ग्राम जमुहा में पिछले लगभग 20 वर्षों से एक शासकीय रास्ते का विवाद चल रहा था, जिस पर गांव के ही संतोष कुमार पुत्र कृपाराम, झुंण्डी लाल पुत्र बैजनाथ, रामकुमार पुत्र कृपाराम और अरविंद कुमार पुत्र कृपाराम द्वारा खेती की जा रही थी। यह शासकीय रास्ता लगभग 200 मीटर लंबा और 66 फीट चौड़ा था। जब यह मामला एसडीएम लहार के संज्ञान में आया, तब अनुविभागीय दंडाधिकारी विजय सिंह यादव ने कार्रवाई करते हुए चार पटवारियों का दल गठित कर विवादित भूमि सर्वे नंबर 1057 के विधिवत सीमांकन के आदेश दिए। इन आदेशों के क्रम में तहसीलदार दीपक शुक्ला के निर्देशन में राजस्व दल ने ग्राम जमुहा पहुंचकर भूमि का सीमांकन किया। सीमांकन के बाद, मंगलवार को एसडीएम के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सर्वे क्रमांक 1057 पर शासकीय मुरम रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया गया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व मौजा पटवारी रविंद्र सिंह कुशवाहा और पटवारी योगेंद्र अनिल सहित पुलिस बल भी मौके पर उपस्थित रहा। वर्षों पुराने इस अतिक्रमण को हटाने और सड़क निर्माण शुरू होने के बाद, अब ग्रामीण बिना किसी बाधा के मंदिर पर पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंच सकेंगे।
ग्राम जमुहा में पिछले लगभग 20 वर्षों से एक शासकीय रास्ते का विवाद चल रहा था, जिस पर गांव के ही संतोष कुमार पुत्र कृपाराम, झुंण्डी लाल पुत्र बैजनाथ, रामकुमार पुत्र कृपाराम और अरविंद कुमार पुत्र कृपाराम द्वारा खेती की जा रही थी। यह शासकीय रास्ता लगभग 200 मीटर लंबा और 66 फीट चौड़ा था। जब यह मामला एसडीएम लहार के संज्ञान में आया, तब अनुविभागीय दंडाधिकारी विजय सिंह यादव ने कार्रवाई करते हुए चार पटवारियों का दल गठित कर विवादित भूमि सर्वे नंबर 1057 के विधिवत सीमांकन के आदेश दिए। इन आदेशों के क्रम में तहसीलदार दीपक शुक्ला के निर्देशन में राजस्व दल ने ग्राम जमुहा पहुंचकर भूमि का सीमांकन किया। सीमांकन के बाद, मंगलवार को एसडीएम के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सर्वे क्रमांक 1057 पर शासकीय मुरम रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया गया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व मौजा पटवारी रविंद्र सिंह कुशवाहा और पटवारी योगेंद्र अनिल सहित पुलिस बल भी मौके पर उपस्थित रहा। वर्षों पुराने इस अतिक्रमण को हटाने और सड़क निर्माण शुरू होने के बाद, अब ग्रामीण बिना किसी बाधा के मंदिर पर पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंच सकेंगे।
- ग्राम जमुहा में पिछले लगभग 20 वर्षों से एक शासकीय रास्ते का विवाद चल रहा था, जिस पर गांव के ही संतोष कुमार पुत्र कृपाराम, झुंण्डी लाल पुत्र बैजनाथ, रामकुमार पुत्र कृपाराम और अरविंद कुमार पुत्र कृपाराम द्वारा खेती की जा रही थी। यह शासकीय रास्ता लगभग 200 मीटर लंबा और 66 फीट चौड़ा था। जब यह मामला एसडीएम लहार के संज्ञान में आया, तब अनुविभागीय दंडाधिकारी विजय सिंह यादव ने कार्रवाई करते हुए चार पटवारियों का दल गठित कर विवादित भूमि सर्वे नंबर 1057 के विधिवत सीमांकन के आदेश दिए। इन आदेशों के क्रम में तहसीलदार दीपक शुक्ला के निर्देशन में राजस्व दल ने ग्राम जमुहा पहुंचकर भूमि का सीमांकन किया। सीमांकन के बाद, मंगलवार को एसडीएम के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सर्वे क्रमांक 1057 पर शासकीय मुरम रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया गया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व मौजा पटवारी रविंद्र सिंह कुशवाहा और पटवारी योगेंद्र अनिल सहित पुलिस बल भी मौके पर उपस्थित रहा। वर्षों पुराने इस अतिक्रमण को हटाने और सड़क निर्माण शुरू होने के बाद, अब ग्रामीण बिना किसी बाधा के मंदिर पर पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंच सकेंगे।1
- सेवढ़ा के सिंध नदी के भीकमपुरा घाट पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन का खेल सामने आया है, जहाँ रेत माफिया पनडुब्बी जैसी मशीनों और मोटर चालित उपकरणों का उपयोग करके नदी की गहराई से लगातार रेत निकाल रहे हैं। आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के कारण नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों और जलजीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन के चलते नदी के तल में 60 से 80 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात और सामान्य दिनों में इन गड्ढों का पता लगाना मुश्किल होता है, जिससे नदी किनारे जाने वाले ग्रामीण, पशुपालक और किसान हादसों का शिकार हो जाते हैं; पूर्व में कुछ किसानों की जान भी जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, नदी से अत्यधिक रेत निकालने से जल प्रवाह और भूजल स्तर प्रभावित होता है, साथ ही नदी की पारिस्थितिकी को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। पनडुब्बियों और सक्शन मशीनों के उपयोग से मछलियों, कछुओं और अन्य जलजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं, जिससे उनकी जान जा रही है और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया दिन-रात इस काम में लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भीकमपुरा घाट पर हो रहे इस अवैध रेत उत्खनन की निष्पक्ष जांच कराने, पनडुब्बियों और अन्य मशीनों के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो सिंध नदी का अस्तित्व और क्षेत्र का पर्यावरण खतरे में पड़ जाएगा।1
