मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक –2.0" साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान का राज्य स्तरीय समापन समारोह भोपाल में आयोजित किया गया। इस समारोह में जनजागरूकता, जनसहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों और प्रभावी सोशल मीडिया संचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला पुलिस बैतूल को "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी में राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) साई मनोहर और पुलिस आयुक्त, भोपाल, संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता, समय पर रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। सम्मान ग्रहण करने के लिए पुलिस अधीक्षक बैतूल विरेंद्र जैन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से उनकी अनुपस्थिति में डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी और साइबर सेल के आरक्षक दीपेंद्र सिंह ने जिला पुलिस बैतूल का प्रतिनिधित्व करते हुए "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी का प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्राप्त किया। सेफ क्लिक –2.0 अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन में जिला पुलिस बैतूल ने जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इसके तहत जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, बैंकों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साइबर सेफ्टी वाक, साइबर क्विज, साइबर सुरक्षा शपथ, साइबर प्रदर्शनी, जनसंवाद और रैलियों जैसे नवाचारों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया। अभियान के दौरान, जिला पुलिस बैतूल ने सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करते हुए 300 से अधिक जागरूकता पोस्ट, वीडियो और रील्स के माध्यम से लगभग 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया, जिससे उन्हें प्रदेश स्तर पर विशेष पहचान मिली। यह सम्मान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन तथा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों, साइबर सेल टीम, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिला पुलिस बैतूल ने प्रदेशभर में अभियान को सफल बनाने वाले पुलिस मुख्यालय, साइबर पुलिस मुख्यालय और सभी सहभागी जिलों के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ, क्योंकि शीघ्र शिकायत से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। अभियान का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि "जागरूकता ही सबसे प्रभावी साइबर सुरक्षा है। स्वयं सतर्क रहें, दूसरों को जागरूक करें और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहभागी बनें। सोचें • समझें • फिर क्लिक करें।"
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक –2.0" साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान का राज्य स्तरीय समापन समारोह भोपाल में आयोजित किया गया। इस समारोह में जनजागरूकता, जनसहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों और प्रभावी सोशल मीडिया संचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला पुलिस बैतूल को "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी में राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) साई मनोहर और पुलिस आयुक्त, भोपाल, संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता, समय पर रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। सम्मान ग्रहण करने के लिए पुलिस अधीक्षक बैतूल विरेंद्र जैन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से उनकी अनुपस्थिति में डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी और साइबर सेल के आरक्षक दीपेंद्र सिंह ने जिला पुलिस बैतूल का प्रतिनिधित्व करते हुए "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी का प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्राप्त किया। सेफ क्लिक –2.0 अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन में जिला पुलिस बैतूल ने जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इसके तहत जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, बैंकों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साइबर सेफ्टी वाक, साइबर क्विज, साइबर सुरक्षा शपथ, साइबर प्रदर्शनी, जनसंवाद और रैलियों जैसे नवाचारों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया। अभियान के दौरान, जिला पुलिस बैतूल ने सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करते हुए 300 से अधिक जागरूकता पोस्ट, वीडियो और रील्स के माध्यम से लगभग 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया, जिससे उन्हें प्रदेश स्तर पर विशेष पहचान मिली। यह सम्मान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन तथा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों, साइबर सेल टीम, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिला पुलिस बैतूल ने प्रदेशभर में अभियान को सफल बनाने वाले पुलिस मुख्यालय, साइबर पुलिस मुख्यालय और सभी सहभागी जिलों के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ, क्योंकि शीघ्र शिकायत से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। अभियान का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि "जागरूकता ही सबसे प्रभावी साइबर सुरक्षा है। स्वयं सतर्क रहें, दूसरों को जागरूक करें और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहभागी बनें। सोचें • समझें • फिर क्लिक करें।"
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक –2.0" साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान का राज्य स्तरीय समापन समारोह भोपाल में आयोजित किया गया। इस समारोह में जनजागरूकता, जनसहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों और प्रभावी सोशल मीडिया संचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला पुलिस बैतूल को "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी में राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) साई मनोहर और पुलिस आयुक्त, भोपाल, संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता, समय पर रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। सम्मान ग्रहण करने के लिए पुलिस अधीक्षक बैतूल विरेंद्र जैन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से उनकी अनुपस्थिति में डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी और साइबर सेल के आरक्षक दीपेंद्र सिंह ने जिला पुलिस बैतूल का प्रतिनिधित्व करते हुए "उत्कृष्ट प्रदर्शन" श्रेणी का प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्राप्त किया। सेफ क्लिक –2.0 अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन में जिला पुलिस बैतूल ने जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इसके तहत जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, बैंकों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साइबर सेफ्टी वाक, साइबर क्विज, साइबर सुरक्षा शपथ, साइबर प्रदर्शनी, जनसंवाद और रैलियों जैसे नवाचारों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया। अभियान के दौरान, जिला पुलिस बैतूल ने सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करते हुए 300 से अधिक जागरूकता पोस्ट, वीडियो और रील्स के माध्यम से लगभग 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया, जिससे उन्हें प्रदेश स्तर पर विशेष पहचान मिली। यह सम्मान पुलिस अधीक्षक विरेंद्र जैन के नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन तथा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों, साइबर सेल टीम, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिला पुलिस बैतूल ने प्रदेशभर में अभियान को सफल बनाने वाले पुलिस मुख्यालय, साइबर पुलिस मुख्यालय और सभी सहभागी जिलों के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ, क्योंकि शीघ्र शिकायत से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। अभियान का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि "जागरूकता ही सबसे प्रभावी साइबर सुरक्षा है। स्वयं सतर्क रहें, दूसरों को जागरूक करें और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहभागी बनें। सोचें • समझें • फिर क्लिक करें।"1
