लखनऊ के तहसील मलिहाबाद क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत तिरगावा में बेता नाला पर एक पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा कथित रूप से निजी मिनी पुल बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली गंदगी और बदबू के कारण आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में तहसील मलिहाबाद में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत के चौथे दिन भी कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा और न ही अब तक कोई कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक संज्ञान लेता है।
लखनऊ के तहसील मलिहाबाद क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत तिरगावा में बेता नाला पर एक पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा कथित रूप से निजी मिनी पुल बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली गंदगी और बदबू के कारण आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में तहसील मलिहाबाद में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत के चौथे दिन भी कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा और न ही अब तक कोई कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक संज्ञान लेता है।
- लखनऊ के तहसील मलिहाबाद क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत तिरगावा में बेता नाला पर एक पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा कथित रूप से निजी मिनी पुल बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली गंदगी और बदबू के कारण आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में तहसील मलिहाबाद में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत के चौथे दिन भी कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा और न ही अब तक कोई कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक संज्ञान लेता है।1
- पुलिस उपायुक्त पूर्वी महोदया के निर्देशन में मोहर्रम के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर ने अपने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।1
- मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए एक आवश्यक अपील की गई है, जिसमें कहा गया है कि किसी का एक छोटा सा प्रयास एक परिवार की खुशियों को वापस ला सकता है। इस अपील में गरीब मरीजों के इलाज और ऑपरेशन के खर्चों में आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि एक छोटा सा दान किसी की जान बचा सकता है। यह भी सूचित किया गया है कि डोनेशन या मरीज के सत्यापन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए सीधे टीम से संपर्क किया जाए।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरावखेड़ा (जेहटा) में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित परिवार दबंगों के जानलेवा हमलों, छेड़छाड़ और लूटपाट से तंग आकर अपना घर-द्वार छोड़ने पर मजबूर हो गया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस, विशेषकर जेहटा चौकी पर, आरोपियों को खुला संरक्षण देने और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने का संगीन आरोप लगाया है। यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। पीड़ित अशोक कुमार (निवासी उमरावखेड़ा, जेहटा) ने बताया कि बीते 30 मई 2026 की रात करीब 09:58 बजे पड़ोसी आरोपी काशी ने बाहर से एक टेंपो में अज्ञात गुंडों को बुलाया। इन बदमाशों ने उनके घर में घुसकर तांडव मचाया, पत्नी के साथ छेड़छाड़ व लूटपाट की, और पूरे परिवार को लाठी-डंडों व सरियों से बेरहमी से पीटा, जिससे सभी को गंभीर चोटें आईं। यह पूरी वारदात घर के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। पीड़ित का आरोप है कि इस घटना के बाद उन्हें पूरी रात दुबग्गा थाने में बैठना पड़ा, तब जाकर मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन आज तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार 5 जून 2026 को एसीपी महोदय के समक्ष पेश हुआ। एसीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जेहटा चौकी इंचार्ज को फोन कर फटकार लगाई और गिरफ्तारी न होने का कारण पूछते हुए मुकदमे में उचित धाराएं बढ़ाकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। हालाँकि, आरोप है कि जेहटा चौकी इंचार्ज ने एसीपी के आदेश को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया और कोई कदम नहीं उठाया। पीड़ित अशोक कुमार ने जेहटा चौकी इंचार्ज सुमित श्रीवास्तव और दरोगा जयप्रकाश पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए पूर्व की कई घटनाओं का भी ब्योरा दिया। इनमें 5 जुलाई 2025 को आरोपी राजेश, धीरज और पप्पू द्वारा लाठी-डंडों व सरियों से जानलेवा हमला शामिल है, जिसमें ग्रामीणों के बीच-बचाव से जान बची थी, लेकिन पुलिस ने मामूली धाराओं (BNS 126/135) में मामला रफा-दफा कर दिया था। 6 दिसंबर 2025 को आरोपी धीरज ने पीड़ित के बेटे को इतना पीटा कि उसकी उंगली टूट गई, जिस पर पुलिस ने सिर्फ एक मामूली NCR दर्ज की। 14 अप्रैल 2026 को आरोपी धीरज ने शाम को पीड़ित के घर की तरफ बारूद जैसी ज्वलनशील वस्तु फेंकी, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को जब धीरज की पत्नी द्वारा पीड़ित के बेटे को पीटने की शिकायत लेकर परिवार जेहटा चौकी पहुंचा, तो आरोपी काशी ने चौकी इंचार्ज सुमित श्रीवास्तव और दरोगा जयप्रकाश के सामने ही पीड़ित परिवार को 'बोटी-बोटी काटने' की धमकी दी, जिस पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों को दिए पत्र में स्पष्ट कहा है कि वे अपनी जान बचाने के लिए पलायन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार नामजद आरोपियों (काशी, राजेश, धीरज, पप्पू, पूर्णिमा, शांति) के साथ-साथ जेहटा चौकी इंचार्ज और संबंधित दरोगा भी होंगे। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच जेहटा चौकी पुलिस से हटाकर किसी अन्य उच्चाधिकारी से कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और दबंगों व उनके अज्ञात गुंडों को गिरफ्तार कर परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।3
- अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद, दान की गिनती में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उनकी जगह अब बैंक द्वारा नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस घटनाक्रम के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर पवन पांडेय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रभु श्रीराम ने खुद चढ़ावा चोरी की बात अखिलेश को बताई।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल थे, जो आग से बचने के लिए बाथरूम में छिपे थे। अन्य ब्रेकिंग खबरों में, अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिसके बाद भारत अगले 60 दिनों तक ईरान से तेल खरीद सकेगा। साथ ही, उद्धव के छह सांसदों ने शिंदे का साथ दिया है।2