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जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर एक महिला और एक पुरुष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। यह विवाद जमीन को लेकर उत्पन्न हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
जनता की आवाज
जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर एक महिला और एक पुरुष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। यह विवाद जमीन को लेकर उत्पन्न हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
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- बाड़मेर जिले के चोट इलाके में 25 दिन पहले आए भयंकर तूफान के कारण कई गांवों में बिजली के खंभे अभी भी टूटे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों में बिजली की आपूर्ति भी अभी तक ठप है। सामने आई तस्वीरों में नजदीकी भूत गांव की स्थिति दिखाई गई है, जहाँ तेज तूफान से धराशायी हुए बिजली के खंभे अभी भी जमीन पर टिके हुए हैं। ग्रामीण उम्मेद राजकोड़ेचा ने इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, क्योंकि 25 दिन बीत जाने के बाद भी गांवों में टूटे बिजली के खंभे ठीक नहीं हुए हैं और ग्रामीण परेशान हैं।1
- बाड़मेर में जातीय भेदभाव के विरोध में धरनार्थियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सरूप सिंह खारा के घर पहुँचकर अपनी बात रखी। इस दौरान, भाजपा नेता सरूप सिंह खारा ने इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जालोर में एक विचार संगोष्ठी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माता सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन जालोर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान (GUMS) द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रामदेव कॉलोनी में आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई और युवाओं व आमजन को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही नशा मुक्ति जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पूर्व उपसभापति अम्बालाल व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि "नशामुक्त समाज ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है" और उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एम.के. जोशी (हेड, डाबर कंपनी), दिनेश कुमार माली (नगर संयोजक), डॉ. शान्तीलाल माथुर (मेडिकल ऑफिसर) और नितेश भटनागर (जिला संरक्षक, जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल विश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि केंद्र में भर्ती होने वाले लाभार्थियों को उपचार, परामर्श, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शान्तीलाल माथुर ने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया, वहीं जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार के जिला संरक्षक नितेश भटनागर ने नशे को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कमजोरी का कारण बताते हुए नशा मुक्ति केंद्र का सहारा लेने की सलाह दी और नियमित रक्तदान की अपील की। संस्था के परियोजना समन्वयक हीरालाल चौहान ने नशीले पदार्थों के सेवन को अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक समस्याओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दिलाया और शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुमार विश्नोई ने किया, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी, परामर्शदाता, केंद्र के लाभार्थी और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन पर सभी को अल्पाहार कराया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश "नशा छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएँ — नशामुक्त समाज ही समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र की पहचान है" रहा।3
- जालौर शहर के गोड़ीजी क्षेत्र स्थित सुभाष नगर कॉलोनी के वार्ड संख्या 2 और 3 में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर पहचानना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुभाष नगर कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालों में कचरा, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है, जिससे नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में घरों के बाहर तक गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई-कई महीनों, कभी पाँच तो कभी छह महीने तक क्षेत्र में नहीं पहुँचते, और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इस अनियमितता के चलते गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से परेशान लोग दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्याओं का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि सुभाष नगर कॉलोनी दशकों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रही है, जहाँ न केवल सफाई व्यवस्था बदहाल है, बल्कि अधिकांश सड़कें भी टूट-फूट का शिकार होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, और बच्चों-बुजुर्गों समेत सभी को आवागमन में भारी परेशानी होती है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि पूर्व पार्षद दिनेश/समेलाराम सोलंकी के कार्यकाल में भी अपेक्षित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते गोड़ीजी वाडिया और सुभाष नगर कॉलोनी के कई हिस्से आज भी विकास कार्यों से वंचित हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर बुधवार, 24 जून 2026 को क्षेत्र के नागरिक नगर परिषद द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सुभाष नगर कॉलोनी और गोड़ीजी वाडिया क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की गहन सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, क्योंकि वर्षों की शिकायतों के बावजूद समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। निवासियों ने स्वच्छता, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई और केवल कागज़ी दावों के बजाय धरातल पर विकास कार्य सुनिश्चित करने की अपील की है।1
