कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग बना ‘खतरे का सफर’, ओवरलोड रिक्शा कभी भी करा सकते हैं बड़ा हादसा कदौरा क्षेत्र। कर्मचंदपुर से इटौरा मार्ग तक इन दिनों सफर करना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो अपनी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर फर्राटा भर रहे हैं। हालत यह है कि एक रिक्शा में जहां चार से पांच यात्रियों की अनुमति है, वहां आठ से दस लोग बैठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले ही संकरा है, ऊपर से तेज रफ्तार और ओवरलोड सवारी मिलकर किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। जरा सी असावधानी दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। सवारी की जान जोखिम में सुबह और दोपहर के समय , लेकिन मजबूरी में उन्हें इन्हीं साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नियमों की खुलेआम अनदेखी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। न तो नियमित चेकिंग हो रही है और न ही ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी जुर्माना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल समय में सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। प्रशासन को चेतना होगा, वरना हादसे के बाद सिर्फ अफसोस ही हाथ लगेगा।
कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग बना ‘खतरे का सफर’, ओवरलोड रिक्शा कभी भी करा सकते हैं बड़ा हादसा कदौरा क्षेत्र। कर्मचंदपुर से इटौरा मार्ग तक इन दिनों सफर करना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो अपनी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर फर्राटा भर रहे हैं। हालत यह है कि एक रिक्शा में जहां चार से पांच यात्रियों की अनुमति है, वहां आठ से दस लोग बैठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले ही संकरा है, ऊपर से तेज रफ्तार और ओवरलोड सवारी मिलकर किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। जरा सी असावधानी दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। सवारी की जान जोखिम में सुबह और दोपहर के समय , लेकिन मजबूरी में उन्हें इन्हीं साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नियमों की खुलेआम अनदेखी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। न तो नियमित चेकिंग हो रही है और न ही ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी जुर्माना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल समय में सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। प्रशासन को चेतना होगा, वरना हादसे के बाद सिर्फ अफसोस ही हाथ लगेगा।
- कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग बना ‘खतरे का सफर’, ओवरलोड रिक्शा कभी भी करा सकते हैं बड़ा हादसा कदौरा क्षेत्र। कर्मचंदपुर से इटौरा मार्ग तक इन दिनों सफर करना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो अपनी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर फर्राटा भर रहे हैं। हालत यह है कि एक रिक्शा में जहां चार से पांच यात्रियों की अनुमति है, वहां आठ से दस लोग बैठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले ही संकरा है, ऊपर से तेज रफ्तार और ओवरलोड सवारी मिलकर किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। जरा सी असावधानी दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। सवारी की जान जोखिम में सुबह और दोपहर के समय , लेकिन मजबूरी में उन्हें इन्हीं साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नियमों की खुलेआम अनदेखी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। न तो नियमित चेकिंग हो रही है और न ही ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी जुर्माना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल समय में सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। प्रशासन को चेतना होगा, वरना हादसे के बाद सिर्फ अफसोस ही हाथ लगेगा।1
- गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कृषि कार्य से जुड़ा सामान लदा हुआ था। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आटा–इटौरा मार्ग पर कई जगह सड़क किनारे गहरी खाइयां बनी हुई हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। अपील: वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और खराब मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।2
- जालौन: शराब के लिए पैसे नहीं देने पर मारपीट ➡दबंगों ने युवक से शराब के लिए पैसे मांगे ➡मना करने पर युवक को बेरहमी से पीटा ➡मारपीट की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद ➡दबंगों ने सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ा ➡घायल अस्पताल में भर्ती, एक आरोपी अरेस्ट ➡उरई के राजेन्द्र नगर इलाके का मामला1
- Post by चंद्रशेखर शेखर1
- Post by Irshad khan1
- डेरापुर थाना क्षेत्र के खाला गांव में अवैध संबंध के विरोध पर महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने थाने में गुरुवार को करीब 3 बजे प्रार्थना पत्र देकर पति समेत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। खाला गांव निवासी संगीता देवी पत्नी राजेश ने डेरापुर थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पति राजेश पुत्र ठाकुर प्रसाद के एक युवती के साथ अवैध संबंध हैं। जब उसने इस बात का विरोध किया तो घर में विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके पति राजेश ने गुस्से में आकर उसके साथ मारपीट कर दी और मोटे डंडे से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आ गईं। पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में युवती और उसके भाई पर भी मामले में सहयोग करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने पति राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1
- होली पर्व के दौरान संदलपुर कस्बे में हुआ फाग कार्यक्रम.1
- झींझक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे 5, मार्च को छुट्टी घोषित कर दी गई सिर्फ इमरजेंसी मरीजों को देखा जा रहा था उन मरीजों को भी डॉक्टर द्वारा बाहर से दवा लिखकर देरहे हैं गरीब मरीज मॅहगी दवाई लेने पर मजबूर हैं जब इमरजेंसी खुली है तो अंदर की दवाई क्यों नहीं दी जाती1