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बाड़मेर में BJP राजस्थान के नेता स्वरूप सिंह खारा ने भूमिहीन महिलाओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने यह भावना व्यक्त की कि 'मेरी बहिनों ने याद किया-भाई तुरंत हाजिर', जो महिलाओं के बुलावे पर उनकी त्वरित उपस्थिति को दर्शाती है।
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बाड़मेर में BJP राजस्थान के नेता स्वरूप सिंह खारा ने भूमिहीन महिलाओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने यह भावना व्यक्त की कि 'मेरी बहिनों ने याद किया-भाई तुरंत हाजिर', जो महिलाओं के बुलावे पर उनकी त्वरित उपस्थिति को दर्शाती है।
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- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद, आज उस महिला पर कार्रवाई की गई है जिसने एक बच्चे को लात मारी थी। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि छोटे बच्चों के साथ कभी भी इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।1
- जैसलमेर में, स्वरूप सिंह खारा ने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे कोई चिंता न करें, क्योंकि “थारो भाई आयो रे” (तुम्हारा भाई आ गया है)। उन्होंने यह बात महिलाओं को रहने के लिए ज़मीन से संबंधित किसी विषय को लेकर कही।1
- जालोर में जिला महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय सचिव शमा बानो के मुख्य आतिथ्य और जिलाध्यक्ष संतोष कंवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई, खासकर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर। राष्ट्रीय सचिव शमा बानो ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की गलत नीतियों के कारण आमजन महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर मौन रहने तथा प्रदेश सहित पूरे देश में महिलाओं पर अत्याचार एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार वृद्धि होने का आरोप लगाया। बानो ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा की जनविरोधी नीतियों और विफलताओं को आमजन तक पहुंचाएं, साथ ही संगठन को मजबूत बनाने के लिए अधिक सक्रिय हों। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं जिलाध्यक्ष संतोष कंवर ने कहा कि देश में महंगाई चरम पर है, खाद्य पदार्थों के साथ-साथ रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आमजन, विशेषकर महिलाओं पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार को महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल बताया और सभी कांग्रेसजनों से भाजपा सरकार की इन विफलताओं को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने किया। इस दौरान प्रदेश सचिव कामिनी शर्मा, प्रदेश सचिव गीता श्री मेघवाल, सायला ब्लॉक अध्यक्ष चंपा देवी, अल्पसंख्यक प्रदेश संयोजक सलीम मोयला और अमीन मोयला सहित जालोर ब्लॉक अध्यक्ष शीला चौधरी, नगराध्यक्ष जुबैदा नागोरी और अन्य बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस पदाधिकारी एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे।4
- जैसलमेर जिले की पंचायत समिति मोहनगढ़ की ग्राम पंचायत हड्डा के ग्रामीणों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि नरेगा अधिकारियों और एक कनिष्ठ लिपिक की कथित मिलीभगत के कारण मजदूरों का हक मारा जा रहा है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से, मस्टरोल जारी होने के बावजूद, उन्हें लगातार 'शून्य' दर्शाकर जमा कर दिया जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, अमृत सरोवर के काम में मजदूरों द्वारा कार्य किए जाने के बावजूद, पूरा मस्टरोल शून्य कर दिया गया। मेटों के माध्यम से एलडीसी ने कथित तौर पर प्रत्येक मजदूर से ₹200-₹200 की मांग की, और पैसे न देने पर मस्टरोल शून्य करने की धमकी दी। फरवरी से 28 फरवरी, 1 मार्च से 15 मार्च और 15 मार्च से 31 मार्च के बीच जारी हुए विभिन्न मस्टरोलों को भी इसी तरह शून्य करके राशि हड़प लिए जाने का आरोप है। वर्तमान में चल रहे पखवाड़े (18 जून से 28 जून) में तो बिना किसी मेट की नियुक्ति के ही मनमाने ढंग से ऐसे लोगों के नाम मस्टरोल में जोड़ दिए गए हैं, जो काम पर आ ही नहीं रहे हैं। इसमें 90-95 वर्ष की बुजुर्ग महिलाओं के नाम भी शामिल हैं, जो गांव से 5 किलोमीटर दूर स्थित कार्यस्थल पर जाने में शारीरिक रूप से असमर्थ हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार मजदूरों के अधिकारों का हनन है, जिससे उनमें गहरा रोष व्याप्त है।1
- जालौर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार सुबह 10:00 बजे सांडबाव स्थित मोहर्रम पोल से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए घांचियों की पिलानी, पिंजरों की मस्जिद, बड़ी पोल के बाहर और भक्त प्रह्लाद चौक पहुंचा, जहाँ शाम करीब 5:30 बजे इसका मुकाम रहा। इसके बाद ताजिया जुलूस पंचायत समिति मेन रोड पहुंचा, जहाँ सभी अकीदतमंदों ने आखिरी सजदा अदा किया और देश में अमन, शांति, भाईचारे तथा खुशहाली की दुआ मांगी। दुआ के पश्चात, सुन्देला तालाब पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार ताजिए को ठंडा किया गया। मोहर्रम के इस आयोजन में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने रोजे रखकर देश की तरक्की और शांति की कामना की। बड़ी पोल के बाहर मुस्लिम समाज की ओर से छबील, शरबत एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई, जहाँ लोगों ने सेवा भाव से जलपान किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने पर ताजिए के आगे लोट लगाकर अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुशासन, सौहार्द और भाईचारे का माहौल बना रहा, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग रहा।1
