मनोहरपुर–आनंदपुर मुख्य सड़क बारिश में ढही, आवागमन पर संकट चाईबासा : मनोहरपुर से आनंदपुर जाने वाली मुख्य सड़क, जो रांची और सिमडेगा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, आज की तेज बारिश के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर बना पुराना पुल भी बारिश के पानी के तेज बहाव में ढह गया, जिससे आवागमन बाधित होने की स्थिति बन गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले दो वर्षों से अधिक समय से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, फिर भी बरसात से पहले पुराने पुल को सुरक्षित करने या नए पुल का निर्माण पूरा करने की दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? क्या ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों को यह अंदाजा नहीं था कि बरसात में पुराने और कमजोर पुल पर पानी का दबाव बढ़ सकता है? इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और रोजाना सफर करने वाले लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। अब सवाल प्रशासन से है—आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है? क्या मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? जनता की मांग है कि सड़क और पुल को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आवागमन बहाल किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मनोहरपुर–आनंदपुर मुख्य सड़क बारिश में ढही, आवागमन पर संकट चाईबासा : मनोहरपुर से आनंदपुर जाने वाली मुख्य सड़क, जो रांची और सिमडेगा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, आज की तेज बारिश के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर बना पुराना पुल भी बारिश के पानी के तेज बहाव में ढह गया, जिससे आवागमन बाधित होने की स्थिति बन गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले दो वर्षों से अधिक समय से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, फिर भी बरसात से पहले पुराने पुल को सुरक्षित करने या नए पुल का निर्माण पूरा करने की दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? क्या ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों को यह अंदाजा नहीं था कि बरसात में पुराने और कमजोर पुल पर पानी का दबाव बढ़ सकता है? इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और रोजाना सफर करने वाले लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। अब सवाल प्रशासन से है—आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है? क्या मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? जनता की मांग है कि सड़क और पुल को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आवागमन बहाल किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
- मनोहरपुर–आनंदपुर मुख्य सड़क बारिश में ढही, आवागमन पर संकट चाईबासा : मनोहरपुर से आनंदपुर जाने वाली मुख्य सड़क, जो रांची और सिमडेगा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, आज की तेज बारिश के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर बना पुराना पुल भी बारिश के पानी के तेज बहाव में ढह गया, जिससे आवागमन बाधित होने की स्थिति बन गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले दो वर्षों से अधिक समय से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, फिर भी बरसात से पहले पुराने पुल को सुरक्षित करने या नए पुल का निर्माण पूरा करने की दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? क्या ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों को यह अंदाजा नहीं था कि बरसात में पुराने और कमजोर पुल पर पानी का दबाव बढ़ सकता है? इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और रोजाना सफर करने वाले लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। अब सवाल प्रशासन से है—आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है? क्या मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? जनता की मांग है कि सड़क और पुल को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आवागमन बहाल किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- कानून व्यवस्था सिर्फ अपने मनमानी करती है अपने पावर का गलत इस्तेमाल हमारे यहां तो ऐसा ही होता है जिसके पास पैसा उसी को न्याय मिलता है चाहे आप गलत हो गरीब व्यक्तियों का नहीं जिसके साथ अत्याचार हो रहा है उसे नहीं मिलता है न्याय सब लोग का ज्यादा मानना है पुलिस के साथ जिसका सेटिंग होती है पुलिस उसी के पक्ष में जाती है और उसी के पक्ष मै बात भी करती है आब बहुत लोगों को पुलिस में भरोसा नहीं रह गया है जय🇮🇳 हिंद1
