भक्ति, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम—फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव भक्ति, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम—फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों और दही-हांडी ने मोहा मन; नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण-लीलाओं को किया जीवंत बिल्सी। फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भक्ति, संस्कृति, कला और प्रतिभा से सजा भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे-मुन्ने बच्चों की राधा-कृष्ण, यशोदा मैया और नंद बाबा की मनमोहक वेशभूषा रही। मासूम बच्चों ने अपने मनोहारी रूप, भाव-भंगिमाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। नन्हे कान्हा और राधा के रूप में सजे बच्चों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। जन्माष्टमी समारोह के अंतर्गत कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों ने सोलो एवं ग्रुप डांस की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों ने कृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति, भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता ने कार्यक्रम में चार-चाँद लगा दिए। समारोह में प्रस्तुत की गई कारागार एवं बाँके बिहारी जी की झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कारागार की झांकी के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि बाँके बिहारी जी की झांकी ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से भर दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कृष्ण लीला और डांडिया जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न कार्यक्रमों ने न केवल उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और लोक-संस्कृति से जोड़ने का सार्थक संदेश भी दिया। समारोह का सबसे रोमांचक क्षण दही-हांडी कार्यक्रम रहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ इसमें भाग लिया। दही-हांडी के दौरान विद्यालय परिसर तालियों, उत्साह और जयकारों से गूंज उठा, जिससे जन्माष्टमी समारोह का उल्लास और भी बढ़ गया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर वी. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता का विकास करते हैं। विद्यालय के एम.डी. राहुल कुमार सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पर्व विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराने का श्रेष्ठ माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उसे मंच प्रदान करना विद्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार सिंह ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस, कर्म और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों की झांकियों, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों एवं स्टाफ का रहा महत्वपूर्ण योगदान कार्यक्रम को सफल एवं आकर्षक बनाने में सी. के. शर्मा, कीर्ति गुप्ता, टिंकल जैन, अनामिका सिंह, निकिता गुप्ता, प्रियंका सिंह, पारस शर्मा, केशव शर्मा, साक्षी गुप्ता, काजल राठौर, परमेंद्र सिंह, रूबी मौर्य, सिदरा खान, विशेष चौहान, प्रीति श्रीवास्तव, तैबा फातमा, शालिनी शर्मा, महिमा गुप्ता, विश्वदीपक शर्मा (पी.टी.आई.), प्रशांत सिंह, मुनीश शर्मा, रागिनी मिश्रा, शिफा सैफी, प्रिया सैनी, आलिया तारिक, दीक्षा राठौर, रश्मि शर्मा, प्रज्ञा वार्ष्णेय, सोनिया गुप्ता, अनम अंसारी, अदिति वार्ष्णेय, श्रुतिकीर्ति, अमन कुमार, शुभी शर्मा, भावना शाक्य, खुशी, चमन सक्सेना, हर्ष यादव, कोमल शर्मा, संचित शर्मा, प्रीति माहेश्वरी, सनी शर्मा, आंचल एवं सृष्टि शर्मा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फ्यूचर लीडर्स स्कूल का यह जन्माष्टमी महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, भारतीय संस्कृति और संस्कारों का ऐसा जीवंत उत्सव बनकर सामने आया, जिसने सभी के मन में भक्ति, आनंद और गौरव की भावना भर दी।
भक्ति, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम—फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव भक्ति, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम—फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों और दही-हांडी ने मोहा मन; नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण-लीलाओं को किया जीवंत बिल्सी। फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भक्ति, संस्कृति, कला और प्रतिभा से सजा भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे-मुन्ने बच्चों की राधा-कृष्ण, यशोदा मैया और नंद बाबा की मनमोहक वेशभूषा रही। मासूम बच्चों ने अपने मनोहारी रूप, भाव-भंगिमाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। नन्हे कान्हा और राधा के रूप में सजे बच्चों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। जन्माष्टमी समारोह के अंतर्गत कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों ने सोलो एवं ग्रुप डांस की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों ने कृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति, भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता ने कार्यक्रम में चार-चाँद लगा दिए। समारोह में प्रस्तुत की गई कारागार एवं बाँके बिहारी जी की झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कारागार की झांकी के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि बाँके बिहारी जी की झांकी ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से भर दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कृष्ण लीला और डांडिया जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न कार्यक्रमों ने न केवल उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और लोक-संस्कृति से जोड़ने का सार्थक संदेश भी दिया। समारोह का सबसे रोमांचक क्षण दही-हांडी कार्यक्रम रहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ इसमें भाग लिया। दही-हांडी के दौरान विद्यालय परिसर तालियों, उत्साह और जयकारों से गूंज उठा, जिससे जन्माष्टमी समारोह का उल्लास और भी बढ़ गया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर वी. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता का विकास करते हैं। विद्यालय के एम.डी. राहुल कुमार सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पर्व विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराने का श्रेष्ठ माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उसे मंच प्रदान करना विद्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार सिंह ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस, कर्म और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों की झांकियों, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों एवं स्टाफ का रहा महत्वपूर्ण योगदान कार्यक्रम को सफल एवं आकर्षक बनाने में सी. के. शर्मा, कीर्ति गुप्ता, टिंकल जैन, अनामिका सिंह, निकिता गुप्ता, प्रियंका सिंह, पारस शर्मा, केशव शर्मा, साक्षी गुप्ता, काजल राठौर, परमेंद्र सिंह, रूबी मौर्य, सिदरा खान, विशेष चौहान, प्रीति श्रीवास्तव, तैबा फातमा, शालिनी शर्मा, महिमा गुप्ता, विश्वदीपक शर्मा (पी.टी.आई.), प्रशांत सिंह, मुनीश शर्मा, रागिनी मिश्रा, शिफा सैफी, प्रिया सैनी, आलिया तारिक, दीक्षा राठौर, रश्मि शर्मा, प्रज्ञा वार्ष्णेय, सोनिया गुप्ता, अनम अंसारी, अदिति वार्ष्णेय, श्रुतिकीर्ति, अमन कुमार, शुभी शर्मा, भावना शाक्य, खुशी, चमन सक्सेना, हर्ष यादव, कोमल शर्मा, संचित शर्मा, प्रीति माहेश्वरी, सनी शर्मा, आंचल एवं सृष्टि शर्मा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फ्यूचर लीडर्स स्कूल का यह जन्माष्टमी महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, भारतीय संस्कृति और संस्कारों का ऐसा जीवंत उत्सव बनकर सामने आया, जिसने सभी के मन में भक्ति, आनंद और गौरव की भावना भर दी।
- भक्ति, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम—फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव भक्ति, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम—फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों और दही-हांडी ने मोहा मन; नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण-लीलाओं को किया जीवंत बिल्सी। फ्यूचर लीडर्स स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भक्ति, संस्कृति, कला और प्रतिभा से सजा भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे-मुन्ने बच्चों की राधा-कृष्ण, यशोदा मैया और नंद बाबा की मनमोहक वेशभूषा रही। मासूम बच्चों ने अपने मनोहारी रूप, भाव-भंगिमाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। नन्हे कान्हा और राधा के रूप में सजे बच्चों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। जन्माष्टमी समारोह के अंतर्गत कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों ने सोलो एवं ग्रुप डांस की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों ने कृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति, भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता ने कार्यक्रम में चार-चाँद लगा दिए। समारोह में प्रस्तुत की गई कारागार एवं बाँके बिहारी जी की झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कारागार की झांकी के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि बाँके बिहारी जी की झांकी ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से भर दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कृष्ण लीला और डांडिया जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न कार्यक्रमों ने न केवल उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और लोक-संस्कृति से जोड़ने का सार्थक संदेश भी दिया। समारोह का सबसे रोमांचक क्षण दही-हांडी कार्यक्रम रहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ इसमें भाग लिया। दही-हांडी के दौरान विद्यालय परिसर तालियों, उत्साह और जयकारों से गूंज उठा, जिससे जन्माष्टमी समारोह का उल्लास और भी बढ़ गया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर वी. