logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली!* *जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ?* *👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा!* *प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है।* *👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया?* *या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके?* *👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया* *इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला।* *विद्वान का सवाल: जब पहरेदार ही जमीन पर लेटकर 'सपनों की दुनिया' में खोया हो, तो भला रेत माफिया अपना काम क्यों न करें? क्या यह कर्मचारी की थकान थी, या फिर माफियाओं को माल पार करने के लिए दी गई एक 'मौन स्वीकृति'?* *👉रेत माफियाओं और सिस्टम की 'जुगलबंदी'* *जैतपुर क्षेत्र में रेत की लूट मची हुई है, लेकिन जब एसडीएम और तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारी मैदान में उतरते हैं, तब भी अगर रेत 'सुरक्षित' न रह पाए, तो इसे प्रशासन की विफलता कहें या मिलीभगत? जब्त रेत का गायब होना यह साबित करता है कि जिले में खनिज माफियाओं का नेटवर्क सरकारी तंत्र से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्रिय है।* *👉इन सवालों का जवाब कौन देगा?* *जब्त की गई रेत का सटीक रिकॉर्ड (घन मीटर में) सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?* *जिस स्थान पर जब्ती की गई, वहां अब रेत के ढेर की जगह सिर्फ खाली जमीन क्यों दिख रही है?* *ड्यूटी के दौरान लेटने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी, जिसने माफियाओं के लिए मैदान साफ छोड़ दिया?* *👉जैतपुर की जनता अब केवल 'कार्रवाई' का नाम नहीं सुनना चाहती, वह जब्त किए गए सरकारी राजस्व (रेत) का हिसाब चाहती है।*

7 hrs ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

*जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली!* *जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ?* *👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा!* *प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है।* *👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया?* *या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके?* *👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया* *इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला।* *विद्वान का सवाल: जब पहरेदार ही जमीन पर लेटकर 'सपनों की दुनिया' में खोया हो, तो भला रेत माफिया अपना काम क्यों न करें? क्या यह कर्मचारी की थकान थी, या फिर माफियाओं को माल पार करने के लिए दी गई एक 'मौन स्वीकृति'?* *👉रेत माफियाओं और सिस्टम की 'जुगलबंदी'* *जैतपुर क्षेत्र में रेत की लूट मची हुई है, लेकिन जब एसडीएम और तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारी मैदान में उतरते हैं, तब भी अगर रेत 'सुरक्षित' न रह पाए, तो इसे प्रशासन की विफलता कहें या मिलीभगत? जब्त रेत का गायब होना यह साबित करता है कि जिले में खनिज माफियाओं का नेटवर्क सरकारी तंत्र से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्रिय है।* *👉इन सवालों का जवाब कौन देगा?* *जब्त की गई रेत का सटीक रिकॉर्ड (घन मीटर में) सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?* *जिस स्थान पर जब्ती की गई, वहां अब रेत के ढेर की जगह सिर्फ खाली जमीन क्यों दिख रही है?* *ड्यूटी के दौरान लेटने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी, जिसने माफियाओं के लिए मैदान साफ छोड़ दिया?* *👉जैतपुर की जनता अब केवल 'कार्रवाई' का नाम नहीं सुनना चाहती, वह जब्त किए गए सरकारी राजस्व (रेत) का हिसाब चाहती है।*

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली!* *जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ?* *👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा!* *प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है।* *👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया?* *या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके?* *👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया* *इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला।* *विद्वान का सवाल: जब पहरेदार ही जमीन पर लेटकर 'सपनों की दुनिया' में खोया हो, तो भला रेत माफिया अपना काम क्यों न करें? क्या यह कर्मचारी की थकान थी, या फिर माफियाओं को माल पार करने के लिए दी गई एक 'मौन स्वीकृति'?