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पांढुर्णा में एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ पिछले तीन दिनों से एक अज्ञात युवक बीएसएनएल टावर पर चढ़ा हुआ है। प्रशासन इतने लंबे समय के बाद भी उसे नीचे उतारने में पूरी तरह से असमर्थ रहा है, जिससे उसकी बेबसी साफ झलक रही है। लगभग 50 वर्ष का यह अज्ञात व्यक्ति बिना कुछ खाए-पिए लगातार टावर पर ही अपनी जान जोखिम में डालकर बैठा है। इस पूरे मामले में पांढुर्णा का प्रशासन नतमस्तक दिखाई दे रहा है और तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी व्यक्ति को सुरक्षित नीचे नहीं उतारा जा सका है।
Mahesh Rabde
पांढुर्णा में एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ पिछले तीन दिनों से एक अज्ञात युवक बीएसएनएल टावर पर चढ़ा हुआ है। प्रशासन इतने लंबे समय के बाद भी उसे नीचे उतारने में पूरी तरह से असमर्थ रहा है, जिससे उसकी बेबसी साफ झलक रही है। लगभग 50 वर्ष का यह अज्ञात व्यक्ति बिना कुछ खाए-पिए लगातार टावर पर ही अपनी जान जोखिम में डालकर बैठा है। इस पूरे मामले में पांढुर्णा का प्रशासन नतमस्तक दिखाई दे रहा है और तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी व्यक्ति को सुरक्षित नीचे नहीं उतारा जा सका है।
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- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1
- बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।2
- महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, बैतूल कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की गंभीरता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में पटेल वार्ड, सदर बैतूल निवासी भूपेन्द्र उर्फ भानू (26 वर्ष), पिता शांतीलाल छिपने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के तहत अपराध क्रमांक 560/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की तैयारी में है, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 7 जुलाई 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे, आरक्षक कुलदीप भाटे और महिला आरक्षक रामरति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम के त्वरित एवं प्रभावी कार्य की सराहना की है।2
- मध्य प्रदेश के आमला में गरीबों के राशन में कथित तौर पर 10.30 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में एक सेल्समैन को बोरदेही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सेल्समैन को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में सामने आई अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है। हालांकि, इस मामले में हुई जांच के दायरे को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।1
- छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम खमरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित मार्ग आज गड्ढों और पानी के तालाब में तब्दील हो गया है। इस मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर गड्ढे में रोड है या रोड में गड्ढा, और पानी में रोड है या रोड में पानी। यह समस्या विशेष रूप से खमरा से किशनपुर, डोला-पांजरा मार्ग पर केंद्रित है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण तो ठेकेदार द्वारा कर दिया गया, लेकिन पानी की उचित निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया गया। इसी के चलते हल्की बारिश में भी सड़क पर लगभग एक-एक फीट पानी भर जाता है, जिससे सड़क जगह-जगह से जर्जर होकर उखड़ गई है। इस बदहाल सड़क से रोजाना मिडिल स्कूल, हाई स्कूल और छात्रावास के सैकड़ों स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। सड़क पर भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण जब भी कोई वाहन गुजरता है, तो पानी उछलकर बच्चों की ड्रेस खराब कर देता है, जिससे कई बार उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है और उनकी पढ़ाई भी लगातार प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, पानी में गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लगने के कारण कई बाइक और अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, जिससे हादसे अब आम बात हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की इस घोर लापरवाही के कारण आम जनता को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शर्म की बात यह भी है कि यह सड़क पर्यटन मार्ग भी है, जिससे पर्यटक कर्माझिरी और जमतरा की ओर जाते हैं। सरकारी कर्मचारी और नेता भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी ने भी सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव की ओर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। नालियों के अभाव में पानी की निकासी न होने से सड़क धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इस PMGSY सड़क की मरम्मत कराई जाए, सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए नाली बनाई जाए, और ठेकेदार की लापरवाही की विस्तृत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।1
- आज मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस जनसुनवाई में, आवेदकों ने ज़मीन के सीमांकन, नक्शा दुरूस्त करने, अतिक्रमण हटाने, नाला गहरीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली-पानी और सामाजिक सहायता जैसी विभिन्न शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी मामलों के त्वरित निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कई प्रकरणों को तत्काल नोट कर उनके समाधान का आदेश दिया, जबकि कुछ मामलों को समयसीमा समीक्षा के लिए चिह्नित किया ताकि उनका भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।1
- आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने सौसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय चौरे के स्वेच्छानुदान राशि वितरण से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। मंगलवार को EOW जबलपुर की टीम सौसर पहुंची और नगर पालिका कार्यालय में पड़ताल शुरू की। मिली जानकारी के अनुसार, EOW टीम एक दर्ज शिकायत के आधार पर संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांच के दौरान, स्वेच्छानुदान राशि से जुड़े हितग्राहियों, कुछ व्यापारियों और विधायक के निजी सहायक (PA) से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच टीम बैंक लेन-देन, स्वीकृति संबंधी अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि हो सके। फिलहाल, EOW जबलपुर की टीम द्वारा जांच जारी है। मामले में अभी तक किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोई आधिकारिक निष्कर्ष या दोष सिद्ध नहीं हुआ है। इस प्रकरण की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम वायगांव निवासी 35 वर्षीय ज्ञानदेव धोटे पिछले एक साल से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, ज्ञानदेव तेलंगाना के सांगारेडी जिले के कोहिर थाना क्षेत्र अंतर्गत तीरगावाड़ी में मोहम्मद मुजीर के आम के बगीचे में एक वर्ष से मजदूरी कर रहे थे। 21 अप्रैल 2026 को ज्ञानदेव ने अपनी पत्नी सविता धोटे को फोन पर बताया था कि उनका अपने मालिक से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया है और मालिक उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहीं ले जा रहा है। इस फोन कॉल के कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और तब से लेकर आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ज्ञानदेव के लापता होने के बाद उनके परिवार ने सबसे पहले मासोद चौकी, थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें तेलंगाना के कोहिर थाने भेजा गया, जहां परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस उपरांत, पीड़ित परिवार ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। परिजन यहीं नहीं रुके; उन्होंने क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सांसद डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित शासन-प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें सौंपीं। इन तमाम प्रयासों के बावजूद, अब तक न तो ज्ञानदेव धोटे का कोई पता चल सका है और न ही परिवार को कोई संतोषजनक जानकारी मिल पाई है।1
- आमला बैतूल में रेल यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, आमला जीआरपी के टीआई प्रभारी प्रमोद पाटिल ने विशेष रूप से आमला और बैतूल स्टेशनों पर यात्रियों को साइबर ठगी से बचने के प्रभावी तरीके और 'मंत्र' प्रदान किए। यह अभियान यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी से सतर्क रहने के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है।2