- आमला क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली, पेयजल, सड़क और रपटों से संबंधित इन समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए, पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए, जर्जर सड़कों का तत्काल निर्माण कराया जाए और बरसात के दौरान आवागमन को बाधित करने वाले रपटों का निर्माण एवं मरम्मत की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने से आमजन का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विधायक ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।4
- भारतीय किसान संघ ने आज पांढुर्णा तहसील कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने, मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना का लाभ प्रदान करने, बिजली व्यवस्था में सुधार लाने, उर्वरक दरों की जांच करने, भूली जलाशय प्रभावितों को मुआवजा देने और प्रधानमंत्री सम्मान निधि में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। इसी क्रम में, भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने ग्राम कोलीखापा स्थित वंशी विनोद गौशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर गौशाला में नवनिर्मित शेड का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संघ के सदस्यों ने गौवंश की सेवा करते हुए गौमाता को चारा और गुड़ खिलाया। साथ ही, सदस्यों और स्कूली बच्चों ने मिलकर गौशाला परिसर में उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया और गौसेवा तथा प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।1
- बेतूल जिले के खेड़ी सावलीगढ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रयोगशाला के सहयोग से एक जन जागरण अभियान चलाया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप पाटिल के निर्देशों पर, खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला के माध्यम से यह अभियान गांव-गांव में चलाया जा रहा है। इसी के तहत, बस स्टैंड पर उपस्थित ग्रामीणों को प्रयोगशाला केमिस्ट ने खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट के बारे में जानकारी प्रदान की और उन्हें मिलावटी खाद्य सामग्री खरीदने से बचने के तरीकों से अवगत कराया।1
- पांढुर्णा में पिछले तीन दिनों से 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर चढ़े पश्चिम बंगाल निवासी एक व्यक्ति का बुधवार शाम सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान के तहत लगभग 50 घंटे बाद व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारा गया, जिसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के असकोला (धदनगीरि) निवासी 71 वर्षीय अम्बुज, पिता सुरेंद्र दीगार, को शाम करीब 6:15 बजे सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार ने की, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद, एसडीओपी ब्रजेश भार्गव, थाना प्रभारी अमित दानी, पुलिस बल, प्रशासनिक अमला और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम लगातार जुटी रही। रेस्क्यू के अंतिम चरण में प्रधान आरक्षक नितेश रघुवंशी, आरक्षक पुष्पेंद्र ठाकुर, राजा चौधरी और उनकी टीम, साथ ही ऑटो चालक संदीप खुरसंगे ने टावर पर चढ़कर व्यक्ति को सुरक्षित नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नीचे उतरने के बाद व्यक्ति ने मछली-चावल खिलाने और ₹150 देने की बात कहते हुए अपने गांव जाने की इच्छा जताई। पुलिस के अनुसार, उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद व्यक्ति को चिकित्सकीय परीक्षण एवं उपचार के लिए पुलिस संरक्षण में भेजा गया है। लगभग दो दिनों से अधिक समय तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान की सफलता पर पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम की तत्परता एवं समन्वय की सराहना की जा रही है।1
- सारणी पुलिस ने आदतन फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने कोमल वरकडे के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी। पुलिस ने इस मामले में विक्रम कुमरे, करण भारती और आशीष बिंझाड़े को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अभिजीत बारस्कर के साथ मिलकर इस मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था।1
- भैंसदेही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को कोथलकुंड टोल प्लाजा पर एकदिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया। यह हड़ताल अवैध टोल वसूली और क्षेत्र की जर्जर सड़कों के कारण हो रही लगातार दुर्घटनाओं के विरोध में की गई। इस आंदोलन का नेतृत्व गारपठार मंडलम अध्यक्ष कादर शाह और कोथलकुंड मंडलम अध्यक्ष शुभम राठौर ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जनहित की मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कोथलकुंड टोल प्लाजा पर नियमों के विपरीत अवैध रूप से टोल वसूला जा रहा है, जबकि भैंसदेही-परतवाड़ा सहित क्षेत्र की सड़कें जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। नेताओं ने भूख हड़ताल को संबोधित करते हुए कहा कि खराब सड़कों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिनमें कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने इस बात पर भारी आक्रोश व्यक्त किया कि टोल वसूली के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, जिससे स्थानीय जनता में टोल संचालक और प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा है। ज्ञापन में कोथलकुंड टोल पर अवैध वसूली तुरंत बंद करने, सावलमेंढा से परतवाड़ा तक की सड़क सहित सभी जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने और टोल वसूली के अनुपात में सड़क रखरखाव सुनिश्चित करने की मांगें रखी गईं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 1 माह के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन करते हुए चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन का समर्थन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे रोजाना जान जोखिम में डालकर खराब सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं।2
- जिला अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ पीने के लिए इस्तेमाल होने वाले आरओ (RO) के पानी का उपयोग बर्तन धोने जैसे कार्यों के लिए किया जा रहा है।1