* *👉रेत माफियाओं और सिस्टम की 'जुगलबंदी'* *जैतपुर क्षेत्र में रेत की लूट मची हुई है, लेकिन जब एसडीएम और तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारी मैदान में उतरते हैं, तब भी अगर रेत 'सुरक्षित' न रह पाए, तो इसे प्रशासन की विफलता कहें या मिलीभगत? जब्त रेत का गायब होना यह साबित करता है कि जिले में खनिज माफियाओं का नेटवर्क सरकारी तंत्र से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्रिय है।* *👉इन सवालों का जवाब कौन देगा?* *जब्त की गई रेत का सटीक रिकॉर्ड (घन मीटर में) सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?* *जिस स्थान पर जब्ती की गई, वहां अब रेत के ढेर की जगह सिर्फ खाली जमीन क्यों दिख रही है?* *ड्यूटी के दौरान लेटने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी, जिसने माफियाओं के लिए मैदान साफ छोड़ दिया?* *👉जैतपुर की जनता अब केवल 'कार्रवाई' का नाम नहीं सुनना चाहती, वह जब्त किए गए सरकारी राजस्व (रेत) का हिसाब चाहती है।*
    1
    *जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली!*
*जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ?*
*👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा!*
*प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है।*
*👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया?*
*या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके?*
*👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया*
*इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला।*
*विद्वान का सवाल: जब पहरेदार ही जमीन पर लेटकर 'सपनों की दुनिया' में खोया हो, तो भला रेत माफिया अपना काम क्यों न करें? क्या यह कर्मचारी की थकान थी, या फिर माफियाओं को माल पार करने के लिए दी गई एक 'मौन स्वीकृति'?*
*👉रेत माफियाओं और सिस्टम की 'जुगलबंदी'*
*जैतपुर क्षेत्र में रेत की लूट मची हुई है, लेकिन जब एसडीएम और तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारी मैदान में उतरते हैं, तब भी अगर रेत 'सुरक्षित' न रह पाए, तो इसे प्रशासन की विफलता कहें या मिलीभगत? जब्त रेत का गायब होना यह साबित करता है कि जिले में खनिज माफियाओं का नेटवर्क सरकारी तंत्र से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्रिय है।*
*👉इन सवालों का जवाब कौन देगा?*
*जब्त की गई रेत का सटीक रिकॉर्ड (घन मीटर में) सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?*
*जिस स्थान पर जब्ती की गई, वहां अब रेत के ढेर की जगह सिर्फ खाली जमीन क्यों दिख रही है?*
*ड्यूटी के दौरान लेटने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी, जिसने माफियाओं के लिए मैदान साफ छोड़ दिया?*
*👉जैतपुर की जनता अब केवल 'कार्रवाई' का नाम नहीं सुनना चाहती, वह जब्त किए गए सरकारी राजस्व (रेत) का हिसाब चाहती है।*
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by पत्रकारिता
    1
    Post by पत्रकारिता
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 min ago
  • Post by Onkar Singh
    1
    Post by Onkar Singh
    user_Onkar Singh
    Onkar Singh
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • **टाइगर के इंसानी अटैक से युवक की गई जान उमरिया//बांधवगढ टाइगर रिज़र्व के पनपथा कोर के चसुरा बीट में रविवार की दोपहर टाइगर ने इंसानी अटैक किया है,इस घटना में घटना स्थल पर ही आदिवासी युवक रज्जू पिता पितई कोल उम्र करीब 46 वर्ष निवासी कुदरी की जान चली गई है।बताया जाता है कि रविवार की दोपहर मृत युवक सूखा महुआ ,जलाऊ लकड़ी आदि बीनने घर से निकला था,इसी बीच चसुरा बीट में चहल कदमी कर रहे टाइगर ने हमला बोल दिया,इस घटना में युवक का अधिकांश शरीर टाइगर का निवाला बन गया है,घटना के बाद खबर है कि सोमवार की सुबह पीएम आदि की कार्यवाही की जा रही है।ग्रामीणों का मानना है कि नमन कैम्प से सटे घटना स्थल पर विभागीय कर्मी अगर मौजूद होता या सक्रिय होता तो निश्चित ही मृत युवक को इस दर्दनाक मौत से बचाया जा सकता था।_
    1
    **टाइगर के इंसानी अटैक से युवक की गई जान
