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छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के चिरमिरी प्रवास और श्रीराम कथा आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते। इस मामले पर सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। दोनों प्रमुख नेताओं के इन बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं काफी गरमा गई हैं, विशेषकर मनेन्द्रगढ़ में रामभद्राचार्य के बयानों पर सियासत गरम है।

1 hr ago
user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
Ashok Shrivastava Khabar Fast
Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
1 hr ago

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के चिरमिरी प्रवास और श्रीराम कथा आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते। इस मामले पर सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। दोनों प्रमुख नेताओं के इन बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं काफी गरमा गई हैं, विशेषकर मनेन्द्रगढ़ में रामभद्राचार्य के बयानों पर सियासत गरम है।

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  • छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के चिरमिरी प्रवास और श्रीराम कथा आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते। इस मामले पर सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। दोनों प्रमुख नेताओं के इन बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं काफी गरमा गई हैं, विशेषकर मनेन्द्रगढ़ में रामभद्राचार्य के बयानों पर सियासत गरम है।
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    छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के चिरमिरी प्रवास और श्रीराम कथा आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते।

इस मामले पर सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। दोनों प्रमुख नेताओं के इन बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं काफी गरमा गई हैं, विशेषकर मनेन्द्रगढ़ में रामभद्राचार्य के बयानों पर सियासत गरम है।
    user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    1 hr ago
  • एमसीबी जिले के जनकपुर स्थित बहरासी गांव में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ 7 से 8 लोगों ने मिलकर दाना पानी होटल के सामने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस खुलेआम मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद जनकपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मारपीट करने वाले कुछ युवक भरतपुर और जनकपुर क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। वीडियो के वायरल होने से इलाके की कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
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    एमसीबी जिले के जनकपुर स्थित बहरासी गांव में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ 7 से 8 लोगों ने मिलकर दाना पानी होटल के सामने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस खुलेआम मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

इस घटना के बाद जनकपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मारपीट करने वाले कुछ युवक भरतपुर और जनकपुर क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। वीडियो के वायरल होने से इलाके की कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
    user_SM NEWS LIVE
    SM NEWS LIVE
    पत्रकार Chirmiri, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    9 hrs ago
  • केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बड़ा और दुखद हादसा हो गया है, जहाँ पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से पाँच लोगों की मौत हो गई है। इस भयावह घटना में तीन अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
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    केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बड़ा और दुखद हादसा हो गया है, जहाँ पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से पाँच लोगों की मौत हो गई है। इस भयावह घटना में तीन अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
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    Credit reporting agency कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के शांतप्रिय चांगभाखार क्षेत्र में अब गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने वाली घटनाएं बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। जनकपुर क्षेत्र के बहराशि गांव से सामने आई ऐसी ही तस्वीरों ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। यह स्थिति, जिसे अक्सर बंगाल या बिहार से जोड़ा जाता है, अब छत्तीसगढ़ में दिखने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियां गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। इन घटनाओं को देखते हुए यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और क्या अपराधियों में कानून का डर अब खत्म हो चुका है? आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करे, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। यदि समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका सीधा असर पूरे क्षेत्र के सामाजिक माहौल और आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। इस गंभीर स्थिति पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि "ये कैसा सुशासन है?", जो मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखा हमला है।
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    छत्तीसगढ़ के शांतप्रिय चांगभाखार क्षेत्र में अब गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने वाली घटनाएं बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। जनकपुर क्षेत्र के बहराशि गांव से सामने आई ऐसी ही तस्वीरों ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। यह स्थिति, जिसे अक्सर बंगाल या बिहार से जोड़ा जाता है, अब छत्तीसगढ़ में दिखने से स्थानीय लोग चिंतित हैं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियां गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। इन घटनाओं को देखते हुए यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और क्या अपराधियों में कानून का डर अब खत्म हो चुका है? आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करे, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। यदि समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका सीधा असर पूरे क्षेत्र के सामाजिक माहौल और आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ सकता है।

