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दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे। आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। #shahdol #शहडोल दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे। आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। #shahdol #शहडोल

4 hrs ago
user_Durgesh Kumar Gupta
Durgesh Kumar Gupta
Electrician Beohari, Shahdol•
4 hrs ago

दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे। आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। #shahdol #शहडोल दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे। आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। #shahdol #शहडोल

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  • दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे। आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। #shahdol #शहडोल दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे। आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। #shahdol #शहडोल
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    दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद 

 अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे।

आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं।

#shahdol #शहडोल
दीप पर्व पर खरीदें स्वदेशी उत्पाद 
अध्यक्ष जनपद पंचायत ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह ने दीपावली की खरीदारी में लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी के दिये खरीदे।
आइए, इस दीपावली स्थानीय कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं।
#shahdol #शहडोल
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    4 hrs ago
  • # रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन? ### # रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन? ### 50 गांवों का प्रमुख बाजार और शासकीय कार्यालयों का केंद्र होने के बावजूद यातायात व्यवस्था बदहाल ### अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और स्थायी बस स्टैंड निर्माण की उठी मांग **आशुतोष त्रिपाठी-जनचिंगारी/उमरिया।** नगर परिषद मानपुर में रोजाना लगने वाला जाम अब आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी बन चुका है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख तिराहे-चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम बात हो गई है। अव्यवस्थित यातायात के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, राहगीरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक मानपुर की जनता इस समस्या से जूझती रहेगी और जिम्मेदार प्रशासन कब स्थायी समाधान की पहल करेगा? मानपुर केवल नगर परिषद क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 50 गांवों का प्रमुख व्यापारिक एवं बाजार केंद्र भी है। यहां बैंक, तहसील, सिविल कोर्ट, जनपद पंचायत, महिला एवं बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग सहित अनेक महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हैं। इन कार्यालयों में अपने कामकाज के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, व्यापारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। यही वजह है कि मुख्य बाजार और प्रमुख सड़कों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। ### आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बन सकता है खतरा जाम की समस्या अब केवल आवागमन की परेशानी तक सीमित नहीं रह गई है। यातायात बाधित होने से अस्पताल की एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। किसी गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान जाम में फंसना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर लापरवाही किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। प्रशासन को इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए समय रहते प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए। ### पुलिस के प्रयासों के बावजूद अतिरिक्त बल की जरूरत मानपुर पुलिस द्वारा समय-समय पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन सीमित पुलिस बल और कानून-व्यवस्था की अन्य जिम्मेदारियों के चलते प्रत्येक व्यस्त स्थान पर नियमित निगरानी कर पाना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक उमरिया से मांग की जा रही है कि मानपुर थाने को अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ताकि मुख्य बाजार, बस स्टैंड और मुक्त बाजार सहित प्रमुख तिराहे-चौराहों पर नियमित पुलिसकर्मियों की तैनाती हो सके। विशेषकर बाजार के व्यस्त समय में यातायात पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इससे अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही सुचारु करने और जाम की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी। ### स्थायी बस स्टैंड निर्माण के बिना कैसे सुधरेगी व्यवस्था? जिला प्रशासन और नगर परिषद मानपुर को भी स्थायी बस स्टैंड निर्माण की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। बसों के खड़े होने के लिए निर्धारित स्थान, यात्रियों के बैठने की सुविधा, पार्किंग और व्यवस्थित आवागमन की व्यवस्था होने से मुख्य बाजार पर वाहनों का अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र के लिए स्थायी यातायात प्रबंधन योजना तैयार करना भी जरूरी है। ### व्यापारी भी निभाएं अपनी जिम्मेदारी यातायात व्यवस्था सुधारने में स्थानीय व्यापारियों का सहयोग भी बेहद आवश्यक है। व्यापारियों को अपनी दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान फैलाने से बचना चाहिए। ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग भी व्यवस्थित ढंग से कराने में सहयोग करना चाहिए, ताकि बाजार की सड़कों पर आवागमन बाधित न हो। प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद, व्यापारियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। ### क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा प्रशासन? जब मानपुर आसपास के लगभग 50 गांवों के लोगों की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है और यहां इतने महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हैं, तब भी यातायात व्यवस्था की बदहाली समझ से परे है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद और जिला प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए जवाबदेही तय करनी होगी। आखिर कब तक मानपुर की जनता रोजाना जाम का दंश झेलती रहेगी? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी के बाद ही जागेंगे? क्या अपनी जायज मांगों के लिए नागरिकों को जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा? अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। मानपुर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, स्थायी बस स्टैंड का निर्माण, अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण और बाजार क्षेत्र में प्रभावी यातायात प्रबंधन समय की मांग है। जनता को राहत देने के लिए जिम्मेदार विभागों को अब धरातल पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।
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    # रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
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# रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
### 50 गांवों का प्रमुख बाजार और शासकीय कार्यालयों का केंद्र होने के बावजूद यातायात व्यवस्था बदहाल
### अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और स्थायी बस स्टैंड निर्माण की उठी मांग
**आशुतोष त्रिपाठी-जनचिंगारी/उमरिया।**
नगर परिषद मानपुर में रोजाना लगने वाला जाम अब आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी बन चुका है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख तिराहे-चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम बात हो गई है। अव्यवस्थित यातायात के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, राहगीरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक मानपुर की जनता इस समस्या से जूझती रहेगी और जिम्मेदार प्रशासन कब स्थायी समाधान की पहल करेगा?
मानपुर केवल नगर परिषद क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 50 गांवों का प्रमुख व्यापारिक एवं बाजार केंद्र भी है। यहां बैंक, तहसील, सिविल कोर्ट, जनपद पंचायत, महिला एवं बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग सहित अनेक महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हैं। इन कार्यालयों में अपने कामकाज के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, व्यापारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। यही वजह है कि मुख्य बाजार और प्रमुख सड़कों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है।
### आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बन सकता है खतरा
जाम की समस्या अब केवल आवागमन की परेशानी तक सीमित नहीं रह गई है। यातायात बाधित होने से अस्पताल की एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। किसी गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान जाम में फंसना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर लापरवाही किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। प्रशासन को इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए समय रहते प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए।
### पुलिस के प्रयासों के बावजूद अतिरिक्त बल की जरूरत
मानपुर पुलिस द्वारा समय-समय पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन सीमित पुलिस बल और कानून-व्यवस्था की अन्य जिम्मेदारियों के चलते प्रत्येक व्यस्त स्थान पर नियमित निगरानी कर पाना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक उमरिया से मांग की जा रही है कि मानपुर थाने को अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ताकि मुख्य बाजार, बस स्टैंड और मुक्त बाजार सहित प्रमुख तिराहे-चौराहों पर नियमित पुलिसकर्मियों की तैनाती हो सके।
विशेषकर बाजार के व्यस्त समय में यातायात पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इससे अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही सुचारु करने और जाम की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।
### स्थायी बस स्टैंड निर्माण के बिना कैसे सुधरेगी व्यवस्था?
जिला प्रशासन और नगर परिषद मानपुर को भी स्थायी बस स्टैंड निर्माण की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। बसों के खड़े होने के लिए निर्धारित स्थान, यात्रियों के बैठने की सुविधा, पार्किंग और व्यवस्थित आवागमन की व्यवस्था होने से मुख्य बाजार पर वाहनों का अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र के लिए स्थायी यातायात प्रबंधन योजना तैयार करना भी जरूरी है।
### व्यापारी भी निभाएं अपनी जिम्मेदारी
यातायात व्यवस्था सुधारने में स्थानीय व्यापारियों का सहयोग भी बेहद आवश्यक है। व्यापारियों को अपनी दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान फैलाने से बचना चाहिए। ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग भी व्यवस्थित ढंग से कराने में सहयोग करना चाहिए, ताकि बाजार की सड़कों पर आवागमन बाधित न हो। प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद, व्यापारियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
### क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा प्रशासन?
जब मानपुर आसपास के लगभग 50 गांवों के लोगों की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है और यहां इतने महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हैं, तब भी यातायात व्यवस्था की बदहाली समझ से परे है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद और जिला प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए जवाबदेही तय करनी होगी।
आखिर कब तक मानपुर की जनता रोजाना जाम का दंश झेलती रहेगी? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी के बाद ही जागेंगे? क्या अपनी जायज मांगों के लिए नागरिकों को जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा?
अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। मानपुर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, स्थायी बस स्टैंड का निर्माण, अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण और बाजार क्षेत्र में प्रभावी यातायात प्रबंधन समय की मांग है। जनता को राहत देने के लिए जिम्मेदार विभागों को अब धरातल पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 08 11 2026 रविवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती 🚩* *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 08 11 2026 रविवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती 🚩*
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    *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 08 11 2026 रविवार को काल भैरव  के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती 🚩*
*मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 08 11 2026 रविवार को काल भैरव  के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती 🚩*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रमुख द्वार कामतानाथ जी में भक्तों का जन सैलाब जहां कल तक भीड़ कम थी प्रमुख द्वार कामतानाथ जी में
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    प्रमुख द्वार कामतानाथ जी में भक्तों का जन सैलाब जहां कल तक भीड़ कम थी 
प्रमुख द्वार कामतानाथ जी में
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • माँ लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का प्रकाश सदैव बना रहे। JEETU Computer साइबर कैफे एवं ऑनलाइन सेवा केंद्र 📍 हमारे प्रतिष्ठान 1. NH-39, पड़ैनिया, सिंगरौली Road, सीधी (म.प्र.) 📞 8966921686 2. NH-39, जोगीपुर टेरी, एकलव्य स्कूल के पास, सीधी (म.प्र.) 📞 7722955705
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    माँ लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का प्रकाश सदैव बना रहे।
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    user_जीतू कंप्यूटर सेंटर
    जीतू कंप्यूटर सेंटर
    Computer service गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश चित्रकूट दिवाली मेले में बिछड़े दो श्रद्धालुओं को खोया-पाया केंद्र ने मिलवाया चित्रकूट। दिवाली मेले के दौरान ग्राम पड़रिया कला, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना से आए श्रद्धालु रामू केवट एवं रामलखन केवट मेले की भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए थे। दोनों को मिलाने के लिए मेला क्षेत्र में संचालित खोया-पाया केंद्र द्वारा प्रयास किया गया। आखिरकार पर्यटक बंगले के सामने स्थित खोया-पाया केंद्र पर दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित मिलवा दिया गया। अपनों से बिछड़े श्रद्धालुओं के पुनर्मिलन से परिजनों एवं साथ आए लोगों ने राहत की सांस ली। मेले में खोया-पाया केंद्र की यह पहल सराहनीय रही। भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश चित्रकूट दिवाली मेले में बिछड़े दो श्रद्धालुओं को खोया-पाया केंद्र ने मिलवाया चित्रकूट। दिवाली मेले के दौरान ग्राम पड़रिया कला, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना से आए श्रद्धालु रामू केवट एवं रामलखन केवट मेले की भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए थे। दोनों को मिलाने के लिए मेला क्षेत्र में संचालित खोया-पाया केंद्र द्वारा प्रयास किया गया। आखिरकार पर्यटक बंगले के सामने स्थित खोया-पाया केंद्र पर दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित मिलवा दिया गया। अपनों से बिछड़े श्रद्धालुओं के पुनर्मिलन से परिजनों एवं साथ आए लोगों ने राहत की सांस ली। मेले में खोया-पाया केंद्र की यह पहल सराहनीय रही। भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश
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    भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश
चित्रकूट दिवाली मेले में बिछड़े दो श्रद्धालुओं को खोया-पाया केंद्र ने मिलवाया
चित्रकूट। दिवाली मेले के दौरान ग्राम पड़रिया कला, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना से आए श्रद्धालु रामू केवट एवं रामलखन केवट मेले की भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए थे।
दोनों को मिलाने के लिए मेला क्षेत्र में संचालित खोया-पाया केंद्र द्वारा प्रयास किया गया। आखिरकार पर्यटक बंगले के सामने स्थित खोया-पाया केंद्र पर दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित मिलवा दिया गया।
अपनों से बिछड़े श्रद्धालुओं के पुनर्मिलन से परिजनों एवं साथ आए लोगों ने राहत की सांस ली। मेले में खोया-पाया केंद्र की यह पहल सराहनीय रही।
भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश
भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश
चित्रकूट दिवाली मेले में बिछड़े दो श्रद्धालुओं को खोया-पाया केंद्र ने मिलवाया
चित्रकूट। दिवाली मेले के दौरान ग्राम पड़रिया कला, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना से आए श्रद्धालु रामू केवट एवं रामलखन केवट मेले की भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए थे।
दोनों को मिलाने के लिए मेला क्षेत्र में संचालित खोया-पाया केंद्र द्वारा प्रयास किया गया। आखिरकार पर्यटक बंगले के सामने स्थित खोया-पाया केंद्र पर दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित मिलवा दिया गया।
अपनों से बिछड़े श्रद्धालुओं के पुनर्मिलन से परिजनों एवं साथ आए लोगों ने राहत की सांस ली। मेले में खोया-पाया केंद्र की यह पहल सराहनीय रही।
भारत समाचार लाइव न्यूज़ | मध्यप्रदेश
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    21 hrs ago
  • # रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन? ### 50 गांवों का प्रमुख बाजार और शासकीय कार्यालयों का केंद्र होने के बावजूद बदहाल यातायात व्यवस्था ### # रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन? ### 50 गांवों का प्रमुख बाजार और शासकीय कार्यालयों का केंद्र होने के बावजूद बदहाल यातायात व्यवस्था ### अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और स्थायी बस स्टैंड निर्माण की मांग तेज **आशुतोष त्रिपाठी-जनचिंगारी/उमरिया।** नगर परिषद मानपुर में रोजाना लगने वाला जाम अब आम नागरिकों के लिए नासूर बनता जा रहा है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख तिराहे-चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम बात हो गई है। अव्यवस्थित यातायात के चलते राहगीरों, व्यापारियों, स्कूली बच्चों और बाजार आने वाले ग्रामीणों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मानपुर की जनता को जाम से मुक्ति कब मिलेगी और जिम्मेदार प्रशासन कब जागेगा? **50 गांवों का प्रमुख केंद्र, लेकिन यातायात व्यवस्था बेहाल** मानपुर केवल नगर परिषद मुख्यालय नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 50 गांवों के लोगों के लिए प्रमुख बाजार और आवश्यक सुविधाओं का केंद्र है। यहां तहसील, सिविल कोर्ट, जनपद पंचायत, बैंक, महिला एवं बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग सहित अनेक शासकीय कार्यालय संचालित हैं। इन कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, व्यापारी और आम नागरिक अपने कामकाज के लिए पहुंचते हैं। इसके चलते मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। बावजूद इसके, यातायात प्रबंधन की कोई प्रभावी और स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आती। **एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी खतरा** जाम की समस्या अब केवल असुविधा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह आपातकालीन सेवाओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है। बाजार में जाम लगने पर एंबुलेंस, मरीजों को ले जाने वाले वाहनों और अन्य जरूरी सेवाओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। किसी आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता बेहद जरूरी है। **पुलिस के प्रयास नाकाफी, अतिरिक्त बल की जरूरत** मानपुर पुलिस समय-समय पर यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास करती है, लेकिन सीमित पुलिस बल और कानून-व्यवस्था की अन्य जिम्मेदारियों के कारण प्रत्येक व्यस्त स्थान पर नियमित निगरानी संभव नहीं हो पाती। ऐसे में पुलिस अधीक्षक उमरिया से मांग उठ रही है कि मानपुर थाने को अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए। मुख्य बाजार, बस स्टैंड और मुक्त बाजार के प्रमुख तिराहों एवं चौराहों पर व्यस्त समय के दौरान पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की जाए, ताकि अव्यवस्थित पार्किंग और वाहनों की बेतरतीब आवाजाही पर नियंत्रण लगाया जा सके। **स्थायी बस स्टैंड के बिना कैसे सुधरेगी व्यवस्था?** मानपुर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए स्थायी बस स्टैंड का निर्माण भी बेहद जरूरी हो गया है। जिला प्रशासन और नगर परिषद को इस दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए। बसों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, यात्रियों के बैठने की सुविधा और व्यवस्थित आवागमन की व्यवस्था होने से मुख्य बाजार में वाहनों का अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र में पार्किंग स्थल निर्धारित करने और यातायात संचालन की स्थायी कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। **व्यापारी और नागरिक भी निभाएं अपनी जिम्मेदारी** यातायात व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन और पुलिस की नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। व्यापारियों को दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान फैलाने से बचना चाहिए। ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग भी व्यवस्थित तरीके से कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क पर आवागमन बाधित न हो। प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद, व्यापारियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इस समस्या का प्रभावी समाधान संभव है। **क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेगा प्रशासन?** जब मानपुर लगभग 50 गांवों की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है और यहां इतने महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हैं, तब यातायात व्यवस्था की बदहाली पर जिम्मेदार विभागों की चुप्पी समझ से परे है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद और जिला प्रशासन को इस जनसमस्या को प्राथमिकता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए। आखिर कब तक मानपुर की जनता रोजाना जाम की परेशानी झेलती रहेगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी का इंतजार कर रहा है? क्या जनता को अपनी जायज मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा? अब जरूरत केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, स्थायी बस स्टैंड का निर्माण, व्यवस्थित पार्किंग और बाजार क्षेत्र में प्रभावी यातायात प्रबंधन ही मानपुर को रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिला सकते हैं।
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    # रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
### 50 गांवों का प्रमुख बाजार और शासकीय कार्यालयों का केंद्र होने के बावजूद बदहाल यातायात व्यवस्था
###
# रोजाना जाम से जूझ रहा मानपुर, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
### 50 गांवों का प्रमुख बाजार और शासकीय कार्यालयों का केंद्र होने के बावजूद बदहाल यातायात व्यवस्था
### अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और स्थायी बस स्टैंड निर्माण की मांग तेज
**आशुतोष त्रिपाठी-जनचिंगारी/उमरिया।**
नगर परिषद मानपुर में रोजाना लगने वाला जाम अब आम नागरिकों के लिए नासूर बनता जा रहा है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख तिराहे-चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम बात हो गई है। अव्यवस्थित यातायात के चलते राहगीरों, व्यापारियों, स्कूली बच्चों और बाजार आने वाले ग्रामीणों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मानपुर की जनता को जाम से मुक्ति कब मिलेगी और जिम्मेदार प्रशासन कब जागेगा?
**50 गांवों का प्रमुख केंद्र, लेकिन यातायात व्यवस्था बेहाल**
मानपुर केवल नगर परिषद मुख्यालय नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 50 गांवों के लोगों के लिए प्रमुख बाजार और आवश्यक सुविधाओं का केंद्र है। यहां तहसील, सिविल कोर्ट, जनपद पंचायत, बैंक, महिला एवं बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग सहित अनेक शासकीय कार्यालय संचालित हैं। इन कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, व्यापारी और आम नागरिक अपने कामकाज के लिए पहुंचते हैं। इसके चलते मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। बावजूद इसके, यातायात प्रबंधन की कोई प्रभावी और स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आती।
**एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी खतरा**
जाम की समस्या अब केवल असुविधा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह आपातकालीन सेवाओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है। बाजार में जाम लगने पर एंबुलेंस, मरीजों को ले जाने वाले वाहनों और अन्य जरूरी सेवाओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। किसी आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता बेहद जरूरी है।
**पुलिस के प्रयास नाकाफी, अतिरिक्त बल की जरूरत**
मानपुर पुलिस समय-समय पर यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास करती है, लेकिन सीमित पुलिस बल और कानून-व्यवस्था की अन्य जिम्मेदारियों के कारण प्रत्येक व्यस्त स्थान पर नियमित निगरानी संभव नहीं हो पाती। ऐसे में पुलिस अधीक्षक उमरिया से मांग उठ रही है कि मानपुर थाने को अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए। मुख्य बाजार, बस स्टैंड और मुक्त बाजार के प्रमुख तिराहों एवं चौराहों पर व्यस्त समय के दौरान पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की जाए, ताकि अव्यवस्थित पार्किंग और वाहनों की बेतरतीब आवाजाही पर नियंत्रण लगाया जा सके।
