मानव अधिकार संगठन के नाम पर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार सीतापुर (सरगुजा), 22 अप्रैल 2026। सरगुजा पुलिस ने मानव अधिकार संगठन का नाम लेकर ग्रामीणों को डराकर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 हजार रुपये नकद एवं घटना में प्रयुक्त एक इनोवा वाहन जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, थाना सीतापुर क्षेत्र के ग्राम नकना निवासी सुरेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब 12:30 बजे 6 अज्ञात लोग खुद को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर उसके घर में घुस आए। उन्होंने घर की तलाशी लेते हुए अवैध शराब बनाने का आरोप लगाकर 20 हजार रुपये की मांग की और केस में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण प्रार्थी ने 4 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने गांव के दूसरे मोहल्ले में पहुंचकर बिंदु महंत के घर भी इसी तरह दबाव बनाया और क्लीनिक चलाने का आरोप लगाते हुए 1 लाख रुपये की मांग की। वहां से भी 1 हजार रुपये वसूल कर फरार हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने सरगुजा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इसी तरह वसूली करने की बात स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपियों में श्याम लाल सारथी, रामाकांत मिंज, अनुज भगत, आकाश केरकेट्टा, अबित खेस एवं एक महिला शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के निवासी हैं और संगठित तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। वहीं, इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अखिलेश सिंह सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार के फर्जी संगठनों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मानव अधिकार संगठन के नाम पर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार सीतापुर (सरगुजा), 22 अप्रैल 2026। सरगुजा पुलिस ने मानव अधिकार संगठन का नाम लेकर ग्रामीणों को डराकर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 हजार रुपये नकद एवं घटना में प्रयुक्त एक इनोवा वाहन जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, थाना सीतापुर क्षेत्र के ग्राम नकना निवासी सुरेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब 12:30 बजे 6 अज्ञात लोग खुद को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर उसके घर में घुस आए। उन्होंने घर की तलाशी लेते हुए अवैध शराब बनाने का आरोप लगाकर 20 हजार रुपये की मांग की और केस में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण प्रार्थी ने 4 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने गांव के दूसरे मोहल्ले में पहुंचकर बिंदु महंत के घर भी इसी तरह दबाव बनाया और क्लीनिक चलाने का आरोप लगाते हुए 1 लाख रुपये की मांग की। वहां से भी 1 हजार रुपये वसूल कर फरार हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने सरगुजा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इसी तरह वसूली करने की बात स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपियों में श्याम लाल सारथी, रामाकांत मिंज, अनुज भगत, आकाश केरकेट्टा, अबित खेस एवं एक महिला शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के निवासी हैं और संगठित तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। वहीं, इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अखिलेश सिंह सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार के फर्जी संगठनों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- महिला आरक्षण पर भ्रम फैलाने का आरोप, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल,,,, सूरजपुर, में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है,जारी बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे को वास्तविक रूप से लागू करने के बजाय उसे एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक रही है, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा द्वारा यह प्रचारित करना कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है,उनके अनुसार,वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है और जनता को भ्रमित करने के लिए इस प्रकार की बातें सामने लाई जा रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही बन चुका है कानून शशि सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106 वां संविधान संशोधन) के नाम से जाना जाता है, संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है। इस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं और यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है,उन्होंने कहा कि जब यह कानून पहले ही पारित हो चुका है, तो यह कहना कि विपक्ष के कारण महिला आरक्षण लागू नहीं हो सका, पूरी तरह गलत है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कानून के लागू होने की समयसीमा भविष्य की जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ी हुई है, जिससे इसके तत्काल प्रभाव में आने में देरी हो रही है। 