यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल है। समस्तीपुर :-UFBU के आह्वान पर हि आज सभी सदस्यों (सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी) ने समस्तीपुर में भी अपनी मांगों को लेकर बैंक हड़ताल मे शामिल हुये एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर समस्तीपुर गोला रोड तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला । हमारी मुख्य मांगें (Our Demands):- 1.*Five Days Work Week( 5-दिवसीय कार्य) तुरंत लागू किया जाए।* 2. समान PLI स्कीम लागू किया जय एवं भेदभावपूर्ण PLI स्कीम को वापस लिया जाए। 3. द्विपक्षीय वार्ता: यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से PLI योजना में संशोधन किया जाए। 4. शेष मुद्दों का समाधान:- सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों (Residual Issues) का त्वरित समाधान किया जय। इस हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें आशुतोष कुमार, विकाश कुमार, अवध बिहारी, ब्रजेश कुमार, राजीव कुमार, ज्ञानप्रकाश कुमार, तारकेश्वर कुमार, राकेश कुमार, प्रिंस कुमार, अमित कुमार, शशि शेखर चंद्र एवं अन्य सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुये।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल है। समस्तीपुर :-UFBU के आह्वान पर हि आज सभी सदस्यों (सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी) ने समस्तीपुर में भी अपनी मांगों को लेकर बैंक हड़ताल मे शामिल हुये एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर समस्तीपुर गोला रोड तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला । हमारी मुख्य मांगें (Our Demands):- 1.*Five Days Work Week( 5-दिवसीय कार्य) तुरंत लागू किया जाए।* 2. समान PLI स्कीम लागू किया जय एवं भेदभावपूर्ण PLI स्कीम को वापस लिया जाए। 3. द्विपक्षीय वार्ता: यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से PLI योजना में संशोधन किया जाए। 4. शेष मुद्दों का समाधान:- सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों (Residual Issues) का त्वरित समाधान किया जय। इस हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें आशुतोष कुमार, विकाश कुमार, अवध बिहारी, ब्रजेश कुमार, राजीव कुमार, ज्ञानप्रकाश कुमार, तारकेश्वर कुमार, राकेश कुमार, प्रिंस कुमार, अमित कुमार, शशि शेखर चंद्र एवं अन्य सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुये।
- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल है। समस्तीपुर :-UFBU के आह्वान पर हि आज सभी सदस्यों (सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी) ने समस्तीपुर में भी अपनी मांगों को लेकर बैंक हड़ताल मे शामिल हुये एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर समस्तीपुर गोला रोड तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला । हमारी मुख्य मांगें (Our Demands):- 1.*Five Days Work Week( 5-दिवसीय कार्य) तुरंत लागू किया जाए।* 2. समान PLI स्कीम लागू किया जय एवं भेदभावपूर्ण PLI स्कीम को वापस लिया जाए। 3. द्विपक्षीय वार्ता: यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से PLI योजना में संशोधन किया जाए। 4. शेष मुद्दों का समाधान:- सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों (Residual Issues) का त्वरित समाधान किया जय। इस हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें आशुतोष कुमार, विकाश कुमार, अवध बिहारी, ब्रजेश कुमार, राजीव कुमार, ज्ञानप्रकाश कुमार, तारकेश्वर कुमार, राकेश कुमार, प्रिंस कुमार, अमित कुमार, शशि शेखर चंद्र एवं अन्य सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुये।1
- समस्तीपुर में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लगुनिया रघुकंठ मोहल्ले में गुरुवार रात एएलटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अंग्रेजी शराब के साथ एक धंधेबाज को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान लगुनिया रघुकंठ गांव निवासी जयकरण चौधरी के पुत्र मणिकांत चौधरी के रूप में हुई है। समस्तीपुर में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लगुनिया रघुकंठ मोहल्ले में गुरुवार रात एएलटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अंग्रेजी शराब के साथ एक धंधेबाज को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान लगुनिया रघुकंठ गांव निवासी जयकरण चौधरी के पुत्र मणिकांत चौधरी के रूप में हुई है।1
- दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।1
- बिहार में परिवर्तन राजनीतिक नहीं समाजिक होना चाहिए तभी एक बेहतर समाज का निर्माण होगा1
- भगवानपुर थाना की बड़ी कार्रवाई, गुप्त सूचना पर अवैध मादक पदार्थों के साथ तस्कर गिरफ्तार1
- 🚨 गैटी गैलेक्सी थिएटर पर बड़ा एक्शन! फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्क्रीनिंग को लेकर उठे विवाद के बीच मुंबई पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप। थिएटर सील, नोटिस जारी और संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज। आखिर क्या है पूरा मामला? 👀 पूरी खबर पढ़ें और अपनी राय कमेंट में बताएं।👇 #हनुमानअंश #मुंबईन्यूज #गैटीगैलेक्सी #फिल्मन्यूज #ब्रेकिंगन्यूज1
- डॉ समोली झा बने लगातार दूसरी बार प्रखंड अध्यक्ष प्रदेश नेतृत्व को किया साधुवाद बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओर से चलाई गई सृजन साथी अभियान में उत्कृष्ट कार्यों को अंजाम देने वाले समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंधिया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम बंग्राहटा निवासी डॉ समोली झा को पुनः प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया है1
- 🧠 न्यूरो-स्पाइन मरीजों के लिए बड़ी राहत! अब इलाज के लिए समस्तीपुर से बाहर जाने की जरूरत नहीं समस्तीपुर। मस्तिष्क, नसों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी से परेशान मरीजों के लिए राहत की खबर है। समस्तीपुर के मोहनपुर रोड स्थित प्रभात हॉस्पिटल में न्यूरो और स्पाइन से संबंधित विभिन्न समस्याओं के इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां लकवा, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन ट्यूमर, सड़क दुर्घटना में सिर या रीढ़ की चोट, माइग्रेन, मिर्गी, सिरदर्द, साइटिका, गर्दन एवं कमर दर्द, पैरों में झुनझुनी, नसों में कमजोरी और अचानक चक्कर आकर गिरने जैसी समस्याओं से परेशान मरीज चिकित्सकीय सलाह और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की टीम द्वारा मरीजों की आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की प्रक्रिया की जाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए प्रभात हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं, जहां उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। न्यूरो और स्पाइन से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, चक्कर, दौरे, कमर या गर्दन के दर्द जैसी समस्या होने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। प्रभात हॉस्पिटल की न्यूरो एवं स्पाइन सेवाओं के जरिए मरीजों को अपने ही शहर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। 🧠 न्यूरो-स्पाइन मरीजों के लिए बड़ी राहत! अब इलाज के लिए समस्तीपुर से बाहर जाने की जरूरत नहीं समस्तीपुर। मस्तिष्क, नसों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी से परेशान मरीजों के लिए राहत की खबर है। समस्तीपुर के मोहनपुर रोड स्थित प्रभात हॉस्पिटल में न्यूरो और स्पाइन से संबंधित विभिन्न समस्याओं के इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां लकवा, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन ट्यूमर, सड़क दुर्घटना में सिर या रीढ़ की चोट, माइग्रेन, मिर्गी, सिरदर्द, साइटिका, गर्दन एवं कमर दर्द, पैरों में झुनझुनी, नसों में कमजोरी और अचानक चक्कर आकर गिरने जैसी समस्याओं से परेशान मरीज चिकित्सकीय सलाह और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की टीम द्वारा मरीजों की आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की प्रक्रिया की जाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए प्रभात हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं, जहां उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। न्यूरो और स्पाइन से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, चक्कर, दौरे, कमर या गर्दन के दर्द जैसी समस्या होने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। प्रभात हॉस्पिटल की न्यूरो एवं स्पाइन सेवाओं के जरिए मरीजों को अपने ही शहर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।1