जन जागरण संदेश रवि गुप्ता की रिपोर्ट दिनांक : 06 अगस्त 2026 सरायकेला जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार सरायकेला-खरसावाँ जिले में पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान तीन इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह तथा 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है। पुलिस का नक्सल विरोधी सर्च अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से इंसास राइफल, ए.के.-47, पिस्टल, डिटोनेटर, ए.के.-47 की लगभग 250 जिंदा गोलियां तथा एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मदन महतो उर्फ शंकर पिछले लगभग 25 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 41 मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पुलिस एवं सुरक्षा बलों के 62 जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहा है। इसके अलावा सांसद सुनील महतो हत्याकांड, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट तथा सिलदा ईएफआर कैंप पर हमले जैसे कई चर्चित मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। वहीं रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह को संगठन का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 43 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कुकड़ू क्षेत्र की कई बड़ी घटनाओं में उसकी अहम भूमिका रही है। वह संगठन के लिए नए युवाओं की भर्ती कराने का भी काम करता था। मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा को नक्सली संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मामले दर्ज हैं। वह आईईडी एवं लैंडमाइन लगाने, विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, संदेशों का आदान-प्रदान करने तथा संगठन के लिए रसद उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इन तीनों का नेटवर्क एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश से जुड़ा हुआ था। पूछताछ के दौरान हथियारों के ठिकानों तथा भूमिगत नक्सली दस्तों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देशन में किया गया। अभियान में सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ सरायकेला अनुभव भारद्वाज, एसएसबी 26वीं वाहिनी के उप समादेष्टा शक्ति सिंह, कोबरा बटालियन 203 के उप समादेष्टा मोन आरिफ, कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी, नीमडीह थाना प्रभारी डिलशन बिरुआ सहित पुलिस, सीआरपीएफ, एसएसबी एवं कोबरा के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा शेष वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।
जन जागरण संदेश रवि गुप्ता की रिपोर्ट दिनांक : 06 अगस्त 2026 सरायकेला जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार सरायकेला-खरसावाँ जिले में पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान तीन इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह तथा 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है।
पुलिस का नक्सल विरोधी सर्च अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से इंसास राइफल, ए.के.-47, पिस्टल, डिटोनेटर, ए.के.-47 की लगभग 250 जिंदा गोलियां तथा एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मदन महतो उर्फ शंकर पिछले लगभग 25 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 41 मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पुलिस एवं सुरक्षा बलों के 62 जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहा है। इसके अलावा सांसद सुनील महतो हत्याकांड, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट तथा सिलदा ईएफआर कैंप पर हमले जैसे कई चर्चित मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। वहीं रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह को संगठन का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके
खिलाफ विभिन्न थानों में 43 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कुकड़ू क्षेत्र की कई बड़ी घटनाओं में उसकी अहम भूमिका रही है। वह संगठन के लिए नए युवाओं की भर्ती कराने का भी काम करता था। मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा को नक्सली संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मामले दर्ज हैं। वह आईईडी एवं लैंडमाइन लगाने, विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, संदेशों का आदान-प्रदान करने तथा संगठन के लिए रसद उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इन तीनों का नेटवर्क एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश से जुड़ा हुआ था। पूछताछ के दौरान हथियारों के ठिकानों तथा भूमिगत नक्सली दस्तों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां
सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देशन में किया गया। अभियान में सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ सरायकेला अनुभव भारद्वाज, एसएसबी 26वीं वाहिनी के उप समादेष्टा शक्ति सिंह, कोबरा बटालियन 203 के उप समादेष्टा मोन आरिफ, कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी, नीमडीह थाना प्रभारी डिलशन बिरुआ सहित पुलिस, सीआरपीएफ, एसएसबी एवं कोबरा के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा शेष वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।
