आटा–इटौरा मार्ग पर अनियंत्रित ट्रैक्टर खाई में गिरा, बड़ा हादसा टला कदौरा (जालौन)। आटा और इटौरा मार्ग के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार में जा रहा एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरा। जिसमें चालक बुरी तरह घायल हो गया जो जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर खाई में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कृषि कार्य से जुड़ा सामान लदा हुआ था। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आटा–इटौरा मार्ग पर कई जगह सड़क किनारे गहरी खाइयां बनी हुई हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। अपील: वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और खराब मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।
आटा–इटौरा मार्ग पर अनियंत्रित ट्रैक्टर खाई में गिरा, बड़ा हादसा टला कदौरा (जालौन)। आटा और इटौरा मार्ग के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार में जा रहा एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरा। जिसमें चालक बुरी तरह घायल हो गया जो जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर खाई में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कृषि कार्य
से जुड़ा सामान लदा हुआ था। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आटा–इटौरा मार्ग पर कई जगह सड़क किनारे गहरी खाइयां बनी हुई हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। अपील: वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और खराब मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।
- कालपी ब्रेकिंग : नाबालिगों का अड्डा बन रही चाय की दुकान! जालौन के कालपी नगर में हाईवे किनारे हाजी पेट्रोल पंप के पास स्थित अमन कन्फेक्शनरी एंड चाय की दुकान पर रोजाना शाम ढलते ही नाबालिग लड़कों का जमावड़ा लगने लगा है। यहां चाय के बहाने नाबालिग खुलेआम सिगरेट के कश लगाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि दिनांक 5 मार्च 2026 की शाम करीब 7 बजे दुकान पर दर्जनों लड़के चाय और सिगरेट पीने के लिए जमा थे। इसी दौरान दो अलग-अलग गुटों के लड़कों के बीच पहले पोंट कसने को लेकर कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला गाली-गलौज और झगड़े की नौबत तक पहुंच गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन कुछ देर बाद दोनों गुट फिर आमने-सामने आ गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस दुकान पर पहले भी कई बार गाली-गलौज और विवाद हो चुके हैं। रोजाना दर्जनों लड़कों के बैठने से माहौल बिगड़ता जा रहा है और एक-दूसरे पर छींटाकशी आम बात हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि नाबालिगों को नशे की ओर क्यों धकेला जा रहा है? प्रशासन आखिर कब लेगा संज्ञान? फिलहाल आज का मामला तो किसी तरह शांत हो गया, लेकिन अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा विवाद या अप्रिय घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द ही इस मामले में जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इलाके में शांति बनी रहे और नाबालिगों को नशे से दूर रखा जा सके। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई और जानकारी सामने आ सकती है।1
- गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कृषि कार्य से जुड़ा सामान लदा हुआ था। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आटा–इटौरा मार्ग पर कई जगह सड़क किनारे गहरी खाइयां बनी हुई हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। अपील: वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और खराब मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।2
- Post by चंद्रशेखर शेखर1
- थाना रुरा पुलिस ने आबकारी एक्ट में मामले अभियुक्त अजीत कुमार पुत्र शिवलाल उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम मिथलेशपुर थाना अकबरपुर को सिठमरा गांव के पास से गिरफ्तार किया।वहीं गुरुवर को थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि अभियुक्त के कब्जे से 18 अदद क्वाटर ट्रेटा देशी शराब जानेमन ब्राण्ड नाजायज बरामद होने के सम्बन्ध में आबकारी अधिनियम पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी ।1
- कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग बना ‘खतरे का सफर’, ओवरलोड रिक्शा कभी भी करा सकते हैं बड़ा हादसा कदौरा क्षेत्र। कर्मचंदपुर से इटौरा मार्ग तक इन दिनों सफर करना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो अपनी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर फर्राटा भर रहे हैं। हालत यह है कि एक रिक्शा में जहां चार से पांच यात्रियों की अनुमति है, वहां आठ से दस लोग बैठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले ही संकरा है, ऊपर से तेज रफ्तार और ओवरलोड सवारी मिलकर किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। जरा सी असावधानी दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। सवारी की जान जोखिम में सुबह और दोपहर के समय , लेकिन मजबूरी में उन्हें इन्हीं साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नियमों की खुलेआम अनदेखी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। न तो नियमित चेकिंग हो रही है और न ही ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी जुर्माना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल समय में सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। प्रशासन को चेतना होगा, वरना हादसे के बाद सिर्फ अफसोस ही हाथ लगेगा।1
- डेरापुर थाना क्षेत्र के खाला गांव में अवैध संबंध के विरोध पर महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने थाने में गुरुवार को करीब 3 बजे प्रार्थना पत्र देकर पति समेत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। खाला गांव निवासी संगीता देवी पत्नी राजेश ने डेरापुर थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पति राजेश पुत्र ठाकुर प्रसाद के एक युवती के साथ अवैध संबंध हैं। जब उसने इस बात का विरोध किया तो घर में विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके पति राजेश ने गुस्से में आकर उसके साथ मारपीट कर दी और मोटे डंडे से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आ गईं। पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में युवती और उसके भाई पर भी मामले में सहयोग करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने पति राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1
- होली पर्व के दौरान संदलपुर कस्बे में हुआ फाग कार्यक्रम.1
- कालपी में दबंगई का खुला खेल पीएम आवास के पिलर उखाड़े, परिवार को दी जान से मारने की धमकी — तहरीर के बाद भी पुलिस खामोश! जालौन जनपद के कालपी नगर के मोहल्ला राम चबूतरा जुलहेठी में दबंगों की गुंडई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी योजना से बन रहे गरीब के आशियाने को ही दबंगों ने निशाना बना लिया। पीड़ित भूरे लाल पुत्र छिद्दू सोनकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली करीब ढाई लाख रुपये की सहायता से अपने परिवार के लिए मकान का निर्माण करा रहे थे। तभी आरोप है कि गांव के ही संजय पुत्र छुटकन, मनीष पुत्र छुटकन, सुमित पुत्र राजू सोनकर, राहुल पुत्र राजू सोनकर, कोमल पुत्री राजू, कागज पुत्री राजू और उमा पत्नी राजू समेत कई लोग एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए और निर्माणाधीन मकान के पिलर उखाड़ने लगे। मौके पर मौजूद मिस्त्री के साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई। विरोध करने पर पीड़ित पक्ष को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि संतोष पुत्र भूरे और उसके चार बेटों को भी धमकाकर पूरे परिवार में दहशत फैलाने की कोशिश की गई। हालात बिगड़ते देख पीड़ित पक्ष ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को कोतवाली ले गई। पीड़ितों ने पूरे मामले में लिखित तहरीर भी दी, लेकिन आरोप है कि कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरकारी योजना से बन रहे मकान को भी दबंगों से सुरक्षा नहीं मिल रही, तो गरीब आखिर जाए तो जाए कहां? अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गरीबों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी दबंगों से इजाजत लेनी पड़ेगी? सरकारी पैसे से बन रहे मकान के पिलर उखाड़ने की कोशिश को कानून व्यवस्था को खुली चुनौती माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि कालपी पुलिस इस मामले में कब कार्रवाई करती है या फिर गरीब का आशियाना यूं ही दबंगों की दबंगई का शिकार बनता रहेगा। आखिर किसके संरक्षण में चल रही है कालपी में यह दबंगई? यह सवाल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।1