देवी स्थल के नाम पर वसूली का खेल! कुंदवार चौकी क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर ₹300 वसूली का आरोप, वीडियो बनाते ही पुलिसकर्मी बौखलाए सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चितरंगी क्षेत्र के कुंदवार चौकी अंतर्गत बैनाकुंनण्ड पहाड़ी स्थित देवी स्थल जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कुंदवार चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मी दिलीप कुमार त्रिपाठी, जो स्वयं को चौकी प्रभारी का रिश्तेदार बताकर कार्यवाही कर रहे थे, देवी स्थल से करीब 2 किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर बाइक सवारों को रोकना शुरू कर दिया। आरोप है कि मंदिर तक वाहन ले जाने के नाम पर प्रत्येक बाइक चालक से ₹300 की मांग की जा रही थी। इसी दौरान सी न्यूज के एक पत्रकार भी बाइक से देवी स्थल की ओर जा रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान नहीं पाया और उनसे भी अन्य लोगों की तरह ₹300 की मांग की। जब पत्रकार ने पैसे देने से इनकार किया और इस वसूली पर सवाल उठाए, तो मौके पर तीखी बहस शुरू हो गई। मामला तब और गर्मा गया जब पत्रकार ने पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वीडियो बनता देख पुलिसकर्मी भड़क गए और पहले तो पत्रकार का ही वीडियो बनाने लगे, इसके बाद दौड़कर उनका कैमरा छीन लिया। पत्रकार ने मौके पर ही बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और वसूली के संबंध में लिखित आदेश की मांग की, लेकिन पुलिसकर्मी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था इस घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या वास्तव में देवी स्थल के नाम पर वसूली की जा रही थी? क्या बैरिकेडिंग और चेकिंग के लिए कोई वैध आदेश था? और सबसे बड़ा सवाल, क्या आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार जायज है? प्रशासन से कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
देवी स्थल के नाम पर वसूली का खेल! कुंदवार चौकी क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर ₹300 वसूली का आरोप, वीडियो बनाते ही पुलिसकर्मी बौखलाए सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चितरंगी क्षेत्र के कुंदवार चौकी अंतर्गत बैनाकुंनण्ड पहाड़ी स्थित देवी स्थल जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कुंदवार चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मी दिलीप कुमार त्रिपाठी, जो स्वयं को चौकी प्रभारी का रिश्तेदार बताकर कार्यवाही कर रहे थे, देवी स्थल से करीब 2 किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर बाइक सवारों को रोकना शुरू कर दिया। आरोप है कि मंदिर तक वाहन ले जाने के नाम पर प्रत्येक बाइक चालक से ₹300 की मांग की जा रही थी। इसी दौरान सी न्यूज के एक पत्रकार भी बाइक से देवी स्थल की ओर जा रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान नहीं पाया और उनसे भी अन्य लोगों की तरह ₹300 की मांग की। जब पत्रकार ने पैसे देने से इनकार किया और इस वसूली पर सवाल उठाए, तो मौके पर तीखी बहस शुरू हो गई। मामला तब और गर्मा गया जब पत्रकार ने पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वीडियो बनता देख पुलिसकर्मी भड़क गए और पहले तो पत्रकार का ही वीडियो बनाने लगे, इसके बाद दौड़कर उनका कैमरा छीन लिया। पत्रकार ने मौके पर ही बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और वसूली के संबंध में लिखित आदेश की मांग की, लेकिन पुलिसकर्मी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था इस घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या वास्तव में देवी स्थल के नाम पर वसूली की जा रही थी? क्या बैरिकेडिंग और चेकिंग के लिए कोई वैध आदेश था? और सबसे बड़ा सवाल, क्या आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार जायज है? प्रशासन से कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- देवी स्थल के नाम पर वसूली का खेल! कुंदवार चौकी क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर ₹300 वसूली का आरोप, वीडियो बनाते ही पुलिसकर्मी बौखलाए सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चितरंगी क्षेत्र के कुंदवार चौकी अंतर्गत बैनाकुंनण्ड पहाड़ी स्थित देवी स्थल जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कुंदवार चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मी दिलीप कुमार त्रिपाठी, जो स्वयं को चौकी प्रभारी का रिश्तेदार बताकर कार्यवाही कर रहे थे, देवी स्थल से करीब 2 किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर बाइक सवारों को रोकना शुरू कर दिया। आरोप है कि मंदिर तक वाहन ले जाने के नाम पर प्रत्येक बाइक चालक से ₹300 की मांग की जा रही थी। इसी दौरान सी न्यूज के एक पत्रकार भी बाइक से देवी स्थल की ओर जा रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान नहीं पाया और उनसे भी अन्य लोगों की तरह ₹300 की मांग की। जब पत्रकार ने पैसे देने से इनकार किया और इस वसूली पर सवाल उठाए, तो मौके पर तीखी बहस शुरू हो गई। मामला तब और गर्मा गया जब पत्रकार ने पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वीडियो बनता देख पुलिसकर्मी भड़क गए और पहले तो पत्रकार का ही वीडियो बनाने लगे, इसके बाद दौड़कर उनका कैमरा छीन लिया। पत्रकार ने मौके पर ही बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और वसूली के संबंध में लिखित आदेश की मांग की, लेकिन पुलिसकर्मी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था इस घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या वास्तव में देवी स्थल के नाम पर वसूली की जा रही थी? क्या बैरिकेडिंग और चेकिंग के लिए कोई वैध आदेश था? और सबसे बड़ा सवाल, क्या आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार जायज है? प्रशासन से कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- देखिए,एक गाड़ी एक्सीडेंट हो गया, कन्वेयर रोड में, धतूरा गांव में, शासन कोल माइस में जलती कोयला में चलती है आप देख रहे हैं दोस्तो गाड़ी को 40से अधिक न चलाए कृपया ध्यान दे ,जय श्री राम दोस्तो2
