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गांव बसेडा में चोरों ने विधुत ट्रासफार्मरों पर धावा बोल दिया। चोर एलटी लाइन के तार काटकर दो किसानों के ट्रासफार्मर चोरी कर ले गए। जिससे किसानों में रोष है। पीडित किसानों ने चोरों के विरुद्ध छपार पुलिस से शिकायत की है।
Amit Sharma
गांव बसेडा में चोरों ने विधुत ट्रासफार्मरों पर धावा बोल दिया। चोर एलटी लाइन के तार काटकर दो किसानों के ट्रासफार्मर चोरी कर ले गए। जिससे किसानों में रोष है। पीडित किसानों ने चोरों के विरुद्ध छपार पुलिस से शिकायत की है।
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- मुजफ्फरनगर के Nh 58 पुलिस चौकी रुड़की चुंगी के पास मैं लगा गंदगी का ढेर आने जाने वाले सभी व्यक्तियों को गंदगी की दुर्गंध वे स्थानीय लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है इस गंदगी से काफी परेशानियां हो रही है आने जाने वाले सभी लोगों को इस दुर्गंध को झेलना पड़ता है प्रशासन इस चीज का ध्यान नहीं रख पा रहा है नगर पालिका द्वारा की यहां खुले में कूड़ा डाल रखा है आने वाली बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है1
- मुज़फ्फरनगर | खबर मुज़फ्फरनगर में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल चौबे के निर्देशानुसार शहर के प्रमुख अटल चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा रूटीन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया व चारपहिया वाहनों को रोककर दस्तावेज़ों की जांच, हेलमेट व सीट बेल्ट की अनिवार्यता सहित यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। अचानक हुई चेकिंग से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। आपको बता दें कि बढ़ती ठंड और घने कोहरे के चलते सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा देखने को मिल रहा है, जिसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। 🚦1
- Post by Ssnews UTTAR PRDESH1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुजफ्फरनगर गांव बिहारी सादात में हर साल की तरह इस साल भी हजरत अली की पैदाइश पर केक काटकर मनाया जशन1
- रिया किन्नर ने उठाई अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की मांग –महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ रिया किन्नर का तीखा ऐलान मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता व किन्नर समाज की चर्चित आवाज रिया किन्नर ने एक बार फिर सत्ता और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए रिया किन्नर ने मामले की सीबीआई जांच की जोरदार मांग की है। शनिवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से डगमगा रहा है। “महिलाओं की सुरक्षा में सेंध बर्दाश्त नहीं” रिया किन्नर ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा में सेंध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, जब तक उन कानूनों को ईमानदारी से लागू नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं है। सड़कों से संसद तक लड़ाई का ऐलान रिया किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच नहीं हुई तो यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने किन्नर समाज सहित सभी सामाजिक संगठनों और महिलाओं से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की। सरकार से सीधा सवाल उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “आखिर कब तक बेटियों को न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा? क्या दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनता को हर बार सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा?” इस बयान के बाद रिया किन्नर का यह कदम सोशल मीडिया और जनआंदोलनों में चर्चा का विषय बन गया है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की इस लड़ाई में एक बार फिर समाज के हर वर्ग से समर्थन की उम्मीद की जा रही है।1
- मुजफ्फरनगर के ग्राम पीनना NHAI हाईवे पर किसानों ने दे रखा था 3 साल से धरना किसने की मांग थी कि यहां पर अंडर पास ना बनाएं किसने की मांग थी यहां पर पुल का निर्माण ही कराया जाए ताकि यहां से चार-पांच गांव के लिए रास्ता जाता है अंडर पास बनने पर जल भराव की समस्या ज्यादा रहती है इसी वजह से यहां पर पुल का निर्माण कराया जाएगा किसानों का 3 साल से धरना देखते हुए सरकार इस बात को मान गई है कि यहां पर अब पल का ही निर्माण कराया जाएगा फूल निर्माण के लिए जो रसूल से कम शुरू कर दिया गया1
- मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग की सराहनीय पहल: रंग-रोगन और सफाई से निखरा राजकीय नलकूप नंबर 33, अभियंता के निर्देशन में किया गया कार्य मुजफ्फरनगर, 04 जनवरी 2026: जिले के सिंचाई विभाग ने सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। विभाग के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित राजकीय नलकूप क्रमांक 33 को विशेष अभियान के तहत ऑपरेटरों की देखरेख में रंग-रोगन और साफ-सफाई के बाद एक नया स्वरूप दिया गया है। यह समस्त कार्य संबंधित क्षेत्र के अभियंता के कुशल निर्देशन और पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। यह कदम पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नलकूप सुरक्षा एवं रखरखाव के संदर्भ में प्रासंगिक पहल जिस समय जनपद के कई हिस्सों में नलकूपों से उपकरण चोरी होने और जल स्रोतों के उचित रखरखाव को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है। विभागीय नलकूपों का व्यवस्थित रखरखाव न केवल उनकी आयु बढ़ाता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं को साफ पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है। इससे पहले भी विभाग के कार्यों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, जिनमें सड़क निर्माण में कथित गुणवत्ता की कमी के मामले भी शामिल रहे हैं। ऐसे में, नलकूप नंबर 33 का यह सौंदर्यीकरण और सफाई का कार्य एक सुखद अपवाद प्रतीत होता है। कार्य संपादन में निभाई गई भूमिका इस पूरे अभियान का श्रेय सिंचाई विभाग के संबंधित क्षेत्र के अभियंता को जाता है, जिनके प्रभावी निर्देशन में कार्य को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। मैदानी स्तर पर नलकूप के ऑपरेटरों ने अथक परिश्रम कर इसे नया रूप दिया। उनकी देखरेख में नलकूप परिसर की गहन सफाई की गई और फिर उसे नए सिरे से रंगा-पुता गया। इस प्रयास से न केवल नलकूप की कार्यकुशलता बनी रहेगी, बल्कि उसके आसपास का वातावरण भी स्वच्छ और आकर्षक बन गया है। स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों की व्यापक पृष्ठभूमि उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए हुए है। हाल ही में, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कमल किशोर कंडारकर द्वारा की गई जांच में सिंचाई विभाग द्वारा बनवाई गई तीन सड़कों की गुणवत्ता में गंभीर खामियाँ पाई गई थीं, जिसके बाद 89 लाख रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। इसी तरह, एक अन्य घटना में सड़क निर्माण के कथित घटिया कार्य के विरोध में एक समाजसेवी द्वारा भूख हड़ताल भी देखने को मिली थी। इन घटनाओं के बीच, नलकूप नंबर 33 का सफल सौंदर्यीकरण विभाग के एक अच्छे चेहरे के रूप में सामने आया है। जनता और कर्मचारियों के बीच मजबूत होगा विश्वास इस पहल का सीधा लाभ उस नलकूप का उपयोग करने वाले स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिन्हें अब एक स्वच्छ और आकर्षक स्थल पर स्वच्छ पानी प्राप्त होगा। इससे जल संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही, यह कार्य विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है, जिसकी कमी के कारण कभी-कभी किसान नेताओं और विभागीय कर्मियों के बीच तनाव की स्थिति भी बन जाती है। निष्कर्ष: एक अनुकरणीय कदम मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग द्वारा राजकीय नलकूप नंबर 33 का रखरखाव और सौंदर्यीकरण एक अनुकरणीय पहल है। यह दर्शाता है कि उचित नेतृत्व और टीम वर्क के साथ सार्वजनिक संपत्तियों को बेहतर बनाया जा सकता है। आशा की जाती है कि विभाग इसी तरह अपने अन्य जल स्रोतों और बुनियादी ढांचों के रखरखाव पर भी ध्यान देगा, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें और जिले का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।2
- मुज़फ्फरनगर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में नव निर्माण कार्य को लेकर अब स्पष्ट रूप से तेजी देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद निर्माण कार्य में आई रफ्तार ने प्रशासनिक सक्रियता का संकेत दिया है। वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिलाधिकारी कार्यालय के नव निर्माण को लेकर कार्य प्रगति पर है। लंबे समय से प्रस्तावित इस निर्माण को लेकर अब ज़मीनी स्तर पर काम तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाई गई है और आवश्यक संसाधन भी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी उमेश मिश्रा स्वयं निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया जिलाधिकारी कार्यालय जल्द से जल्द तैयार हो सके, जिससे आम जनता और अधिकारियों दोनों को बेहतर व्यवस्था मिल सके। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि निर्माण कार्य में आई यह तेजी भविष्य में प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुचारू बनाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तय समयसीमा में यह नव निर्माण कार्य किस हद तक पूरा हो पाता है।1