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रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविरों का सफल समापन ,ग्रामीण विकास की दिशा में सशक्त पहल साबित हुए शिविर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास का प्रभावी एवं सशक्त मंच बनकर उभरे हैं। इसी क्रम में 23 जनवरी से 9 फरवरी तक जिले में 54 एकदिवसीय ग्राम उत्थान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों में 449 जनप्रतिनिधियों एवं 1355 विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। शिविरों के माध्यम से 81,294 ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका सीधा लाभ उठाया। प्रमुख सेवाएँ एवं उपलब्धियाँ शिविरों के दौरान प्रधानमंत्री पॉली हाउस योजना के अंतर्गत वंचित ग्राम पंचायतों के लिए 46 आवेदन तैयार किए गए। पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए 10,555 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधियाँ उपलब्ध कराई गईं। सहकारिता क्षेत्र में 6,480 ग्रामीणों को ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई तथा 4,959 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। वहीं 86 युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन तैयार करवाए गए तथा VB-GRAM-G अभियान का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कृषि योजनाओं में जबरदस्त उत्साह कृषि क्षेत्र में शिविरों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। 17,422 किसानों को तारबंदी योजना 8,497 किसानों को फार्म पॉण्ड योजना 4,552 किसानों को बैलों से खेती योजना से संबंधित आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 24,015 किसानों को फसल बीमा, 25,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबंधी जानकारी प्रदान की गई। 4,374 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 12,606 प्रकरणों में मिनी किट वितरण का सत्यापन किया गया तथा 239 किसानों के लिए सोलर पंप योजना के आवेदन तैयार किए गए। बहुविभागीय सहभागिता इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी (RCDF), ऊर्जा, जल संसाधन, उद्योग, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने ग्राम उत्थान शिविरों को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। ग्राम उत्थान शिविर न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहे हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का भी सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।

2 hrs ago
user_Shyam Saini
Shyam Saini
Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
2 hrs ago

रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविरों का सफल समापन ,ग्रामीण विकास की दिशा में सशक्त पहल साबित हुए शिविर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास का प्रभावी एवं सशक्त मंच बनकर उभरे हैं। इसी क्रम में 23 जनवरी से 9 फरवरी तक जिले में 54 एकदिवसीय ग्राम उत्थान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों में 449 जनप्रतिनिधियों एवं 1355 विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। शिविरों के माध्यम से 81,294 ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका सीधा लाभ उठाया। प्रमुख सेवाएँ एवं उपलब्धियाँ शिविरों के दौरान प्रधानमंत्री पॉली हाउस योजना के अंतर्गत वंचित ग्राम पंचायतों के लिए 46 आवेदन तैयार किए गए। पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए 10,555 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधियाँ उपलब्ध कराई गईं। सहकारिता क्षेत्र में 6,480 ग्रामीणों को ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई तथा 4,959 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। वहीं 86 युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन तैयार करवाए गए तथा VB-GRAM-G अभियान का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कृषि योजनाओं में जबरदस्त उत्साह कृषि क्षेत्र में शिविरों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। 17,422 किसानों को तारबंदी योजना 8,497 किसानों को फार्म पॉण्ड योजना 4,552 किसानों को बैलों से खेती योजना से संबंधित आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 24,015 किसानों को फसल बीमा, 25,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबंधी जानकारी प्रदान की गई। 4,374 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 12,606 प्रकरणों में मिनी किट वितरण का सत्यापन किया गया तथा 239 किसानों के लिए सोलर पंप योजना के आवेदन तैयार किए गए। बहुविभागीय सहभागिता इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी (RCDF), ऊर्जा, जल संसाधन, उद्योग, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने ग्राम उत्थान शिविरों को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। ग्राम उत्थान शिविर न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहे हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का भी सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।