- Post by पत्रकार,Kuber Tomar1
- सुभाष कुमार पाण्डेय संभाग प्रमुख, रीवा सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सिर्फ अपराध नहीं बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता की भी कहानी कहता है। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, आरोपी अशोक तिवारी, पिता लालबिहारी तिवारी, निवासी पटेहरा सोन तीर ने उसके नौनिहाल बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर न केवल दुष्कर्म किया, बल्कि वर्षों तक भय और ब्लैकमेल का जाल बुनता रहा। आरोप है कि आरोपी ने चोरी-छिपे आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर महिला को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी और जब पीड़िता नहीं झुकी, तो कथित तौर पर गांव के ग्राम पंचायत के व्हाट्सएप ग्रुप से लेकर फेसबुक स्टोरी तक “इंसाफ” का नया डिजिटल मॉडल पेश कर दिया। सवाल यह है कि क्या अब न्याय भी वायरल होकर ही मिलेगा? शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि लगभग 6 माह से अधिक समय से कोतवाली थाने में शिकायत, एसपी कार्यालय में आवेदन, जनसुनवाई में गुहार—सब कुछ किया, लेकिन कार्रवाई का पहिया शायद छुट्टी पर है। उल्टा, आरोपी और उसका भाई जितेंद्र तिवारी घर में घुसकर मारपीट और शिकायत वापस लेने की धमकियां देते रहे। मदद के लिए 112 पर कॉल करें तो जवाब मिलता है—“आपके कहने से किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता”, और गाड़ी का इंतजार करते-करते दिन से रात हो जाती है। मामले में नया मोड़ तब आता है जब आरोपी को फरार कराने में उसके जीजा रामाश्रय मिश्रा, निवासी ग्राम गाड़ा, थाना कोतवाली सीधी का नाम सामने आता है, जो खुद शहडोल जिले में बस कंडक्टर है और वह भी शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए जान से मारने की धमकियों का सिलसिला जारी रखे हुए है। अब पुलिस का वही पुराना बयान—“जल्द गिरफ्तारी होगी, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” सवाल सिर्फ इतना है—यह “जल्द” आखिर किस कैलेंडर में आता है?1
- डाला (सोनभद्र)। स्थानीय पुलिस चौकी क्षेत्र के वैष्णो मंदिर के पास वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार बाइक और क्रेन की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार तीन युवकों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 3:30 बजे तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर डाला से चोपन की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे वैष्णो मंदिर के पास पहुंचे, विपरीत दिशा से आ रही एक क्रेन से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। चौकी प्रभारी डाला घनश्याम तिवारी के अनुसार, इस हादसे में आनंद पुत्र शंभू (निवासी पनारी टोला करी, थाना ओबरा) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मनीष पुत्र मंगरु (निवासी गुरमा, थाना चोपन) और महेंद्र पुत्र होलसा (निवासी पनारी टोला करी, थाना ओबरा) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए चोपन अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं हादसे में शामिल क्रेन को कब्जे में लेकर चौकी परिसर में खड़ा करा दिया गया है।1
- Post by बमबम दुबे1
- जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील ग्राम भैसवार के किसानों का धरना 313 दिन में पहुंच चुका है तभी लोहार सुकृत बट के किसान पीड़ित किसान अडानी के द्वारा अधिग्रहण किए जाने पर किसानों में आक्रोश है सुकृत किसानों ने बताया कि हम लोगों की जमीन अदानी द्वारा अधिग्रहण किया जा रहा है भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने किया समर्थन3
- सोनभद्र में रामनवमी के पावन अवसर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए डायट परिसर में नव निर्मित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी बद्रीनाथ नाथ सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद दोनों अधिकारियों ने पूरे कार्यालय का गहन निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में शेष रह गई कमियों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि नए शैक्षिक सत्र से यह कार्यालय पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस नए कार्यालय के शुरू होने से शिक्षा विभाग के कार्यों में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही शिक्षकों एवं अधिकारियों के बीच समन्वय और मजबूत होगा, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी हेमन्त सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला परियोजना अधिकारी विनीत सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिले के सभी विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और कार्यालय स्टाफ ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।1