उमरिया//बांधवगढ टाइगर रिज़र्व के पनपथा कोर के चसुरा बीट में रविवार की दोपहर टाइगर ने इंसानी अटैक किया है,इस घटना में घटना स्थल पर ही आदिवासी युवक रज्जू पिता पितई कोल उम्र करीब 46 वर्ष निवासी कुदरी की जान चली गई है।बताया जाता है कि रविवार की दोपहर मृत युवक सूखा महुआ ,जलाऊ लकड़ी आदि बीनने घर से निकला था,इसी बीच चसुरा बीट में चहल कदमी कर रहे टाइगर ने हमला बोल दिया,इस घटना में युवक का अधिकांश शरीर टाइगर का निवाला बन गया है,घटना के बाद खबर है कि सोमवार की सुबह पीएम आदि की कार्यवाही की जा रही है।ग्रामीणों का मानना है कि नमन कैम्प से सटे घटना स्थल पर विभागीय कर्मी अगर मौजूद होता या सक्रिय होता तो निश्चित ही मृत युवक को इस दर्दनाक मौत से बचाया जा सकता था।_
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • dhoop me kaam karke khush hai gaw ke log mumbai jaise saher me
    1
    dhoop me kaam karke khush hai 
gaw ke log mumbai jaise saher me
    user_Saif Mansuri
    Saif Mansuri
    जैतपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शहपुरा में बढ़ती गर्मी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में नंदी गौ जीव सेवा आश्रय के गो सेवक एक सराहनीय पहल कर रहे हैं। संस्था के सदस्य नगर के अलग-अलग वार्डों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के कुंड रख रहे हैं और उनमें रोज सुबह-शाम साफ पानी भर रहे हैं। इससे सड़कों पर घूमने वाले गौवंश, कुत्तों और पक्षियों को काफी राहत मिल रही है। गो सेवकों का कहना है कि वे पिछले तीन सालों से लगातार यह सेवा कार्य कर रहे हैं और आगे भी जारी रखेंगे। उनका मानना है कि बेजुबान जीवों की सेवा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। इस पहल की नगरवासियों ने भी सराहना की है और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया है।
    1
    शहपुरा में बढ़ती गर्मी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में नंदी गौ जीव सेवा आश्रय के गो सेवक एक सराहनीय पहल कर रहे हैं।
संस्था के सदस्य नगर के अलग-अलग वार्डों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के कुंड रख रहे हैं और उनमें रोज सुबह-शाम साफ पानी भर रहे हैं। इससे सड़कों पर घूमने वाले गौवंश, कुत्तों और पक्षियों को काफी राहत मिल रही है।
गो सेवकों का कहना है कि वे पिछले तीन सालों से लगातार यह सेवा कार्य कर रहे हैं और आगे भी जारी रखेंगे। उनका मानना है कि बेजुबान जीवों की सेवा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
इस पहल की नगरवासियों ने भी सराहना की है और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया है।
    user_NILMANI CHOUDHARY
    NILMANI CHOUDHARY
    Prime news डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Ashok Sondhiya
    1
    Post by Ashok Sondhiya
    user_Ashok Sondhiya
    Ashok Sondhiya
    Paan shop Sohagpur, Shahdol•
    5 hrs ago
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    1
    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • डिंडोरी । लंबे समय से मुख्यालय में चली आ रही चौपाटी की मांग पर अब विराम लगने जा रहा है कलेक्टर डिंडोरी अंजू पवन भदोरिया एवं नगरीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अथक प्रयासों के चलते आज से जिले वासियों को चौपाटी की सौगात मिलने जा रही है कलेक्टर डिंडोरी के मार्गदर्शन में नगर परिषद डिंडोरी के अधिकारियों द्वारा वार्ड नंबर 5 गल्ला गोदाम में चौपाटी का शुभारंभ शाम 5:00 बजे किया जायेगा मिल रही सौगात का साक्षी बनने भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। चौपाटी में चाट चौपाल कार्यक्रम भी होने जा रहा है जिसमे जिले के जनप्रतिनिधियों सहित पदाधिकारी एवं आमजन भी मौजूद रहेंगे। आयोजित होने बाले कार्यक्रम को लेकर नगर परिषद डिंडौरी के द्वारा तैयारियों को लगभग पूर्ण कर लिया गया है। वर्षों से चली आ रही थी चौपाटी की मांग बतला दे कि निर्धारित स्थान आवंटित न होने के चलते जिला मुख्यालय में सड़क किनारे संचालित होने बाली चाट,फुल्की, मंचूरियन,न्यूडल्स,डोसा,इडली,ढोकला,पावभाजी,मोमोज,आइसक्रीम,चाउमीन,मंचूरियन राइस,वेज पुलाव,सहित अन्य खाने की सामग्री की दुकानें मुख्यमार्ग के किनारे संचालित हो रही थी जहाँ स्वाद के शौकीन लोग अपने परिजनों संग पहुंचते ही परेशानियों का सामना करने पर विवश हो रहे थे जैसे कि मुख्यमार्ग पर वाहनों का खड़े रहना, पार्किंग,आवागमन,यातायात अवरुद्ध, पॉल्यूशन, एंव बैठक व्यवस्था जैसी अनेक समस्या लोगों सहित दुकानदारों के लिए मुसीबत बनी हुई थी जो