अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर रविवार रात एक दुखद सड़क हादसे में मुंडन संस्कार कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीणों से भरी पिकअप सड़क पर खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई। इस दुर्घटना में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से इलाज के दौरान सोमवार सुबह एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला का हाथ कटकर अलग हो गया जिसे गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है। शेष 10 घायलों का अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज जारी है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम केंवरा निवासी हिमालय के बेटे के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए उसके रिश्तेदार और ग्रामीण दो पिकअप गाड़ियों में सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र में स्थित रामगढ़ पहाड़ के मंदिर गए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम को घर लौटते समय, रात करीब 7:30 बजे पिकअप क्रमांक सीजी 15 एसी- 3138 बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर मेंड्राकला के पास सड़क पर खड़े मिट्टी से लदे ट्रैक्टर से टकरा गई। घायलों में बुजुर्ग महिला प्रासदी राजवाड़े, पति स्व. कृपाल, गंभीर रूप से जख्मी थीं, और उषा राजवाड़े का हाथ कंधे के पास से कटकर अलग हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही मणिपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया। यहीं पर इलाज के दौरान प्रासदी राजवाड़े की सोमवार सुबह मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है, और इस घटना से मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर रविवार रात एक दुखद सड़क हादसे में मुंडन संस्कार कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीणों से भरी पिकअप सड़क पर खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई। इस दुर्घटना में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से इलाज के दौरान सोमवार सुबह एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला का हाथ कटकर अलग हो गया जिसे गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है। शेष 10 घायलों का अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज जारी है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम केंवरा निवासी हिमालय के बेटे के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए उसके रिश्तेदार और ग्रामीण दो पिकअप गाड़ियों में सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र में स्थित रामगढ़ पहाड़ के मंदिर गए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम को घर लौटते समय, रात करीब 7:30 बजे पिकअप क्रमांक सीजी 15 एसी- 3138 बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर मेंड्राकला के पास सड़क पर खड़े मिट्टी से लदे ट्रैक्टर से टकरा गई। घायलों में बुजुर्ग महिला प्रासदी राजवाड़े, पति स्व. कृपाल, गंभीर रूप से जख्मी थीं, और उषा राजवाड़े का हाथ कंधे के पास से कटकर अलग हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही मणिपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया। यहीं पर इलाज के दौरान प्रासदी राजवाड़े की सोमवार सुबह मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है, और इस घटना से मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
- छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने के पहले ही दिन राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी स्कूलों में प्रार्थना से लेकर छुट्टी तक मंत्रों का उच्चारण अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराना होगा, जबकि मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। अंबिकापुर स्थित अपने आवास 'तपस्या' में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान का एक मूलभूत आधार है और धर्म के पालन या उच्चारण को स्वैच्छिक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है, तो यह संविधान के विपरीत एक पहल है। उनका तर्क है कि जो अपने देवी-देवताओं का पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों पर इसे लादना गलत है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस आदेश को वापस लेना चाहिए और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें छूट मिलनी चाहिए। कांग्रेसियों के बीच यह चर्चा है कि भाजपा इस आदेश को बच्चों और अभिभावकों पर जबरदस्ती थोप रही है, जो अन्य धर्म के लोगों और उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। वे मानते हैं कि स्कूली बच्चों को इसमें शामिल होने या न होने की छूट मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह से नियम बना देना अनुचित है। कई अन्य संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हैदराबाद दौरे के दौरान शहर