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असम मे पुरा क्षैत्र हुआ बाढ से प्रभावित कइ सौकडो घर हुए तबाह

1 hr ago
user_Pradeep Kumar bairwa
Pradeep Kumar bairwa
Content Creator (YouTuber) कनवास, कोटा, राजस्थान•
1 hr ago

असम मे पुरा क्षैत्र हुआ बाढ से प्रभावित कइ सौकडो घर हुए तबाह

More news from राजस्थान and nearby areas
  • श्मशान रिकॉर्ड में, अंतिम संस्कार दूसरी जगह... बारिश में तिरपाल के नीचे अंतिम विदाई को मजबूर ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम पंचायत खजूरना के उरना गांव में श्मशान घाट की सुविधा को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। गांव में वर्तमान में जिस स्थान पर अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं, वहां टीनशेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। बारिश के दौरान ग्रामीणों को तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत रिकॉर्ड में दर्ज पुराना श्मशान घाट गांव से दूर स्थित है। वहां पहुंचने के रास्ते में खाल होने और बारिश में एनिकट के कारण जलभराव होने से शव वाहन या अर्थी ले जाना मुश्किल हो जाता है। चारों ओर खेत होने से भी पहुंच बाधित रहती है। इसी कारण ग्रामीण पिछले करीब पांच वर्षों से गांव के पास स्थित दूसरी जगह पर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। ग्रामीण भरत गुर्जर ने बताया कि बरसात में पुराने श्मशान तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है। मजबूरी में नई जगह का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन वहां किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी रितेश आचार्य ने बताया कि रिकॉर्ड में दर्ज पुराने श्मशान घाट पर पहले से चबूतरा और टीनशेड बने हुए हैं। ग्रामीण जिस नई जगह का उपयोग कर रहे हैं, वह चारागाह भूमि में आती है और राजस्व रिकॉर्ड में श्मशान घाट के रूप में दर्ज नहीं है। इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन आधिकारिक स्वीकृति नहीं मिलने से वहां सुविधाएं विकसित नहीं की जा सकीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान में उपयोग हो रही जगह को आधिकारिक श्मशान घाट घोषित कर वहां टीनशेड, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और पहुंच मार्ग जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके।
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    श्मशान रिकॉर्ड में, अंतिम संस्कार दूसरी जगह... बारिश में तिरपाल के नीचे अंतिम विदाई को मजबूर ग्रामीण
क्षेत्र के  ग्राम पंचायत खजूरना के उरना गांव में श्मशान घाट की सुविधा को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। गांव में वर्तमान में जिस स्थान पर अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं, वहां टीनशेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। बारिश के दौरान ग्रामीणों को तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत रिकॉर्ड में दर्ज पुराना श्मशान घाट गांव से दूर स्थित है। वहां पहुंचने के रास्ते में खाल होने और बारिश में एनिकट के कारण जलभराव होने से शव वाहन या अर्थी ले जाना मुश्किल हो जाता है। चारों ओर खेत होने से भी पहुंच बाधित रहती है। इसी कारण ग्रामीण पिछले करीब पांच वर्षों से गांव के पास स्थित दूसरी जगह पर अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
ग्रामीण भरत गुर्जर ने बताया कि बरसात में पुराने श्मशान तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है। मजबूरी में नई जगह का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन वहां किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
वहीं ग्राम विकास अधिकारी रितेश आचार्य ने बताया कि रिकॉर्ड में दर्ज पुराने श्मशान घाट पर पहले से चबूतरा और टीनशेड बने हुए हैं। ग्रामीण जिस नई जगह का उपयोग कर रहे हैं, वह चारागाह भूमि में आती है और राजस्व रिकॉर्ड में श्मशान घाट के रूप में दर्ज नहीं है। इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन आधिकारिक स्वीकृति नहीं मिलने से वहां सुविधाएं विकसित नहीं की जा सकीं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान में उपयोग हो रही जगह को आधिकारिक श्मशान घाट घोषित कर वहां टीनशेड, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और पहुंच मार्ग जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके।
    user_कुलदीप नागर
    कुलदीप नागर
    सांगोद, कोटा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • राजस्थान में चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों पर बड़ा एक्शन! 15 दिन में हटाओ कब्जा, वरना होगी राजस्थान में चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों पर बड़ा एक्शन! 15 दिन में हटाओ कब्जा, वरना होगी
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    राजस्थान में चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों पर बड़ा एक्शन! 15 दिन में हटाओ कब्जा, वरना होगी 
राजस्थान में चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों पर बड़ा एक्शन! 15 दिन में हटाओ कब्जा, वरना होगी
    user_Hadoti Khabar
    Hadoti Khabar
