लड़की को लगातार फोन करने, अश्लील मैसेज और वीडियो भेजने के आरोपों के बीच जिम.... दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित फिटनेस 24 जिम से जुड़े विवाद में नया मोड़ सामने आया है। महिला थाना में दर्ज FIR और लड़की के बयान में लगाए गए आरोपों का जिम संचालक आरिफ मोहम्मद ने खंडन किया है। आरिफ मोहम्मद का कहना है कि FIR में जिस शराफत हुसैन को जिम संचालक बताया गया है, वह जिम के संचालक नहीं हैं, बल्कि जिम में व्यायाम करने के लिए आने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिटनेस 24 जिम उनके स्वामित्व में है। जिम संचालक ने यह भी कहा कि लड़की ने जिस घटना का जिक्र किया है, वह जिम के अंदर हुई ही नहीं है। उनका दावा है कि जिम पूरी तरह CCTV कैमरों से लैस है और जांच के दौरान CCTV फुटेज से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आरिफ मोहम्मद के मुताबिक, लड़की और शराफत हुसैन दोनों जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। दोनों के बीच मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के जरिए क्या बातचीत हुई, यह उनका व्यक्तिगत मामला है। हालांकि, जब मामला जिम संचालक के संज्ञान में आया तो दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को आपसी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की गई। जिम संचालक का आरोप है कि इसी दौरान लड़की की ओर से 10 लाख रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इसके बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होने की बात उन्होंने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इसमें लड़की तथा उसके कथित बॉयफ्रेंड अकरम की भूमिका होने का आरोप लगाया। वहीं, FIR में नामजद अभियुक्त शराफत हुसैन ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शराफत का दावा है कि लड़की का कथित बॉयफ्रेंड अकरम उनके मित्रवत संबंध में था और दोनों काफी समय साथ बिताते थे। शराफत के अनुसार, इसी दौरान उनके मोबाइल और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर कुछ मैसेज भेजे गए, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। शराफत का कहना है कि विवाद बढ़ने और लड़की की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद जब उन्होंने व्हाट्सऐप देखा तो उसमें अश्लील बातचीत सामने आई। इसके बाद कथित तौर पर मामले को सुलझाने के लिए बातचीत हुई और 10 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप शराफत ने लगाया। शराफत के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान भी किया और इसी बीच एक समझौता पत्र बनाए जाने की बात भी कही। उनका आरोप है कि जब बाकी रकम देने में विलंब हुआ तो लड़की की ओर से FIR दर्ज करा दी गई। फिलहाल इस पूरे मामले में लड़की की ओर से लगाए गए आरोप, जिम संचालक का पक्ष और FIR में नामजद अभियुक्त के दावे—तीनों अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस जांच, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं व्हाट्सऐप चैट और कथित समझौता पत्र की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लड़की को लगातार फोन करने, अश्लील मैसेज और वीडियो भेजने के आरोपों के बीच जिम.... दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित फिटनेस 24 जिम से जुड़े विवाद में नया मोड़ सामने आया है। महिला थाना में दर्ज FIR और लड़की के बयान में लगाए गए आरोपों का जिम संचालक आरिफ मोहम्मद ने खंडन किया है। आरिफ मोहम्मद का कहना है कि FIR में जिस शराफत हुसैन को जिम संचालक बताया गया है, वह जिम के संचालक नहीं हैं, बल्कि जिम में व्यायाम करने के लिए आने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिटनेस 24 जिम उनके स्वामित्व में है। जिम संचालक ने यह भी कहा कि लड़की ने जिस घटना का जिक्र किया है, वह जिम के अंदर हुई ही नहीं है। उनका दावा है कि जिम पूरी तरह CCTV कैमरों से लैस है और जांच के दौरान CCTV फुटेज से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आरिफ मोहम्मद के मुताबिक, लड़की और शराफत हुसैन दोनों जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। दोनों के बीच मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के जरिए क्या बातचीत हुई, यह उनका व्यक्तिगत मामला है। हालांकि, जब मामला जिम संचालक के संज्ञान में आया तो दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को आपसी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की गई। जिम संचालक का आरोप है कि इसी दौरान लड़की की ओर से 10 लाख रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इसके बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होने की बात उन्होंने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इसमें लड़की तथा उसके कथित बॉयफ्रेंड अकरम की भूमिका होने का आरोप लगाया। वहीं, FIR में नामजद अभियुक्त शराफत हुसैन ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शराफत का दावा है कि लड़की का कथित बॉयफ्रेंड अकरम उनके मित्रवत संबंध में था और दोनों काफी समय साथ बिताते थे। शराफत के अनुसार, इसी दौरान उनके मोबाइल और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर कुछ मैसेज भेजे गए, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। शराफत का कहना है कि विवाद बढ़ने और लड़की की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद जब उन्होंने व्हाट्सऐप देखा तो उसमें अश्लील बातचीत सामने आई। इसके बाद कथित तौर पर मामले को सुलझाने के लिए बातचीत हुई और 10 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप शराफत ने लगाया। शराफत के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान भी किया और इसी बीच एक समझौता पत्र बनाए जाने की बात भी कही। उनका आरोप है कि जब बाकी रकम देने में विलंब हुआ तो लड़की की ओर से FIR दर्ज करा दी गई। फिलहाल इस पूरे मामले में लड़की की ओर से लगाए गए आरोप, जिम संचालक का पक्ष और FIR में नामजद अभियुक्त के दावे—तीनों अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस जांच, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं व्हाट्सऐप चैट और कथित समझौता पत्र