को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं के शुभारंभ से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद के बीच अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जब चढ़ावे को लेकर चिंता जताई जा रही है, तब लोग आपस में सहयोग कर भंडारे कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस बात पर जोर दिया कि "पेट पूजा से बड़ी कोई पूजा नहीं होती" और उन्होंने जरूरतमंदों की मदद करने तथा भोजन कराने को सबसे बड़ा धर्म बताया। इसी क्रम में, अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन आगे भी कायम रहेगा और सभी विपक्षी दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी को हराने का काम करेंगे। अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।1
- छत्तीसगढ़ श्रम विभाग और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (BOCW) ने राज्य के श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। विभाग ने आगाह किया है कि यदि किसी श्रमिक के पंजीयन में दर्ज जानकारी उनके आधार कार्ड की जानकारी से मेल नहीं खाती है, तो उन्हें मंडल द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह जनहित में जारी एक आवश्यक अलर्ट है, जिसमें श्रमिकों से आधार संबंधी संशोधनों पर तुरंत ध्यान देने का आग्रह किया गया है। सभी पंजीकृत श्रमिकों से यह अपील की गई है कि वे बिना किसी देरी के अपना मूल आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी CSC केंद्र पर पहुँचें और अपने पंजीयन में आवश्यक संशोधन अवश्य करवाएं। इस प्रक्रिया को पूरा करने से यह सुनिश्चित होगा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के लगातार मिलता रहेगा, भविष्य में किसी भी प्रकार की भुगतान संबंधी समस्या उत्पन्न नहीं होगी, और उनकी पहचान तथा जानकारी पूरी तरह सुरक्षित बनी रहेगी। श्रमिकों को जल्द से जल्द यह कार्य पूरा करने की सलाह दी गई है।1
- जशपुर जिले की बगीचा तहसील में स्थित बंबा बस्ती मुंजापारा के निवासियों ने अपनी परेशानियों को लेकर आवाज़ उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बस्ती में सड़क की हालत बेहद खराब है, जिसके कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, मझपरा बस्ती में जल संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण बस्ती के संदर्भ में भी बात की गई है।4
- बलरामपुर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने सामरी क्षेत्र के बीहड़ जंगल के बीच बसे अत्यंत गरीब बिरिजिया समाज के घरों का दौरा किया। वे विशेष रूप से घरबारी और लोटापानी में स्थित इन परिवारों से मिलने पहुंचे। इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने उपस्थित लोगों के बीच ताली बजाकर और स्वयं उनके साथ नृत्य करके सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समाज के साथ उनकी एकजुटता प्रदर्शित हुई।1
- राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के डॉक्टरों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ पहली बार बेडसोर (प्रेशर अल्सर) के उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इस सफलता से अब क्षेत्र के मरीजों को बेडसोर के इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि यह जानलेवा मानी जाने वाली बीमारी का उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा। सूरजपुर जिले के भैयाथान निवासी 35 वर्षीय शोभनाथ, जो पिछले छह माह से पीठ पर बड़े बेडसोर की समस्या से पीड़ित थे, इस सर्जरी से लाभांवित हुए। पैराप्लेजिया (शरीर के निचले हिस्से में लकवा) के कारण वे लंबे समय से बिस्तर पर एक ही स्थिति में लेटे थे, जिससे उन्हें बेडसोर हो गया था। मरीज और उनके परिजनों को प्रतिदिन ड्रेसिंग कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरसी आर्या के मार्गदर्शन और सलाह के बाद मरीज के स्थायी उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी करने का निर्णय लिया गया, जो आमतौर पर बड़े और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में प्लास्टिक सर्जनों द्वारा की जाती है। 13 जून को सर्जरी विभाग की टीम ने मरीज का सफल ऑपरेशन किया। चिकित्सकों ने बताया कि बेडसोर अल्सर का आकार काफी बड़ा होने के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है और उसे बेहतर निगरानी व देखभाल के लिए सर्जिकल आईसीयू में रखा गया है, जहाँ चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में सर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मनोज भारती के नेतृत्व में डॉ. आनंद साहू और डॉ. अप्पू की भूमिका रही, वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. रूपक कुमार और डॉ. शिवम शर्मा शामिल थे, जबकि स्टाफ नर्स जैसिंटा ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इस प्रकार की फ्लैप सर्जरी का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहली बार सफल होना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1