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  • रायपुर (ब्यावर) बाल विवाह के खिलाफ बिगुल, कानून और चेतना से बनेगा बाल विवाह मुक्त समाज बर ग्राम में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से दिशा-आर.सी.डी. समाजसेवी संस्था एवं बाल अधिकारिता विभाग, ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान आज मंगलवार को बर ग्राम पंचायत ने निर्णायक और सशक्त भूमिका निभाई। अभियान के अंतर्गत निकाले गए बाल विवाह मुक्ति रथ को बर ग्राम पंचायत द्वारा समर्थन देकर समाज में एक स्पष्ट संदेश दिया गया कि बाल विवाह के लिए अब कोई जगह नहीं है। इस अवसर पर राजकीय विद्यालय परिसर में निवर्तमान सरपंच महेन्द्र चौहान ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम एवं कानून की शपथ दिलाई और एक तेज-तर्रार, ओजस्वी संबोधन देते हुए कहा “बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि यह बच्चों के सपनों की हत्या है। यह अपराध है, पाप है और कानूनन सजा योग्य है। जिस समाज में बेटा-बेटी पढ़ने की उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिए जाते हैं, वह समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। आज का बच्चा अगर कल देश का भविष्य है, तो उसके हाथ में किताब होनी चाहिए, न कि शादी की रस्मों की बेड़ियाँ।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा “मैं साफ कहना चाहता हूँ, बर पंचायत क्षेत्र में अगर कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिली, तो पंचायत, पुलिस और प्रशासन मिलकर तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा। बाल विवाह करवाने वाला चाहे कितना ही रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।” इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी सुनील सिरवी, विद्यालय प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार मेवाड़ा, बर थाना अधिकारी पन्नालाल माली एवं एएसआई कानाराम ने हस्ताक्षर कर अभियान को मजबूती दी। इसके बाद पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह मुक्ति रथ के साथ जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों, युवाओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पुलिस थाना बर में बाल कल्याण अधिकारी कानाराम द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने भी बाल विवाह रोकथाम के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मूलसिंह गहलोत, मुकेश रावत और गुमानाराम गुर्जर का विशेष सहयोग रहा, जबकि संस्था की ओर से लक्ष्मण सिंह एवं रीना खान पुष्कर ने रथ का नेतृत्व किया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाल विवाह के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून की नहीं, बल्कि सोच बदलने की लड़ाई है। बर ग्राम पंचायत का यह मजबूत कदम निश्चित ही समाज में चेतना जगाएगा और बाल विवाह मुक्त भविष्य की नींव रखेगा।
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    रायपुर (ब्यावर)
बाल विवाह के खिलाफ बिगुल, कानून और चेतना से बनेगा बाल विवाह मुक्त समाज
बर ग्राम में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से दिशा-आर.सी.डी. समाजसेवी संस्था एवं बाल अधिकारिता विभाग, ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान आज मंगलवार को बर ग्राम पंचायत ने निर्णायक और सशक्त भूमिका निभाई। अभियान के अंतर्गत निकाले गए बाल विवाह मुक्ति रथ को बर ग्राम पंचायत द्वारा समर्थन देकर समाज में एक स्पष्ट संदेश दिया गया कि बाल विवाह के लिए अब कोई जगह नहीं है। इस अवसर पर राजकीय विद्यालय परिसर में निवर्तमान सरपंच महेन्द्र चौहान ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम एवं कानून की शपथ दिलाई और एक तेज-तर्रार, ओजस्वी संबोधन देते हुए कहा “बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि यह बच्चों के सपनों की हत्या है। यह अपराध है, पाप है और कानूनन सजा योग्य है। जिस समाज में बेटा-बेटी पढ़ने की उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिए जाते हैं, वह समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। आज का बच्चा अगर कल देश का भविष्य है, तो उसके हाथ में किताब होनी चाहिए, न कि शादी की रस्मों की बेड़ियाँ।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा “मैं साफ कहना चाहता हूँ, बर पंचायत क्षेत्र में अगर कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिली, तो पंचायत, पुलिस और प्रशासन मिलकर तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा। बाल विवाह करवाने वाला चाहे कितना ही रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी सुनील सिरवी, विद्यालय प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार मेवाड़ा, बर थाना अधिकारी पन्नालाल माली एवं एएसआई कानाराम ने हस्ताक्षर कर अभियान को मजबूती दी। इसके बाद पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह मुक्ति रथ के साथ जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों, युवाओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पुलिस थाना बर में बाल कल्याण अधिकारी कानाराम द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने भी बाल विवाह रोकथाम के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मूलसिंह गहलोत, मुकेश रावत और गुमानाराम गुर्जर का विशेष सहयोग रहा, जबकि संस्था की ओर से लक्ष्मण सिंह एवं रीना खान पुष्कर ने रथ का नेतृत्व किया।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाल विवाह के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून की नहीं, बल्कि सोच बदलने की लड़ाई है। बर ग्राम पंचायत का यह मजबूत कदम निश्चित ही समाज में चेतना जगाएगा और बाल विवाह मुक्त भविष्य की नींव रखेगा।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    53 min ago
  • थाना बर पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई
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    थाना बर पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    7 hrs ago
  • बीकानेर में चल रहा महापड़ाव में कुछ संत सीएम भजनलाल जी शर्मा के पास गए थे जिनकी मांग यह थी कि जब तक खेजड़ी कटाई का कानून बने तब तक आप लिखित में देना होगा कि खेजड़ी कटाई नहीं होगी राजस्थान में परंतु संत लोग वापस खाली हाथ लौटे थे #खेजड़ी बचाओ #राजस्थान बचाओ
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    बीकानेर में चल रहा महापड़ाव में कुछ संत सीएम भजनलाल जी शर्मा के पास गए थे जिनकी मांग यह थी कि जब तक खेजड़ी कटाई का कानून बने तब तक आप लिखित में देना होगा कि खेजड़ी कटाई नहीं होगी राजस्थान में
परंतु संत लोग वापस खाली हाथ लौटे थे 
#खेजड़ी बचाओ 
#राजस्थान बचाओ
    user_Aims media
    Aims media
    बिलारा, जोधपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Tarusingh
