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डॉ समोली झा बने लगातार दूसरी बार प्रखंड अध्यक्ष प्रदेश नेतृत्व को किया साधुवाद बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओर से चलाई गई सृजन साथी अभियान में उत्कृष्ट कार्यों को अंजाम देने वाले समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंधिया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम बंग्राहटा निवासी डॉ समोली झा को पुनः प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया है
Janta Star News
डॉ समोली झा बने लगातार दूसरी बार प्रखंड अध्यक्ष प्रदेश नेतृत्व को किया साधुवाद बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओर से चलाई गई सृजन साथी अभियान में उत्कृष्ट कार्यों को अंजाम देने वाले समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंधिया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम बंग्राहटा निवासी डॉ समोली झा को पुनः प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया है
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- डॉ समोली झा बने लगातार दूसरी बार प्रखंड अध्यक्ष प्रदेश नेतृत्व को किया साधुवाद बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओर से चलाई गई सृजन साथी अभियान में उत्कृष्ट कार्यों को अंजाम देने वाले समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंधिया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम बंग्राहटा निवासी डॉ समोली झा को पुनः प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया है1
- समस्तीपुर : मुख्यमंत्री का पुतला फूंका,खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी के खिलाफ किसान महासभा का जुलूस! समस्तीपुर : मुख्यमंत्री का पुतला फूंका,खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी के खिलाफ किसान महासभा का जुलूस! बिहार समस्तीपुर से ब्यूरो चीफ पंकज बाबा की रिपोर्ट: अखिल भारतीय किसान महासभा, प्रखंड कमिटी ताजपुर के आह्वान पर शनिवार को मोतीपुर सब्जी मंडी में किसानों ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, उचित मूल्य पर किसानों एवं खुदरा दुकानदारों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने, ऑनलाइन एवं क्यूआर कोड भुगतान की अनिवार्यता समाप्त करने तथा किसानों के केसीसी ऋण माफ करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस निकाला। जुलूस के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है तथा कालाबाजारी के कारण उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान में विफल रही है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। सभा के उपरांत प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 16 सितंबर को समस्तीपुर में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में किसान महासभा एवं विभिन्न किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। वक्ताओं ने किसानों से 16 सितंबर के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने किया, रंजीत कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता, रवींद्र शर्मा, महेन्द्र साह, राजेश कुमार, शंकर महतो, लाला प्रसाद सिंह, चंदन राय, भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह आदि ने सभा को संबोधित कर किसान विरोधी भाजपा के सम्राट चौधरी की सरकार को आड़े हाथों लिया।1
- सहरसा कोर्ट परिसर प्रेमी जोड़ा गया था शादी करने लड़का शादी शुदा था तभी पहुंच गई पत्नी हो गया भारी बबाल सहरसा कोर्ट परिसर प्रेमी जोड़ा गया था शादी करने लड़का शादी शुदा था तभी पहुंच गई पत्नी हो गया भारी बबाल1
- मटिहानी प्रखंड #बलहपुर 1 में बाढ़ की स्थिति का जायजा, कैसा है स्थिति.....1
- नए डीएसपी अमरकांत का बेटर सोसाइटी ने किया भव्य स्वागत एवं सम्मान अंगवस्त्र, माला, स्मृतिचिह्न एवं मिथिला पाग पहनाकर किया सम्मानित1
- दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।1
- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल है। समस्तीपुर :-UFBU के आह्वान पर हि आज सभी सदस्यों (सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी) ने समस्तीपुर में भी अपनी मांगों को लेकर बैंक हड़ताल मे शामिल हुये एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर समस्तीपुर गोला रोड तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला । हमारी मुख्य मांगें (Our Demands):- 1.*Five Days Work Week( 5-दिवसीय कार्य) तुरंत लागू किया जाए।* 2. समान PLI स्कीम लागू किया जय एवं भेदभावपूर्ण PLI स्कीम को वापस लिया जाए। 3. द्विपक्षीय वार्ता: यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से PLI योजना में संशोधन किया जाए। 4. शेष मुद्दों का समाधान:- सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों (Residual Issues) का त्वरित समाधान किया जय। इस हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें आशुतोष कुमार, विकाश कुमार, अवध बिहारी, ब्रजेश कुमार, राजीव कुमार, ज्ञानप्रकाश कुमार, तारकेश्वर कुमार, राकेश कुमार, प्रिंस कुमार, अमित कुमार, शशि शेखर चंद्र एवं अन्य सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुये।1
- मेहनत और लगन का मिशाल कायम कर युवक ने गांव का नाम रौशन किया 🏅 गुदरी के लाल सुमन ने पदक हासिल कर किया नाम रोशन मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर सुमन ने पदक जीतकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों में खुशी और गर्व का माहौल है।1