प्रतापगढ़ के वाटर वर्क्स रोड स्थित अमन नगर की सागर कॉलोनी में राम श्याम मार्केट के सामने साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है। 31 मई को मिली जानकारी के अनुसार, नगर परिषद द्वारा इस क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते समय पर सफाई कार्य नहीं हो पा रहा है। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी और जन प्रतिनिधि सभी ‘कुंभकरण की नींद’ में सोए हुए हैं और क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार मौखिक रूप से नगर परिषद के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को इस परेशानी से अवगत कराया है, लेकिन इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। लोग इस गंभीर अनदेखी से खासे परेशान हैं और उन्होंने मांग की है कि नगर परिषद द्वारा समय रहते उन्हें इन समस्याओं से निजात दिलाई जाए और अपनी आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाएं।
प्रतापगढ़ के वाटर वर्क्स रोड स्थित अमन नगर की सागर कॉलोनी में राम श्याम मार्केट के सामने साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है। 31 मई को मिली जानकारी के अनुसार, नगर परिषद द्वारा इस क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते समय पर सफाई
कार्य नहीं हो पा रहा है। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी और जन प्रतिनिधि सभी ‘कुंभकरण की नींद’ में सोए हुए हैं और क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार मौखिक रूप से नगर परिषद के अधिकारियों
और जन प्रतिनिधियों को इस परेशानी से अवगत कराया है, लेकिन इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। लोग इस गंभीर अनदेखी से खासे परेशान हैं और उन्होंने मांग की है कि नगर परिषद द्वारा समय रहते उन्हें इन समस्याओं से निजात दिलाई जाए और अपनी आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाएं।
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफ़नी ट्रंप अपने दामाद माइकल बुलोस के साथ ताजमहल देखने के लिए पहुँचीं।1
- रामपुरा में तुलसी विवाह महोत्सव के तहत भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की भव्य बारात निकाली गई। इस धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर आयोजन में नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाराती बनकर भजन-कीर्तन पर श्रद्धा भाव से झूमते नजर आए। भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की यह बारात कल्याण राय मंदिर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार, शिवाजी चौराहा और लालबाग सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कल्याण राय मंदिर पहुँची। बारात में सजे-धजे हाथी और घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहाँ भगवान शालिग्राम स्वयं हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। मार्गभर उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बारात के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान की बिंदोली का पुष्पवर्षा एवं आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया, तथा जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए और प्रसाद वितरण भी किया गया। भक्तिमय वातावरण में गूंजते भजनों और जयकारों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, कल तुलसी विवाह का मुख्य धार्मिक आयोजन संपन्न होगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संस्कार संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।4
- नीमच जिले के बिसलवास कला गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। इस दौरान लोगों ने मिलकर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना।1
- नीमच जिले के कुकड़ेश्वर में कुशवाह समाज द्वारा एक संयुक्त सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में उन सभी विद्यार्थियों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। विद्यार्थियों के साथ-साथ, प्रगतिशील किसानों, विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और समाज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी विशेष सम्मान किया गया, जिससे कुकड़ेश्वर में कुशवाह समाज का यह प्रतिभा सम्मान समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- गोभक्ति, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायी दृश्य रविवार को श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ, डूंगला में देखने को मिला। बड़ीसादड़ी निवासी एक गौभक्त भामाशाह परिवार ने गौशाला पहुंचकर गोमाता की पूजा-अर्चना की और गोसेवा का पुण्य लाभ अर्जित किया। इस परिवार ने एक टेंपो भरकर ताजे फल एवं हरी सब्जियां गौशाला में पहुंचाईं, जिसके बाद गोवंश को श्रद्धा और स्नेहपूर्वक ये फल-सब्जियां खिलाई गईं। परिवार की गोमाता के प्रति गहरी आस्था और सेवा भावना को देखकर उपस्थित लोगों ने इसकी हृदय से सराहना की। इस अवसर पर गौभक्तों ने गोसेवा को भारतीय संस्कृति में सबसे श्रेष्ठ बताया, इसे केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर गौशालाओं में सहयोग कर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। पूजा-अर्चना और गोसेवा के पश्चात गोवंश के सुख, समृद्धि और संरक्षण की कामना की गई, जिससे गौशाला परिसर में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला और उपस्थित जन भावविभोर हो गए। सेवा कार्य के दौरान वातावरण भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ डूंगला परिवार की ओर से भामाशाह परिवार का अभिनंदन करते हुए उनके इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। गौशाला प्रबंधन ने जोर दिया कि ऐसे सेवा कार्य समाज में गोसंवर्धन और गोसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।3
