टोंक जिले के दूनी क्षेत्र अंतर्गत गांवड़ी GSS के रघुनाथपुरा में एक गंभीर हादसा सामने आया है, जहाँ दुर्गापुरा ढाणी (गांवड़ी) निवासी धनराज बैरवा, जो एक 11 केवी पोल पर काम कर रहा था, बिजली का करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। यह घटना तब हुई जब धनराज को लाइनमैन द्वारा शटडाउन होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन काम के दौरान अचानक बिजली की सप्लाई चालू हो गई। पीड़ित धनराज ने दो पोलों पर अपना काम पूरा कर लिया था, लेकिन तीसरे पोल पर चढ़ते ही 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया, उसके दोनों हाथ और दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, और वह पोल से नीचे गिर गया। धनराज की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे देवली अस्पताल से जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। इस घटना के संबंध में पीड़ित के पिता दुर्गालाल बैरवा ने देवली थाने में लाइनमैन जयशेखर और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य विद्युत कार्मिकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि लाइनमैन ने शटडाउन होने की बात कही थी, लेकिन काम करते समय विद्युत सप्लाई चालू हो गई। परिजनों ने इसे विद्युत निगम कर्मचारियों की घोर लापरवाही का परिणाम बताया है और सवाल उठाया है कि जब शटडाउन लिया गया था, तो फिर 11 केवी लाइन में करंट कैसे आया। परिजनों ने मांग की है कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, पीड़ित को उचित मुआवजा दिया जाए, उसके उपचार का पूरा खर्च सरकार उठाए और इस हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वे अपनी इन मांगों को लेकर देवली उपखंड अधिकारी और बिजली निगम अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं, उनका मानना है कि "सुरक्षा में लापरवाही, किसी की जिंदगी पर भारी" पड़ती है।
टोंक जिले के दूनी क्षेत्र अंतर्गत गांवड़ी GSS के रघुनाथपुरा में एक गंभीर हादसा सामने आया है, जहाँ दुर्गापुरा ढाणी (गांवड़ी) निवासी धनराज बैरवा, जो एक 11 केवी पोल पर काम कर रहा था, बिजली का करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। यह घटना तब हुई जब धनराज को लाइनमैन द्वारा शटडाउन होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन काम के दौरान अचानक बिजली की सप्लाई चालू हो गई। पीड़ित धनराज ने दो पोलों पर अपना काम पूरा कर लिया था, लेकिन तीसरे पोल पर चढ़ते ही 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया, उसके दोनों हाथ और दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, और वह पोल से नीचे गिर गया। धनराज की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे देवली अस्पताल से जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। इस घटना के संबंध में पीड़ित के पिता दुर्गालाल बैरवा ने देवली थाने में लाइनमैन जयशेखर और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य विद्युत कार्मिकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि लाइनमैन ने शटडाउन होने की बात कही थी, लेकिन काम करते समय विद्युत सप्लाई चालू हो गई। परिजनों ने इसे विद्युत निगम कर्मचारियों की घोर लापरवाही का परिणाम बताया है और सवाल उठाया है कि जब शटडाउन लिया गया था, तो फिर 11 केवी लाइन में करंट कैसे आया। परिजनों ने मांग की है कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, पीड़ित को उचित मुआवजा दिया जाए, उसके उपचार का पूरा खर्च सरकार उठाए और इस हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वे अपनी इन मांगों को लेकर देवली उपखंड अधिकारी और बिजली निगम अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं, उनका मानना है कि "सुरक्षा में लापरवाही, किसी की जिंदगी पर भारी" पड़ती है।
- राजस्थान के दूनी में सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर चिकित्सकीय अव्यवस्थाओं के चलते एक युवक की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए लोगों ने दूनी मुख्य बस स्टैंड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। यह आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में समुचित व्यवस्था न होने के कारण युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।2
- जयपुर में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। महिला का दावा है कि उसके मकान पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने की साज़िश की जा रही है।1
- टोंक जिले की टोंक तहसील के हरचनेड़ा ग्राम पंचायत स्थित सड़ा गाँव में सड़क की हालत बेहद खराब है। गाँव के भीतर की पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है और इसमें जगह-जगह पानी भरा रहता है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है। इस जर्जर और पानी से भरी सड़क के कारण खासकर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल पहुँचने के लिए इसी खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन छोटे बच्चों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए। उनकी पुकार है कि यह रास्ता तुरंत दुरुस्त हो ताकि उनकी आवाजाही सुगम हो सके और उन्हें प्रतिदिन की मुश्किलों से निजात मिल सके।1