अब दूर होने जा रही है । दुकान कुछ संचालको की माने तो उन्हें आये दिन जिला प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण की कार्यवाही किए जाने के चलते अपनी दुकानों को हटाना पड़ता था जिसके चलते उन्हें अनेक प्रकार से नुकसान उठाना पड़ता था लेकिन अब जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन के प्रयासों के चलते सुनिश्चित स्थान गल्ला गोदाम में चौपाटी के लिए जगह आवंटित की गई है निश्चित इसका फायदा दुकानदारों के साथ ही खाने के शौकीनों को भी होगा यहां अनेक व्यंजन के स्वाद का जायका लेने मैं स्वच्छता के साथ ही ट्रैफिक सहित पार्किंग स सुरक्षा असुविधा का सामना चौपाटी पहुंचने वाले लोगों को नहीं करना पड़ेगा जिसका सीधा फायदा अब दुकानदारों को होने जा रहा है साफ सफाई सहित बिजली पानी पर परिषद का विशेष ध्यान बतला देंगी जिला मुख्यालय वार्ड नंबर 5 में खुलने जा रही चौपाटी की व्यवस्थाओं को लेकर नगर परिषद के द्वारा कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है जिसमें बिजली के साथ ही पानी स्वच्छता पर जोर दिया गया है वहीं जिला मुख्यालय चौपाटी मैं 28 दुकानदारों के लिए स्थान आवंटित किए गए हैं नगर वासियों की माने तो जिला प्रशासन के द्वारा दी जा रही चौपाटी की सौगात निश्चित सराहनीय है अब हमारे जिले जिला मुख्यालय में भी अन्य जिलों की तरह चौपाटी खुलने जा रही है
    1
    डिंडोरी । लंबे समय से मुख्यालय में चली आ रही चौपाटी की मांग पर अब विराम लगने जा रहा है कलेक्टर डिंडोरी अंजू पवन भदोरिया एवं नगरीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अथक प्रयासों के चलते आज से जिले वासियों को चौपाटी की सौगात मिलने जा रही है कलेक्टर डिंडोरी के मार्गदर्शन में नगर परिषद डिंडोरी के अधिकारियों द्वारा वार्ड नंबर 5 गल्ला गोदाम में चौपाटी का शुभारंभ शाम 5:00 बजे किया जायेगा मिल रही सौगात का साक्षी बनने भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। चौपाटी में चाट चौपाल  कार्यक्रम भी होने जा रहा है जिसमे जिले के जनप्रतिनिधियों सहित पदाधिकारी एवं आमजन भी मौजूद रहेंगे। आयोजित होने बाले कार्यक्रम को लेकर नगर परिषद डिंडौरी के द्वारा तैयारियों को लगभग पूर्ण कर लिया गया है।
वर्षों से चली आ रही थी चौपाटी की मांग 
बतला दे कि निर्धारित स्थान आवंटित न होने के चलते  जिला मुख्यालय में सड़क किनारे संचालित होने बाली चाट,फुल्की, मंचूरियन,न्यूडल्स,डोसा,इडली,ढोकला,पावभाजी,मोमोज,आइसक्रीम,चाउमीन,मंचूरियन राइस,वेज पुलाव,सहित अन्य खाने की सामग्री की दुकानें मुख्यमार्ग के किनारे संचालित हो रही थी जहाँ स्वाद के शौकीन लोग अपने परिजनों संग पहुंचते ही परेशानियों का सामना करने पर विवश हो रहे थे जैसे कि मुख्यमार्ग पर वाहनों का खड़े रहना, पार्किंग,आवागमन,यातायात अवरुद्ध, पॉल्यूशन, एंव बैठक व्यवस्था  जैसी अनेक समस्या लोगों सहित दुकानदारों के लिए मुसीबत बनी हुई थी जो अब दूर होने जा रही है । दुकान कुछ संचालको की माने तो उन्हें आये दिन जिला प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण की कार्यवाही किए जाने के चलते अपनी दुकानों को हटाना पड़ता था जिसके चलते उन्हें अनेक प्रकार से नुकसान उठाना पड़ता था लेकिन अब जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन के प्रयासों के चलते सुनिश्चित स्थान गल्ला गोदाम में चौपाटी के लिए जगह आवंटित की गई है निश्चित इसका फायदा दुकानदारों के साथ ही खाने के शौकीनों को भी होगा यहां अनेक व्यंजन के स्वाद का जायका लेने मैं स्वच्छता के साथ ही ट्रैफिक सहित पार्किंग स सुरक्षा असुविधा का सामना चौपाटी पहुंचने वाले लोगों को नहीं करना पड़ेगा जिसका सीधा फायदा अब दुकानदारों को होने जा रहा है
साफ सफाई सहित बिजली पानी पर परिषद का विशेष ध्यान
बतला देंगी जिला मुख्यालय वार्ड नंबर 5 में खुलने जा रही चौपाटी की व्यवस्थाओं को लेकर नगर परिषद के द्वारा कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है जिसमें बिजली के साथ ही पानी स्वच्छता पर जोर दिया गया है वहीं जिला मुख्यालय  चौपाटी मैं 28 दुकानदारों के लिए स्थान आवंटित किए गए हैं नगर वासियों की माने तो जिला प्रशासन के द्वारा दी जा रही चौपाटी की सौगात निश्चित सराहनीय है अब हमारे जिले जिला मुख्यालय में भी अन्य जिलों की तरह चौपाटी खुलने जा रही है
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    Dindori, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.