131वां संविधान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने 16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि इस विधेयक को महिला आरक्षण के नाम पर प्रस्तुत किया गया, जबकि इसका मुख्य उद्देश्य परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाना था,उन्होंने बताया कि इस विधेयक में लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव शामिल था, जिसमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जानी थीं,इसके अलावा, परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात भी कही गई थी,शशि सिंह के अनुसार,कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई, क्योंकि उनका मानना था कि पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करना उचित नहीं है। कांग्रेस का दावाः महिला आरक्षण की हमेशा रही समर्थक शशि सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में कांग्रेस ने हमेशा पहल की है,उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि 1989 में उन्होंने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव रखा था,हालांकि उस समय यह विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं हो सका था,इसके बाद पी.वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 1993 में यह प्रस्ताव पुनः लाया गया और अंततः कानून का रूप ले सका,इसी प्रकार डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए विधेयक लाया गया, जो 2010 में राज्यसभा में पारित हुआ, उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देशभर में पंचायतों और नगर निकायों में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन पर सवाल शशि सिंह ने कहा कि जब देश में नई जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और जातिगत जनगणना की भी चर्चा हो रही है, तो 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराना तर्कसंगत नहीं है, उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार नई जनगणना के आंकड़ों का इंतजार क्यों नहीं करना चाहती। उनके अनुसार, परिसीमन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को अद्यतन आंकड़ों के आधार पर ही किया जाना चाहिए,ताकि सभी राज्यों और क्षेत्रों के साथ न्याय हो सके। महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग… कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है,तो इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है,उन्होंने सुझाव दिया कि वर्तमान लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है,इसके लिए किसी अतिरिक्त परिसीमन …1
- न्यूजवॉल सरगुजा छत्तीसगढ़ : सरगुजा पुलिस द्वारा आपराधिक गतिविधियों मे संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध लगातार सख़्ती से कार्यवाही कर आरोपियों की धरपकड़ की जा रही हैं, इसी क्रम मे मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार हैंकि प्रार्थी शिवम् रवानी भगवानपुर सुभाषनगर निवासी ने थाना गांधीनगर द्वारा 10/04/26 को थाना मणीपुर आकर रिपोर्ट कराया गया कि प्रार्थी दिनांक 09/04/26 को अपने अपाचे मोटरसायकल क्रमांक सीजी/15/डीजेड/9236 से जिला अस्पताल अंबिकापुर इलाज कराने गया था, इलाज कराकर वापस आकर देखा तो प्रार्थी का अपाचे मोटरसायकल अपने खड़े किये हुए स्थान पर नहीं था, आस पास पत्ता तलाश किया जो पता नहीं चला, प्रार्थी के अपाचे मोटरसायकल को कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया हैं, मामले मे प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना मणीपुर मे अपराध क्रमांक 71/26 सदर धारा 305(बी) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। दोपहिया वाहन चोरी के मामलो कों संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस टीम को दोपहिया वाहन चोरी के मामलो के अभियान चलाकर कार्यवाही करने एवं प्रकरण के आरोपियो को गिरफ़्तार करने एवं चोरी गयी दोपहिया वाहन को बरामद करने के दिशा निर्देश दिए गये थे, इसी क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व मे थाना मणीपुर एवं साइबर सेल पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना प्रार्थी का कथन, घटना स्थल निरीक्षण कर अज्ञात आरोपी का पता तलाश किया जा रहा था, दौरान पत्ता तलाश मुखबीर सूचना पर पूर्व के दोपहिया वाहन चोरी के मामलो मे शामिल आरोपी दीपक प्रजापति साकिन पार्वतीपारा बरगीडीह थाना लुन्ड्रा