- बालोतरा में, मुख्य विद्युत विभाग से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो विभाग की 'पोल खोलने' वाला बताया जा रहा है।1
- भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से 28 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" को अपने-अपने बूथों पर सामूहिक रूप से सुनने का आह्वान किया है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने सरल ऐप पर आयोजित डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम का प्रशिक्षण प्राप्त करने, प्रशिक्षण पूर्ण होने पर अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड करने तथा "मन की बात" कार्यक्रम की तस्वीरें भी सरल ऐप पर अपलोड करने का अनुरोध किया। प्रदेशाध्यक्ष ने सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित करने तथा संगठन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए अपनी सहभागिता दर्ज कराने के लिए कहा है।1
- बाड़मेर में BJP राजस्थान के नेता स्वरूप सिंह खारा ने भूमिहीन महिलाओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने यह भावना व्यक्त की कि 'मेरी बहिनों ने याद किया-भाई तुरंत हाजिर', जो महिलाओं के बुलावे पर उनकी त्वरित उपस्थिति को दर्शाती है।1
- सरूपगंज के रोहिड़ा रोड स्थित श्री काशी विश्वनाथ गौशाला सेवा समिति की वार्षिक आम सभा का आयोजन शनिवार को किया गया। यह सभा प्रशासक एवं उप तहसीलदार भांवरी तथा गौशाला अध्यक्ष लालदास महाराज के सानिध्य में आयोजित हुई। इस दौरान समिति ने सर्वसम्मति से गौशाला की नई कार्यकारीणी के गठन का प्रस्ताव लिया, साथ ही गौशाला के विकास और गौ चिकित्सालय व्यवस्था के सुचारू संचालन पर भी व्यापक चर्चा की गई। सभा में उप तहसीलदार रूपाराम मेघवाल (जो गौशाला के प्रशासक भी हैं) और पटवारी अनिल कुमार परवारी को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने वर्तमान संचालक लालदास महाराज को ही पुनः गौशाला का संचालक एवं अध्यक्ष बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जो तब तक प्रभावी रहेगा जब तक स्थाई समिति का गठन नहीं हो जाता। इसके अतिरिक्त, महंत सनकादिक शरण महाराज आबावेरी को गौशाला का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया, और उन्हें बैंक एवं राजकार्यों के लिए अध्यक्ष तथा प्रशासक के साथ तीसरे हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया गया है। गौशाला की नई कार्यकारीणी इस प्रकार रहेगी: अध्यक्ष श्री लालदास महाराज, उपाध्यक्ष सनकादिक शरण महाराज आबावेरी, सचिव लक्ष्मणसिंह गुजराल, सहसचिव धनदास वैष्णव, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, व्यवस्थापक मांगीलाल कलबी, और सह कोषाध्यक्ष मोहनलाल एम. कलबी। सदस्यगणों में अशोक सुथार, शेरसिंह, पवन जोशी, अनिल कुमार, विनोद दवे, रूपचंद अग्रवाल, मोहनलाल पटेल, गोपाल प्रजापत और संजय प्रजापत सहित अन्य सदस्यों को मनोनीत किया गया है।2
- राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनाने पर समाज के पंचों ने 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस फरमान के बाद उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है, उन्हें कहीं मजदूरी नहीं मिल रही और दुकानों से राशन तक नहीं दिया जा रहा। यह गंभीर मामला अब जिला प्रशासन तक पहुँच गया है। यह घटना मंडवारिया गांव में तब घटी जब एक परिवार में मृत्युभोज का आयोजन किया गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने परंपरा के अनुसार घी के मालपुए की जगह साधारण भोजन परोसा। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने एक बैठक की और मृत्युभोज कराने वाले परिवार सहित कुल 43 परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुना दिया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि इस फैसले के बाद गांव में लोग उनसे बातचीत नहीं कर रहे हैं, कई जगह उन्हें मजदूरी नहीं दी जा रही और उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूर रखा जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एक पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि, "हमने आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए थे। इसके बाद समाज के पंचों ने हमें समाज से बाहर कर दिया। गांव में कोई बात नहीं करता और काम भी नहीं मिल रहा है।" एक अन्य पीड़ित ने भावुक होकर न्याय की गुहार लगाते हुए पूछा, "घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? हमारी बहू-बेटियों से भी लोग बात नहीं कर रहे हैं। प्रशासन हमें न्याय दिलाए।" इस मामले में पीड़ित परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से नाराज सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुँचे और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है। कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन एक अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सजा का प्रावधान है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करती है।2