छत्तीसगढ़ के केसीजी जिले की ठेलकाडीह थाना पुलिस ने अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 47 पौवा सवा शेरा देशी प्लेन शराब जब्त की है। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 8.460 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 3,760 रुपये बताई गई है। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम मरकामटोला खार के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को रोका गया था। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम तीजू यादव (32 वर्ष) और निवासी ग्राम सिंगारपुर, थाना ठेलकाडीह बताया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास मौजूद एक प्लास्टिक की बोरी से 47 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद की गई। आरोपी युवक शराब परिवहन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने अवैध शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के केसीजी जिले की ठेलकाडीह थाना पुलिस ने अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 47 पौवा सवा शेरा देशी प्लेन शराब जब्त की है। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 8.460 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 3,760 रुपये बताई गई है। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम मरकामटोला खार के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को रोका गया था। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम तीजू यादव (32 वर्ष) और निवासी ग्राम सिंगारपुर, थाना ठेलकाडीह बताया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास मौजूद एक प्लास्टिक की बोरी से 47 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद की गई। आरोपी युवक शराब परिवहन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने अवैध शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- बालाघाट पुलिस ने बहुचर्चित डबल मनी कांड के मास्टरमाइंड सोमेंद्र कंकरायने को आखिरकार हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी सोमेंद्र को उसके साथियों के साथ धरदबोचा है। सोमेंद्र पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लंबे समय से अलग-अलग धार्मिक स्थलों में छिपकर अपनी फरारी काट रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद 20 जुलाई को बालाघाट पुलिस कंट्रोल रूम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बालाघाट एसपी ने मीडिया के सामने मास्टरमाइंड सोमेंद्र और उसके साथियों को पेश कर पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने भी आरोपी सोमेंद्र से सीधे कई सवाल-जवाब किए। दरअसल, डबल मनी के निवेशक अपने पैसे की वापसी को लेकर लंबे समय से लगातार आक्रोशित थे। इस बीच बालाघाट एसपी ने आखिरकार निवेशकों से किया अपना वादा पूरा करते हुए मुख्य आरोपी सोमेंद्र को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।1
- पुरानी भिलाई पुलिस ने ऑटो में बैठाकर एक यात्री की जेब से ₹74,000 चोरी करने वाले ऑटो चालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। भिलाई के कन्या शाला स्कूल के पास रहने वाले 32 वर्षीय अरविंद कुमार 15 जुलाई 2026 को जीई रोड स्थित अपने कार्यालय से केनरा बैंक, बरोदा शाखा में ₹74,000 जमा कराने जा रहे थे। इस दौरान वे एक नीले-सफेद रंग के ऑटो में सवार हुए, जिसमें पहले से दो अन्य व्यक्ति बैठे हुए थे। सफर के दौरान आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को पहले पीछे और बाद में आगे बैठाकर उनका ध्यान भटकाया और जेब से नकदी पार कर दी। इसके बाद आरोपियों ने केनरा बैंक तक न ले जाकर ज्योति कटिंग, चरोदा के पास सुनसान जगह पर वाहन खराब होने का बहाना बनाकर अरविंद कुमार को उतार दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुरानी भिलाई थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 377/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर ऑटो क्रमांक CG 07 DB 6016 को जब्त कर चालक और उसके साथी को हिरासत में लिया। पहचान परेड के दौरान पीड़ित द्वारा दोनों की पहचान करने के बाद आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बॉबी गुरजीत सिंह (31 वर्ष) और धीरज वर्मा (20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जामुल के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (बॉम्बे आवास) के निवासी हैं। मुख्य आरोपी बॉबी गुरजीत सिंह के खिलाफ सुपेला थाना क्षेत्र में मारपीट और चोरी के अन्य मामले भी दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से सफर के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है।1