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में बेहद गंभीर दावे किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि झुग्गियों (झोपड़ियों) में चार-चार AC लगे हैं, और उनके लिए कोई बिजली बिल भी नहीं चुकाया जाता। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इन झुग्गियों में रहने वाले 99% लोग बांग्लादेशी मुस्लिम हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेसियों, समाजवादियों और TMC जैसे दलों ने देश हित को दरकिनार करते हुए, केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए इन लोगों को बसाया है। यह रिपोर्ट एक तीखा सवाल उठाती है कि 'अमीरों से नफरत करना आसान है, लेकिन क्या गरीबों से नफरत करने का साहस है?' साथ ही, यह आरोप भी लगाया गया है कि राजनीतिक दलों ने देश के राष्ट्रीय हितों को ताक पर रखकर, सिर्फ वोट हासिल करने के मकसद से इस वर्ग को संरक्षण दिया है।1
- मंदसौर प्रशासन ने शहर की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से विकास कार्य शुरू किए थे, लेकिन इन पहलों से जनता को हुई 'पीड़ा' सहन नहीं हुई, जिसके चलते बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रशासन ने इन कार्यों को विकास की दिशा में एक कदम बताया, हालांकि जनता ने इसकी कीमत चुकाने से इनकार कर दिया। विवाद का मुख्य केंद्र सरदार वल्लभ भाई पटेल चौराहा था, जहाँ प्रशासन ने यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए 'वन-वे' प्रणाली लागू की थी। इस बदलाव के कारण गलत दिशा में वाहन चलाने वालों की आवाजाही रुक गई और लोगों को घूमकर आना पड़ रहा था। इसी बात को लेकर जनता में गहरा असंतोष फैल गया और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जनता की इस 'हठ धर्मिता' को देखते हुए प्रशासन को झुकना पड़ा। उन्होंने बैरिकेड्स हटाकर गलत दिशा से आवाजाही को फिर से शुरू करवा दिया। प्रशासन ने यह मान लिया कि यदि जनता विकास नहीं चाहती है, तो वे वही करें जो उन्हें उचित लगे। अब सभी की निगाहें 'आदर्श सड़क' पर हैं कि आगे क्या होता है, जहाँ एक तरफ एक और आदर्श सड़क बनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क मार्ग को लेकर यह 'नूरी कुश्ती' जारी है।1
- रामपुरा के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का पूर्णाहुति और महाप्रसादी कार्यक्रम के साथ भव्य समापन हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री योगेन्द्र कुमार फरक्या (शिक्षक) की 41 वर्ष की शासकीय सेवा पूर्ण होने पर उनकी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में यह धार्मिक आयोजन किया गया था। समापन अवसर पर कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। अंतिम दिन पूर्णाहुति यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया, और वैदिक मंत्रोच्चार तथा भगवान श्रीकृष्ण के जयघोषों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान रहा। प्रसिद्ध भागवत आचार्य पंडित सोनू जी शास्त्री मौलकी वाले ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों, खासकर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म और मानव जीवन के आदर्श मूल्यों का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रवचनों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। आयोजक परिवार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रचंड गर्मी को देखते हुए शीतल पेयजल, छायादार पंडाल, पंखों और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। महाप्रसादी वितरण के भी सुव्यवस्थित प्रबंध थे, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई। पूर्णाहुति के अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस आयोजन के सफल संचालन में समाजजनों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजक परिवार ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं और सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग और भगवान की कृपा से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महाआरती और महाप्रसादी वितरण के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हुआ।4
- इंदौर-खंडवा रोड पर सिमरोल के पास भैरवघाट पर नर्मदा-क्षिप्रा लिंक पाइपलाइन एक तेज धमाके के साथ फट गई। पाइपलाइन फटने से पानी कई फीट की ऊंचाई तक फव्वारे के रूप में निकला, जिसकी धार हाईटेंशन लाइन तक पहुंच गई। इस घटना के कारण हजारों गैलन पानी सड़क पर बह गया, जिससे सड़क किनारे स्थित कई मकानों और ढाबों में पानी घुस गया।1