- बिलाड़ा तहसील के ओलवी-रामपुरिया सड़क मार्ग पर 28 जून 2026 से यातायात बाधित है। ग्राम रामपुरिया में सीसी सड़क के निर्माण कार्य के कारण यह अवरोध उत्पन्न हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मार्ग पर यातायात अवरुद्ध होने के बावजूद कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है। संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों से तत्काल इस समस्या का संज्ञान लेने और सुगम यातायात बहाल करने के साथ ही इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की गई है।1
- बाड़मेर में BJP राजस्थान के नेता स्वरूप सिंह खारा ने भूमिहीन महिलाओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने यह भावना व्यक्त की कि 'मेरी बहिनों ने याद किया-भाई तुरंत हाजिर', जो महिलाओं के बुलावे पर उनकी त्वरित उपस्थिति को दर्शाती है।1
- अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जालोर में एक विचार संगोष्ठी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माता सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन जालोर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान (GUMS) द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रामदेव कॉलोनी में आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई और युवाओं व आमजन को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही नशा मुक्ति जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पूर्व उपसभापति अम्बालाल व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि "नशामुक्त समाज ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है" और उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एम.के. जोशी (हेड, डाबर कंपनी), दिनेश कुमार माली (नगर संयोजक), डॉ. शान्तीलाल माथुर (मेडिकल ऑफिसर) और नितेश भटनागर (जिला संरक्षक, जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल विश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि केंद्र में भर्ती होने वाले लाभार्थियों को उपचार, परामर्श, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शान्तीलाल माथुर ने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया, वहीं जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार के जिला संरक्षक नितेश भटनागर ने नशे को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कमजोरी का कारण बताते हुए नशा मुक्ति केंद्र का सहारा लेने की सलाह दी और नियमित रक्तदान की अपील की। संस्था के परियोजना समन्वयक हीरालाल चौहान ने नशीले पदार्थों के सेवन को अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक समस्याओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दिलाया और शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुमार विश्नोई ने किया, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी, परामर्शदाता, केंद्र के लाभार्थी और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन पर सभी को अल्पाहार कराया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश "नशा छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएँ — नशामुक्त समाज ही समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र की पहचान है" रहा।3
- जालौर शहर के गोड़ीजी क्षेत्र स्थित सुभाष नगर कॉलोनी के वार्ड संख्या 2 और 3 में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय हो गया है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर पहचानना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुभाष नगर कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालों में कचरा, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है, जिससे नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में घरों के बाहर तक गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई-कई महीनों, कभी पाँच तो कभी छह महीने तक क्षेत्र में नहीं पहुँचते, और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इस अनियमितता के चलते गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से परेशान लोग दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्याओं का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि सुभाष नगर कॉलोनी दशकों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रही है, जहाँ न केवल सफाई व्यवस्था बदहाल है, बल्कि अधिकांश सड़कें भी टूट-फूट का शिकार होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, और बच्चों-बुजुर्गों समेत सभी को आवागमन में भारी परेशानी होती है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि पूर्व पार्षद दिनेश/समेलाराम सोलंकी के कार्यकाल में भी अपेक्षित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते गोड़ीजी वाडिया और सुभाष नगर कॉलोनी के कई हिस्से आज भी विकास कार्यों से वंचित हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर बुधवार, 24 जून 2026 को क्षेत्र के नागरिक नगर परिषद द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे और अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सुभाष नगर कॉलोनी और गोड़ीजी वाडिया क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की गहन सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, क्योंकि वर्षों की शिकायतों के बावजूद समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। निवासियों ने स्वच्छता, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई और केवल कागज़ी दावों के बजाय धरातल पर विकास कार्य सुनिश्चित करने की अपील की है।1