- रायपुर जिले के नवापारा-राजिम में प्रसिद्ध सामाजिक संस्था सालासर सुंदरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा डॉक्टरों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टरों की निस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति उनके समर्पण को नमन करते हुए उन्हें शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और पुष्पमाला देकर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक राजू काबरा और अध्यक्ष धरम साहू ने कहा कि डॉक्टरों के बिना एक स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप बताते हुए कहा कि वे दिन-रात बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी डॉक्टरों ने अपने परिवार और स्वयं की चिंता किए बिना मानव सेवा की अद्भुत मिसाल पेश की थी। इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टरों के तिलक-वंदन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद मोहिनी, पिंकी और ईशा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह में 87 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बलजीत सिंह और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौर का विशेष रूप से गुलाब की माला एवं शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इसके साथ ही उपस्थित सभी डॉक्टरों को राम-नाम का दुपट्टा, मोती की माला और स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. गोपाल केला, डॉ. राजेंद्र गदिया, डॉ. टी.एन. रमेश, डॉ. दिलीप शाह, डॉ. वीरेंद्र हिरौंदिया सहित क्षेत्र के कई चिकित्सक और समिति के सदस्य मौजूद रहे।1
- जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों की गूंज अब विदेशों तक पहुंच गई है और विदेशी मीडिया की नजरें इस पर बनी हुई हैं, लेकिन देश के बड़े 'प्राइम-टाइम' चेहरे इस पूरे घटनाक्रम से अब भी गायब हैं। जहां एक तरफ जंतर-मंतर के इन प्रदर्शनों की गूंज सरहद पार विदेश तक पहुंच चुकी है, वहीं भारतीय मीडिया के बड़े चेहरों की इस मुद्दे से दूरी अब भी साफ बनी हुई है।1
- बालाघाट जिले के विकासखंड बालाघाट के अंतर्गत आने वाले ग्राम टवेझरी में कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रयासों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। यहाँ के प्रगतिशील किसान विवेकानंद डोंगरे ने रासायनिक खेती का रास्ता छोड़कर हरी खाद आधारित प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों के सामने सफलता का एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। कृषि विस्तार अधिकारी अभिलाष सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में विवेकानंद डोंगरे ने विभाग से सस्बेनिया रोस्ट्राटा (ढेंचा) के बीज प्राप्त कर अपने खेत में बोए थे। फसल में फूल आने से पहले ही उन्होंने रोटावेटर चलाकर ढेंचा को खेत की मिट्टी में मिला दिया और इसे हरी खाद के रूप में इस्तेमाल किया। इस तकनीक के कारण खेत की मिट्टी की उर्वरक क्षमता काफी बढ़ गई है और प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की उपलब्धता में भी वृद्धि हुई है, जिससे मुख्य फसल की बुवाई के लिए खेत बेहद अच्छी तरह से तैयार हो गया है। विवेकानंद डोंगरे के खेत में दिखे इस सकारात्मक बदलाव के बाद अब टवेझरी गांव के दूसरे किसान भी इस पद्धति की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों पर होने वाले खर्च को कम करने और अपनी भूमि की सेहत सुधारने के लिए किसानों ने ढेंचा की खेती में गहरी रुचि दिखाई है। कृषि विस्तार अधिकारी अभिलाष सूर्यवंशी ने कहा कि हरी खाद खेती की लागत घटाने का एक बेहद प्रभावी और टिकाऊ माध्यम है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उर्वरता सुरक्षित बनी रहे।1
- छत्तीसगढ़ के ठेलकाडीह थाना क्षेत्र में बैंक लोन चुकाने के विवाद को लेकर एक पति ने अपनी पत्नी की फावड़े से मारकर हत्या कर दी। घटना की जानकारी 20 जुलाई सोमवार को दोपहर 12 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी पति तारण चतुर्वेदी (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 16 जुलाई को अपनी पत्नी सुरूज बाई चतुर्वेदी के सिर पर फावड़े से हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए दुर्ग के शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी तारण चतुर्वेदी ने बैंक से कर्ज लिया था। इस ऋण को चुकाने के लिए उसकी पत्नी सुरूज बाई लगातार उस पर दबाव बना रही थी, जिससे नाराज होकर आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पत्नी की मौत के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) जोड़ी है, जबकि शुरुआत में यह केवल मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को स्मृति नगर चौकी पुलिस के सहयोग से भिलाई के सूर्या मॉल के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया फावड़ा तथा वारदात के वक्त पहने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2) और 103(1) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1