पत्रकारों पर हो रहे जातीय शोषण का हम पुरजोर विरोध करते हैं। चाहे बात पत्रकार सुघरसिंह की हो, असित यादव की हो या इटावा जनपद के किसी भी पत्रकार की—ऐसा अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वर्तमान में जिस प्रकार पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, वह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात है, बल्कि समाज के लिए भी एक गलत संदेश है। प्रशासन और शासन के जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को यह समझना चाहिए कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। माननीय सांसद जितेंद्र दोहरे जी, किसी भी विवाद का समाधान संवाद और आपसी समझ से भी निकाला जा सकता है। लेकिन यदि आपकी दृष्टि में पत्रकारों का कोई महत्व नहीं है, तो यह एक चिंताजनक स्थिति है। कृपया यह न भूलें कि आपको यह जिम्मेदारी जनता ने सीमित समय के लिए सौंपी है, जबकि पत्रकार समाज के प्रति आजीवन जवाबदेह रहता है। पत्रकारों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है। इसलिए हम सभी पत्रकार एकजुट होकर इस अन्याय का विरोध करते हैं और स्पष्ट करना चाहते हैं कि जातीय उत्पीड़न किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पत्रकार एकता जिंदाबाद, जातीय उत्पीड़न मुर्दाबाद।
पत्रकारों पर हो रहे जातीय शोषण का हम पुरजोर विरोध करते हैं। चाहे बात पत्रकार सुघरसिंह की हो, असित यादव की हो या इटावा जनपद के किसी भी पत्रकार की—ऐसा अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वर्तमान में जिस प्रकार पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, वह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात है, बल्कि समाज के लिए भी एक गलत संदेश है। प्रशासन और शासन के जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को यह समझना चाहिए कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। माननीय सांसद जितेंद्र दोहरे जी, किसी भी विवाद का समाधान संवाद और आपसी समझ से भी निकाला जा सकता है। लेकिन यदि आपकी दृष्टि में पत्रकारों का कोई महत्व नहीं है, तो यह एक चिंताजनक स्थिति है। कृपया यह न भूलें कि आपको यह जिम्मेदारी जनता ने सीमित समय के लिए सौंपी है, जबकि पत्रकार समाज के प्रति आजीवन जवाबदेह रहता है। पत्रकारों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है। इसलिए हम सभी पत्रकार एकजुट होकर इस अन्याय का विरोध करते हैं और स्पष्ट करना चाहते हैं कि जातीय उत्पीड़न किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पत्रकार एकता जिंदाबाद, जातीय उत्पीड़न मुर्दाबाद।
- पत्रकारों पर हो रहे जातीय शोषण का हम पुरजोर विरोध करते हैं। चाहे बात पत्रकार सुघरसिंह की हो, असित यादव की हो या इटावा जनपद के किसी भी पत्रकार की—ऐसा अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वर्तमान में जिस प्रकार पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, वह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात है, बल्कि समाज के लिए भी एक गलत संदेश है। प्रशासन और शासन के जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को यह समझना चाहिए कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। माननीय सांसद जितेंद्र दोहरे जी, किसी भी विवाद का समाधान संवाद और आपसी समझ से भी निकाला जा सकता है। लेकिन यदि आपकी दृष्टि में पत्रकारों का कोई महत्व नहीं है, तो यह एक चिंताजनक स्थिति है। कृपया यह न भूलें कि आपको यह जिम्मेदारी जनता ने सीमित समय के लिए सौंपी है, जबकि पत्रकार समाज के प्रति आजीवन जवाबदेह रहता है। पत्रकारों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है। इसलिए हम सभी पत्रकार एकजुट होकर इस अन्याय का विरोध करते हैं और स्पष्ट करना चाहते हैं कि जातीय उत्पीड़न किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पत्रकार एकता जिंदाबाद, जातीय उत्पीड़न मुर्दाबाद।1
