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बीकानेर में चल रहा महापड़ाव में कुछ संत सीएम भजनलाल जी शर्मा के पास गए थे जिनकी मांग यह थी कि जब तक खेजड़ी कटाई का कानून बने तब तक आप लिखित में देना होगा कि खेजड़ी कटाई नहीं होगी राजस्थान में परंतु संत लोग वापस खाली हाथ लौटे थे #खेजड़ी बचाओ #राजस्थान बचाओ
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बीकानेर में चल रहा महापड़ाव में कुछ संत सीएम भजनलाल जी शर्मा के पास गए थे जिनकी मांग यह थी कि जब तक खेजड़ी कटाई का कानून बने तब तक आप लिखित में देना होगा कि खेजड़ी कटाई नहीं होगी राजस्थान में परंतु संत लोग वापस खाली हाथ लौटे थे #खेजड़ी बचाओ #राजस्थान बचाओ
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- बीकानेर में चल रहा महापड़ाव में कुछ संत सीएम भजनलाल जी शर्मा के पास गए थे जिनकी मांग यह थी कि जब तक खेजड़ी कटाई का कानून बने तब तक आप लिखित में देना होगा कि खेजड़ी कटाई नहीं होगी राजस्थान में परंतु संत लोग वापस खाली हाथ लौटे थे #खेजड़ी बचाओ #राजस्थान बचाओ1
- रायपुर (ब्यावर) बाल विवाह के खिलाफ बिगुल, कानून और चेतना से बनेगा बाल विवाह मुक्त समाज बर ग्राम में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से दिशा-आर.सी.डी. समाजसेवी संस्था एवं बाल अधिकारिता विभाग, ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान आज मंगलवार को बर ग्राम पंचायत ने निर्णायक और सशक्त भूमिका निभाई। अभियान के अंतर्गत निकाले गए बाल विवाह मुक्ति रथ को बर ग्राम पंचायत द्वारा समर्थन देकर समाज में एक स्पष्ट संदेश दिया गया कि बाल विवाह के लिए अब कोई जगह नहीं है। इस अवसर पर राजकीय विद्यालय परिसर में निवर्तमान सरपंच महेन्द्र चौहान ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम एवं कानून की शपथ दिलाई और एक तेज-तर्रार, ओजस्वी संबोधन देते हुए कहा “बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि यह बच्चों के सपनों की हत्या है। यह अपराध है, पाप है और कानूनन सजा योग्य है। जिस समाज में बेटा-बेटी पढ़ने की उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिए जाते हैं, वह समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। आज का बच्चा अगर कल देश का भविष्य है, तो उसके हाथ में किताब होनी चाहिए, न कि शादी की रस्मों की बेड़ियाँ।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा “मैं साफ कहना चाहता हूँ, बर पंचायत क्षेत्र में अगर कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिली, तो पंचायत, पुलिस और प्रशासन मिलकर तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा। बाल विवाह करवाने वाला चाहे कितना ही रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।” इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी सुनील सिरवी, विद्यालय प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार मेवाड़ा, बर थाना अधिकारी पन्नालाल माली एवं एएसआई कानाराम ने हस्ताक्षर कर अभियान को मजबूती दी। इसके बाद पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह मुक्ति रथ के साथ जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों, युवाओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पुलिस थाना बर में बाल कल्याण अधिकारी कानाराम द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने भी बाल विवाह रोकथाम के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मूलसिंह गहलोत, मुकेश रावत और गुमानाराम गुर्जर का विशेष सहयोग रहा, जबकि संस्था की ओर से लक्ष्मण सिंह एवं रीना खान पुष्कर ने रथ का नेतृत्व किया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाल विवाह के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून की नहीं, बल्कि सोच बदलने की लड़ाई है। बर ग्राम पंचायत का यह मजबूत कदम निश्चित ही समाज में चेतना जगाएगा और बाल विवाह मुक्त भविष्य की नींव रखेगा।1
- थाना बर पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई1
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- बाल विवाह मुक्ति रथ का झाला की चौकी ग्राम पंचायत द्वारा दिया समर्थन रिपोर्टर शीतल कुमारी प्रजापत सेन्दडा ब्यावर झाला की चौकी ग्राम में दिशा-आर.सी.डी समाजसेवी संस्था एवं बाल अधिकारिता विभाग ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति रथ का झाला की चौकी ग्राम पंचायत द्वारा समर्थन दिया गया । जहां प्रशासक प्रतिनिधि रमेश सिंह, ग्राम विकास अधिकारी आजाद काठात व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झाला की चौकी विद्यालय के प्रधानाचार्य मांगूसिंह ने हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया। इसके पश्चात पंचायत में रथ के साथ रैली निकाली गई और हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर करवाए गए व अभियान को सकारात्मक समर्थन प्रदान किया गया । कार्यक्रम में समस्त ग्रामीणों द्वारा सहयोग प्रदान किया। संस्था से लक्ष्मणसिंह व रीना ने रथ का नेतृत्व किया । इस दौरान ग्रामीण जन मौजूद रहे।2