को हिरासत मे लेकर पकड़कर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम (01) दीपक प्रजापति आत्मज प्रेम साय प्रजापति उम्र 23 वर्ष बरगीडीह थाना लुन्ड्रा का होना बताया, आरोपी से मोटरसायकल चोरी के सम्बन्ध मे कड़ाई से पूछताछ किये जाने पर गोल मोल जबाब दिया गया, आरोपी से हिकमतअमली से पुछताछ किये जाने पर शहर एवं आस पास से मोटर सायकल चोरी की घटना कारित करना स्वीकार कर बताया कि आरोपी इसी वर्ष माह फरवरी में अपने नानी के घर ग्राम चांदो लखनपुर गया था, जिसको लेने अन्य साथी भी चांदो गए थे, चांदो बाजार के दिन आरोपी अपने अन्य साथियो के साथ मिलकर बाजार के पास से मोटर सायकल स्प्लेण्डर प्लस क्र सीजी/15/डीवी /8721 को चोरी कर अम्बिकापुर ले आये थे। इसके बाद माह मार्च में मिशन अस्पताल अम्बिकापुर से एक स्प्लेण्डर प्लस क्र सीजी/15/सीआर/6905, महामाया चौक खाना खजाना होटल के पास भी एक मोटर सायकल चोरी करना जिसका नंबर याद नहीं होना बताया है, तथा इसके बाद जिला अस्पताल अम्बिकापुर के मोटर सायकल स्टैण्ड से स्लेण्डर प्लस क्र सीजी/15/डीजेड/3245 को चोरी किया है, इसके बाद माह अप्रैल में जिला अस्पताल अम्बिकापुर के मोटर सायकल स्टैण्ड से अपाची क्र सीजी/15/डीजेड/9236 एवं स्प्लेण्डर प्लस क्र सीजी/15/डीजी/0603 को चोरी करना बताया है, और दो दिन पहले ही मिशन अस्पताल अम्बिकापुर के सामने से स्प्लेण्डर प्लस क्र सीजी/15/डीवी/9580 को चोरी किया है, जिसको अम्बिकापुर में अपने पास छुपा कर रखना बताया है, पुलिस टीम द्वारा आरोपी द्वारा पेश करने पर कुल 06 मोटरसायकल जप्त किया गया है, एवं चोरी किये हुये 01 अपाचे मोटर सायकल को अपने साथी जावेद खान निवासी बरगीडीह को देना बताया है, पुलिस टीम द्वारा जावेद खान निवासी बरगीडीह को तलब कर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम (02) जावेद खान आत्मज ईलियास खान उम्र 28 वर्ष साकिन बरगीडीह थाना लुण्ड्रा का होना बताया, आरोपी से हिकमतअमली से पूछताछ किये जाने पर आरोपी द्वारा अपाचे मोटर सायकल अपने कब्जे मे रखना स्वीकार किया जो पेश करने पर जप्त किया गया है, आरोपियों के कब्जे से कुल 07 नगमोटरसायकल कुल कीमती मशरुका लगभग 04 लाख रुपये बरामद किया गया है, आरोपियों के विरुद्ध पूर्व मे भी आपराधिक प्रकरण दर्ज है, पूर्व मे भी चोरी के मामले मे शामिल रहे है, आरोपी दीपक प्रजापति थाना सीतापुर और थाना कोतवाली अम्बिकापुर से चालान हुआ है, आरोपियों का कृत्य अपराध सदर धारा 111 बी.एन.एस. का पाये जाने से प्रकरण में जोड़कर आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी लुन्ड्रा निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सी पी तिवारी, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक अनिल सिंह, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान्, नरेन्द्र जांगड़े, देवनारायण चौधरी, विकास सिन्हा, रजनीकांत मिश्रा, सतीश सिंह, सूरज राय, अजय पाण्डेय, आरक्षक उमाशंकर साहू, रामशंकर यादव, निरंजन बड़ा, मनीष सिंह, अशोक यादव, विकास मिश्रा, अनिल सिंह, रामकेश्वर, अरविन्द, इबनुल खान एवं अन्य स्टाप सक्रिय रहे।1
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- चैनपुर अनुमंडल में बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर एक अहम बदलाव देखने को मिला, जब आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने सातवीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। झारखंड में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पूर्व एसडीपीओ ललित मीणा का तबादला किया गया, जिसके बाद श्रुति अग्रवाल ने चैनपुर की कमान संभाली।1
- गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।6
- *जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस* गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
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- प्रचंड गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग: नावाडीह चौक का जलमीनार खराब, खबर छपने के बाद भी प्रशासन मौन प्रचंड गर्मी के बीच डुमरी प्रखंड के नावाडीह चौक स्थित जलमीनार खराब होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट गहरा गया है। जानकारी देते हुए मंगलवार शाम पाँच बजे ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण आसपास के दर्जनों परिवार पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या को लेकर कई बार खबर प्रकाशित की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल की और न ही संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। भीषण गर्मी में पानी की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार बंद रहने से महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि गर्मी के इस मौसम में लोगों को राहत मिल सके।1