- संपूर्ण समाधान दिवस में 23 शिकायतें मिलीं: मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका जसवंतनगर तहसील सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में कुल 23 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में विभिन्न गांवों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। ग्राम अहिर टोला की संत प्रभा ने आरोप लगाया कि एक खातेदार ने उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने भूमि की पैमाइश कराकर न्याय दिलाने की मांग की। वहीं, ग्राम तुलसीनगर के रामजीलाल ने अपने निर्माणाधीन मकान के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन को हटवाने की गुहार लगाई। ग्राम जल पोखरा के राहुल प्रताप सिंह ने शिकायत की कि चकरोड का सीमांकन होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ग्राम पीहरपुर के अखिलेश कुमार ने चकरोड पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। छिमारा रोड निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि उनके मकान की दीवार के सहारे गड्ढा खोदे जाने से खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्राम निलोई के रामजीलाल ने बताया कि वर्ष 2008 में विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन पर तीन लाख रुपये की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर दी गई है। उन्होंने स्वयं को वृद्ध बताते हुए राहत की मांग की। पूर्व सभासद ऋषिकांत चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले मार्ग पर विद्युत पोल लगाए जाने की आवश्यकता बताई। भतोरा के रविंद्र सिंह ने भी चकरोड को कब्जा मुक्त कराने की मांग रखी। इस दौरान उप जिलाधिकारी कुमार सत्यम, क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह, तहसीलदार नायब सचान सहित विभिन्न थानों के प्रभारी निरीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।1
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- Post by Urvashi singh1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा नेक पहल के तहत सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अनुचर को बैंक आफ बड़ौदा द्वारा दी गई 72 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि1
- *दबंगों ने मारापीटा और फसल भी नहीं काटने दे रहे* *पीड़ित महिला ने एसएसपी से लगाई बचाने की गुहार* _______________________________ इटावा। अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती के बावजूद कुछ गुंडे बदमाश अभी भी बेखौफ होकर वारदातें करने में लगे हैं और पीड़ित न्याय पाने के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना सिविल लाइन के ग्राम झबरापुरा निवासी पीड़ित महिला सुनीता देवी ने एसएसपी को प्रार्थना देकर दबंग हमलावरों से अपने परिवार के जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है। शनिवार को ग्राम झबरापुरा निवासी सुनीता देवी पत्नी प्रेम नारायण ने एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उसी के गांव में रहने वाले दबंग अपराधी प्रवृति के अवधेश और उसके परिवारीजन उससे रंजिश मानते हैं और इसीलिए 15-12-2025 को तथा 27-03-2026 को उसके साथ मारपीट व छेड़खानी की तथा कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र करने की कोशिश की, इसके मुकदमे के साक्ष्य देने के लिए जब वह अपने पुत्रों प्रदीप, आलोक, विवेक और अनुज के साथ 06-042026 को इटावा न्यायालय के लिए आ रही थी, तो रास्ते में उक्त दबंगों ने घेरकर घातक धारदार हथियारों से मारपीट की जिसका मुकदमा संख्या 86 थाना जसवंत नगर में दिनांक 07-04-2026 को धारा 191(1),191(2), 126, 352, 351(3) ,110, 324(4) के तहत दर्ज हुआ। लेकिन थाना पुलिस की ढिलाई से उक्त दबंगों के हौसले इस कदर बढ़ गए कि दिनांक 17-04-2026 को जब प्रार्थनी अपने पुत्रों के साथ अपने खेत पर खड़ी गेहूं की फसल कटवा रही थी, तभी उक्त दबंग अवधेश, नारायण, गोविंद, करू उर्फ ब्रजेश, कमलेश, गणेश, देवांश अपने हाथों में लाठी,डंडा, कुल्हाड़ी, कांता लेकर आए और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए बोले कि मार दो इस साली को, बहुत कोर्ट कचहरी करती है, राजीनामा नहीं कर रही है, और फसल काटने से रोक दिया तथा धमकी दी कि तेरे पूरे परिवार को मार देंगे, तेरी फसल जला देंगे। उसने कहा कि उसका गंभीर रूप से घायल पुत्र रीजेंसी अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहा है और अपराधी अभी भी बेखौफ घूम कर मारने की धमकी दे रहे हैं, इसलिए उसकी रिपोर्ट लिखकर अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई की जाए।1