- ग्राम पंचायत हुसेपुरा जागीर के ग्राम सचिवालय में एक गंभीर घटना सामने आई, जहाँ एक गौमाता को ताला लगाकर बंद कर दिया गया। आरोप है कि पंचायत सहायक नितिन कुमार निषाद दोपहर लगभग दो बजे गौमाता को सचिवालय में बिलखती और तड़पती हुई हालत में छोड़कर अपने घर चले गए। इस मामले की जानकारी भाजपा जनपद जालौन के गौ सेवा रक्षा महा मंत्री, पुष्पेन्द्र राठौर हुसेपुरा जागीर ने दी। उन्हें कुछ ग्रामवासियों ने तड़पती हुई गौमाता को देखकर सूचित किया, जिसके बाद वे मौके पर पहुँचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में आज, 22 जून 2026 को एक व्यक्ति का शव बरामद होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान गिरजाशंकर तिवारी के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 75 वर्ष है। उनके सिर पर चोट के निशान मिले हैं। जानकारी के अनुसार, गिरजाशंकर तिवारी रात में अपने खेत पर स्थित ट्यूबवेल पर सोए थे। सुबह लगभग 5:30 बजे उनके पुत्र ने उन्हें देखा तो उनका शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक भी शामिल थे, जिन्होंने स्थिति का मुआयना किया और आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस द्वारा पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, साथ ही तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करके आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का चोरी गया सोना बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।1
- जालौन के कालपी स्थित आटा थाना क्षेत्र में हुई ₹21 लाख रुपये के सोने की चोरी का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चोरी किया गया 135 ग्राम सोना (दो टुकड़े) और ₹97,000 नकद बरामद हुए हैं। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। सीओ कालपी राजेश कमल ने बताया कि 23 जून को आटा निवासी मनोज सिंह ने अपने घर से सोने के टुकड़े चोरी होने की सूचना आटा थाना में दी थी। इस शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन में आटा थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई। बुधवार को चेकिंग के दौरान, पुलिस टीम ने ग्राम पिपरांया निवासी मिठ्ठू और अंकित द्विवेदी को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। उनसे पूछताछ और तलाशी के बाद चोरी किए गए 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े और ₹97,000 नकद बरामद हुए। बरामद सोने की अनुमानित कीमत करीब ₹21 लाख रुपये बताई गई है। सीओ राजेश कमल के अनुसार, बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।1
- कोंच में, प्रदेश प्रवक्ता गौरव जैन ने NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर जोरदार ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने इन अनियमितताओं के कारण छात्रों के भविष्य पर गंभीर चिंता व्यक्त की।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय नया कसेरूआ में भीषण गर्मी के बीच अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पीने के स्वच्छ पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए विद्यालय परिसर से बाहर जाकर पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में न तो नियमित पेयजल की सुविधा है और न ही बच्चों के लिए पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था की गई है। लगातार बढ़ते तापमान के इस मौसम में छोटे बच्चों का बाहर जाकर पानी लाना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पेयजल के अलावा, विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है, जिससे छात्रों को उसके उपयोग में परेशानी होती है। पानी की कमी के कारण शौचालयों का उपयोग भी प्रभावित हो रहा है, जिससे स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अभिभावकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दे रही है, फिर भी यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर नकारात्मक असर डाल रहा है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन को याद दिलाया है कि पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बच्चों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यालय प्रभारी मंजू शर्मा ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भी लिख चुकी हैं, लेकिन अभी तक पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। वहीं, पीएचई विभाग के एसडीओ रितेश राव ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन के भीतर स्कूल में पानी की व्यवस्था करवा दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और विद्यालय के बच्चों को कब तक राहत मिल पाती है।1