यमुना नदी तट के बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड जीर्णोद्धार की उठी मांग औरैया, 22 फरवरी 2026। समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति (रजि.), औरैया द्वारा यमुना तट की समस्याओं को लेकर रविवार प्रातः 7 बजे तट स्थित राम झरोखा पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने की। बैठक में यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण तथा क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता (एडवोकेट) ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में तब्दील हो गए हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंत्येष्टि के बाद स्नान की परंपरा है, किंतु तट पर स्थित स्नान कुंड अत्यंत क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रतिदिन औरैया नगर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग दस अंत्येष्टियां यहां संपन्न होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु शीघ्र ही जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर आदित्य लक्ष्यकार, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, अजय कुमार, राम प्रसाद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यमुना नदी तट के बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड जीर्णोद्धार की उठी मांग औरैया, 22 फरवरी 2026। समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति (रजि.), औरैया द्वारा यमुना तट की समस्याओं को लेकर रविवार प्रातः 7 बजे तट स्थित राम झरोखा पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने की। बैठक में यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण तथा क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के
जीर्णोद्धार पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता (एडवोकेट) ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में तब्दील हो गए हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंत्येष्टि के बाद स्नान की परंपरा है, किंतु तट पर स्थित स्नान कुंड अत्यंत क्षतिग्रस्त
है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रतिदिन औरैया नगर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग दस अंत्येष्टियां यहां संपन्न होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु शीघ्र ही जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर आदित्य लक्ष्यकार, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, अजय कुमार, राम प्रसाद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
- औरैया-उत्तरप्रदेश भारतीय किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन जारी प्रशासन से नहीं मिला कोई आश्वासन1
- औरैया। थाना अछल्दा पुलिस ने शनिवार को बकरी चोरी गिरोह के पाँच सदस्यों नीरज तिवारी , सान मोहम्मद, शहादत खाँ , अकील, व सोएब आलम को कमारा नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी दिन में व्यापारी बन रैकी करते और रात में चोरी को अंजाम देते थे। टीम ने उनके पास से 5 बकरियाँ, .315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस और ₹2,000 नकद बरामद किए। नीरज तिवारी पर हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट समेत 8 मुकदमे दर्ज हैं। एसपी अभिषेक भारती के निर्देशन, एएसपी के नेतृत्व और सीओ बिधूना के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्रा की टीम (उ.नि. राजेन्द्र प्रसाद, उ.नि. राशिद हुसैन, हेका धीरज कुमार, का. विनोद, का. पवन प्रताप) ने कार्रवाई की। अभियुक्तों पर मु.अ.सं. 19/26 धारा 305A/317(2) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर विधिक कार्यवाही जारी।1
- * जा पर कृपा राम की होई ता पर कृपा करे सब कोई* *आज श्री राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण ग्राम-लुहियापुर में पूजा-अर्चना के उपरांत श्री रामचरितमानस अखंड रामायण पाठ प्रारंभ हुआ, जबकि समापन पर कल दिनांक 23 फरवरी सोमवार को दोपहर 2 बजे से मंदिर के समीप स्थित मनकाशी धाम गेस्ट हाउस में प्रसाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा, श्री राधा कृष्ण मंदिर समिति ग्राम-लुहियापुर समिति के अध्यक्ष "औरैया रत्न" आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने आप सभी सम्मानित बंधुओ से धार्मिक आयोजन में समय से सम्मिलित होने की अपील की हैं।1
- औरैया। जनपद के फफूँद चौराहा स्थित संत रविदास एवं डॉ. अम्बेडकर धर्मशाला में सामाजिक क्रांति के जनक महान संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संत गाडगे जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।2
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र1
- औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।4
