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सारणी पुलिस ने आदतन फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने कोमल वरकडे के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी। पुलिस ने इस मामले में विक्रम कुमरे, करण भारती और आशीष बिंझाड़े को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अभिजीत बारस्कर के साथ मिलकर इस मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था।
Namdev gujre Khabar bhart news
सारणी पुलिस ने आदतन फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने कोमल वरकडे के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी। पुलिस ने इस मामले में विक्रम कुमरे, करण भारती और आशीष बिंझाड़े को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अभिजीत बारस्कर के साथ मिलकर इस मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था।
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- सारणी पुलिस ने आदतन फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने कोमल वरकडे के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी। पुलिस ने इस मामले में विक्रम कुमरे, करण भारती और आशीष बिंझाड़े को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अभिजीत बारस्कर के साथ मिलकर इस मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था।1
- आमला क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली, पेयजल, सड़क और रपटों से संबंधित इन समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए, पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए, जर्जर सड़कों का तत्काल निर्माण कराया जाए और बरसात के दौरान आवागमन को बाधित करने वाले रपटों का निर्माण एवं मरम्मत की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने से आमजन का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विधायक ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।4
- बेतूल जिले के खेड़ी सावलीगढ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रयोगशाला के सहयोग से एक जन जागरण अभियान चलाया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप पाटिल के निर्देशों पर, खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला के माध्यम से यह अभियान गांव-गांव में चलाया जा रहा है। इसी के तहत, बस स्टैंड पर उपस्थित ग्रामीणों को प्रयोगशाला केमिस्ट ने खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट के बारे में जानकारी प्रदान की और उन्हें मिलावटी खाद्य सामग्री खरीदने से बचने के तरीकों से अवगत कराया।1
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक –2.0" साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान का राज्य स्तरीय समापन समारोह भोपाल में आयोजित किया गया। इस समारोह में जनजागरूकता, जनसहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों और प्रभावी सोशल मीडिया संचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला पुलिस बैतूल को "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी में राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) साई मनोहर और पुलिस आयुक्त, भोपाल, संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता, समय पर रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। सम्मान ग्रहण करने के लिए पुलिस अधीक्षक बैतूल विरेंद्र जैन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से उनकी अनुपस्थिति में डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी और साइबर सेल के आरक्षक दीपेंद्र सिंह ने जिला पुलिस बैतूल का प्रतिनिधित्व करते हुए "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी का प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्राप्त किया। सेफ क्लिक –2.0 अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन में जिला पुलिस बैतूल ने जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इसके तहत जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, बैंकों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साइबर सेफ्टी वाक, साइबर क्विज, साइबर सुरक्षा शपथ, साइबर प्रदर्शनी, जनसंवाद और रैलियों जैसे नवाचारों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया। अभियान के दौरान, जिला पुलिस बैतूल ने सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करते हुए 300 से अधिक जागरूकता पोस्ट, वीडियो और रील्स के माध्यम से लगभग 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया, जिससे उन्हें प्रदेश स्तर पर विशेष पहचान मिली। यह सम्मान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन तथा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों, साइबर सेल टीम, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिला पुलिस बैतूल ने प्रदेशभर में अभियान को सफल बनाने वाले पुलिस मुख्यालय, साइबर पुलिस मुख्यालय और सभी सहभागी जिलों के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ, क्योंकि शीघ्र शिकायत से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। अभियान का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि "जागरूकता ही सबसे प्रभावी साइबर सुरक्षा है। स्वयं सतर्क रहें, दूसरों को जागरूक करें और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहभागी बनें। सोचें • समझें • फिर क्लिक करें।"1
- इटारसी के वार्ड नंबर 12 से पार्षद मनजीत कलोसिया पर एक बार फिर लापरवाही और भेदभाव के गंभीर आरोप लगे हैं। वार्ड के निवासियों का दावा है कि पार्षद के एक 'खास' व्यक्ति करण बरगले के घर के सामने और आसपास तो नियमित रूप से झाड़ू लगाई जाती है, लेकिन उसी लाइन में आगे के 4-5 घरों के सामने साफ-सफाई नहीं की जाती। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी पार्षद का 'खास' होना जरूरी है। इतना ही नहीं, जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बनाए गए वार्ड के व्हाट्सएप ग्रुप पर जैसे ही कोई निवासी कचरे या गंदी नाली की शिकायत करता है, पार्षद जी उसे तुरंत डिलीट कर देते हैं। पूछने पर पार्षद द्वारा 'गलती से डिलीट हो गया' का बहाना दिया जाता है। इस मामले पर वार्ड 12 की जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।1
- किसान अपनी मूंग की फसल की 100% खरीदी की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन पर उतर आए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के तहत किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ सरकार की शव यात्रा निकाली, जिससे उनकी नाराजगी और मांग स्पष्ट रूप से सामने आई।1
- गुरुवार को दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत आमला वन परिक्षेत्र के नवीन कार्यालय भवन का गरिमामय वातावरण में लोकार्पण किया गया। आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे और वन विभाग के एसडीओ ने फीता काटकर इस नए कार्यालय भवन का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक डॉ. पंडाग्रे ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन से वन विभाग के कार्यों में गति आएगी और अधिकारियों-कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। उन्होंने वन संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना भी की। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने नवीन कार्यालय भवन के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम का समापन अतिथियों के स्वागत एवं आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।2
- भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर 3 बजे मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली। तवा कॉलोनी से शुरू हुई यह रैली तहसीलदार कार्यालय पहुँची, जहाँ किसानों ने मध्य प्रदेश शासन की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के विरोध में भी नारे लगाए गए, जिसमें किसानों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। तहसील कार्यालय पहुँचने पर किसानों ने शव यात्रा के साथ कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया, जहाँ भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। इसके बाद, यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम विजय राय को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि नर्मदापुरम जिले सहित प्रदेश के कई जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन किया, लेकिन सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लेकर उनके साथ अन्याय किया है। ज्ञापन में किसानों द्वारा उत्पादित पूरी ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग की गई है। किसानों ने खाद वितरण की ई-विकास प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि ई-टोकन व्यवस्था के कारण उन्हें डीएपी और यूरिया समय पर नहीं मिल पा रही है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पूरी मूंग की खरीदी नहीं की, तो किसान अपने सभी ट्रैक्टर तहसील कार्यालय में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और अपनी मांगों के समर्थन में पैदल भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ हिस्सा लिया, और तहसील कार्यालय परिसर में सुरक्षा के लिए प्रशासन तथा पुलिस बल तैनात रहे।1