इस गंभीर स्थिति पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि "ये कैसा सुशासन है?", जो मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखा हमला है।
    user_मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer सोनहत, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • केसीआर कोढवाही जीपीएम सीजी इंडिया में भीमगे बिजनेस ग्रुप की स्थापना की गई है। इस ग्रुप के संस्थापक राज भीमगे हैं।
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    केसीआर कोढवाही जीपीएम सीजी इंडिया में भीमगे बिजनेस ग्रुप की स्थापना की गई है। इस ग्रुप के संस्थापक राज भीमगे हैं।
    user_BHIMGE BUSSINESS GROUP. KCR
    BHIMGE BUSSINESS GROUP. KCR
    Entrepreneur मरवाही, गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोरंधा में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि योजना के तहत कई अधूरे पड़े आवासों को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर राशि निकाल ली गई है। इन आरोपों ने पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत तक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही ऑडिट प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी संदेह उत्पन्न किया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिन गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का वादा किया गया था, वे आज भी अधूरे निर्माण वाले घरों में रहने को मजबूर हैं, जहाँ छत अधूरी है, प्लास्टर नहीं हुआ है और दरवाजे-खिड़कियाँ तक नहीं लगी हैं। आरोप है कि कई मामलों में अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाने के लिए दूसरे मकानों की तस्वीरें खींची गईं और इसी आधार पर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर राशि का आहरण कर लिया गया। वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड के बीच भारी अंतर होने का दावा किया गया है, जहाँ कई हितग्राहियों के आवास अधूरे होने के बावजूद दस्तावेजों में उन्हें पूर्ण बताया गया। ग्रामीणों ने योजना की राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और बंदरबाट का आरोप लगाते हुए कहा है कि सहायता राशि पारदर्शिता के साथ हितग्राहियों तक नहीं पहुँच रही है और बीच में ही दुरुपयोग किया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों को किस्तों की सही जानकारी न देने और निर्माण कार्य पूरा किए बिना ही कागजों में प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आरोप भी लगाए गए हैं। अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाकर सरकार द्वारा मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी भुगतान राशि भी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है, जहाँ एक सचिव को तीन-तीन ग्राम पंचायतों का प्रभार सौंपने से योजनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। रोजगार सहायकों और आवास मित्रों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि जिम्मेदार कर्मचारी नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंचते और कार्य केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गया है। सबसे गंभीर आरोप ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर हैं, जिसमें कर्मचारियों पर बिना हितग्राहियों के घर पहुंचे और बिना भौतिक निरीक्षण किए कागजों में प्रक्रिया पूर्ण करने का आरोप लगाया गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कराए गए, जबकि ऑडिट कर्मचारी कभी उनके घर पहुंचे ही नहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम कोरंधा सहित संबंधित पंचायतों में बने सभी प्रधानमंत्री आवासों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय भौतिक जांच कराई जाए, हितग्राहियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा दोषी कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगी। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव कमला ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
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    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोरंधा में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि योजना के तहत कई अधूरे पड़े आवासों को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर राशि निकाल ली गई है। इन आरोपों ने पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत तक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही ऑडिट प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी संदेह उत्पन्न किया है।

ग्रामीणों के अनुसार, जिन गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का वादा किया गया था, वे आज भी अधूरे निर्माण वाले घरों में रहने को मजबूर हैं, जहाँ छत अधूरी है, प्लास्टर नहीं हुआ है और दरवाजे-खिड़कियाँ तक नहीं लगी हैं। आरोप है कि कई मामलों में अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाने के लिए दूसरे मकानों की तस्वीरें खींची गईं और इसी आधार पर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर राशि का आहरण कर लिया गया। वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड के बीच भारी अंतर होने का दावा किया गया है, जहाँ कई हितग्राहियों के आवास अधूरे होने के बावजूद दस्तावेजों में उन्हें पूर्ण बताया गया। ग्रामीणों ने योजना की राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और बंदरबाट का आरोप लगाते हुए कहा है कि सहायता राशि पारदर्शिता के साथ हितग्राहियों तक नहीं पहुँच रही है और बीच में ही दुरुपयोग किया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों को किस्तों की सही जानकारी न देने और निर्माण कार्य पूरा किए बिना ही कागजों में प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आरोप भी लगाए गए हैं। अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाकर सरकार द्वारा मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी भुगतान राशि भी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है, जहाँ एक सचिव को तीन-तीन ग्राम पंचायतों का प्रभार सौंपने से योजनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। रोजगार सहायकों और आवास मित्रों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि जिम्मेदार कर्मचारी नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंचते और कार्य केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गया है। सबसे गंभीर आरोप ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर हैं, जिसमें कर्मचारियों पर बिना हितग्राहियों के घर पहुंचे और बिना भौतिक निरीक्षण किए कागजों में प्रक्रिया पूर्ण करने का आरोप लगाया गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कराए गए, जबकि ऑडिट कर्मचारी कभी उनके घर पहुंचे ही नहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम कोरंधा सहित संबंधित पंचायतों में बने सभी प्रधानमंत्री आवासों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय भौतिक जांच कराई जाए, हितग्राहियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा दोषी कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगी।

इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव कमला ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
    user_दैनिक छत्तीसगढ़ लाईव न्यूज
    दैनिक छत्तीसगढ़ लाईव न्यूज
    Press advisory सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान तिरंगा झंडा व बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, बिजली की समस्या, सिंचाई सुविधाओं की कमी और किसानों के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यह रैली तिपान नदी साईं मंदिर के पास से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसके माध्यम से किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई के संकट ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्रदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। किसानों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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    अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान तिरंगा झंडा व बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, बिजली की समस्या, सिंचाई सुविधाओं की कमी और किसानों के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

यह रैली तिपान नदी साईं मंदिर के पास से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसके माध्यम से किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई के संकट ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्रदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे।

किसानों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अनूपपुर में भीषण गर्मी के दौर में, जब इंसान ही नहीं बल्कि वन्यजीव और पशु-पक्षी भी पानी व भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, सर्प प्रहरी छोटे लाल यादव जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अनूपपुर क्षेत्र के जाने-माने सर्प प्रहरी, जिन्होंने हजारों बेहद जहरीले छोटे-बड़े साँपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा है, अब उन्होंने बंदरों की भूख मिटाने के लिए केले खिलाने की मुहिम भी छेड़ी है। वे अपने दुपहिया वाहन से विभिन्न क्षेत्रों में पहुँचकर बंदरों को केले खिलाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें भोजन उपलब्ध हो सके। छोटे लाल यादव का कहना है कि गर्मियों में जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बंदरों को भोजन की तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने यह पहल इसलिए शुरू की है ताकि बेजुबान जीवों को कुछ राहत मिल सके। वे प्रतिदिन अपने वाहन में केले लेकर निकलते हैं और उन स्थानों तक पहुँचते हैं जहाँ बंदरों का जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की है, उनका कहना है कि आज के व्यस्त समय में जब लोग पशु-पक्षियों पर कम ध्यान दे पाते हैं, तब छोटे लाल यादव का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि इंसान होने के नाते केवल मनुष्यों की ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह कार्य मानवता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश दे रहा है, और क्षेत्र के लोग कहते हैं कि यदि अन्य लोग भी इसी प्रकार आगे आएं और पशु-पक्षियों के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था करें, तो गर्मी में बेजुबान जीवों को काफी राहत मिल सकती है। छोटे लाल यादव की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    अनूपपुर में भीषण गर्मी के दौर में, जब इंसान ही नहीं बल्कि वन्यजीव और पशु-पक्षी भी पानी व भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, सर्प प्रहरी छोटे लाल यादव जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अनूपपुर क्षेत्र के जाने-माने सर्प प्रहरी, जिन्होंने हजारों बेहद जहरीले छोटे-बड़े साँपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा है, अब उन्होंने बंदरों की भूख मिटाने के लिए केले खिलाने की मुहिम भी छेड़ी है। वे अपने दुपहिया वाहन से विभिन्न क्षेत्रों में पहुँचकर बंदरों को केले खिलाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें भोजन उपलब्ध हो सके।

छोटे लाल यादव का कहना है कि गर्मियों में जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बंदरों को भोजन की तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने यह पहल इसलिए शुरू की है ताकि बेजुबान जीवों को कुछ राहत मिल सके। वे प्रतिदिन अपने वाहन में केले लेकर निकलते हैं और उन स्थानों तक पहुँचते हैं जहाँ बंदरों का जमावड़ा रहता है।

स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की है, उनका कहना है कि आज के व्यस्त समय में जब लोग पशु-पक्षियों पर कम ध्यान दे पाते हैं, तब छोटे लाल यादव का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि इंसान होने के नाते केवल मनुष्यों की ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह कार्य मानवता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश दे रहा है, और क्षेत्र के लोग कहते हैं कि यदि अन्य लोग भी इसी प्रकार आगे आएं और पशु-पक्षियों के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था करें, तो गर्मी में बेजुबान जीवों को काफी राहत मिल सकती है। छोटे लाल यादव की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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