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जालौर शहर के गोड़ीजी क्षेत्र स्थित सुभाष नगर कॉलोनी के वार्ड संख्या 2 और 3 में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर पहचानना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुभाष नगर कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालों में कचरा, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है, जिससे नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में घरों के बाहर तक गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई-कई महीनों, कभी पाँच तो कभी छह महीने तक क्षेत्र में नहीं पहुँचते, और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इस अनियमितता के चलते गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से परेशान लोग दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्याओं का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि सुभाष नगर कॉलोनी दशकों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रही है, जहाँ न केवल सफाई व्यवस्था बदहाल है, बल्कि अधिकांश सड़कें भी टूट-फूट का शिकार होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, और बच्चों-बुजुर्गों समेत सभी को आवागमन में भारी परेशानी होती है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि पूर्व पार्षद दिनेश/समेलाराम सोलंकी के कार्यकाल में भी अपेक्षित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते गोड़ीजी वाडिया और सुभाष नगर कॉलोनी के कई हिस्से आज भी विकास कार्यों से वंचित हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर बुधवार, 24 जून 2026 को क्षेत्र के नागरिक नगर परिषद द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सुभाष नगर कॉलोनी और गोड़ीजी वाडिया क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की गहन सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, क्योंकि वर्षों की शिकायतों के बावजूद समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। निवासियों ने स्वच्छता, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई और केवल कागज़ी दावों के बजाय धरातल पर विकास कार्य सुनिश्चित करने की अपील की है।

18 hrs ago
user_News Samachar Nation jalor
News Samachar Nation jalor
Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
18 hrs ago

जालौर शहर के गोड़ीजी क्षेत्र स्थित सुभाष नगर कॉलोनी के वार्ड संख्या 2 और 3 में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर पहचानना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुभाष नगर कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालों में कचरा, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है, जिससे नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में घरों के बाहर तक गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई-कई महीनों, कभी पाँच तो कभी छह महीने तक क्षेत्र में नहीं पहुँचते, और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इस अनियमितता के चलते गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से परेशान लोग दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्याओं का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि सुभाष नगर कॉलोनी दशकों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रही है, जहाँ न केवल सफाई व्यवस्था बदहाल है, बल्कि अधिकांश सड़कें भी टूट-फूट का शिकार होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, और बच्चों-बुजुर्गों समेत सभी को आवागमन में भारी परेशानी होती है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि पूर्व पार्षद दिनेश/समेलाराम सोलंकी के कार्यकाल में भी अपेक्षित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते गोड़ीजी वाडिया और सुभाष नगर कॉलोनी के कई हिस्से आज भी विकास कार्यों से वंचित हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर बुधवार, 24 जून 2026 को क्षेत्र के नागरिक नगर परिषद द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सुभाष नगर कॉलोनी और गोड़ीजी वाडिया क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की गहन सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, क्योंकि वर्षों की शिकायतों के बावजूद समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। निवासियों ने स्वच्छता, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई और केवल कागज़ी दावों के बजाय धरातल पर विकास कार्य सुनिश्चित करने की अपील की है।

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  • जालौर शहर के गोड़ीजी क्षेत्र स्थित सुभाष नगर कॉलोनी के वार्ड संख्या 2 और 3 में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर पहचानना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुभाष नगर कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालों में कचरा, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है, जिससे नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में घरों के बाहर तक गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई-कई महीनों, कभी पाँच तो कभी छह महीने तक क्षेत्र में नहीं पहुँचते, और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इस अनियमितता के चलते गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से परेशान लोग दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्याओं का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि सुभाष नगर कॉलोनी दशकों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रही है, जहाँ न केवल सफाई व्यवस्था बदहाल है, बल्कि अधिकांश सड़कें भी टूट-फूट का शिकार होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, और बच्चों-बुजुर्गों समेत सभी को आवागमन में भारी परेशानी होती है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि पूर्व पार्षद दिनेश/समेलाराम सोलंकी के कार्यकाल में भी अपेक्षित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते गोड़ीजी वाडिया और सुभाष नगर कॉलोनी के कई हिस्से आज भी विकास कार्यों से वंचित हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर बुधवार, 24 जून 2026 को क्षेत्र के नागरिक नगर परिषद द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सुभाष नगर कॉलोनी और गोड़ीजी वाडिया क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की गहन सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, क्योंकि वर्षों की शिकायतों के बावजूद समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। निवासियों ने स्वच्छता, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई और केवल कागज़ी दावों के बजाय धरातल पर विकास कार्य सुनिश्चित करने की अपील की है।
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    जालौर शहर के गोड़ीजी क्षेत्र स्थित सुभाष नगर कॉलोनी के वार्ड संख्या 2 और 3 में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर पहचानना भी मुश्किल हो गया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुभाष नगर कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालों में कचरा, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है, जिससे नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में घरों के बाहर तक गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई-कई महीनों, कभी पाँच तो कभी छह महीने तक क्षेत्र में नहीं पहुँचते, और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इस अनियमितता के चलते गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से परेशान लोग दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि सुभाष नगर कॉलोनी दशकों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रही है, जहाँ न केवल सफाई व्यवस्था बदहाल है, बल्कि अधिकांश सड़कें भी टूट-फूट का शिकार होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, और बच्चों-बुजुर्गों समेत सभी को आवागमन में भारी परेशानी होती है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि पूर्व पार्षद दिनेश/समेलाराम सोलंकी के कार्यकाल में भी अपेक्षित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते गोड़ीजी वाडिया और सुभाष नगर कॉलोनी के कई हिस्से आज भी विकास कार्यों से वंचित हैं।

