Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजाखेड़ा में अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्कूल जाने का रास्ता खुल गया है।
Etv9 national news
राजाखेड़ा में अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्कूल जाने का रास्ता खुल गया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान के मकराना में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर बेहद सख्त कार्रवाई की जा रही है।1
- बूंदी जिले के नमाना क्षेत्र के हरिपुरा गांव में गुरुवार को करीब 400 वर्ष पुरानी अकाल-सुकाल परंपरा का आयोजन पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अनुष्ठान में लगभग 40 गांवों से आए हजारों ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों का दृढ़ विश्वास है कि इस परंपरा के माध्यम से वर्षा और खेती की स्थिति के शुभ-अशुभ संकेत मिलते हैं। अनुष्ठान के दौरान रघुनाथ जी मंदिर में रथ यात्रा निकाली गई और वैदिक विधि-विधान से हवन व पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद दो किशोरों को अकाल और सुकाल का प्रतीक बनाकर अनुष्ठान कराया गया। करीब 45 मिनट तक चले इस आयोजन के बाद सुकाल की तणी लकड़ी की रॉड पर आकर रुक गई, जिसे ग्रामीणों ने इस वर्ष अच्छी बारिश और बेहतर कृषि उत्पादन का शुभ संकेत माना है। ग्रामीण किसान इसी संकेत के आधार पर अपने खेतों के लिए रणनीति बनाते हैं। इसके अलावा, कई लोग इसे प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य कार्यों के लिए भी शुभ संकेत मान रहे हैं। मंदिर के पुजारी छितर लाल बैरागी ने बताया कि वर्ष 2025 में अकाल की तणी चढ़ी थी, जिसके बाद क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा होने से कई खेतों को नुकसान पहुंचा था। इस कारण ग्रामीणों का इस परंपरा पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। इस आयोजन के दौरान शम्भुलाल सेन, हरिहर मीणा, दुलाल मीणा, सुरेश मीणा, भंवरलाल मीणा, किशनलाल मीणा, चौथमल शर्मा, उदयलाल मीणा, लटूरलाल मीणा, मुकुट बिहारी मीणा, विष्णु शर्मा, ओमप्रकाश मीणा और दौलतराम मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के बारां स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मऊ में अपनी पढ़ाई के लिए शिक्षकों की मांग कर रही छात्राओं के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है, जिसे बेहद निंदनीय और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया गया है। इस घटना को लेकर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तीखा निशाना साधते हुए पूछा गया है कि क्या अब राज्य में अपने अधिकार के लिए शिक्षक मांगना भी एक अपराध बन गया है। जब विद्यालयों में शिक्षक ही नहीं होंगे, तो छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई की चिंता किससे कहें? छात्राओं की आवाज सुनने के बजाय उन पर पुलिस का डंडा चलवाना शिक्षा व्यवस्था की विफलता को छिपाने का सीधा प्रयास है। इस दमनकारी कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा गया है कि जिन बेटियों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, उन्हें पुलिस की मार झेलनी पड़ी है, जो किसी भी संवेदनशील समाज के लिए बेहद शर्म की बात है। यदि यह घटना सत्य है, तो दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, पीड़ित छात्राओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जानी चाहिए और विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति तुरंत सुनिश्चित की जानी चाहिए। बेटियां कोई अपराध नहीं कर रही थीं, वे केवल अपना अधिकार और न्याय मांग रही थीं; इसलिए मांग की गई है कि उन्हें शिक्षक दिए जाएं, लाठी नहीं।1
- हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ऐसी समस्या नहीं हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ये समस्या नहीं1
- सवाई माधोपुर के विकास और प्रशासन की तैयारियों को लेकर 'SWM STORY' पर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन श्री सुनील तिलकर जी के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत की गई है। इस चर्चा में सवाई माधोपुर की दुर्दशा को लेकर बिना किसी लाग-लपेट के सीधे सवाल पूछे गए, जिसमें सीवर के ऊंचे चेंबर, खस्ताहाल सड़कों और आम जनता की परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। इस खास बातचीत में शहर की बुनियादी समस्याओं और सीवर संकट को 6 महीने के भीतर सुलझाने के वादे की सच्चाई टटोली गई। इसके साथ ही, पिछले कुछ सालों में रुके हुए विकास कार्यों को रफ्तार देने और साल 2027 तक सवाई माधोपुर को एक आधुनिक व स्मार्ट टूरिस्ट सिटी के रूप में तब्दील करने के विजन पर भी सवाल किए गए। 'SWM STORY' ने इसे प्रशासन के वादों का रिपोर्ट कार्ड बताते हुए जनता से अपनी राय कमेंट बॉक्स में देने और चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की है।1
- सवाई माधोपुर के जिला अस्पताल में आम लोगों को चौबीसों घंटे बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा के अनुसार, 16 जुलाई को अस्पताल में कुल 2 हजार 219 मरीजों को ओपीडी और 96 मरीजों को आईपीडी सेवाएं दी गईं। इसी दिन अस्पताल में कुल 17 संस्थागत प्रसव संपन्न कराए गए, जिनमें 14 सामान्य प्रसव तथा 3 सिजेरियन (सी-सेक्शन) प्रसव शामिल हैं। अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्थाओं के तहत ब्लड बैंक में 93 यूनिट रक्त उपलब्ध रहा। इसी दिन 2 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार के साथ-साथ 6 नवजात शिशुओं को विशेष चिकित्सा सेवाएं दी गईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थीसिया टीम, नर्सिंग स्टाफ और ब्लड बैंक के आपसी तालमेल से 3 जटिल हाई रिस्क सिजेरियन ऑपरेशन और 2 गंभीर प्रसूति जटिलताओं का भी सफल प्रबंधन किया गया। डॉ. मीणा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से समय पर पंजीकरण कराने, नियमित जांच कराने और केवल सरकारी या अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों में ही प्रसव कराने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी किसी भी शिकायत या सुझाव पर विभाग द्वारा गंभीरता से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- राजाखेड़ा में अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्कूल जाने का रास्ता खुल गया है।1
- बूंदी जिले के कापरेन में शक्ति चौराहे पर हाइटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई है। मोर वहां मौजूद हाइटेंशन विद्युत लाइन से आए करंट की चपेट में आ गया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।1