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    Post by Tarusingh
    user_Tarusingh
    Tarusingh
    भीम, राजसमंद, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • भट्टसुरीवनाडकोजोडनवालीसडकपुरीतरेसेगृसतहोचुकीपरको।इस वा।ईनहीहै
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    भट्टसुरीवनाडकोजोडनवालीसडकपुरीतरेसेगृसतहोचुकीपरको।इस वा।ईनहीहै
    user_Bhanwar Lal
    Bhanwar Lal
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • मेड़ता के सर्राफा व्यवसाय पंकज सोनी हत्याकांड में परिजन बैठे धरने पर
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    मेड़ता के सर्राफा व्यवसाय पंकज सोनी हत्याकांड में परिजन बैठे धरने पर
    user_रमेश सिंह
    रमेश सिंह
    पत्रकार मेड़ता, नागौर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by Babar news
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    Post by Babar news
    user_Babar news
    Babar news
    मेड़ता, नागौर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविरों का सफल समापन ,ग्रामीण विकास की दिशा में सशक्त पहल साबित हुए शिविर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास का प्रभावी एवं सशक्त मंच बनकर उभरे हैं। इसी क्रम में 23 जनवरी से 9 फरवरी तक जिले में 54 एकदिवसीय ग्राम उत्थान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों में 449 जनप्रतिनिधियों एवं 1355 विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। शिविरों के माध्यम से 81,294 ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका सीधा लाभ उठाया। प्रमुख सेवाएँ एवं उपलब्धियाँ शिविरों के दौरान प्रधानमंत्री पॉली हाउस योजना के अंतर्गत वंचित ग्राम पंचायतों के लिए 46 आवेदन तैयार किए गए। पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए 10,555 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधियाँ उपलब्ध कराई गईं। सहकारिता क्षेत्र में 6,480 ग्रामीणों को ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई तथा 4,959 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। वहीं 86 युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन तैयार करवाए गए तथा VB-GRAM-G अभियान का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कृषि योजनाओं में जबरदस्त उत्साह कृषि क्षेत्र में शिविरों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। 17,422 किसानों को तारबंदी योजना 8,497 किसानों को फार्म पॉण्ड योजना 4,552 किसानों को बैलों से खेती योजना से संबंधित आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 24,015 किसानों को फसल बीमा, 25,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबंधी जानकारी प्रदान की गई। 4,374 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 12,606 प्रकरणों में मिनी किट वितरण का सत्यापन किया गया तथा 239 किसानों के लिए सोलर पंप योजना के आवेदन तैयार किए गए। बहुविभागीय सहभागिता इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी (RCDF), ऊर्जा, जल संसाधन, उद्योग, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने ग्राम उत्थान शिविरों को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। ग्राम उत्थान शिविर न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहे हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का भी सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।
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    रायपुर (ब्यावर)
ग्राम उत्थान शिविरों का सफल समापन ,ग्रामीण विकास की दिशा में सशक्त पहल साबित हुए शिविर 
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास का प्रभावी एवं सशक्त मंच बनकर उभरे हैं। इसी क्रम में 23 जनवरी से 9 फरवरी तक जिले में 54 एकदिवसीय ग्राम उत्थान शिविरों का सफल आयोजन किया गया।
इन शिविरों में 449 जनप्रतिनिधियों एवं 1355 विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। शिविरों के माध्यम से 81,294 ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका सीधा लाभ उठाया।
प्रमुख सेवाएँ एवं उपलब्धियाँ
शिविरों के दौरान प्रधानमंत्री पॉली हाउस योजना के अंतर्गत वंचित ग्राम पंचायतों के लिए 46 आवेदन तैयार किए गए। पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए 10,555 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधियाँ उपलब्ध कराई गईं।
सहकारिता क्षेत्र में 6,480 ग्रामीणों को ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई तथा 4,959 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। वहीं 86 युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन तैयार करवाए गए तथा VB-GRAM-G अभियान का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
कृषि योजनाओं में जबरदस्त उत्साह
कृषि क्षेत्र में शिविरों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
17,422 किसानों को तारबंदी योजना
8,497 किसानों को फार्म पॉण्ड योजना
4,552 किसानों को बैलों से खेती योजना
से संबंधित आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त 24,015 किसानों को फसल बीमा, 25,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
4,374 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 12,606 प्रकरणों में मिनी किट वितरण का सत्यापन किया गया तथा 239 किसानों के लिए सोलर पंप योजना के आवेदन तैयार किए गए।
बहुविभागीय सहभागिता
इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी (RCDF), ऊर्जा, जल संसाधन, उद्योग, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने ग्राम उत्थान शिविरों को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
ग्राम उत्थान शिविर न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहे हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का भी सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
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