- *दबंगों ने मारापीटा और फसल भी नहीं काटने दे रहे* *पीड़ित महिला ने एसएसपी से लगाई बचाने की गुहार* _______________________________ इटावा। अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती के बावजूद कुछ गुंडे बदमाश अभी भी बेखौफ होकर वारदातें करने में लगे हैं और पीड़ित न्याय पाने के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना सिविल लाइन के ग्राम झबरापुरा निवासी पीड़ित महिला सुनीता देवी ने एसएसपी को प्रार्थना देकर दबंग हमलावरों से अपने परिवार के जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है। शनिवार को ग्राम झबरापुरा निवासी सुनीता देवी पत्नी प्रेम नारायण ने एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उसी के गांव में रहने वाले दबंग अपराधी प्रवृति के अवधेश और उसके परिवारीजन उससे रंजिश मानते हैं और इसीलिए 15-12-2025 को तथा 27-03-2026 को उसके साथ मारपीट व छेड़खानी की तथा कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र करने की कोशिश की, इसके मुकदमे के साक्ष्य देने के लिए जब वह अपने पुत्रों प्रदीप, आलोक, विवेक और अनुज के साथ 06-042026 को इटावा न्यायालय के लिए आ रही थी, तो रास्ते में उक्त दबंगों ने घेरकर घातक धारदार हथियारों से मारपीट की जिसका मुकदमा संख्या 86 थाना जसवंत नगर में दिनांक 07-04-2026 को धारा 191(1),191(2), 126, 352, 351(3) ,110, 324(4) के तहत दर्ज हुआ। लेकिन थाना पुलिस की ढिलाई से उक्त दबंगों के हौसले इस कदर बढ़ गए कि दिनांक 17-04-2026 को जब प्रार्थनी अपने पुत्रों के साथ अपने खेत पर खड़ी गेहूं की फसल कटवा रही थी, तभी उक्त दबंग अवधेश, नारायण, गोविंद, करू उर्फ ब्रजेश, कमलेश, गणेश, देवांश अपने हाथों में लाठी,डंडा, कुल्हाड़ी, कांता लेकर आए और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए बोले कि मार दो इस साली को, बहुत कोर्ट कचहरी करती है, राजीनामा नहीं कर रही है, और फसल काटने से रोक दिया तथा धमकी दी कि तेरे पूरे परिवार को मार देंगे, तेरी फसल जला देंगे। उसने कहा कि उसका गंभीर रूप से घायल पुत्र रीजेंसी अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहा है और अपराधी अभी भी बेखौफ घूम कर मारने की धमकी दे रहे हैं, इसलिए उसकी रिपोर्ट लिखकर अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई की जाए।2
- ड्यूटी के दौरान दिवंगत पुलिस अनुचर के परिजनों को ₹72 लाख की आर्थिक सहायता जसवंतनगर (इटावा)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा दिवंगत पुलिस अनुचर अनिल कुमार पाण्डेय के परिजनों को ₹72 लाख की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा निर्धारित वित्तीय पैकेज के अंतर्गत दी गई। शनिवार को जसवंतनगर तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला की उपस्थिति में मृतक की पत्नी कौशल्या पांडे एवं माता कृष्णा पांडे को ₹72,00,000 (बहत्तर लाख) की धनराशि का चेक सौंपा। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अनिल कुमार पाण्डेय पुलिस लाइन इटावा में अनुचर के पद पर तैनात थे। दिनांक 23 मार्च 2024 को करहल क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार हेतु सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश पुलिस एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच हुए एमओयू के तहत ड्यूटी के दौरान दिवंगत होने वाले कर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी योजना के अंतर्गत यह राशि मृतक के परिवार को दी गई है। इस सहायता से शोकाकुल परिवार को कठिन समय में आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।1