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sadak sudhar gram Panama post Sarai Prayag jila kannoj tahsil chhibramau
Amit Kumar
sadak sudhar gram Panama post Sarai Prayag jila kannoj tahsil chhibramau
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- gram Panama post Sarai Prayag jila kannoj tahsil chhibramau1
- एडीजी और डीआईजी ने साइवर क्राइम को लेकर किया जागरूक कन्नौज। तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम हाल में आयोजित साइवर अपराधों पर जागरूकता को लेकर एडीजी और डीआईजी ने छात्र छात्राओं से लेकर आमजनमानस को जागरूक किया। बताते चलें कि,मंगलवार को जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे दोनों पुलिस के उच्चाधिकारियों को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद आडिटोरियम हाल में आयोजित कार्यकम की शुरुआत हुई। कार्यकम में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यकम में मौजूद महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह, एवं पुलिस महानिरीक्षक कानपुर जोन डीआईजी हरिश्चंद्र ने जहां साइबर सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखते हुए कार्यकम में मौजूद जनमानस को जागरूकता का पाठ पढ़ाया,वहीं प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। मुख्य वक्ता मौजूद रक्षित टंडन ने कार्यकम में मौजूद पुलिस कर्मियों, छात्र छात्राओं, शिक्षकों, सहित आम जनमानस को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ओटीपी शेयरिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑन लाइन निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी काल, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, एवं अन्य माध्यमों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोग इनसे अपना बचाव हेतु मोबाइल फोन, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक पर क्लिक ना करने, ओटीपी और बैंकिंग पासवर्ड साझा ना करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, की सलाह दी। कार्यकम में हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के बारे में भी कार्यकम में जानकारी दी गई। साइबर अपराध पर पीड़ित अपनी शिकायत कैसे दर्ज कराएं इसकी भी जानकारी कार्यकम में दी गई। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस कप्तान विनोद कुमार, क्षेत्रीय पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलवीर सिंह, सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कॉलेज के प्राचार्य सीपी पाल, सीएमएस दिलीप सिंह, सर्जरी विभाग के चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्सकों के अलावा सच्चिदानंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।1
- सतौरा मे हुआ एक्सीडेंट बाल बाल बचे यात्री || बोलेरो आटो और बोलेरो पीकअप मे हुआ एक्सीडेंट2
- मासूम हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 50 हजार का इनामी आरोपी मुठभेड़ में ढेर मल्लावां क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम की दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मेनूर उर्फ नूर उर्फ मेहनुद्दीन को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मटियामऊ गांव के पास मक्का के खेत में बच्चे का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र द्वारा आरोपी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 06 मई को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। पुलिस ने तुरंत उसे सीएचसी मल्लावां पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल हरदोई रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान SOG प्रभारी राजेश कुमार भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। जांच में सामने आए सनसनीखेज तथ्य ▪️ मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका ▪️ वारदात के बाद घटना को भटकाने के लिए चोरी के सिम से फिरौती कॉल ▪️ आरोपी पर विभिन्न जनपदों में करीब एक दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज .बरामदगी में मिला ▪️ 32 बोर पिस्टल ▪️ .315 बोर तमंचा ▪️ मोटरसाइकिल ▪️ जिंदा व खोखा कारतूस पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। पूरे मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- Post by Shiva Gautam1
- Post by Ankit Gautam1
- बिलग्राम ड्रिप लगते ही बिगड़ी युवक की हालत, आयांश ऑर्थो अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप से मचा हड़कंप बिलग्राम (हरदोई)। बिलग्राम-नवादा मार्ग स्थित आयांश ऑर्थो अस्पताल में इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एक युवक को साधारण उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन ड्रिप लगते ही उसकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिससे परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित शादाब ने बताया कि वह अपने 18 वर्षीय पुत्र रिहान को हाथ की हड्डी बढ़ने की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही और ड्रिप चढ़ाने को कहा। आरोप है कि एक कर्मचारी द्वारा ड्रिप लगाते ही रिहान को तेज बुखार, घबराहट और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं। हालत बिगड़ते देख परिजन घबरा गए, लेकिन समय रहते समुचित इलाज नहीं मिल सका। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय युवक को तुरंत हरदोई रेफर कर दिया। इससे उनकी पीड़ा और आक्रोश दोनों बढ़ गए। परिवार का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिलता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। शादाब ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां योग्य और डिग्रीधारी डॉक्टरों का अभाव है, जबकि कुछ लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीण और कम जागरूक मरीजों से इलाज के नाम पर मनमाना पैसा वसूला जाता है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पुलिस की मदद से युवक को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है—क्या लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?1
- कोई अधिकारी या प्रधान तक की नजर नही है जो आज तक विकास के लिए तरस रही है गली मामला किसी भी अधिकारी के संझान मे हो तो इसे पुरा करने की कृपा करे सतौरा कन्नौज उत्तरप्रदेश 2097311