सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर केसली तिराहे के पास रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बरमान घाट से स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना केसली तिराहे पर स्थित ब्रिज के समीप हुई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि पिकअप का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई यात्री वाहन के भीतर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, 108 एंबुलेंस और 112 एफआरवी तुरंत मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में घायल हुए 12 लोगों में से दो गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। इस घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर सुचारू कराया।
सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर केसली तिराहे के पास रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बरमान घाट से स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना केसली तिराहे पर स्थित ब्रिज के समीप हुई। टक्कर इतनी
ज़ोरदार थी कि पिकअप का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई यात्री वाहन के भीतर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, 108 एंबुलेंस और 112 एफआरवी तुरंत मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में घायल हुए 12 लोगों में से दो गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार
नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। इस घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर सुचारू कराया।
- सागर जिले में इस समय बहुत तेज बारिश हो रही है, जिसके साथ तेज हवाएं चल रही हैं और बिजली भी कड़क रही है। हालांकि, यह भारी बारिश और मौसम का यह मिजाज कब तक जारी रहेगा, इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।1
- आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान विदेशी धरती पर 'वंदे मातरम्' की मधुर प्रस्तुति ने भारत की समृद्धि, सांस्कृतिक विरासत और विश्व पटल पर बढ़ते गौरव का सजीव प्रतीक बनकर सामने आई है। इस यात्रा के दौरान विदेशी धरती पर 'वंदे मातरम्' के स्वर के साथ एक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रस्तुति सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के स्वाभिमान, संस्कृति और राष्ट्र भक्ति का स्वर मानी गई है, जिसने विश्व भर में गूंजते हुए हर भारतीय के लिए गौरव का पल प्रदान किया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के केसली में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹1835 करोड़ की राशि अंतरित कर लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर, उन्होंने ₹190.85 करोड़ की लागत के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के आशीर्वाद और सहभागिता से मध्य प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, और बहनों को हर माह मिलने वाली यह राशि परिवार के संचालन व सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को 37वीं किस्त के रूप में ₹1500-1500 की सौगात दी, जिसमें सागर जिले की 4 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में ₹61.14 करोड़ की राशि अंतरित की गई। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें केसली में सांदीपनि विद्यालय के द्वितीय चरण का कार्य शुरू करना, कई हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में उन्नत करना, देवरी में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल प्रारंभ करना, कृषि उपज मंडी केसली का नाम रानी अवंतीबाई के नाम पर रखना और लगभग ₹550 करोड़ की लागत वाली थावरी जलाशय परियोजना को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, देवरी में प्याज एवं लहसुन खरीदी केंद्र स्थापित करने, शासकीय महाविद्यालय देवरी में विज्ञान संकाय और राजनीति शास्त्र विषय शुरू करने, केसली महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, देवरी नगर का नाम देवपुरी करने तथा गौरझामर और केसली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के केसली में प्रथम आगमन को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों के बीच पहुंचकर पुष्पवर्षा की, जिसके जवाब में महिलाओं ने 'धन्यवाद लाड़ले भैया' लिखे प्लेकार्ड प्रदर्शित कर उनका स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक बृज बिहारी पटेरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।2
- बीना में पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, के पहले दिन से ही धार्मिक उल्लास का माहौल रहा। इस पूरे माह राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा मां जागेश्वरी धाम से प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे प्रभात फेरी निकाली गई और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। अधिक मास का समापन अंतिम दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या पड़ने के कारण विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। पूरे माह चली इस प्रभात फेरी में राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल बीना की महिलाएं और भक्त मां जागेश्वरी धाम से निकलते थे। फेरी के बाद मंदिर परिसर में तुलसी आरती, नरसिंह आरती और राधे किशोरी जी की आरती के साथ परिक्रमा भी की जाती थी। सोमवती अमावस्या के अवसर पर, समापन दिवस पर मंडल के सदस्यों ने भगवान शिव जी का विधिवत अभिषेक किया। इसके पश्चात तुलसी की परिक्रमा कर हवन-पूजन संपन्न किया गया। मंडल की महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर धर्म लाभ अर्जित किया। सोमवती अमावस्या के कारण नगर के सभी प्रमुख देवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। देव रघुनाथ बड़ा मंदिर, हजारिया शिवलिंग बस स्टैंड, महाकाल मंदिर और महादेव घाट जैसे मंदिरों पर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। विशेषकर कटरा मंदिर पर भारी रौनक देखने को मिली, जहां भक्तों ने कीर्तन के साथ भगवान भोलेनाथ की आरती की। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर बट-पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा कर पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाकर ईश्वर से सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भक्त माली ने पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अधिक मास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस पूरे माह दान, जप, तप और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष फल मिलता है। वहीं, सोमवती अमावस्या पर पितरों का तर्पण, शिव पूजा और तुलसी परिक्रमा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पूरे माह चले इन धार्मिक आयोजनों में राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल की महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुण्य लाभ प्राप्त किया।4
- सागर-नरसिंहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर स्थित तीतरपानी टोल नाके पर एक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे यात्रियों और वाहनों का भारी जमावड़ा हो गया। इस जाम का स्पष्ट कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन सड़क की एक पटरी बंद होने के कारण आवागमन में बाधा आई, जिससे दुर्घटनाओं का डर पैदा हो गया। टोल नाके पर वाहनों और लोगों की बढ़ती भीड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के इस हिस्से का एक हैरान कर देने वाला नजारा पेश कर रही थी।1
- सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर केसली तिराहे के पास रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बरमान घाट से स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना केसली तिराहे पर स्थित ब्रिज के समीप हुई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि पिकअप का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई यात्री वाहन के भीतर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, 108 एंबुलेंस और 112 एफआरवी तुरंत मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में घायल हुए 12 लोगों में से दो गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। इस घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर सुचारू कराया।3