- जन जागरण संदेश रवि गुप्ता की रिपोर्ट दिनांक : 06 अगस्त 2026 सरायकेला जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार सरायकेला-खरसावाँ जिले में पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान तीन इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह तथा 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है। पुलिस का नक्सल विरोधी सर्च अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से इंसास राइफल, ए.के.-47, पिस्टल, डिटोनेटर, ए.के.-47 की लगभग 250 जिंदा गोलियां तथा एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मदन महतो उर्फ शंकर पिछले लगभग 25 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 41 मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पुलिस एवं सुरक्षा बलों के 62 जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहा है। इसके अलावा सांसद सुनील महतो हत्याकांड, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट तथा सिलदा ईएफआर कैंप पर हमले जैसे कई चर्चित मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। वहीं रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह को संगठन का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 43 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कुकड़ू क्षेत्र की कई बड़ी घटनाओं में उसकी अहम भूमिका रही है। वह संगठन के लिए नए युवाओं की भर्ती कराने का भी काम करता था। मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा को नक्सली संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मामले दर्ज हैं। वह आईईडी एवं लैंडमाइन लगाने, विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, संदेशों का आदान-प्रदान करने तथा संगठन के लिए रसद उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इन तीनों का नेटवर्क एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश से जुड़ा हुआ था। पूछताछ के दौरान हथियारों के ठिकानों तथा भूमिगत नक्सली दस्तों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देशन में किया गया। अभियान में सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ सरायकेला अनुभव भारद्वाज, एसएसबी 26वीं वाहिनी के उप समादेष्टा शक्ति सिंह, कोबरा बटालियन 203 के उप समादेष्टा मोन आरिफ, कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी, नीमडीह थाना प्रभारी डिलशन बिरुआ सहित पुलिस, सीआरपीएफ, एसएसबी एवं कोबरा के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा शेष वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।4
- सावन के शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी ने कह दी बड़ी बात सावन में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी ने कह दी बड़ी बात1
- मझगांव विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित चाईबासा: विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR)-2026 के सफल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित क्रियान्वयन को लेकर अपर उपायुक्त सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एआरओ), मझगांव विधानसभा क्षेत्र की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 05 अगस्त 2026 को किया जा चुका है। इसके बाद 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन एवं निष्पादन के बाद 07 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। अपर उपायुक्त सह एआरओ ने बताया कि 08-09 अगस्त तथा 22-23 अगस्त 2026 को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्रपत्र-6, 7 एवं 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, विलोपन, संशोधन एवं स्थानांतरण से संबंधित आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 25 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक होम-टू-रोल वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाएगा। वहीं 15 अगस्त 2026 को पंचायत भवनों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर मतदाता सूची के संबंध में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।1
- झारखण्ड जतरा 2026: मोरहाबादी मैदान में 9 अगस्त से बिखरेगी आदिवासी संस्कृति की छटा, 33 जनजातियों का होगा महासंगम रांची (06/08/2026): झारखण्ड की समृद्ध आदिवासी विरासत और लोक कला को वैश्विक मंच देने के लिए राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान एक बार फिर पूरी तरह तैयार है। आगामी 9 और 10 अगस्त 2026 को यहाँ भव्य 'झारखण्ड जतरा 2026' (झारखण्ड आदिवासी महोत्सव) का आयोजन होने जा रही है। इस दो दिवसीय महाउत्सव को लेकर राज्य में "मांदर की गूंज, ढोल की थाप, झारखण्ड की संस्कृति की अमिट छाप..." का उत्साह चारों ओर देखा जा सकता है। 6,000 कलाकार बिखेरेंगे लोक कला का जादू प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष आयोजन को अब तक का सबसे बड़ा स्वरूप दिया जा रहा है। महोत्सव में झारखण्ड की 33 जनजातियों का सांस्कृतिक संगम देखने को मिलेगा। इस ऐतिहासिक समागम में राज्यभर से आए 6,000 से अधिक लोक कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में अद्भुत और मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। कलाकारों द्वारा पेश किए जाने वाले पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से आगंतुकों को सदियों पुरानी जनजातीय परंपराओं को करीब से महसूस करने का अवसर मिलेगा। प्रमुख आकर्षण जिन पर रहेंगी सबकी नजरें विरासत और आधुनिकता के इस मेल में दर्शकों के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं: सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: छऊ, संथाली, मुंडारी, और उरांव जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों का भव्य प्रदर्शन। कला और शिल्प प्रदर्शनी: जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित बांस कला, डोकरा मेटल क्राफ्ट और सोहराई पेंटिंग्स के लाइव स्टॉल्स। परंपरिक खान-पान (ट्राइबल फूड): आगंतुक यहाँ धुस्का-चना, छिलका रोटी, रुगड़ा और पारंपरिक पीठा जैसे लजीज स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। साहित्यिक गोष्ठी: आदिवासी भाषा, साहित्य और उनकी समृद्ध ऐतिहासिक पहचान को सहेजने पर देश-विदेश के विशेषज्ञों की परिचर्चा। तैयारियों का जायजा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 9 अगस्त को मनाए जाने वाले 'विश्व आदिवासी दिवस' के विशेष अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर मोरहाबादी मैदान में युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। बड़े-बड़े वाटरप्रूफ पंडाल और भव्य स्टेज का निर्माण अंतिम चरण में है। जिला प्रशासन ने दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात रूट में बदलाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। आयोजन समिति ने राज्य के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आमंत्रित करते हुए कहा है, "आइए और शामिल हो जाइए आदिवासी विरासत और परंपरा के इस महाउत्सव में"। यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि झारखण्ड की माटी की खुशबू और पहचान को महसूस करने का एक अभूतपूर्व जरिया है।1