    Newspaper publisher झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • "14 साल हो गए, राम जी का वनवास भी पूरा हो गया था..." महिला कर्मचारी का भावुक वीडियो वायरल चूरू की रहने वाली महिला ने जैसलमेर में वर्षों से नौकरी करने की पीड़ा बयां की, सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल। राजस्थान में एक महिला कर्मचारी का भावुक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला कहती नजर आ रही हैं, "चूरू की रहने वाली हूं, जैसलमेर नौकरी करती हूं, 14 साल हो गए हैं, राम जी का वनवास ही पूरा हो गया था।" महिला का कहना है कि वर्षों से अपने गृह जिले से दूर नौकरी करने के कारण उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लंबे समय से स्थानांतरण नहीं होने पर नाराजगी भी जाहिर की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। कई लोग महिला की भावनाओं का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सरकारी कर्मचारियों की तबादला नीति पर भी सवाल उठा रहे हैं। नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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    "14 साल हो गए, राम जी का वनवास भी पूरा हो गया था..." महिला कर्मचारी का भावुक वीडियो वायरल
चूरू की रहने वाली महिला ने जैसलमेर में वर्षों से नौकरी करने की पीड़ा बयां की, सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल।
राजस्थान में एक महिला कर्मचारी का भावुक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला कहती नजर आ रही हैं, "चूरू की रहने वाली हूं, जैसलमेर नौकरी करती हूं, 14 साल हो गए हैं, राम जी का वनवास ही पूरा हो गया था।"
महिला का कहना है कि वर्षों से अपने गृह जिले से दूर नौकरी करने के कारण उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लंबे समय से स्थानांतरण नहीं होने पर नाराजगी भी जाहिर की।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। कई लोग महिला की भावनाओं का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सरकारी कर्मचारियों की तबादला नीति पर भी सवाल उठा रहे हैं।
नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
    user_📡 Express News✍️
    📡 Express News✍️
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • झालावाड़: AR नगर से रेस्क्यू कर हल्दीघाटी गौशाला में सुरक्षित छोड़ी गौमाता, गौसेवकों ने किया रेस्क्यू झालावाड़। जिले में आवारा और घायल गौवंश की सेवा के लिए एक बार फिर गौसेवकों ने मिसाल पेश की। AR नगर क्षेत्र में सड़क पर घायल अवस्था में भटक रही एक गाय को रेस्क्यू कर हल्दीघाटी गौशाला में सुरक्षित छोड़ा गया। स्थानीय लोगों ने AR नगर में घायल गौवंश को देखा और तुरंत गौसेवकों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गौसेवकों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गौमाता को रेस्क्यू कर एंबुलेंस की मदद से हल्दीघाटी गौशाला पहुंचाया।
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    झालावाड़: AR नगर से रेस्क्यू कर हल्दीघाटी गौशाला में सुरक्षित छोड़ी गौमाता, गौसेवकों ने किया रेस्क्यू
झालावाड़। जिले में आवारा और घायल गौवंश की सेवा के लिए एक बार फिर गौसेवकों ने मिसाल पेश की। AR नगर क्षेत्र में सड़क पर घायल अवस्था में भटक रही एक गाय को रेस्क्यू कर हल्दीघाटी गौशाला में सुरक्षित छोड़ा गया।
स्थानीय लोगों ने AR नगर में घायल गौवंश को देखा और तुरंत गौसेवकों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गौसेवकों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गौमाता को रेस्क्यू कर एंबुलेंस की मदद से हल्दीघाटी गौशाला पहुंचाया।
    user_Lok samachar news
    Lok samachar news
    Classified ads newspaper publisher झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • खानपुर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन से वार्ता बेनतीजा खरीफ-2025 की बकाया बीमा क्लेम राशि, आपदा राहत मुआवजा और गेहूं तुलाई के भुगतान की मांग को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मूसलाधार बारिश भी किसानों के हौसलों को नहीं डिगा पाई और वे रातभर धरना स्थल पर डटे रहे। इस दौरान उपखंड अधिकारी और तहसीलदार ने किसानों से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति न बनने के कारण चर्चा बेनतीजा रही। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक बकाया राशि सीधे खातों में नहीं आएगी, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा और मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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    खानपुर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन से वार्ता बेनतीजा
खरीफ-2025 की बकाया बीमा क्लेम राशि, आपदा राहत मुआवजा और गेहूं तुलाई के भुगतान की मांग को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मूसलाधार बारिश भी किसानों के हौसलों को नहीं डिगा पाई और वे रातभर धरना स्थल पर डटे रहे। इस दौरान उपखंड अधिकारी और तहसीलदार ने किसानों से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति न बनने के कारण चर्चा बेनतीजा रही। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक बकाया राशि सीधे खातों में नहीं आएगी, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा और मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • माँ जोगणियाँ भाग -22.......A Novel of Arawali ki lokdevi MAA JOGANIA 🙏.
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    माँ जोगणियाँ भाग -22.......A Novel of Arawali ki lokdevi MAA JOGANIA 🙏.
    user_Shyam pokra
    Shyam pokra
    Hindi sahitya writer. Ramganj Mandi, Kota•
    8 hrs ago
  • असम मे पुरा क्षैत्र हुआ बाढ से प्रभावित कइ सौकडो घर हुए तबाह
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    असम मे पुरा क्षैत्र हुआ बाढ से प्रभावित कइ सौकडो घर हुए तबाह
    user_Pradeep Kumar bairwa
    Pradeep Kumar bairwa
    Content Creator (YouTuber) कनवास, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
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