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झारखंड के गुमला में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 25 वर्षीय खुशबू देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। यह दुखद हादसा उनकी इकलौती बेटी के तीसरे जन्मदिन के ठीक अगले दिन हुआ। जब पति बाहर गए थे, तब बच्ची ने सोकर उठने पर अपनी माँ का शव देखा और शोर मचाया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

7 hrs ago
user_राहुल कुमार
राहुल कुमार
Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
7 hrs ago

झारखंड के गुमला में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 25 वर्षीय खुशबू देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। यह दुखद हादसा उनकी इकलौती बेटी के तीसरे जन्मदिन के ठीक अगले दिन हुआ। जब पति बाहर गए थे, तब बच्ची ने सोकर उठने पर अपनी माँ का शव देखा और शोर मचाया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

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  • चैनपुर अनुमंडल में बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर एक अहम बदलाव देखने को मिला, जब आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने सातवीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। झारखंड में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पूर्व एसडीपीओ ललित मीणा का तबादला किया गया, जिसके बाद श्रुति अग्रवाल ने चैनपुर की कमान संभाली।
    1
    चैनपुर अनुमंडल में बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर एक अहम बदलाव देखने को मिला, जब आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने सातवीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। झारखंड में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पूर्व एसडीपीओ ललित मीणा का तबादला किया गया, जिसके बाद श्रुति अग्रवाल ने चैनपुर की कमान संभाली।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार)  एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा।
*गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक*
शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
*कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर*
इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।
*स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच*
उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। 
वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
*शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल*
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा*
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को  और अधिक  विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।
*विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता*
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि  उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • *जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस* गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    *जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस*
गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार)  एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा।
*गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक*
शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
*कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर*
इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।
*स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच*
उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। 
वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
*शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल*
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा*
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को  और अधिक  विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।
*विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता*
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि  उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • गुमला ब्रेकिंग... मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए बाइट, ऋषि विश्वकर्मा, पूर्ववर्ती छात्र, मॉडल स्कूल, गुमला।
    1
    गुमला ब्रेकिंग...
मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए 
बाइट, ऋषि विश्वकर्मा, पूर्ववर्ती छात्र, मॉडल स्कूल, गुमला।
    user_रिपोर्टर
    रिपोर्टर
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by Pawan arya
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    Post by Pawan arya
    user_Pawan arya
    Pawan arya
    Art Therapist गुमला, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए।