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता का विकास करते हैं। विद्यालय के एम.डी. राहुल कुमार सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पर्व विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराने का श्रेष्ठ माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उसे मंच प्रदान करना विद्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार सिंह ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस, कर्म और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों की झांकियों, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों एवं स्टाफ का रहा महत्वपूर्ण योगदान कार्यक्रम को सफल एवं आकर्षक बनाने में सी. के. शर्मा, कीर्ति गुप्ता, टिंकल जैन, अनामिका सिंह, निकिता गुप्ता, प्रियंका सिंह, पारस शर्मा, केशव शर्मा, साक्षी गुप्ता, काजल राठौर, परमेंद्र सिंह, रूबी मौर्य, सिदरा खान, विशेष चौहान, प्रीति श्रीवास्तव, तैबा फातमा, शालिनी शर्मा, महिमा गुप्ता, विश्वदीपक शर्मा (पी.टी.आई.), प्रशांत सिंह, मुनीश शर्मा, रागिनी मिश्रा, शिफा सैफी, प्रिया सैनी, आलिया तारिक, दीक्षा राठौर, रश्मि शर्मा, प्रज्ञा वार्ष्णेय, सोनिया गुप्ता, अनम अंसारी, अदिति वार्ष्णेय, श्रुतिकीर्ति, अमन कुमार, शुभी शर्मा, भावना शाक्य, खुशी, चमन सक्सेना, हर्ष यादव, कोमल शर्मा, संचित शर्मा, प्रीति माहेश्वरी, सनी शर्मा, आंचल एवं सृष्टि शर्मा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फ्यूचर लीडर्स स्कूल का यह जन्माष्टमी महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, भारतीय संस्कृति और संस्कारों का ऐसा जीवंत उत्सव बनकर सामने आया, जिसने सभी के मन में भक्ति, आनंद और गौरव की भावना भर दी।1
- बदायूं। गुरुवार की दोपहर कछला गंगाघाट पहुंचा बिसौली का रहने वाला एक नागरिक पुल पर पहुंच कर उफनती गंगा नदी में एकाएक जान देने की नीयत से छलांग लगा दी। गनीमत रही कि इस दौरान घाट पर मौजूद पंचायत कर्मी और गोताखोर ने तत्परता दिखाते हुए उसे गहरे पानी से निकाल लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे इलाज के लिए उझानी अस्पताल भेजा जहां से परिजन उसे अपने साथ इलाज को ले गए। जिले के उपनगर बिसौली की प्रेम कालोनी निवासी 4O वर्षीय राजीव गुप्ता पुत्र तेजपाल गुप्ता आज दोपहर कछला गंगाघाट पर पहुंचने के बाद पुल पर पहुंच गए और अचानक आत्महत्या के इरादे से उफनती गंगा नदी में छंगाल लगा दी। बताते है कि राजीव को गंगा नदी में कूदते देख घाट और पुल पर मौजूद लोगो ने शोर मचा दिया जिस पर घाट पर मौजूद पंचायत कर्मी डेबिट तोमर गोताखोर नन्हे कश्यप के गंगा नदी में उतर गया और पानी के बहाब के साथ डूबते हुए बह रहे राजीव को पानी से बाहर निकाला।1
- पुलिस हिरासत में राजेश कोरी की मौत का मामला गरमाया न्याय की मांग तेज बदायूं BIG BREAKING *संवाददाता मुनेन्द्र शर्मा* फोनों 9026249659 पुलिस हिरासत में राजेश कोरी की मौत का मामला गरमाया न्याय की मांग को लेकर पत्नी रूपवती अटसेना गांव में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठीं दातागंज कोतवाली मामला अंबेडकर प्रतिमा के सामने रूपवती कोरी का अनिश्चितकालीन धरना समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव समेत कांग्रेसियों ने धरने को दिया समर्थन हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच कराने की मांग दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग विधवा रूपवती कोरी को सरकारी नौकरी और दातागंज में आवास देने की मांग परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग राजेश कोरी के चार बच्चों की मुफ्त शिक्षा की भी मांग धरने को लेकर दातागंज क्षेत्र में मामला गरमाया, पुलिस-प्रशासन पर टिकी निगाहें।1
- जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में चंदौसी चौराहे का चोड़ीकरण होगा। "देखिए, चंदौसी चौराहे पे पृथ्वीराज चौहान जी की मूर्ति लगनी है। तो इस क्रम में पूर्व में सभी विभागों के साथ समन्वय बैठक हुई थी। तो उसमें जो रोडमैप तैयार हुआ था, उसमें जो चौराहा है उसका चौड़ीकरण होना है। उसमें कुछ लोगों के अवैध कब्जे हैं, पेट्रोल पंप आदि के द्वारा बाउंड्री वहां पे की गई है, कुछ दुकानें हैं। तो उसको आज हम लोगों ने खाली कराया है और कुछ लोगों को समय दिया गया है ताकि वो स्वतः अपना जो अतिक्रमण है उसको हटा लें।" आज एक पेट्रोल पंप का एक आगे उन्होंने बाउंड्रीनुमा एक आकृति बना रखी थी, तो आज उसको हटाया गया है। दुकानें भी हैं उसमें, दुकानों को कल तक का समय दिया गया है। दुकानें भी अपना कुछ लोगों ने स्वतः हटाना शुरू कर दिया है उसको। बाकी इसके बाद और जो दुकानें हैं उसको भी चिन्हित कर रहे हैं हम, उनको भी हटाएंगे। देखिए, इस पूरी प्रक्रिया में टेंडर होगा इसका, इसमें एक से डेढ़ महीने का समय और लग सकता है। तो ये पूरी प्रक्रिया हम दो महीने में पूरी करने की कोशिश करेंगे। और जो भी तकनीकी इसमें टीम है—JE और PWD की टीम है, जो अधिशासी अभियंता विद्युत हैं, उनके द्वारा भी पोल शिफ्टिंग का भी काम कुछ रह गया है। ये सब काम साथ में समन्वय के साथ किए जा रहे हैं और दो महीने में हम यह कार्य पूरा कर लेंगे।"2