की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- लड़की को लगातार फोन करने, अश्लील मैसेज और वीडियो भेजने के आरोपों के बीच जिम.... दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित फिटनेस 24 जिम से जुड़े विवाद में नया मोड़ सामने आया है। महिला थाना में दर्ज FIR और लड़की के बयान में लगाए गए आरोपों का जिम संचालक आरिफ मोहम्मद ने खंडन किया है। आरिफ मोहम्मद का कहना है कि FIR में जिस शराफत हुसैन को जिम संचालक बताया गया है, वह जिम के संचालक नहीं हैं, बल्कि जिम में व्यायाम करने के लिए आने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिटनेस 24 जिम उनके स्वामित्व में है। जिम संचालक ने यह भी कहा कि लड़की ने जिस घटना का जिक्र किया है, वह जिम के अंदर हुई ही नहीं है। उनका दावा है कि जिम पूरी तरह CCTV कैमरों से लैस है और जांच के दौरान CCTV फुटेज से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आरिफ मोहम्मद के मुताबिक, लड़की और शराफत हुसैन दोनों जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। दोनों के बीच मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के जरिए क्या बातचीत हुई, यह उनका व्यक्तिगत मामला है। हालांकि, जब मामला जिम संचालक के संज्ञान में आया तो दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को आपसी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की गई। जिम संचालक का आरोप है कि इसी दौरान लड़की की ओर से 10 लाख रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इसके बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होने की बात उन्होंने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इसमें लड़की तथा उसके कथित बॉयफ्रेंड अकरम की भूमिका होने का आरोप लगाया। वहीं, FIR में नामजद अभियुक्त शराफत हुसैन ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शराफत का दावा है कि लड़की का कथित बॉयफ्रेंड अकरम उनके मित्रवत संबंध में था और दोनों काफी समय साथ बिताते थे। शराफत के अनुसार, इसी दौरान उनके मोबाइल और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर कुछ मैसेज भेजे गए, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। शराफत का कहना है कि विवाद बढ़ने और लड़की की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद जब उन्होंने व्हाट्सऐप देखा तो उसमें अश्लील बातचीत सामने आई। इसके बाद कथित तौर पर मामले को सुलझाने के लिए बातचीत हुई और 10 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप शराफत ने लगाया। शराफत के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान भी किया और इसी बीच एक समझौता पत्र बनाए जाने की बात भी कही। उनका आरोप है कि जब बाकी रकम देने में विलंब हुआ तो लड़की की ओर से FIR दर्ज करा दी गई। फिलहाल इस पूरे मामले में लड़की की ओर से लगाए गए आरोप, जिम संचालक का पक्ष और FIR में नामजद अभियुक्त के दावे—तीनों अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस जांच, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं व्हाट्सऐप चैट और कथित समझौता पत्र की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
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- 🇮🇳🤝🇨🇳 BRICS Summit में भारत-चीन की अहम मुलाकात! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। #PMModi #XiJinping #BRICS2026 #IndiaChina #BreakingNews1
- सरकारी अधिकारी बनकर युवाओं को ठग रहे थे जीजा-साले! पटना पुलिस ने खोला फर्जी नौकरी रैकेट का राज बिहार की राजधानी पटना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सचिवालय थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर खुद को सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में कटिहार के अजय कुमार शुक्ला और बांका के राजा कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग का प्रशाखा पदाधिकारी बताता था, जबकि दूसरा पुलिस की वर्दी पहनकर पुलिसकर्मी होने का दावा करता था। तलाशी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, पुलिस और सचिवालय की वर्दियां, फर्जी आई-कार्ड, सरकारी नौकरी से जुड़े जाली बैनर और फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए हैं। अब पुलिस मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। सवाल यह है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कितने युवाओं को निशाना बनाया गया और कितने लोगों से पैसे लिए गए?1
- JDU का ऐलान फरक्का जल संधी पर समझौता नहीं, पुनर्विचार होना चाहिये, बिहार की हकमारी अब और नहीं Darpan24 News JDU का ऐलान फरक्का जल संधी पर समझौता नहीं, पुनर्विचार होना चाहिये, बिहार की हकमारी अब और नहीं Darpan24 News1
- नेपाल का बेत्रावती बाजार देखिये कैसे एक मिनट मे खतम हो गया भयाबह मंजर पहाड़ की ऊचाई से बनाया गया vidio1
- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल है। समस्तीपुर :-UFBU के आह्वान पर हि आज सभी सदस्यों (सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी) ने समस्तीपुर में भी अपनी मांगों को लेकर बैंक हड़ताल मे शामिल हुये एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर समस्तीपुर गोला रोड तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला । हमारी मुख्य मांगें (Our Demands):- 1.*Five Days Work Week( 5-दिवसीय कार्य) तुरंत लागू किया जाए।* 2. समान PLI स्कीम लागू किया जय एवं भेदभावपूर्ण PLI स्कीम को वापस लिया जाए। 3. द्विपक्षीय वार्ता: यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से PLI योजना में संशोधन किया जाए। 4. शेष मुद्दों का समाधान:- सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों (Residual Issues) का त्वरित समाधान किया जय। इस हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें आशुतोष कुमार, विकाश कुमार, अवध बिहारी, ब्रजेश कुमार, राजीव कुमार, ज्ञानप्रकाश कुमार, तारकेश्वर कुमार, राकेश कुमार, प्रिंस कुमार, अमित कुमार, शशि शेखर चंद्र एवं अन्य सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुये।1
- दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।1