इसी गंभीर समस्या को लेकर बुधवार, 24 जून 2026 को क्षेत्र के नागरिक नगर परिषद द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सुभाष नगर कॉलोनी और गोड़ीजी वाडिया क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की गहन सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, क्योंकि वर्षों की शिकायतों के बावजूद समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। निवासियों ने स्वच्छता, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई और केवल कागज़ी दावों के बजाय धरातल पर विकास कार्य सुनिश्चित करने की अपील की है।
    user_News Samachar Nation jalor
    News Samachar Nation jalor
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को शनिवार, 27 जून की शाम उस समय बड़ी राहत मिली जब तखतगढ़ कस्बे और आसपास के गांवों में तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई। करीब 20 से 25 मिनट तक हुई इस तेज बारिश से सड़कें पानी से भर गईं और मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश शुरू होने से पहले विद्युत विभाग ने एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की हवा या बारिश की आशंका होते ही बिजली काटे जाने से उन्हें कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं, क्योंकि खेतों में नमी आने से खरीफ फसलों की बुवाई और अन्य कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
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    सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को शनिवार, 27 जून की शाम उस समय बड़ी राहत मिली जब तखतगढ़ कस्बे और आसपास के गांवों में तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई। करीब 20 से 25 मिनट तक हुई इस तेज बारिश से सड़कें पानी से भर गईं और मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

बारिश शुरू होने से पहले विद्युत विभाग ने एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की हवा या बारिश की आशंका होते ही बिजली काटे जाने से उन्हें कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं, क्योंकि खेतों में नमी आने से खरीफ फसलों की बुवाई और अन्य कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जगी है।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सरूपगंज के रोहिड़ा रोड स्थित श्री काशी विश्वनाथ गौशाला सेवा समिति की वार्षिक आम सभा का आयोजन शनिवार को किया गया। यह सभा प्रशासक एवं उप तहसीलदार भांवरी तथा गौशाला अध्यक्ष लालदास महाराज के सानिध्य में आयोजित हुई। इस दौरान समिति ने सर्वसम्मति से गौशाला की नई कार्यकारीणी के गठन का प्रस्ताव लिया, साथ ही गौशाला के विकास और गौ चिकित्सालय व्यवस्था के सुचारू संचालन पर भी व्यापक चर्चा की गई। सभा में उप तहसीलदार रूपाराम मेघवाल (जो गौशाला के प्रशासक भी हैं) और पटवारी अनिल कुमार परवारी को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने वर्तमान संचालक लालदास महाराज को ही पुनः गौशाला का संचालक एवं अध्यक्ष बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जो तब तक प्रभावी रहेगा जब तक स्थाई समिति का गठन नहीं हो जाता। इसके अतिरिक्त, महंत सनकादिक शरण महाराज आबावेरी को गौशाला का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया, और उन्हें बैंक एवं राजकार्यों के लिए अध्यक्ष तथा प्रशासक के साथ तीसरे हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया गया है। गौशाला की नई कार्यकारीणी इस प्रकार रहेगी: अध्यक्ष श्री लालदास महाराज, उपाध्यक्ष सनकादिक शरण महाराज आबावेरी, सचिव लक्ष्मणसिंह गुजराल, सहसचिव धनदास वैष्णव, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, व्यवस्थापक मांगीलाल कलबी, और सह कोषाध्यक्ष मोहनलाल एम. कलबी। सदस्यगणों में अशोक सुथार, शेरसिंह, पवन जोशी, अनिल कुमार, विनोद दवे, रूपचंद अग्रवाल, मोहनलाल पटेल, गोपाल प्रजापत और संजय प्रजापत सहित अन्य सदस्यों को मनोनीत किया गया है।
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    सरूपगंज के रोहिड़ा रोड स्थित श्री काशी विश्वनाथ गौशाला सेवा समिति की वार्षिक आम सभा का आयोजन शनिवार को किया गया। यह सभा प्रशासक एवं उप तहसीलदार भांवरी तथा गौशाला अध्यक्ष लालदास महाराज के सानिध्य में आयोजित हुई। इस दौरान समिति ने सर्वसम्मति से गौशाला की नई कार्यकारीणी के गठन का प्रस्ताव लिया, साथ ही गौशाला के विकास और गौ चिकित्सालय व्यवस्था के सुचारू संचालन पर भी व्यापक चर्चा की गई।

