श्रीगंगानगर में जयपुर बेंच के वरिष्ठ न्यायाधीश इन्द्रजीत डाल के आगमन पर बार एसोसिएशन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान वकीलों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को उनके सामने रखा, जिसमें जिला न्यायालय परिसर में वकीलों के लिए आधुनिक चैंबरों के निर्माण की प्रमुख मांग शामिल थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके लिए मिनी सचिवालय के सामने लगभग ढाई बीघा जमीन स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज तनेजा ने इस अवसर पर कहा कि वकील न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें बेहतर कार्यस्थल मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर कई बार सरकार के सामने प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। तनेजा ने जोर देकर कहा कि यह केवल भवन निर्माण की मांग नहीं, बल्कि वकीलों के सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण से जुड़ा विषय है, और उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तथा न्यायपालिका मिलकर इस महत्वपूर्ण मांग को जल्द पूरा करेंगी। वरिष्ठ न्यायाधीश इन्द्रजीत डाल ने वकीलों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को संबंधित स्तर पर पहुंचाने तथा बजट स्वीकृति के लिए सकारात्मक पहल करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अब जिले के वकीलों को उम्मीद है कि चैंबर निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत होगा और उन्हें आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। हंसराज तनेजा ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह 20 करोड़ रुपये की मांग नहीं, बल्कि न्याय की चौखट पर बैठे हजारों अधिवक्ताओं के सम्मान और भविष्य की आवाज है।
श्रीगंगानगर में जयपुर बेंच के वरिष्ठ न्यायाधीश इन्द्रजीत डाल के आगमन पर बार एसोसिएशन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान वकीलों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को उनके सामने रखा, जिसमें जिला न्यायालय परिसर में वकीलों के लिए आधुनिक चैंबरों के निर्माण की प्रमुख मांग शामिल थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके लिए मिनी सचिवालय के सामने लगभग ढाई बीघा जमीन स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज तनेजा ने इस अवसर पर कहा कि वकील न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें बेहतर कार्यस्थल मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर कई बार सरकार के सामने प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। तनेजा ने जोर
देकर कहा कि यह केवल भवन निर्माण की मांग नहीं, बल्कि वकीलों के सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण से जुड़ा विषय है, और उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तथा न्यायपालिका मिलकर इस महत्वपूर्ण मांग को जल्द पूरा करेंगी। वरिष्ठ न्यायाधीश इन्द्रजीत डाल ने वकीलों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को संबंधित स्तर पर पहुंचाने तथा बजट स्वीकृति के लिए सकारात्मक पहल करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अब जिले के वकीलों को उम्मीद है कि चैंबर निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत होगा और उन्हें आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। हंसराज तनेजा ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह 20 करोड़ रुपये की मांग नहीं, बल्कि न्याय की चौखट पर बैठे हजारों अधिवक्ताओं के सम्मान और भविष्य की आवाज है।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन गंगासिंह स्टेडियम में किया गया। इस अवसर पर हुए सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- रायसिंहनगर में 22 जून 2026 को बस स्टैंड से गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर जाने वाले मार्ग पर एक नए शोरूम के शुभ मुहूर्त के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो गई। इस अव्यवस्था के चलते एक ऑटो चालक को नुकसान उठाना पड़ा, जिसका ऑटो ईंटों से भरे एक ट्राले के आगे और एक अन्य ट्रैक्टर ट्रॉली के पीछे फंसा हुआ था। वाहनों को आगे-पीछे करने की प्रक्रिया में ऑटो का हेडलाइट टूट गया। यातायात व्यवस्था के बदहाल होने के कारण ही ऑटो चालक को यह क्षति हुई।1
- राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय साकरी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में योग दिवस मनाया गया।1
- rawatsar1
- छत्तरगढ़ और सत्तासर से रिपोर्टर उदावत देवीसिंह ने समाचार भेजा है।1
- मध्यप्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पिता अपनी बेटी को RE-NEET परीक्षा दिलाने परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, वे निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से पहुंचे थे। गार्ड से काफी अनुरोध किए जाने के बावजूद, वहां मौजूद स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। निस्संदेह, परीक्षा के नियमों का पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है और सभी को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या सारी जवाबदेही केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की ही है? पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जब चाहो परीक्षा स्थगित कर दो, जब चाहो निरस्त कर दो, और जब चाहो नई तारीखें घोषित कर दो, लेकिन इन फैसलों का मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान आखिर अभ्यर्थी ही क्यों भुगतें? नियम जरूरी हैं, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक है। इन परीक्षाओं के पीछे सिर्फ रोल नंबर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपने और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।1
- श्रीगंगानगर में जयपुर बेंच के वरिष्ठ न्यायाधीश इन्द्रजीत डाल के आगमन पर बार एसोसिएशन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान वकीलों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को उनके सामने रखा, जिसमें जिला न्यायालय परिसर में वकीलों के लिए आधुनिक चैंबरों के निर्माण की प्रमुख मांग शामिल थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके लिए मिनी सचिवालय के सामने लगभग ढाई बीघा जमीन स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज तनेजा ने इस अवसर पर कहा कि वकील न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें बेहतर कार्यस्थल मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर कई बार सरकार के सामने प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। तनेजा ने जोर देकर कहा कि यह केवल भवन निर्माण की मांग नहीं, बल्कि वकीलों के सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण से जुड़ा विषय है, और उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तथा न्यायपालिका मिलकर इस महत्वपूर्ण मांग को जल्द पूरा करेंगी। वरिष्ठ न्यायाधीश इन्द्रजीत डाल ने वकीलों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को संबंधित स्तर पर पहुंचाने तथा बजट स्वीकृति के लिए सकारात्मक पहल करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अब जिले के वकीलों को उम्मीद है कि चैंबर निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत होगा और उन्हें आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। हंसराज तनेजा ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह 20 करोड़ रुपये की मांग नहीं, बल्कि न्याय की चौखट पर बैठे हजारों अधिवक्ताओं के सम्मान और भविष्य की आवाज है।2
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।1