- 🚨कारो नदी में डूबे डीएवी छात्र का शव तीन दिन बाद चट्टान में फंसा मिला , क्षेत्र में शोक की लहर गुवा थाना क्षेत्र से रविवार को लापता 13 वर्षीय डीएवी छात्र पवन कुमार पान का शव मंगलवार को तीन दिन बाद नुईया गांव स्थित कारो नदी के बीच चट्टान में फंसा मिला। पुलिस और ग्रामीण तीन दिनों से लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने उसे नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। #कारोनदी #डीएवछात्र #पवनकुमारपान #गुवा #नुईयागांव #छात्रकीमौत #नदीमेंडूबा #पसिंहभूम #चट्टानमेंफंसा #पश्चिमीसिंहभूम #चाईबासा #गुवाथाना #झारखंड #दुःखदघटना #KolhanBreakingNews1
- लौंग सिर्फ मसाला नहीं, मुख की दुर्गंध दूर करने में भी उपयोगी1
- *खरकाई नदी उफान पर, कई इलाकों में घुसा पानी* सरायकेला। सरायकेला स्थित खरकाई नदी का मंगलवार को जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी उफान पर है। नदी का पानी मंजना घाट स्थित पंचमुखी शिव मंदिर, पार्क, झुमकेश्वरी मंदिर सहित नया बस स्टैंड क्षेत्र तक पहुंच गया है। इससे नदी के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। नदी का बढ़ता जलस्तर देखने के लिए आसपास के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंच रहे हैं। लगातार बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन भी सतर्क हो गया है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन द्वारा लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। *खरकाई नदी उफान पर, कई इलाकों में घुसा पानी* सरायकेला। सरायकेला स्थित खरकाई नदी का मंगलवार को जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी उफान पर है। नदी का पानी मंजना घाट स्थित पंचमुखी शिव मंदिर, पार्क, झुमकेश्वरी मंदिर सहित नया बस स्टैंड क्षेत्र तक पहुंच गया है। इससे नदी के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। नदी का बढ़ता जलस्तर देखने के लिए आसपास के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंच रहे हैं। लगातार बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन भी सतर्क हो गया है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन द्वारा लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।4
- राँची के कुंज विहार, अरगोड़ा में बारिश का कहर: सड़कें बनीं दरिया, वाहनों के पहिए थमे। राँची: राजधानी राँची में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद अरगोड़ा क्षेत्र स्थित कुंज विहार इलाके की स्थिति बेहद नारकीय हो गई है। इलाके की गलियां और सड़कें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं, जिससे यह क्षेत्र किसी जलमग्न रास्ते जैसा नजर आ रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पूरी सड़क पर लबालब गंदा पानी भरा हुआ है। चारपहिया वाहनों के आधे पहिए पानी में डूबकर गुजर रहे हैं, वहीं पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों के लिए आवागमन खतरनाक बन गया है। स्थानीय निवासियों में आक्रोश: जल निकासी की विफलता: कुंज विहार के निवासियों का कहना है कि इलाके में नालियों की सही तरीके से सफाई न होने और ड्रेनेज सिस्टम के ठप पड़ने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें लबालब भर जाती हैं। घरों में पानी घुसने का खतरा: सड़कों पर जमा पानी अब लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच गया है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। निगम की अनदेखी: स्थानीय लोगों ने नगर निगम के प्रति नाराजगी जताते हुए मांग की है कि इलाके में तुरंत जल निकासी के लिए पंप लगाए जाएं और नालियों की सफाई कराई जाए।1
- परीक्षा की पवित्रता बनी रहे ना दोषी बचे, ना निर्दोश पीसे- सकलदीप भगत। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खुंटी। एक शिक्षक होने के नाते मेरी चिंता केवल परीक्षा रद्द होने या न होने की नहीं, बल्कि हजारों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य की है। यदि परीक्षा में अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच होनी चाहिए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए; लेकिन ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से दंडित करना भी न्यायसंगत नहीं होगा। इन विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत, समय और आर्थिक संसाधन लगाकर इस अवसर की तैयारी की है। इसलिए किसी भी निर्णय में उनकी मेहनत और मानसिक स्थिति का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। परीक्षा की पवित्रता बनी रहे।न दोषी बचे, न निर्दोष पिसे और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य न बिगड़े, निर्णय इसी संतुलन के साथ होना चाहिए। - सकलदीप भगत, निदेशक, श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू1
- डोंकासाईं शिव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति भाव से की गई पूजा , प्रसाद किया गया वितरण1