- बदायूं, उत्तर प्रदेश से सामने आई यह घटना बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली है। दलित युवक राजेश को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि हिरासत में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। अगर पुलिस हिरासत ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे? इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दलितों के खिलाफ अत्याचार और कथित कस्टोडियल हिंसा पर चुप्पी स्वीकार नहीं की जा सकती।1
- हरि की पैड़ी के पांच छतरी घाट पर जर्जर पेड़ गिरा, बिजली का पोल टूटा हरि की पैड़ी के पांच छतरी घाट पर जर्जर पेड़ गिरा, बिजली का पोल टूटा बड़ा हादसा टला: विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से मकान की छत की रेलिंग क्षतिग्रस्त, श्रद्धालुओं की जान पर मंडराया खतरा सोरों (कासगंज)। तीर्थ नगरी सोरों स्थित हरि की पैड़ी के पांच छतरी आरती वाले घाट पर गुरुवार देर शाम एक जर्जर एवं सूखा पेड़ अचानक टूटकर विद्युत लाइनों पर जा गिरा। पेड़ के गिरने से विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। विद्युत पोल गिरने से नरेश बरवारिया एवं आकाश उपाध्याय के मकान की छत की रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। परिक्रमा मार्ग में अचानक जर्जर पेड़ गिरने से मौके पर हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि घटना के समय पेड़ की चपेट में कोई श्रद्धालु या राहगीर नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेड़ परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं के ऊपर गिरता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। शिकायतों के बाद भी नहीं हटाया गया जर्जर पेड़ स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों के मुताबिक पेड़ के जर्जर और सूखे होने की कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बावजूद पेड़ को कटवाने या हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले लाल घाट पर भी इसी तरह एक जर्जर पेड़ पिंडदान कर रहे श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया था, जिसमें दो श्रद्धालु घायल हुए थे। इसके बावजूद प्रशासन ने जर्जर पेड़ों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। दो घंटे बाद पहुंची टीम, शुरू हुआ मरम्मत कार्य पेड़ गिरने के करीब दो घंटे बाद नगर पालिका और विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हरि की पैड़ी, घाटों और परिक्रमा मार्ग में खड़े सभी जर्जर एवं सूखे पेड़ों का सर्वे कराकर उन्हें समय रहते हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।1
- Bareilly crime mahila aaropi aspataal se farar/ Adhikari dwara Di Gai jankari/ duty per do mahila policekarmi nilambit/ jila aspataal mein mahila aaropi farar/ Bareilly aspataal mahila ka dukh itna bada sambhalna mushkil hua/ Bareilly crime mahila aaropi aspataal se farar/ Adhikari dwara Di Gai jankari/ duty per do mahila policekarmi nilambit/ jila aspataal mein mahila aaropi farar/ Bareilly aspataal mahila ka dukh itna bada sambhalna mushkil hua/1
- नन्हे मुन्ने बच्चों ने मनाया जन्माष्टमी का पर्व उझानी,(बदायूं)। किड्स प्लेनेट प्ले स्कूल में योगीराज श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पर्व उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। राधा-कृष्ण बने बच्चों ने योगीराज की बाल लीलाओं का सजीव मंचन कर मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों को धार्मिक उल्लास से भर दिया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए स्कूल के नन्हें मुन्नें बच्चें अपने घरों से राधा-कृष्ण, वासुदेव और सुदामा के स्वरूप में सज कर पहुंचे थे। जन्माष्टमी के पर्व का शुभारंभ योगीराज भगवान श्री कृष्ण के प्रति श्रद्धा और प्रार्थना से कराया गया। इस अवसर पर स्कूल संचालक वंदना बब्बर ने योगीराज श्री कृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को सरल-रोचक तरीके से समझाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने सदैव प्रेम, सच्चाई, मित्रता और अच्छे कर्मों का संदेश दिया। इस अवसर पर बच्चों ने राधा-कृष्ण के मनमोहक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से श्रीकृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता पर आधारित प्रस्तुति ने सभी को भक्ति से भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।1