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    मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • सिसई(गुमला)। सिसई प्रखण्ड अंतर्गत,ग्राम पंचायत भदौली में मण्डा पूजा के शुभावसर पर "छऊ नृत्य" व "नागपुरी सांस्कृतिक" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। राधेश्याम सिंह,अर्ख़ितानंद देवघरिया,अरुण किशोर सिंह,अजय कुमार सिंह ,राहुल सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। भदौली निवासी राधेश्याम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम भदौली में मण्डा पूजा सन् 1957 से पूर्वजों द्वारा किया जा रहा है। जिसे आज की पीढ़ी पूर्वजों के विरासत को आगे लेकर चल रही है और प्रत्येक वर्ष काफी धूमधाम से मनाया जाता है। श्रद्धालुओं एवं भक्तों की काफी भीड़ रहती है। लोग दूर दूर से मण्डा पूजा देखने आते हैं। पुरी आस्था और भक्ति के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान को पाहान पूजारों द्वारा संपन्न कराया जाता है वहीं इस आयोजन में लोटनसेवा, धुंवासी के साथ रात्रि में फुलखुन्दी आग में चलने का रस्म किया जाता है, जिसमें भोक्ता और सोक्ताईन अपनी मनोकामनाओं को लेकर नंगे पांव आग के अंगारों में चलते हुए रस्म को पुरा करते हैं। इसबार फुलखुंदी के पश्चात रात्रि में छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। जिसमें बंगाल से आये हुए छऊ नृत्य मंडली द्वारा छऊ नृत्य के माध्यम से रामायण के प्रसंग को अपने मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया गया जिसे देखकर दर्शकगण भावविभोर हो उठे। वहीं अगले दिन मंगलवार की संध्या में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में सत्या म्युजिकल ग्रुप के कलाकार कवि किशन,सूरज कुमार,बसीर अंसारी,दिव्या कुमारी,प्रीति बारला,रेशमा कुमारी एवं सपना कुमारी द्वारा एक से बढ़कर एक आधुनिक नागपुरी व भोजपुरी गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी गई जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर झूमने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक भजनों से हुई। इसके बाद भोजपुरी व नागपुरी गीत संगीत और नृत्य का दौर देर रात तक चलता रहा जिसका दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं पुरुषों की काफी भीड़ जुटि हुई थी। इसी के साथ तीन दिनों तक चलने वाले भक्ति और आस्था से जुड़ी धार्मिक आयोजन "मंडा पूजा" का समापन किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में भदौली मंडा पूजा समिति के अध्यक्ष राहुल सिंह,सचिव विक्रम ताम्रकर, उपाध्यक्ष शुभम सिंह,अरुण सिंह,नंदकिशोर सिंह,अजय सिंह,रामानंद सिंह,विकास पंडा,राजेश उराँव,सुरेन्द्र जायसवाल, करण सिंह,राजन गोप,गोपाल सिंह,गौतम ताम्रकर,सहित सभी कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा।
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    सिसई(गुमला)। सिसई प्रखण्ड अंतर्गत,ग्राम पंचायत भदौली में मण्डा पूजा के शुभावसर पर "छऊ नृत्य" व "नागपुरी सांस्कृतिक" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
राधेश्याम सिंह,अर्ख़ितानंद देवघरिया,अरुण किशोर सिंह,अजय कुमार सिंह ,राहुल सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
भदौली निवासी राधेश्याम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम भदौली में मण्डा पूजा सन् 1957 से पूर्वजों द्वारा किया जा रहा है। जिसे आज की पीढ़ी पूर्वजों के विरासत को आगे लेकर चल रही है और प्रत्येक वर्ष काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
श्रद्धालुओं एवं भक्तों की काफी भीड़ रहती है। लोग दूर दूर से मण्डा पूजा देखने आते हैं। पुरी आस्था और भक्ति के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान को पाहान पूजारों द्वारा संपन्न कराया जाता है वहीं इस आयोजन में लोटनसेवा, धुंवासी के साथ रात्रि में फुलखुन्दी आग में चलने का रस्म किया जाता है, जिसमें भोक्ता और सोक्ताईन अपनी मनोकामनाओं को लेकर नंगे पांव आग के अंगारों में चलते हुए रस्म को पुरा करते हैं।
इसबार फुलखुंदी के पश्चात रात्रि में छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। जिसमें बंगाल से आये हुए छऊ नृत्य मंडली द्वारा छऊ नृत्य के माध्यम से रामायण के प्रसंग को अपने मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया गया जिसे देखकर दर्शकगण भावविभोर हो उठे। 
वहीं अगले दिन मंगलवार की संध्या में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में सत्या म्युजिकल ग्रुप के कलाकार कवि किशन,सूरज कुमार,बसीर अंसारी,दिव्या कुमारी,प्रीति बारला,रेशमा कुमारी एवं सपना कुमारी द्वारा एक से बढ़कर एक आधुनिक नागपुरी व भोजपुरी गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी गई जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर झूमने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक भजनों से हुई। इसके बाद भोजपुरी व नागपुरी गीत संगीत और नृत्य का दौर देर रात तक चलता रहा जिसका दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं पुरुषों की काफी भीड़ जुटि हुई थी।
इसी के साथ तीन दिनों तक चलने वाले भक्ति और आस्था से जुड़ी धार्मिक आयोजन "मंडा पूजा" का समापन किया गया। 
इस आयोजन को सफल बनाने में भदौली मंडा पूजा समिति के अध्यक्ष राहुल सिंह,सचिव विक्रम ताम्रकर, उपाध्यक्ष शुभम सिंह,अरुण सिंह,नंदकिशोर सिंह,अजय सिंह,रामानंद सिंह,विकास पंडा,राजेश उराँव,सुरेन्द्र जायसवाल, करण सिंह,राजन गोप,गोपाल सिंह,गौतम ताम्रकर,सहित सभी कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by राहुल कुमार
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    Post by राहुल कुमार
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    7 hrs ago
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