सभा में उप तहसीलदार रूपाराम मेघवाल (जो गौशाला के प्रशासक भी हैं) और पटवारी अनिल कुमार परवारी को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने वर्तमान संचालक लालदास महाराज को ही पुनः गौशाला का संचालक एवं अध्यक्ष बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जो तब तक प्रभावी रहेगा जब तक स्थाई समिति का गठन नहीं हो जाता। इसके अतिरिक्त, महंत सनकादिक शरण महाराज आबावेरी को गौशाला का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया, और उन्हें बैंक एवं राजकार्यों के लिए अध्यक्ष तथा प्रशासक के साथ तीसरे हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया गया है।

गौशाला की नई कार्यकारीणी इस प्रकार रहेगी: अध्यक्ष श्री लालदास महाराज, उपाध्यक्ष सनकादिक शरण महाराज आबावेरी, सचिव लक्ष्मणसिंह गुजराल, सहसचिव धनदास वैष्णव, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, व्यवस्थापक मांगीलाल कलबी, और सह कोषाध्यक्ष मोहनलाल एम. कलबी। सदस्यगणों में अशोक सुथार, शेरसिंह, पवन जोशी, अनिल कुमार, विनोद दवे, रूपचंद अग्रवाल, मोहनलाल पटेल, गोपाल प्रजापत और संजय प्रजापत सहित अन्य सदस्यों को मनोनीत किया गया है।
    user_Reporter Patrakar
    Reporter Patrakar
    Voice of people सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गाँव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर मृत्युभोज में घी के मालपुए न बनाने के कारण समाज के पंचों ने कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। यह आरोप लगाया गया है कि एक परिवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मृत्युभोज में परंपरा के अनुसार घी के मालपुए नहीं बनाए और साधारण भोजन ही परोसा। इसी बात से नाराज होकर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने बैठक कर मृत्युभोज कराने वाले परिवार सहित इन 43 परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया। बहिष्कार के बाद पीड़ित परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गाँव में अब कोई उनसे बातचीत नहीं करता, उन्हें कई जगहों पर मजदूरी नहीं मिल रही, और सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूर रखा जा रहा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, यहाँ तक कि दुकानों से राशन मिलने में भी समस्या आ रही है। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए गए थे, जिसके बाद समाज के पंचों ने उन्हें समाज से बाहर कर दिया, जिससे उन्हें गाँव में कोई काम नहीं मिल रहा और न ही कोई उनसे बात कर रहा है। इन परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुँचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। एक अन्य पीड़ित ने सवाल उठाया, "घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? हमारी बहू-बेटियों से भी लोग बात नहीं कर रहे हैं। प्रशासन हमें न्याय दिलाए।" कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सजा का प्रावधान है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
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    राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गाँव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर मृत्युभोज में घी के मालपुए न बनाने के कारण समाज के पंचों ने कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। यह आरोप लगाया गया है कि एक परिवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मृत्युभोज में परंपरा के अनुसार घी के मालपुए नहीं बनाए और साधारण भोजन ही परोसा। इसी बात से नाराज होकर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने बैठक कर मृत्युभोज कराने वाले परिवार सहित इन 43 परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया।

बहिष्कार के बाद पीड़ित परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गाँव में अब कोई उनसे बातचीत नहीं करता, उन्हें कई जगहों पर मजदूरी नहीं मिल रही, और सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूर रखा जा रहा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, यहाँ तक कि दुकानों से राशन मिलने में भी समस्या आ रही है। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए गए थे, जिसके बाद समाज के पंचों ने उन्हें समाज से बाहर कर दिया, जिससे उन्हें गाँव में कोई काम नहीं मिल रहा और न ही कोई उनसे बात कर रहा है।