**स्थायी बस स्टैंड के बिना कैसे सुधरेगी व्यवस्था?**
मानपुर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए स्थायी बस स्टैंड का निर्माण भी बेहद जरूरी हो गया है। जिला प्रशासन और नगर परिषद को इस दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए। बसों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, यात्रियों के बैठने की सुविधा और व्यवस्थित आवागमन की व्यवस्था होने से मुख्य बाजार में वाहनों का अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र में पार्किंग स्थल निर्धारित करने और यातायात संचालन की स्थायी कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है।
**व्यापारी और नागरिक भी निभाएं अपनी जिम्मेदारी**
यातायात व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन और पुलिस की नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। व्यापारियों को दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान फैलाने से बचना चाहिए। ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग भी व्यवस्थित तरीके से कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क पर आवागमन बाधित न हो। प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद, व्यापारियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इस समस्या का प्रभावी समाधान संभव है।
**क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेगा प्रशासन?**
जब मानपुर लगभग 50 गांवों की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है और यहां इतने महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हैं, तब यातायात व्यवस्था की बदहाली पर जिम्मेदार विभागों की चुप्पी समझ से परे है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद और जिला प्रशासन को इस जनसमस्या को प्राथमिकता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।
आखिर कब तक मानपुर की जनता रोजाना जाम की परेशानी झेलती रहेगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी का इंतजार कर रहा है? क्या जनता को अपनी जायज मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा?
अब जरूरत केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, स्थायी बस स्टैंड का निर्माण, व्यवस्थित पार्किंग और बाजार क्षेत्र में प्रभावी यातायात प्रबंधन ही मानपुर को रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिला सकते हैं।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • कौन सा हिंदू राष्ट्र जिसमें ओबीसी एससी एसटी वर्ग के साथ छुआ छूत ऊंच नीच भेद भाव जात पात क्यों 1. लोधी समाज के CMO अधिकारी को जाति के आधार पर छोटा नीचे बोला मारपीट करके माफी मंगवाना 2.इटावा यादव समाज की कथा वाचक को मुंडन करवा कर मूत्र से छिड़कना 3.रीवा जाति पूछ कर यादव समाज की छोटी पटना मानवादी खटमलों की मानसिकता 4.यामिनी साहू समाज की कथा वाचक को भागवत कथा मंच पर गाली देकर भगाना 5.देविका पटेल को जातिवादियों में गाली देकर भागवत कथा को बंद करवाया 6.दमोह कुशवाहा समाज के व्यक्ति से दारू खोर के पर धुलवाकर गंदा पानी पिलवाना माफी मंगवाना 7.उन्नाव और दमोह में लोधी समाज के विद्वान पंडित पुरोहित के साथ मारपीट इन जातिवादियों का जन्मजात धंधा है जो किसी को करने नहीं देते धर्म की मलाई एक ही जाति के लोग खाना चाहते
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    कौन सा हिंदू राष्ट्र जिसमें ओबीसी एससी एसटी वर्ग के साथ छुआ छूत ऊंच नीच भेद भाव जात पात क्यों
1. लोधी समाज के CMO अधिकारी को जाति के आधार पर छोटा नीचे बोला मारपीट करके माफी मंगवाना 
2.इटावा यादव समाज की कथा वाचक को मुंडन करवा कर मूत्र से छिड़कना 
3.रीवा जाति पूछ कर यादव समाज की छोटी पटना मानवादी खटमलों की मानसिकता 
4.यामिनी साहू समाज की कथा वाचक  को भागवत कथा मंच पर गाली देकर भगाना 
5.देविका पटेल को जातिवादियों में गाली देकर भागवत कथा को बंद करवाया 
6.दमोह कुशवाहा समाज के व्यक्ति से दारू खोर के पर धुलवाकर गंदा पानी पिलवाना माफी मंगवाना 
7.उन्नाव और दमोह में लोधी समाज के विद्वान पंडित पुरोहित के साथ मारपीट इन जातिवादियों का जन्मजात धंधा है जो किसी को करने नहीं देते धर्म की मलाई एक ही जाति के लोग खाना चाहते
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer Huzur, Rewa•
    14 hrs ago
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