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सीतापुर में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक को रस्सी से बांधकर पीटा सीतापुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के शादीपुर गांव में पारिवारिक विवाद के चलते बीच सड़क मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक को रस्सी से बांधकर पीटते हुए देखा जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला रोहिनी, पत्नी कुलदीप, ने आरोप लगाया है कि उसके जेठ अनीश और रामसहारे सहित करीब पांच लोगों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपियों ने उसके पति कुलदीप को पकड़कर रस्सियों से बांध दिया और बीच सड़क पर उसकी पिटाई शुरू कर दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।

on 12 March
user_Jhalko india news Akash Yadav
Jhalko india news Akash Yadav
Local News Reporter सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
on 12 March

सीतापुर में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक को रस्सी से बांधकर पीटा सीतापुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के शादीपुर गांव में पारिवारिक विवाद के चलते बीच सड़क मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक को रस्सी से बांधकर पीटते हुए देखा जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला रोहिनी, पत्नी कुलदीप, ने आरोप लगाया है कि उसके जेठ अनीश और रामसहारे सहित करीब पांच लोगों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपियों ने उसके पति कुलदीप को पकड़कर रस्सियों से बांध दिया और बीच सड़क पर उसकी पिटाई शुरू कर दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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  • सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैर के इलाज के बजाय मरीज के पेट का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मरीज सावित्री को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। घटना के विरोध में परिजनों और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एक जूनियर डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है और 13 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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    सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैर के इलाज के बजाय मरीज के पेट का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
मरीज सावित्री को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। घटना के विरोध में परिजनों और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एक जूनियर डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है और 13 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई है।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    user_Abhishek Maurya
    Abhishek Maurya
    Local News Reporter Sitapur, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • @jaydhole1
    1
    @jaydhole1
    user_Priyansukashyapji
    Priyansukashyapji
    सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • आग का कारण बिजली के ऊपरी तारों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस दौरान गैस सिलेंडर और रेफ्रिजरेटर कंप्रेसर में कई धमाके हुए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, पुलिस और दमकल टीमें आग बुझाने में जुटी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को नाइट शेल्टर में शिफ्ट किया जा रहा है और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। फिलहाल कोई मौत नहीं हुई, कुछ लोग हल्की रूप से घायल बताए गए हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
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    आग का कारण बिजली के ऊपरी तारों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस दौरान गैस सिलेंडर और रेफ्रिजरेटर कंप्रेसर में कई धमाके हुए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, पुलिस और दमकल टीमें आग बुझाने में जुटी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभावित परिवारों को नाइट शेल्टर में शिफ्ट किया जा रहा है और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। फिलहाल कोई मौत नहीं हुई, कुछ लोग हल्की रूप से घायल बताए गए हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
    user_Awadh News
    Awadh News
    Local News Reporter मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सिधौली तहसील में भ्रष्टाचार पर बड़ा वार: एक लाख घूस लेते SDM के पेशकार रंगे हाथ गिरफ्तार लखनऊ एंटी करप्शन टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दाखिल-खारिज के नाम पर वसूली का खुलासा संवाददाता,,नरेश गुप्ता सिधौली/सीतापुर। तहसील सिधौली में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम के पेशकार (वरिष्ठ बाबू) अनुपम श्रीवास्तव को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले पेशकार द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोपी ने कुल ₹1,00,000 की रकम तय की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तहसील परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। शिकायतकर्ता जय प्रकाश मिश्रा निवासी ग्राम मऊ की सतर्कता से यह कार्रवाई संभव हो सकी। पहले भी विवादों में रहा आरोपी सूत्रों के अनुसार, अनुपम श्रीवास्तव का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले जब वह सदर तहसील में तैनात था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार शिकायतों के चलते उसे वहां से हटाकर सिधौली भेजा गया था, लेकिन यहां भी उसकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। तहसील में सन्नाटा, कर्मचारियों में खौफ अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होते नजर आए। एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने साथ लखनऊ ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ा संदेश: इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन अब पूरी तरह सख्त है और रिश्वतखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फैक्ट बॉक्स ▪️ स्थान: तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर ▪️ आरोपी: अनुपम श्रीवास्तव (पेशकार) ▪️ मामला: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत ▪️ राशि: ₹1,00,000 ▪️ शिकायतकर्ता: अटरिया क्षेत्र का किसान (जय प्रकाश मिश्रा) ▪️ कार्रवाई: लखनऊ एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तारी ▪️ तरीका: शिकायत के बाद ट्रैप ऑपरेशन ▪️ पुराना रिकॉर्ड: ठगी व भ्रष्टाचार के आरोप, सदर तहसील से हटाया जा चुका ▪️ वर्तमान स्थिति: आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी
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    सिधौली तहसील में भ्रष्टाचार पर बड़ा वार: एक लाख घूस लेते SDM के पेशकार रंगे हाथ गिरफ्तार
लखनऊ एंटी करप्शन टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दाखिल-खारिज के नाम पर वसूली का खुलासा
संवाददाता,,नरेश गुप्ता
सिधौली/सीतापुर।
तहसील सिधौली में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम के पेशकार (वरिष्ठ बाबू) अनुपम श्रीवास्तव को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले पेशकार द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोपी ने कुल ₹1,00,000 की रकम तय की थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तहसील परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। शिकायतकर्ता जय प्रकाश मिश्रा निवासी ग्राम मऊ की सतर्कता से यह कार्रवाई संभव हो सकी।