- seraikella | chandil : 44 वर्ष के संघर्ष को नई दिशा : चांडिल डैम विस्थापितों ने सामूहिक नेतृत्व के साथ आंदोलन तेज करने का संकल्प.... #viral seraikella | chandil : 44 वर्ष के संघर्ष को नई दिशा : चांडिल डैम विस्थापितों ने सामूहिक नेतृत्व के साथ आंदोलन तेज करने का संकल्प.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की बैठक में 44 वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा और भूमि अधिकार समेत विभिन्न मांगों पर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। सात अगस्त को सरकार को ज्ञापन सौंपने तथा ग्रामीण जागरूकता यात्रा आयोजित करने की घोषणा की गई | jharkhandnews | chandilnews | chandildamdisplacement | suryodaysamvaad1
- शुरू ऐप न्यूज़ चैनल ऐ रवि गुप्ता की रिपोर्ट दिनांक : 06 अगस्त 2026 सरायकेला जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार सरायकेला-खरसावाँ जिले में पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान तीन इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह तथा 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है। पुलिस का नक्सल विरोधी सर्च अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से इंसास राइफल, ए.के.-47, पिस्टल, डिटोनेटर, ए.के.-47 की लगभग 250 जिंदा गोलियां तथा एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मदन महतो उर्फ शंकर पिछले लगभग 25 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 41 मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पुलिस एवं सुरक्षा बलों के 62 जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहा है। इसके अलावा सांसद सुनील महतो हत्याकांड, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट तथा सिलदा ईएफआर कैंप पर हमले जैसे कई चर्चित मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। वहीं रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह को संगठन का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 43 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कुकड़ू क्षेत्र की कई बड़ी घटनाओं में उसकी अहम भूमिका रही है। वह संगठन के लिए नए युवाओं की भर्ती कराने का भी काम करता था। मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा को नक्सली संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मामले दर्ज हैं। वह आईईडी एवं लैंडमाइन लगाने, विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, संदेशों का आदान-प्रदान करने तथा संगठन के लिए रसद उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इन तीनों का नेटवर्क एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश से जुड़ा हुआ था। पूछताछ के दौरान हथियारों के ठिकानों तथा भूमिगत नक्सली दस्तों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देशन में किया गया। अभियान में सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ सरायकेला अनुभव भारद्वाज, एसएसबी 26वीं वाहिनी के उप समादेष्टा शक्ति सिंह, कोबरा बटालियन 203 के उप समादेष्टा मोन आरिफ, कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी, नीमडीह थाना प्रभारी डिलशन बिरुआ सहित पुलिस, सीआरपीएफ, एसएसबी एवं कोबरा के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा शेष वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।4
- विश्व आदिवासी दिवस की तैयारी तेज, 9 अगस्त को जमशेदपुर के रीगल मैदान में होगा विशाल जनसमागम* सरायकेला, 6 अगस्त। विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर 9 अगस्त को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित रीगल मैदान में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को सरायकेला परिसदन में आदिवासी छात्र एकता की ओर से संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य एवं विभिन्न सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2007 से आदिवासी छात्र एकता लगातार विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन करती आ रही है। इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य नारा "अपनी पहचान को पहचानो" रखा गया है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति एवं पहचान के संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। संवाददाता सम्मेलन में कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान नई शिक्षा नीति (NEP-2020), भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 का अनुपालन, सरना धर्म कोड की मांग, संविधान की पांचवीं अनुसूची, अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा (PESA) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट, विल्किंसन रूल्स, लैंड बैंक नीति तथा आदिवासी अधिकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा एवं विभिन्न राज्यों में आदिवासियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में झारखंड सहित असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के प्रबुद्धजन, छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी शामिल होंगे। सम्मेलन में वर्तमान समय में आदिवासी समाज के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों तथा एसआईआर (SIR) एवं परिसीमन (Delimitation) जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। संवाददाता सम्मेलन में संस्थापक सह मुख्य संरक्षक जोसाई मार्डी, अध्यक्ष हेमेन्द्र हांसदा, फागु राम हांसदा, अर्जुन सोरेन, रूपचंद मार्डी, नवीन मुर्मू, हरिशचंद्र टुडू, भगवान हेंब्रम, काली कृष्णा मुर्मू, सुरीला मुर्मू सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक लोगों से 9 अगस्त को रीगल मैदान, बिष्टुपुर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।2