- औरैया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा के निर्देशन में वृहद विधिक जागरूकता एवं सहायता शिविर मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया मयंक चौहान ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामयी शुरुआत दी गयी। जीएस लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एवं विधिक जागरूकता का संदेश दिया। अलग-अलग विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए गए निर्धन, दिव्यांग, महिला, बालक-बालिकाओं एवं अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लोगों को योजनाओं की जानकारी और मौके पर लाभ वितरण।प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के चयनित लाभार्थियों को मंच से प्रमाण-पत्र वितरित किये गए। मुख्य अतिथि मयंक चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय केवल अदालत की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करना ही विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है।”उन्होंने कहा कि गरीब, असहाय, महिला, दिव्यांग एवं जरूरतमंद व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता देना हमारा संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर डरें नहीं, बल्कि विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें।उन्होंने यह भी कहा कि जागरूक नागरिक ही सशक्त समाज की नींव होता है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणी त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया टीबी और कैंसर जैसे रोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं, जरूरतमंद मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती सहित कई प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की उपस्थिति से कार्यक्रम सफल रहा।3
- *ब्रेकिंग न्यूज औरैया* *ऑनलाइन व्यापार के खिलाफ व्यापारियों का ज्ञापन* *रिपोर्ट:–आशुतोष अवस्थी* *उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने ऑनलाइन व्यापार के विरोध में सपा सांसद जितेंद्र दोहरे को ज्ञापन सौंपा।* *व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन मार्केट के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हो रहा है।* *कोरोना काल के बाद से ऑनलाइन खरीदारी छोटे कस्बों तक पहुंच गई है, जिससे पारंपरिक दुकानदार प्रभावित हैं।* *व्यापार मंडल ने अमेज़ॉन, मीशो और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों पर नियंत्रण की मांग की।* *ज्ञापन सौंपते समय “व्यापार एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए गए।* *सांसद जितेंद्र दोहरे ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छोटे व्यापारियों को खत्म कर पूंजीपतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।* *उन्होंने आश्वासन दिया कि छोटे व्यापारियों की आवाज सदन में उठाई जाएगी।* *जिला अध्यक्ष बब्लू बाजपेई ने कहा कि व्यापारी पूरी तरह टूट चुका है और सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।* *चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी न होने पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान जारी रहेगा।*3
- औरैया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव और ई-कॉमर्स कंपनियों की कथित मनमानी के विरोध में जनपद के व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल औरैया इकाई ने ई-कॉमर्स के अनियंत्रित विस्तार को पारंपरिक बाजार के लिए “धीमा जहर” बताते हुए सांसद जितेंद्र दोहरे को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर सख्त कानून बनाने की मांग की है। जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई (बबलू) के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि भारी छूट, कैशबैक और एल्गोरिदम आधारित मूल्य निर्धारण से बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा की जा रही है। उनका आरोप है कि बड़ी कंपनियां लागत से कम कीमत पर सामान बेचकर स्थानीय दुकानदारों को बाजार से बाहर करने की रणनीति अपना रही हैं। उन्होंने कहा, “बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक संरचना की धुरी है। स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।” ज्ञापन में व्यापारियों ने कंपटीशन एक्ट 2002 के उल्लंघन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि ‘प्रिडेटरी प्राइसिंग’ पर प्रभावी रोक लगाई जाए। साथ ही, विदेशी निवेश नियमों के उल्लंघन कर ‘इन्वेंट्री मॉडल’ अपनाने वाली कंपनियों के खिलाफ सीसीआई से सख्त कार्रवाई की मांग की गई। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनिंदा विक्रेताओं और निजी लेबल को बढ़ावा देकर छोटे व्यापारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। संगठन ने वाणिज्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को मिलाकर एक संयुक्त नियामक तंत्र गठित करने का सुझाव दिया। साथ ही पंजीकृत छोटे व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और आपदा सहायता जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करने की मांग रखी। सांसद जितेंद्र दोहरे ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को संसद और संबंधित मंत्रालयों तक मजबूती से पहुंचाएंगे। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पारंपरिक व्यापार को होने वाली क्षति की भरपाई संभव नहीं होगी।2