- मेड़ता के सर्राफा व्यवसाय पंकज सोनी हत्याकांड में परिजन बैठे धरने पर1
- आज जोधपुर में पर्यावरण प्रेमी युवाओं द्वारा अतिरिक्त जिला कलेक्टर महोदय को राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण हेतु एक कठोर एवं प्रभावी कानून शीघ्र बनाए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि खेजड़ी वृक्ष राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान, पर्यावरणीय संतुलन एवं मरुस्थलीय जीवन का आधार है। यह वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए उपयोगी है, बल्कि राजस्थान के इतिहास में इसके संरक्षण हेतु माँ अमृता देवी विश्नोई द्वारा दिया गया बलिदान आज भी प्रेरणास्रोत है। छात्रों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई एवं उपेक्षा लगातार बढ़ रही है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसके बावजूद अब तक खेजड़ी वृक्ष संरक्षण के लिए कोई ठोस एवं सख्त कानून लागू नहीं किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की गई कि खेजड़ी वृक्ष को विशेष संरक्षण प्रदान करते हुए अवैध कटाई करने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया जाए। साथ ही एक पृथक कानून बनाकर इसके संरक्षण को सुनिश्चित किया जाए। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश के युवा एवं पर्यावरण प्रेमी नागरिक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं विधानसभा घेराव जैसे कदम उठाने को विवश होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं प्रशासन की होगी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर महोदय ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उचित माध्यम से राज्य सरकार तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया। इस दौरान गौतम भाटी, कुलदीप बेनीवाल, संजय परिहार, लख सिंह, योगेंद्र मीणा, वीरेंद्र प्रजापत, विशाल गोदारा, अभ्युदय सिंह सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।1
- रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविरों का सफल समापन ,ग्रामीण विकास की दिशा में सशक्त पहल साबित हुए शिविर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास का प्रभावी एवं सशक्त मंच बनकर उभरे हैं। इसी क्रम में 23 जनवरी से 9 फरवरी तक जिले में 54 एकदिवसीय ग्राम उत्थान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों में 449 जनप्रतिनिधियों एवं 1355 विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। शिविरों के माध्यम से 81,294 ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका सीधा लाभ उठाया। प्रमुख सेवाएँ एवं उपलब्धियाँ शिविरों के दौरान प्रधानमंत्री पॉली हाउस योजना के अंतर्गत वंचित ग्राम पंचायतों के लिए 46 आवेदन तैयार किए गए। पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए 10,555 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधियाँ उपलब्ध कराई गईं। सहकारिता क्षेत्र में 6,480 ग्रामीणों को ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई तथा 4,959 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। वहीं 86 युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन तैयार करवाए गए तथा VB-GRAM-G अभियान का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कृषि योजनाओं में जबरदस्त उत्साह कृषि क्षेत्र में शिविरों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। 17,422 किसानों को तारबंदी योजना 8,497 किसानों को फार्म पॉण्ड योजना 4,552 किसानों को बैलों से खेती योजना से संबंधित आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 24,015 किसानों को फसल बीमा, 25,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबंधी जानकारी प्रदान की गई। 4,374 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 12,606 प्रकरणों में मिनी किट वितरण का सत्यापन किया गया तथा 239 किसानों के लिए सोलर पंप योजना के आवेदन तैयार किए गए। बहुविभागीय सहभागिता इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी (RCDF), ऊर्जा, जल संसाधन, उद्योग, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने ग्राम उत्थान शिविरों को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। ग्राम उत्थान शिविर न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहे हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का भी सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।1