इन परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुँचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। एक अन्य पीड़ित ने सवाल उठाया, "घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? हमारी बहू-बेटियों से भी लोग बात नहीं कर रहे हैं। प्रशासन हमें न्याय दिलाए।" कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सजा का प्रावधान है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
    user_Tushar Purohit  abp_न्यूज़
    Tushar Purohit abp_न्यूज़
    Local News Reporter Sirohi, Rajasthan•
    17 hrs ago
  • पाली जिले के बाली पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस रिपोर्ट में 'पचौ' नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
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    पाली जिले के बाली पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस रिपोर्ट में 'पचौ' नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
    user_हिम्मत राम जणवा चौधरी
    हिम्मत राम जणवा चौधरी
    Baby Clothing Shop बाली, पाली, राजस्थान•
    9 min ago
  • राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर एक परिवार ने मृत्युभोज में आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए। इस बात से नाराज होकर समाज के पंचों ने एक दर्जन से अधिक की संख्या में बैठक कर उस परिवार सहित कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस फरमान के बाद उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है। गांव में उनसे कोई बातचीत नहीं कर रहा, मजदूरी नहीं मिल रही और दुकानों से राशन तक देने से मना किया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के चलते घी के मालपुए नहीं बनाने पर उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया और अब काम भी नहीं मिल रहा। एक अन्य पीड़ित ने भावुक होकर पूछा कि घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या वे इंसान नहीं रहे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका दावा है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर, सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध है और इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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    राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर एक परिवार ने मृत्युभोज में आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए। इस बात से नाराज होकर समाज के पंचों ने एक दर्जन से अधिक की संख्या में बैठक कर उस परिवार सहित कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस फरमान के बाद उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है। गांव में उनसे कोई बातचीत नहीं कर रहा, मजदूरी नहीं मिल रही और दुकानों से राशन तक देने से मना किया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के चलते घी के मालपुए नहीं बनाने पर उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया और अब काम भी नहीं मिल रहा। एक अन्य पीड़ित ने भावुक होकर पूछा कि घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या वे इंसान नहीं रहे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।

पीड़ित परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका दावा है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर, सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध है और इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
    user_Tushar Purohit  abp_न्यूज़
    Tushar Purohit abp_न्यूज़
    Local News Reporter Sirohi, Rajasthan•
    18 hrs ago
  • सुमेरपुर में 27 जून को चारभुजा से बाड़मेर जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस में सादड़ी के पास फ्लाइंग टीम ने अचानक निरीक्षण किया। इस जांच के दौरान, देसूरी से सांडेराव की यात्रा कर रहे दो यात्री बिना वैध टिकट के सफर करते पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने पर बस परिचालक वासनाराम चौधरी ने दोनों यात्रियों से नियमानुसार किराए का 10 गुना जुर्माना वसूल किया। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को टिकट जारी कर उनकी आगे की यात्रा सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई राजस्थान रोडवेज द्वारा समय-समय पर बिना टिकट यात्रा रोकने और राजस्व हानि को कम करने के उद्देश्य से फ्लाइंग टीमों के माध्यम से चलाए जाने वाले विशेष जांच अभियानों का हिस्सा है। रोडवेज के नियमों के अनुसार, प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा शुरू करते ही टिकट लेना अनिवार्य है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री से निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना वसूला जाता है। रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस में चढ़ते ही अपना टिकट अवश्य लें और अपनी पूरी यात्रा के दौरान उसे सुरक्षित अपने पास रखें।
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    सुमेरपुर में 27 जून को चारभुजा से बाड़मेर जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस में सादड़ी के पास फ्लाइंग टीम ने अचानक निरीक्षण किया। इस जांच के दौरान, देसूरी से सांडेराव की यात्रा कर रहे दो यात्री बिना वैध टिकट के सफर करते पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने पर बस परिचालक वासनाराम चौधरी ने दोनों यात्रियों से नियमानुसार किराए का 10 गुना जुर्माना वसूल किया। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को टिकट जारी कर उनकी आगे की यात्रा सुनिश्चित की गई।

यह कार्रवाई राजस्थान रोडवेज द्वारा समय-समय पर बिना टिकट यात्रा रोकने और राजस्व हानि को कम करने के उद्देश्य से फ्लाइंग टीमों के माध्यम से चलाए जाने वाले विशेष जांच अभियानों का हिस्सा है। रोडवेज के नियमों के अनुसार, प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा शुरू करते ही टिकट लेना अनिवार्य है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री से निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना वसूला जाता है।

रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस में चढ़ते ही अपना टिकट अवश्य लें और अपनी पूरी यात्रा के दौरान उसे सुरक्षित अपने पास रखें।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • पाली जिले के बाली पुलिस थाना क्षेत्र के मुडारा गांव में, होल माताजी भवन से जुड़े एक मामले को लेकर, आपसी रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करने की मांग की गई है।
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    पाली जिले के बाली पुलिस थाना क्षेत्र के मुडारा गांव में, होल माताजी भवन से जुड़े एक मामले को लेकर, आपसी रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करने की मांग की गई है।
    user_हिम्मत राम जणवा चौधरी
    हिम्मत राम जणवा चौधरी
    Baby Clothing Shop बाली, पाली, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • वाराणसी से एक नया वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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    वाराणसी से एक नया वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    17 hrs ago
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