- केकड़ी में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक मैराथन रैली का आयोजन किया गया। यह रैली वन विभाग और पतंजलि गांधी पार्क योग परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत निकाली गई। सब्जी मंडी स्थित गांधी पार्क से समाजसेवी शिवरतन मूंदड़ा ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः गांधी पार्क पहुँचकर संपन्न हुई। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने "पेड़ लगाओ, धरती को स्वर्ग बनाओ", "हरियाली ही खुशहाली है", "प्रकृति का करो सम्मान, तभी सुरक्षित रहेगा इंसान" और "जल है तो कल है" जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से पर्यावरण एवं जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिवरतन मूंदड़ा ने अपने संबोधन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और हरियाली जैसे अनमोल संसाधन दिए हैं, लेकिन मानव के स्वार्थपूर्ण व्यवहार के कारण ये धरोहर संकट में हैं। उन्होंने जल संकट, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं पर गहरी चिंता जताई। मूंदड़ा ने जोर देकर कहा कि अब केवल बातें करने का समय नहीं है, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों से बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल बचाने, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हम अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान संयोजक सत्यनारायण सोनी और पतंजलि योग समिति के प्रभारी योग शिक्षक जे.पी. सोनी ने भी पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। क्षेत्रीय वन अधिकारी दुर्गेश सैनी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर वनपाल पूनम चौधरी, वन संरक्षक सीताराम कुम्हार, पतंजलि योग समिति के संरक्षक हरनारायण मंत्री, सह प्रभारी सोहनलाल सिसोदिया, युवा भारत प्रभारी राजेन्द्र विजय, महिला प्रभारी रिंकू विजय, निवर्तमान प्रभारी रक्षा विजय, महामंत्री अनिता राठी, संगठन मंत्री पद्मावती लालवानी, सहयोग शिक्षक नोरतमल मूंदड़ा, मीडिया प्रभारी दिनेश वैष्णव, व्यवस्था प्रमुख पदम सांखला और रामचंद्र जेठवानी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष योग साधक एवं नागरिक मौजूद रहे।4
- आज दोपहर चोरु ग्रामवाशियों ने रोडवेज बसों के गाँव के अंदर नहीं जाने की समस्या को लेकर सड़क जाम कर दिया। टोंक जिले के उनियारा में लगे इस चक्का जाम को खुलवाने के लिए डीवाईएसपी आकांशा चौधरी, तहसीलदार धर्मेन्द्र तसेरा और उनियारा एएसआई रतनलाल ने सक्रिय प्रयास किए। लगभग दो घंटे तक चला यह जाम, अधिकारियों की मशक्कत और डीवाईएसपी के कहने पर ग्रामीणों ने हटा दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि रोडवेज बसों को गाँव के अंदर नहीं ले जाने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।1
- स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि उनके इलाके में पिछले 10 सालों से सड़क और नालियों की कोई सफाई नहीं हुई है। इस लंबी अवधि में न तो कोई सरपंच और न ही कोई सदस्य उनकी समस्या सुनने के लिए आया है। लोगों का कहना है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिसके कारण चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है और वे परेशानी झेल रहे हैं।3
- इलाके में सड़क के अभाव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोड न होने के चलते चारों ओर कीचड़ फैल गया है, जिससे यहां से निकलने में बहुत परेशानी हो रही है।1
- टोंक जिले के दूनी क्षेत्र अंतर्गत गांवड़ी GSS के रघुनाथपुरा में एक गंभीर हादसा सामने आया है, जहाँ दुर्गापुरा ढाणी (गांवड़ी) निवासी धनराज बैरवा, जो एक 11 केवी पोल पर काम कर रहा था, बिजली का करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। यह घटना तब हुई जब धनराज को लाइनमैन द्वारा शटडाउन होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन काम के दौरान अचानक बिजली की सप्लाई चालू हो गई। पीड़ित धनराज ने दो पोलों पर अपना काम पूरा कर लिया था, लेकिन तीसरे पोल पर चढ़ते ही 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया, उसके दोनों हाथ और दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, और वह पोल से नीचे गिर गया। धनराज की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे देवली अस्पताल से जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। इस घटना के संबंध में पीड़ित के पिता दुर्गालाल बैरवा ने देवली थाने में लाइनमैन जयशेखर और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य विद्युत कार्मिकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि लाइनमैन ने शटडाउन होने की बात कही थी, लेकिन काम करते समय विद्युत सप्लाई चालू हो गई। परिजनों ने इसे विद्युत निगम कर्मचारियों की घोर लापरवाही का परिणाम बताया है और सवाल उठाया है कि जब शटडाउन लिया गया था, तो फिर 11 केवी लाइन में करंट कैसे आया। परिजनों ने मांग की है कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, पीड़ित को उचित मुआवजा दिया जाए, उसके उपचार का पूरा खर्च सरकार उठाए और इस हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वे अपनी इन मांगों को लेकर देवली उपखंड अधिकारी और बिजली निगम अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं, उनका मानना है कि "सुरक्षा में लापरवाही, किसी की जिंदगी पर भारी" पड़ती है।1