नवादा में मकान निर्माण स्थल से लोहे की चोरी, सीसीटीवी में कैद चोर पकड़ा गया नवादा में मकान निर्माण स्थल से लोहे की चोरी, सीसीटीवी में कैद चोर पकड़ा गया संजय वर्मा नवादा। शहर के नवादा बाईपास स्थित भदौनी मोड़ के समीप गुरुवार की देर रात मकान निर्माण स्थल से लोहे और छड़ चोरी करने का मामला सामने आया है। हालांकि चोरी की यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जाता है कि गुरुवार की रात करीब दो बजे चोर ने निर्माणाधीन मकान में घुसकर लोहे की छड़ और अन्य सामान चोरी करने की कोशिश की। मकान में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। रात में जब कैमरे की फुटेज देखी गई तो उसमें एक व्यक्ति सामान उठाकर ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। मकान मालिक सन्नी खान के भांजे ने बताया कि सन्नी खान ईद की खरीदारी के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान चोर ने मौके का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन सतर्क लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहल्ले के ही निवासी महरून शौकत के पुत्र जॉनी के रूप में की गई है। लोगों ने आरोपी को पकड़कर नगर थाना पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नवादा में मकान निर्माण स्थल से लोहे की चोरी, सीसीटीवी में कैद चोर पकड़ा गया नवादा में मकान निर्माण स्थल से लोहे की चोरी, सीसीटीवी में कैद चोर पकड़ा गया संजय वर्मा नवादा। शहर के नवादा बाईपास स्थित भदौनी मोड़ के समीप गुरुवार की देर रात मकान निर्माण स्थल से लोहे और छड़ चोरी करने का मामला सामने आया है। हालांकि चोरी की यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जाता है कि गुरुवार की रात करीब दो बजे चोर ने निर्माणाधीन मकान में घुसकर लोहे की छड़ और अन्य सामान चोरी करने की कोशिश की। मकान में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। रात में जब कैमरे की फुटेज देखी गई तो उसमें एक व्यक्ति सामान उठाकर ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। मकान मालिक सन्नी खान के भांजे ने बताया कि सन्नी खान ईद की खरीदारी के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान चोर ने मौके का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन सतर्क लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहल्ले के ही निवासी महरून शौकत के पुत्र जॉनी के रूप में की गई है। लोगों ने आरोपी को पकड़कर नगर थाना पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- नवादा में मकान निर्माण स्थल से लोहे की चोरी, सीसीटीवी में कैद चोर पकड़ा गया संजय वर्मा नवादा। शहर के नवादा बाईपास स्थित भदौनी मोड़ के समीप गुरुवार की देर रात मकान निर्माण स्थल से लोहे और छड़ चोरी करने का मामला सामने आया है। हालांकि चोरी की यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जाता है कि गुरुवार की रात करीब दो बजे चोर ने निर्माणाधीन मकान में घुसकर लोहे की छड़ और अन्य सामान चोरी करने की कोशिश की। मकान में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। रात में जब कैमरे की फुटेज देखी गई तो उसमें एक व्यक्ति सामान उठाकर ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। मकान मालिक सन्नी खान के भांजे ने बताया कि सन्नी खान ईद की खरीदारी के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान चोर ने मौके का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन सतर्क लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहल्ले के ही निवासी महरून शौकत के पुत्र जॉनी के रूप में की गई है। लोगों ने आरोपी को पकड़कर नगर थाना पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन पहुंचे दादी मां के घर नवादा #ढोल_नगाड़े से हुआ स्वागत...!2
- गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय बाजार गोविंदपुर बरतल्ला मोड़ पर ड्राईवर संघ एसोसिएशन संघ की बैठक जिला प्रभारी रमेश कुमार की उपस्थिति मे किया गया जिसमे ड्राईवर के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।1
- अकबरपुर प्रखंड भाग संख्या -3 से दो बार के जिला परिषद सदस्य राजकिशोर जी को जदयू पार्टी का जिला अध्यक्ष बनाया गया, प्रखंड व जिला के समस्त जदयू कार्यकर्ता उनके आवास पतरंग पहूंच कर दे रहें हैं बधाई, बातचीत के दौरान जदयू पार्टी के कार्यकताओं ने बता के नवादा जिला को जदयू पार्टी के से नेतृत्व के लिए जिला अध्यक्ष के तौर पर अब बहुत ही बेहतर शख्स मिला है इनके नेतृत्व में जदयू पार्टी नवादा जिला में बहुत मज़बूत होगी।1
- नवादा। जिले के नरहट प्रखंड क्षेत्र में एक युवक की गला रेतकर हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। बताया जाता है कि नरहट प्रखंड अंतर्गत बनिया बीघा गांव के रेहड़ा स्थित गेहूं के खेत से एक युवक का शव बरामद किया गया।1
- बिहार शरीफ - संसद परिसर में Rahul Gandhi के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान “नरेंद्र भी गायब – सिलेंडर भी गायब” जैसे नारों के साथ सरकार को घेरने की कोशिश की गई। विपक्ष ने सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा सवाल उठाया और अपनी नाराजगी जाहिर की।1
- तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नही है 🥀🌺🥱1
- अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) बिहार की सामाजिक संरचना का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस समाज को भी समान अधिकार, संजय वर्मा बिहार नवादा बिहार में अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) बिहार की सामाजिक संरचना का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस समाज को भी समान अधिकार, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए। वर्षों से यह वर्ग राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई बुनियादी सवाल आज भी अनसुलझे हैं। जिस तरह SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के तहत दलित या आदिवासी समाज के किसी व्यक्ति की हत्या या अत्याचार की घटना पर पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और कई मामलों में नौकरी देने जैसी व्यवस्थाएं हैं, उसी तर्ज पर अतिपिछड़ा वर्ग के लिए भी प्रभावी कानून बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही है। यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समाज के कमजोर तबकों को सुरक्षा और न्याय का भरोसा मिलना जरूरी है। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार ने अतिपिछड़ा वर्ग को एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में संगठित किया और लंबे समय से उनकी सरकार इस वर्ग के समर्थन पर टिकी रही है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस समाज को जितना राजनीतिक महत्व मिला, उतना ठोस अधिकार और संरचनात्मक लाभ नहीं मिल पाया। पंचायत और नगर निकाय चुनावों में आरक्षण का मुद्दा भी इसी बहस का हिस्सा है। कई लोगों का मानना है कि यदि 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा के भीतर रहते हुए अधिक हिस्सेदारी दी जाती, तो अतिपिछड़ा समाज को और मजबूत प्रतिनिधित्व मिल सकता था। साथ ही यह भी सच है कि चाहे नैशनल Democratic Alliance हो या Mahagathbandhan, दोनों ही राजनीतिक गठबंधनों पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि उन्होंने अतिपिछड़े वर्ग को स्थायी अधिकार देने के बजाय उसे एक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। यही कारण है कि आज इस समाज के भीतर अपने अधिकारों और हिस्सेदारी को लेकर नई जागरूकता दिखाई दे रही है। अंततः यह स्पष्ट है कि किसी भी समाज की पहचान सिर्फ उसके वोट से नहीं, बल्कि उसके अधिकार, सुरक्षा और सम्मान से तय होती है। अतिपिछड़ा समाज भी अब अपने अधिकारों को समझ रहा है और चाहता है कि उसके मुद्दे सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित न रहें, बल्कि ठोस नीतियों और फैसलों के जरिए वास्तविक बदलाव दिखाई दे। व्यक्ति की पहचान आखिरकार उसके फैसलों से ही होती है।1