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*🏵️दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!*

1 hr ago
user_Ashutosh kumar
Ashutosh kumar
Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
1 hr ago

*🏵️दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!*

More news from Manpur and nearby areas
  • Post by Ashutosh kumar
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    Post by Ashutosh kumar
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    1 hr ago
  • गयाजी शहर के स्थित सम्राट अशोक भवन गया जी में फुटपाथ दुकानदारों को नेशनल एसोसिएशन आफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ़ इंडिया (नासवी) द्वारा तीन दिवसीय स्वच्छता, खाद्य पदार्थ के रखरखाव, भोजन प्रबंध , व्यक्तिगत स्वच्छता, कचरे का प्रबंध, एवं डिजिटल लेनदेन का जानकारी दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 300 स्ट्रीट वेंडर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा एवं एप्रोन किट,टोपी, तोलिया एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रशिक्षित होकर वेंडर्स फूड स्टॉल का नियम का पालन करेंगे। कार्यक्रम में अमरजीत गिरी अध्यक्ष टी एल एफ गयाजी उपस्थित हुए।
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    गयाजी शहर के स्थित सम्राट अशोक भवन गया जी में फुटपाथ दुकानदारों को नेशनल एसोसिएशन आफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ़ इंडिया (नासवी) द्वारा तीन दिवसीय स्वच्छता, खाद्य पदार्थ के रखरखाव, भोजन प्रबंध , व्यक्तिगत स्वच्छता, कचरे का प्रबंध, एवं डिजिटल लेनदेन का जानकारी दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 300 स्ट्रीट वेंडर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा एवं एप्रोन किट,टोपी, तोलिया एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रशिक्षित होकर वेंडर्स फूड स्टॉल का नियम का पालन करेंगे। कार्यक्रम में अमरजीत गिरी अध्यक्ष टी एल एफ गयाजी उपस्थित हुए।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    3 hrs ago
  • Post by त्रिलोकी नाथ
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    Post by त्रिलोकी नाथ
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    6 hrs ago
  • I am Neha Sinha please subscribe my channel
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    I am Neha Sinha please subscribe my channel
    user_Neha Sinha
    Neha Sinha
    Photographer Belaganj, Gaya•
    9 hrs ago
  • ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है! लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद
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    ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है!
लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    6 hrs ago
  • गया जिले के गुरुआ प्रखंड के सिमारू पंचायत स्थित हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को बिहार राज्य दलपति एवं ग्राम रक्षादल महासंघ रजि. नं. 4152/12 गया जिला के तत्वावधान में दलपति एवं ग्राम रक्षादल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 30 दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मंडल एवं सिमारू पंचायत के सरपंच संजय कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने की। सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मंडल ने कहा कि ग्राम रक्षा दल को 30 दिनों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार के निर्देशानुसार प्रशिक्षण का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा महात्मा गांधी जी के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सरकार से भर्ती कराने के लिए आंदोलन भी चलाया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुन्ना पासवान (प्रखंड अध्यक्ष), शोभा कुमारी (प्रखंड सचिव), योगेंद्र पासवान (प्रखंड उपसचिव), अनुप कुमार (डुमरिया प्रखंड अध्यक्ष ) एवं शक्ति कुमार (आमस प्रखंड अध्यक्ष) सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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    गया जिले के गुरुआ प्रखंड के सिमारू पंचायत स्थित हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को बिहार राज्य दलपति एवं ग्राम रक्षादल महासंघ रजि. नं. 4152/12 गया जिला के तत्वावधान में दलपति एवं ग्राम रक्षादल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 30 दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मंडल एवं सिमारू पंचायत के सरपंच संजय कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने की। सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मंडल ने कहा कि ग्राम रक्षा दल को 30 दिनों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार के निर्देशानुसार प्रशिक्षण का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा महात्मा गांधी जी के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सरकार से भर्ती कराने के लिए आंदोलन भी चलाया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुन्ना पासवान (प्रखंड अध्यक्ष), शोभा कुमारी (प्रखंड सचिव), योगेंद्र पासवान (प्रखंड उपसचिव), अनुप कुमार (डुमरिया प्रखंड अध्यक्ष ) एवं शक्ति कुमार (आमस प्रखंड अध्यक्ष) सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_Prem Kr. Mishra
    Prem Kr. Mishra
    Astrologer गुरुआ, गया, बिहार•
    22 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर उठने लगे सवाल, मेंटेनेंस की कमी से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
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    मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर उठने लगे सवाल, मेंटेनेंस की कमी से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by Ashutosh kumar
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    Post by Ashutosh kumar
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    1 hr ago
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