उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में अलग-अलग स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को जल्द रिहा नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी। वहीं दूसरी ओर, अमेठी के अंबेडकर तिराहे पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए गलत कदम बताया और राहुल गांधी को तुरंत रिहा करने की मांग की। दोनों प्रदर्शन स्थलों पर पुलिस बल मुस्तैद रहा और पूरा घटनाक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में अलग-अलग स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों की
अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को जल्द रिहा नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी। वहीं दूसरी ओर, अमेठी के अंबेडकर तिराहे पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए गलत कदम बताया और राहुल गांधी को तुरंत रिहा करने की मांग की। दोनों प्रदर्शन स्थलों पर पुलिस बल मुस्तैद रहा और पूरा घटनाक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में अलग-अलग स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को जल्द रिहा नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी। वहीं दूसरी ओर, अमेठी के अंबेडकर तिराहे पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए गलत कदम बताया और राहुल गांधी को तुरंत रिहा करने की मांग की। दोनों प्रदर्शन स्थलों पर पुलिस बल मुस्तैद रहा और पूरा घटनाक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।2
- लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि मासूम बच्चों को लाठियां खानी पड़ीं और बेटियों के कपड़े तक फाड़े गए। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ये बच्चे संसद भवन तक केवल इसलिए आए थे ताकि वे सरकार को यह बता सकें कि उसका पूरा सिस्टम बीमार पड़ गया है और वह बिल्कुल भी काम नहीं कर रहा है। लेकिन व्यवस्था की कमी बताने की कोशिश करने वाले इन मासूम बच्चों के साथ ऐसा हिंसक बर्ताव किया गया।1
- अमेठी के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के भद्दौर गांव में जमीन के विवाद में एक सगे भाई ने अपने ही भाई की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के 24 घंटे के भीतर हत्यारोपित भाई, उसके बेटे और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक टूटी हुई हॉकी भी बरामद कर ली है। सोमवार की सुबह गांव के बाहर राम करन का रक्तरंजित शव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक राम करन का अपने सगे भाई गया प्रसाद चौहान के साथ काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद गया प्रसाद ने अपने बेटे दीपक के साथ मिलकर राम करन को जान से मारने की योजना बनाई। दीपक ने इस साजिश में अपने एक अन्य साथी विरई उर्फ तेज प्रताप को भी बुला लिया, जिसे तेजवीर भी कहा जाता है। इसके बाद तीनों ने मिलकर राम करन पर चाकू और हॉकी से हमला कर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महज जमीन के एक टुकड़े के लिए सगे भाई द्वारा की गई इस हत्या ने अमेठी में पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है।2
- अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन चक्रव्यूह" अभियान के तहत पुलिस और शातिर चोरों के बीच मुठभेड़ हो गई। मंगलवार तड़के रोहसी खुर्द गांव स्थित टीवी टावर के पास हुई इस मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके तीन अन्य साथियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से पिकअप सवार संदिग्धों के रोहसी खुर्द से टीवी टावर की तरफ जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर पिकअप सवार भागने लगे और आरोपियों में से एक ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल आरोपी की पहचान गौरीगंज के संपतपुर मजरे गुवावां निवासी अख्तर हुसैन उर्फ राजू (30 वर्ष) के रूप में हुई। उसके पास से एक तमंचा, कारतूस और ₹9,000 बरामद हुए। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में जामो थाना क्षेत्र के निवासी दद्दन प्रसाद वर्मा (31 वर्ष), मोहम्मद रईस उर्फ बब्लू (40 वर्ष) और तेजबहादुर (45 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल ₹32,200 नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक पिकअप, तीन रस्सियां, टॉर्च, चाकू, पेचकस और प्लायर बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भैंस, पड़वा और सोलर पैनल चोरी कर बेचने का काम करते थे। उन्होंने करीब 12 दिन पहले ग्राम लोनियन का पुरवा से एक भैंस और एक पड़वा चोरी कर ₹60,000 में बेचने और पूर्व में बासूपुर व अत्तानगर पंचायत भवन से सोलर पैनल चोरी करने की बात भी कबूली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घायल अख्तर हुसैन उर्फ राजू के खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत अमेठी जिले में 16 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं तेजबहादुर पर छह और मोहम्मद रईस पर दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- जंतर मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस एक्टिव हो गई है। मंगलवार रात 1 बजे सुलतानपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने जनपद वासियों से शांति, सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखने की अपील की है। अपील में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी को अपनी कोई बात या मांग रखनी है, तो उसे केवल शांतिपूर्ण और वैधानिक माध्यम से उचित अनुमति प्राप्त करके ही प्रस्तुत किया जाए। प्रशासन ने लोगों से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाज में वैमनस्य फैलाने वाली, भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करने को कहा है। इसके साथ ही लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने, उन्हें आगे न बढ़ाने और कानून का पालन करते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। जनपद सुलतानपुर में धारा-163 (BNSS), जो पूर्व में धारा-144 Cr PC थी, 31 जुलाई तक प्रभावी है। इस धारा का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी अपील के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर बृजनारायण सिंह ने भी बयान जारी किया है।1
- दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के पास से नेता प्रतिपक्ष सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी एवं अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित जन भवन का घेराव किया। जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया।1
- प्रधानमंत्री आवास के सामने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में सुलतानपुर कलेक्ट्रेट गेट पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष शहजाद अहमद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सपाई कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन का प्रयास किया, जिसे क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने विफल कर दिया। कलेक्ट्रेट से विकास भवन गेट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक होती रही, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा गया। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव तेजिंदर सिंह बग्गा, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष शहज़ाद अमहद, वरिष्ठ सपा नेता शिवम पांडे, एडवोकेट अशोक सिंह बिसेन, अमरीश, योगेश यादव, सुल्तान खान मोनू, आसिफ खान, बिस्मिल्लाह, अमजद खान, सईद अहमद, राजू चौधर, इंफ़ान अहमद पीटू और पवन यादव आदि सपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।1