नदी में निकालने के दौरान पैर फिसलने से अन्दर गिर गया था । *सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ टीम को मिला सफलता* सुबह सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ टीम के चर्च ऑपरेशन के दौरान शव तैरता हुआ पानी से उपर आया। 40 घंटे बाद मंगलवार सवेरे 7 बजे सोम नदी में शव मिला प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़ा खुदरड़ा निवासी राइया(40) पुत्र कैसिया बरगोट मीणा की भैंसे जो सोम नदी में विचरण कर रही थी जिसे रविवार दोपहर को अपनी भैंसों को सोम नदी से निकालने का प्रयास कर रहा था कि अचानक पैर फिसलने से सोम नदी में गिर गया था। ग्रामीणों ने कई प्रयास किए पर नहीं मिला। बाद पुलिस ने डुंगरपुर से सिविल डिफेंस वएसडीआरएफ टीम को सूचना दी ।सोमवार को 13 सदस्य की टीम कमांडर हेड कांस्टेबल शिवराज व सिविल डिफेंस टीम के रवी परमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची ,लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं लग पाने और अंधेरा होने से आसपुर रुकी और सवेरे 7बजे जैसे टीम वापस पहुंची तो शव नदी के पानी में शव को नदी से बहार निकाला। और जानकारी मिलते ही थानाधिकारी शैलेन्द्र सिंह मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे । बाद शव को निकाल कर इसे आसपुर मोर्चरी में रखवाया गया । जिसका पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को दिया गया ।भाई लालू राम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है ।पुलिस मामले को लेकर अनुसंधान कर रही है । मृतक के दो लड़कियां और एक लड़का है । जिसका पालन पोषण करने वाला कोई नहीं रहा।1
- राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।4
- धरियावद-बांसी मार्ग पर आरामपुरा घाट सेक्शन के समीप सोमवार को ट्रॉला और बोलेरो की भीषण टक्कर में बोलेरो में सवार 13 यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही धरियावद थानाधिकारी हजारी लाल मीणा ने तत्काल एएसआई भगवान लाल मीणा, हेड कांस्टेबल मोहन पाल सिंह सहित पुलिस जाब्ते को सरकारी वाहन से मौके पर रवाना किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को निजी वाहनों से तत्काल राजकीय चिकित्सालय धरियावद पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. ईश्वर मीणा तथा मेल नर्स लक्ष्मण डड़गा, पियूष मनोहर एवं चिकित्सा स्टाफ ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगे के उपचार के लिए रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान शिवपुरी (थाना केसरियावाद) निवासी केसिया पुत्र रूपा मीणा, बाबरू पुत्र लिम्बा मीणा, नरदा रूपा मीणा, भगवती चोखा मीणा, रतनलाल मीणा, नाथूलाल पुत्र मानिया मीणा, कानुराम पुत्र गोतिया मीणा, मेघा पुत्र थावरा मीणा, रतनलाल पुत्र लालजी मीणा, गौतमा पुत्र मानिया मीणा, कालुराम पुत्र नाथिया मीणा, नारायण पुत्र भगवान मीणा, केशु पुत्र नाथिया मीणा के रूप में हुई है। इनमें से गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्रतापगढ़ और उदयपुर के लिए रेफर किया गया। सभी यात्री बोलेरो से बांसी की ओर से धरियावद आ रहे थे। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने बांसी घाट सेक्शन की खराब एवं अव्यवस्थित सड़क व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि इस घाट पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन संबंधित विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है। करोड़ों रुपये की स्वीकृतियों के बावजूद घाट सेक्शन का समुचित सुधार नहीं होने से आमजन की जान जोखिम में बनी हुई है। ग्रामीणों ने सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि प्रतापगढ़ घाट की तर्ज पर बांसी घाट का भी शीघ्र चौड़ीकरण एवं सुरक्षा कार्य कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।1