लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में जानकीपुरम के एक्सेन कलेक्शन (बिजली विभाग) से गौरव कुमार, इंदिरा नगर के एफएसएसओ (फायर विभाग) से कमलेन्द्र कुमार सिंह, तथा एलडीए से एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में अभियोग संख्या 115/2026, धारा 110 बीएनएस, 105 बीएनएस, 125 बीएनएस, 3(5) बीएनएस, 6/10 उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम के तहत 6 अभियुक्तों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान रामकृष्ण उपाध्याय (अलीगंज), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62 वर्ष, मदेयगंज, सीतापुर रोड) और तूशॉक कृष्णा जायसवाल (31 वर्ष, बालागंज, ठाकुरगंज) के रूप में हुई है। लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी में जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसके मालिक वीरेंद्र शुक्ला हैं, और उनका बेटा अखिल शुक्ला सभी सेंटरों से किराया वसूलने व संचालन का काम करता था। हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की टीम भी हरकत में आई है और विशेष कार्य अधिकारी देवांश त्रिवेदी की टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग पूरी तरह अवैध है, क्योंकि यह रिहायशी कॉलोनी में स्थित है और यहां व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नक्शा पास होने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर सबसे नीचे पेट शॉप, ऊपर एनिमेशन सेंटर, गेमिंग जोन, कैंटीन और लाइब्रेरी जैसी व्यावसायिक गतिविधियां धड़ल्ले से चल रही थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बिल्डिंग से पुरनिया चौराहे को जोड़ने वाली मात्र 200 मीटर की सड़क पर 30 से 40 अवैध निर्माण हैं, जिनमें कई मशहूर कोचिंग संस्थान और बड़े व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं, और इन सभी के पास फायर एनओसी नहीं है। एलडीए ने पूर्व में इन अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की थी, जिसका परिणाम इस बड़े हादसे के रूप में सामने आया है। बिल्डिंग के एक किराएदार तुशांक ने खुलासा किया है कि उन्होंने मार्च में ही मालिक के बेटे अखिल शुक्ला को बिजली की समस्या (ओवरलोड, लगातार एमसीबी गिरना और फ्यूज गलना) के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन मुनाफे के चक्कर में इस गंभीर चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। बताया जा रहा है कि आग भी एसी के अत्यधिक इस्तेमाल और ओवरलोड के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से लगी है। फिलहाल प्रशासन पूरी बिल्डिंग और आसपास के अवैध व्यावसायिक सेंटरों की बारीकी से जांच कर रहा है, और एलडीए अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा करेगा ताकि बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में जानकीपुरम के एक्सेन कलेक्शन (बिजली विभाग) से गौरव कुमार, इंदिरा नगर के एफएसएसओ (फायर विभाग) से कमलेन्द्र कुमार सिंह, तथा एलडीए से एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में अभियोग संख्या 115/2026, धारा 110 बीएनएस, 105 बीएनएस, 125 बीएनएस, 3(5) बीएनएस, 6/10 उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम के तहत 6 अभियुक्तों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान रामकृष्ण उपाध्याय (अलीगंज), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62 वर्ष, मदेयगंज, सीतापुर रोड) और तूशॉक कृष्णा जायसवाल (31 वर्ष, बालागंज, ठाकुरगंज) के रूप में हुई है। लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी में जिस बिल्डिंग में आग लगी
थी, उसके मालिक वीरेंद्र शुक्ला हैं, और उनका बेटा अखिल शुक्ला सभी सेंटरों से किराया वसूलने व संचालन का काम करता था। हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की टीम भी हरकत में आई है और विशेष कार्य अधिकारी देवांश त्रिवेदी की टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग पूरी तरह अवैध है, क्योंकि यह रिहायशी कॉलोनी में स्थित है और यहां व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नक्शा पास होने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर सबसे नीचे पेट शॉप, ऊपर एनिमेशन सेंटर, गेमिंग जोन, कैंटीन और लाइब्रेरी जैसी व्यावसायिक गतिविधियां धड़ल्ले से चल रही थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बिल्डिंग से पुरनिया चौराहे को जोड़ने वाली मात्र 200 मीटर की सड़क पर 30 से 40 अवैध निर्माण हैं, जिनमें कई मशहूर कोचिंग संस्थान और बड़े व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं,
और इन सभी के पास फायर एनओसी नहीं है। एलडीए ने पूर्व में इन अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की थी, जिसका परिणाम इस बड़े हादसे के रूप में सामने आया है। बिल्डिंग के एक किराएदार तुशांक ने खुलासा किया है कि उन्होंने मार्च में ही मालिक के बेटे अखिल शुक्ला को बिजली की समस्या (ओवरलोड, लगातार एमसीबी गिरना और फ्यूज गलना) के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन मुनाफे के चक्कर में इस गंभीर चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। बताया जा रहा है कि आग भी एसी के अत्यधिक इस्तेमाल और ओवरलोड के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से लगी है। फिलहाल प्रशासन पूरी बिल्डिंग और आसपास के अवैध व्यावसायिक सेंटरों की बारीकी से जांच कर रहा है, और एलडीए अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा करेगा ताकि बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
- लखनऊ के तहसील मलिहाबाद क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत तिरगावा में बेता नाला पर एक पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा कथित रूप से निजी मिनी पुल बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली गंदगी और बदबू के कारण आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में तहसील मलिहाबाद में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत के चौथे दिन भी कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा और न ही अब तक कोई कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक संज्ञान लेता है।1
- पुलिस उपायुक्त पूर्वी महोदया के निर्देशन में मोहर्रम के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर ने अपने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- गुजरात के खेड़ा जिले में लव जिहाद का एक अत्यंत घिनौना मामला सामने आया है, जहाँ एक नाबालिग हिन्दू लड़की को तीन साल तक लगातार ब्लैकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यह भयावह घटना तब शुरू हुई जब एक दोस्त ने पीड़िता को पहले प्रेम जाल में फँसाया, और फिर उसे अपने 10 दोस्तों के सामने 'परोस' दिया। पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस गंभीर मामले में POCSO अधिनियम और अन्य सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़िता को तत्काल सुरक्षा प्रदान की गई है और मामले की विस्तृत जाँच लगातार जारी है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि लव जिहाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को कितना अधिक सतर्क और सख्त होने की आवश्यकता है।1
- जनपद सुल्तानपुर के थाना कादीपुर से संबंधित एक खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। इस खबर के अनुसार, एक व्यक्ति द्वारा एक घर में घुसकर बच्चियों और महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट की गई है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए गंभीर धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। बताया गया है कि मामले में नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी कादीपुर, श्री विनय कुमार गौतम द्वारा प्रदान की गई है।1
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।1
- अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद, दान की गिनती में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उनकी जगह अब बैंक द्वारा नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस घटनाक्रम के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर पवन पांडेय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रभु श्रीराम ने खुद चढ़ावा चोरी की बात अखिलेश को बताई।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल थे, जो आग से बचने के लिए बाथरूम में छिपे थे। अन्य ब्रेकिंग खबरों में, अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिसके बाद भारत अगले 60 दिनों तक ईरान से तेल खरीद सकेगा। साथ ही, उद्धव के छह सांसदों ने शिंदे का साथ दिया है।2