पहले भी विवादों में रहा आरोपी
सूत्रों के अनुसार, अनुपम श्रीवास्तव का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले जब वह सदर तहसील में तैनात था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार शिकायतों के चलते उसे वहां से हटाकर सिधौली भेजा गया था, लेकिन यहां भी उसकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ।
तहसील में सन्नाटा, कर्मचारियों में खौफ
अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होते नजर आए। एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने साथ लखनऊ ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बड़ा संदेश:
इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन अब पूरी तरह सख्त है और रिश्वतखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
फैक्ट बॉक्स
▪️ स्थान: तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर
▪️ आरोपी: अनुपम श्रीवास्तव (पेशकार)
▪️ मामला: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत
▪️ राशि: ₹1,00,000
▪️ शिकायतकर्ता: अटरिया क्षेत्र का किसान (जय प्रकाश मिश्रा)
▪️ कार्रवाई: लखनऊ एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तारी
▪️ तरीका: शिकायत के बाद ट्रैप ऑपरेशन
▪️ पुराना रिकॉर्ड: ठगी व भ्रष्टाचार के आरोप, सदर तहसील से हटाया जा चुका
▪️ वर्तमान स्थिति: आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 🚨 सीतापुर में सनसनी: शारदा नहर से अज्ञात शव बरामद, इलाके में मचा हड़कंप सीतापुर। जनपद के थाना बिसवां क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बिसवां स्थित पुरानी पुल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर शारदा नहर में एक अज्ञात शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने नहर में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नहर से बाहर निकलवाया। आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच भी शुरू कर दी गई है। 👉 पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है। रिपोर्ट: अरुण कुमार यादव स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
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    🚨 सीतापुर में सनसनी: शारदा नहर से अज्ञात शव बरामद, इलाके में मचा हड़कंप
सीतापुर। जनपद के थाना बिसवां क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बिसवां स्थित पुरानी पुल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर शारदा नहर में एक अज्ञात शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों ने नहर में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नहर से बाहर निकलवाया। आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
👉 पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।
रिपोर्ट: अरुण कुमार यादव
स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
    user_अवध इंडिया न्यूज़ स्टेट ब्यूरो
    अवध इंडिया न्यूज़ स्टेट ब्यूरो
    Lawyer बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जनपद लखीमपुर-खीरी के अन्य ब्लॉकों में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन पलिया ब्लॉक में अभी तक न तो चयनित अभ्यर्थियों की सूची चस्पा की गई है और न ही किसी को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इस देरी से चयनित सहायिकाएं खासी परेशान हैं और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पलिया में नियुक्ति पत्र वितरण के नाम पर सुविधा शुल्क मांगे जाने की चर्चा भी सामने आ रही है, जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में जब बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) गीता देवी से जानकारी ली गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सीडीपीओ गीता देवी ने बताया कि पलिया ब्लॉक को अब तक न तो चयन सूची प्राप्त हुई है और न ही नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि यदि सूची और नियुक्ति पत्र प्राप्त होते, तो उन्हें रोकने का कोई औचित्य नहीं है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उनके आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इधर, चयनित अभ्यर्थियों ने शीघ्र सूची चस्पा कर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र वितरण की मांग की है, ताकि उनकी लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो सके।
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    जनपद लखीमपुर-खीरी के अन्य ब्लॉकों में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन पलिया ब्लॉक में अभी तक न तो चयनित अभ्यर्थियों की सूची चस्पा की गई है और न ही किसी को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इस देरी से चयनित सहायिकाएं खासी परेशान हैं और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार पलिया में नियुक्ति पत्र वितरण के नाम पर सुविधा शुल्क मांगे जाने की चर्चा भी सामने आ रही है, जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में जब बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) गीता देवी से जानकारी ली गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
सीडीपीओ गीता देवी ने बताया कि पलिया ब्लॉक को अब तक न तो चयन सूची प्राप्त हुई है और न ही नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि यदि सूची और नियुक्ति पत्र प्राप्त होते, तो उन्हें रोकने का कोई औचित्य नहीं है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उनके आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
इधर, चयनित अभ्यर्थियों ने शीघ्र सूची चस्पा कर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र वितरण की मांग की है, ताकि उनकी लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो सके।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by संदीप कुमार शर्मा
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    Post by संदीप कुमार शर्मा
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सीतापुर में जिलाधिकारी राजागणपति आर. ने रविवार को नगर पालिका परिषद मिश्रिख और नैमिषारण्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों में भारी अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई पटल सहायकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट और पानी टंकी से जुड़े रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्टर और IGRS पोर्टल की भी जांच की गई, जहां शिकायतों का सही रिकॉर्ड नहीं मिला। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही वंदन योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता की भी जांच की गई।
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    सीतापुर में जिलाधिकारी राजागणपति आर. ने रविवार को नगर पालिका परिषद मिश्रिख और नैमिषारण्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों में भारी अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई पटल सहायकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट और पानी टंकी से जुड़े रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्टर और IGRS पोर्टल की भी जांच की गई, जहां शिकायतों का सही रिकॉर्ड नहीं मिला।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही वंदन योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता की भी जांच की गई।
    user_Abhishek Maurya
    Abhishek Maurya
    Local News Reporter Sitapur, Uttar Pradesh•
    21 hrs ago
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